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बांदीकुई एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी रिश्वत लेते हुआ ट्रैप एसडीएम के नाम पर स्टे की एवज में 15000 की रिश्वत लेते ट्रैप

2 hrs ago
user_Raj Kumar Chaturvedi
Raj Kumar Chaturvedi
Local News Reporter Bandikui, Dausa•
2 hrs ago

बांदीकुई एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी रिश्वत लेते हुआ ट्रैप एसडीएम के नाम पर स्टे की एवज में 15000 की रिश्वत लेते ट्रैप

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  • प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
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    प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में  लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    1 hr ago
  • बांदीकुई।। एसडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी को सोमवार दोपहर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) टीम ने 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कर्मचारी को जमीन संबंधी मामले में रिश्वत लेते पकड़ा गया। अलवर एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया- एसीबी के हेल्पलाइन नंबर 17 अप्रैल को शिकायत मिली थी कि जमीन पर स्टे देने की कार्रवाई में एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी आदित्य शर्मा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी की टीम की ओर से मामले की जांच की गई। जिस पर इसकी पुष्टि होना पाया गया। एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई। एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई। 15 हजार की रिश्वत देते हुए किया गिरफ्तार इसके बाद सौदा 20 हजार रुपए तय हो गया। सोमवार को एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी ने परिवादी को रिश्वत लेकर बुलाया गया। इस पर सोमवार को परिवादी ने 15 हजार रुपए की रिश्वत दी। इस पर एसीबी की टीम ने कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम की भूमिका की हो रही जांच डीएसपी ने बताया-परिवादी द्वारा दी गई शिकायत में बताया कि कर्मचारी यह रिश्वत की राशि एसडीएम के नाम से मांग रहा है। ऐसे में एसडीएम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी आदित्य शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बसवा में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। जिसे साल 2020 से यहां एसडीएम कार्यालय में डेपुटेशन पर लगा रखा है।
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    बांदीकुई।। एसडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी को सोमवार दोपहर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) टीम ने 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कर्मचारी को जमीन संबंधी मामले में रिश्वत लेते पकड़ा गया।
अलवर एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया- एसीबी के हेल्पलाइन नंबर 17 अप्रैल को शिकायत मिली थी कि जमीन पर स्टे देने की कार्रवाई में एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी आदित्य शर्मा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी की टीम की ओर से मामले की जांच की गई। जिस पर इसकी पुष्टि होना पाया गया।
एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई।
एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई।
15 हजार की रिश्वत देते हुए किया गिरफ्तार
इसके बाद सौदा 20 हजार रुपए तय हो गया। सोमवार को एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी ने परिवादी को रिश्वत लेकर बुलाया गया। इस पर सोमवार को परिवादी ने 15 हजार रुपए की रिश्वत दी। इस पर एसीबी की टीम ने कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसडीएम की भूमिका की हो रही जांच
डीएसपी ने बताया-परिवादी द्वारा दी गई शिकायत में बताया कि कर्मचारी यह रिश्वत की राशि एसडीएम के नाम से मांग रहा है। ऐसे में एसडीएम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी आदित्य शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बसवा में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। जिसे साल 2020 से यहां एसडीएम कार्यालय में डेपुटेशन पर लगा रखा है।
    user_अमर चन्द बैरवा
    अमर चन्द बैरवा
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    14 hrs ago
  • आज दिनांक 20 अप्रैल 2026 सोमवार को महाराजा सूरजमल सभागार भरतपुर में अधिवक्ता परिषद राजस्थान जिला भरतपुर इकाई द्वारा अक्षय तृतीया एवं भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष में समय दोपहर 11:00 से 2:00 तक अधिवक्ता मिलन एवं स्नेह भोज का आयोजन किया गया जिसका विधिवत प्रारंभ भगवान श्री राधा कृष्ण एवं भगवान श्री परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं भोग अर्पण कर किया गया उक्त कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद के समस्त कार्यकर्ता एवं अन्य सभी अधिवक्ता साथियों ने स्नेह भोज का आनंद लिया वह सहभागी रहे उक्त जानकारी अधिवक्ता परिषद के प्रदेश मंत्री चंद्र किशोर भारद्वाज द्वारा दी गई
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    आज दिनांक 20 अप्रैल 2026 सोमवार को महाराजा सूरजमल सभागार भरतपुर में अधिवक्ता परिषद राजस्थान जिला भरतपुर इकाई द्वारा अक्षय तृतीया एवं भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष में समय दोपहर 11:00 से 2:00 तक अधिवक्ता मिलन एवं स्नेह भोज का आयोजन किया गया जिसका विधिवत प्रारंभ भगवान श्री राधा कृष्ण एवं भगवान श्री परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं भोग अर्पण कर किया गया उक्त कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद के समस्त कार्यकर्ता एवं अन्य सभी अधिवक्ता साथियों ने स्नेह भोज का आनंद लिया वह सहभागी रहे उक्त जानकारी अधिवक्ता परिषद के प्रदेश मंत्री चंद्र किशोर भारद्वाज द्वारा दी गई
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • Post by Ganesh Yogi
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    Post by Ganesh Yogi
    user_Ganesh Yogi
    Ganesh Yogi
    Local News Reporter दौसा, दौसा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • 20 अप्रैल 2026। राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उद्घाटन से एक दिन पहले हुई, जिसमें नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना थी। आग लगते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की इस महत्वपूर्ण परियोजना में आग लगने से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    20 अप्रैल 2026।
राजस्थान के पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उद्घाटन से एक दिन पहले हुई, जिसमें नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना थी।
आग लगते ही दमकल टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की इस महत्वपूर्ण परियोजना में आग लगने से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_एस एस मिडिया अलवर
    एस एस मिडिया अलवर
    Local News Reporter मालखेड़ा, अलवर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। ​प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर ​इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: ​मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। ​रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। ​आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित ​अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। ​बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। ​सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। ​क्या हम वाकई जागृत हैं? ​"अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" ​निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़
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    जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर
कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है।
​प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर
​इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया:
​मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया।
​रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया।
​आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित
​अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है।
​बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई।
​सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है।
​क्या हम वाकई जागृत हैं?
​"अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।"
​निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है।
ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़
    user_Khemraj Joshi
    Khemraj Joshi
    Yoga instructor राहुवास, दौसा, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • एसडीएम के नाम पर स्टे की एवज में 15000 की रिश्वत लेते ट्रैप
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    एसडीएम के नाम पर स्टे की एवज में 15000 की रिश्वत लेते ट्रैप
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    2 hrs ago
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