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दतिया में यादव समाज (यदुवंशी) संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मोहर सिंह यादव पर दर्ज की गई एफआईआर को लेकर समाज में भारी आक्रोश है। इसी विरोध में, यादव समाज (यदुवंशी) संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपते हुए एफआईआर को 'झूठा और दुर्भावनापूर्ण' बताया। उन्होंने मांग की है कि इस एफआईआर को तुरंत निरस्त किया जाए।
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दतिया में यादव समाज (यदुवंशी) संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मोहर सिंह यादव पर दर्ज की गई एफआईआर को लेकर समाज में भारी आक्रोश है। इसी विरोध में, यादव समाज (यदुवंशी) संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपते हुए एफआईआर को 'झूठा और दुर्भावनापूर्ण' बताया। उन्होंने मांग की है कि इस एफआईआर को तुरंत निरस्त किया जाए।
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- डबरा-चीनोर मार्ग पर मंगलवार को इटायल गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपति को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिसवाला समाचार पत्रिका डबरा ग्वालियर की रिपोर्ट के अनुसार, यह दर्दनाक घटना तब हुई जब डबरा की ओर से चीनोर जा रहे पति-पत्नी को सामने से आ रहे ट्रक ने रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने तत्काल एंबुलेंस को बुलाया, जिसने घायल दंपति को तुरंत डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के भितरवार कस्बे में मेन रोड स्थित पटवारी कॉलोनी में गर्मी के कारण एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई। इस घटना से राहगीरों के बीच अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। एहतियातन, बिजली विभाग ने क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी।1
- 📰 ग्वालियर अपडेट हिंदी समाचार ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद आजीवन कारावास प्राप्त कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप ग्वालियर, 18 जून। ग्वालियर सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 31 वर्षीय कैदी नरेंद्र प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन के अनुसार कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े करते हुए मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि नरेंद्र पूरी तरह स्वस्थ था और उसकी मौत सामान्य नहीं लगती। उनका आरोप है कि शव पर सिर और हाथ में चोट के निशान दिखाई दिए हैं, जिससे मारपीट की आशंका को बल मिलता है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सच्चाई सामने आने तक वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे। इधर, सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी सामने आ रही है कि मृतक ने कथित तौर पर जेल के भीतर चल रहे कुछ मामलों में दबाव के आगे झुकने से इनकार किया था। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और जांच पूरी होने तक इन्हें आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रमुख बिंदु 🔹 ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद कैदी नरेंद्र प्रजापति की संदिग्ध मौत। 🔹 जेल प्रशासन ने तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत होने की बात कही। 🔹 परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा किया। 🔹 निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग। 🔹 पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। 🔹 कथित दबाव और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं। "मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।" 📰 ग्वालियर अपडेट हिंदी समाचार ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद आजीवन कारावास प्राप्त कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप ग्वालियर, 18 जून। ग्वालियर सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 31 वर्षीय कैदी नरेंद्र प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन के अनुसार कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े करते हुए मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि नरेंद्र पूरी तरह स्वस्थ था और उसकी मौत सामान्य नहीं लगती। उनका आरोप है कि शव पर सिर और हाथ में चोट के निशान दिखाई दिए हैं, जिससे मारपीट की आशंका को बल मिलता है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सच्चाई सामने आने तक वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे। इधर, सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी सामने आ रही है कि मृतक ने कथित तौर पर जेल के भीतर चल रहे कुछ मामलों में दबाव के आगे झुकने से इनकार किया था। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और जांच पूरी होने तक इन्हें आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रमुख बिंदु 🔹 ग्वालियर सेंट्रल जेल में बंद कैदी नरेंद्र प्रजापति की संदिग्ध मौत। 🔹 जेल प्रशासन ने तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत होने की बात कही। 🔹 परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान मिलने का दावा किया। 🔹 निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग। 🔹 पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। 🔹 कथित दबाव और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं। "मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।"1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की जौरा जनपद पंचायत में हुई सामान्य सभा की बैठक के दौरान एक जनपद सदस्य और जनपद पंचायत के अध्यक्ष प्रिय नरेंद्र सिकरवार के बीच विवाद हो गया। इस विवाद के बाद जनपद अध्यक्ष के पति के बयान पर सबकी निगाहें टिकी हैं कि उन्होंने इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया दी।1
- भिण्ड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन विश्वास" अभियान के तहत जिले में बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान में पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के कुल 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। बरामद किए गए ये मोबाइल फोन बुधवार को एक कार्यक्रम में उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और कई नागरिकों ने भिण्ड पुलिस के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी में साइबर सेल और जिले के सभी थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया, जिससे गुम हुए मोबाइलों की लोकेशन और उपयोग संबंधी जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए देश के 9 राज्यों से इन मोबाइल फोन को खोज निकाला। अधिकारियों ने जानकारी दी कि "ऑपरेशन विश्वास" के तहत वर्ष 2025 में भी 628 गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए गए थे और वर्ष 2026 में भी यह अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर कहा कि भिण्ड पुलिस जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं बल्कि लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फोटो, संपर्कों और व्यक्तिगत जानकारी का भी एक माध्यम हैं। इस अभियान से न केवल लाखों रुपये मूल्य के मोबाइल बरामद हुए हैं, बल्कि आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसे को भी मजबूत किया गया है। यह अभियान आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के वार्ड क्रमांक 52, गुड़ा गुड़ी का नाका स्थित इंद्रलोक गार्डन से रेडिएंट स्कूल तक की सड़क पिछले 5 वर्षों से शिलान्यास का इंतजार कर रही है, जिससे स्थानीय रहवासी और स्कूल संचालक खासे परेशान हैं। यह क्षेत्र मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नारायण सिंह कुशवाह का गृह क्षेत्र बताया जाता है, जबकि इस वार्ड के पार्षद कांग्रेस के सोनू कुशवाह हैं। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर 6 स्कूल और 2 बड़ी कॉलोनियां स्थित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय लोग आवागमन करते हैं। बारिश के दिनों में सड़क की बदहाल स्थिति, गड्ढों, धूल और जलभराव के कारण लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं, साथ ही बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और स्कूल संचालकों ने कई बार मंत्री जी, अन्य जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन 5 वर्षों के बाद भी सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। जनता अब सवाल उठा रही है कि विकास के दावे करने वाले जनप्रतिनिधियों की नजर आखिर कब इस सड़क पर पड़ेगी और इंद्रलोक गार्डन से रेडिएंट स्कूल तक की यह सड़क कब बनेगी।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा स्थित बीएसएफ अकादमी के सुरक्षा भवन के पीछे से अज्ञात चोरों ने चंदन के दो से तीन पेड़ काट लिए। सुरक्षा भवन को बीएसएफ का सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, और इसी संवेदनशील क्षेत्र से इन पेड़ों को काटा गया है, जिससे अकादमी में हड़कंप मच गया है। इस घटना के संबंध में सिटी थाना डबरा में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुट गई है।3
- भितरवार पुलिस को मिली बड़ी सफलता ,जैन मंदिर में चोरी करने वाले चोर पकड़े .. भितरवार पुलिस को बड़ी सफलता लगी हाथ पुराने जैन मंदिर में चोरी करने वाले 3 लोगो मे से 2 लोगों को पुलिस ने पकड़ा चोरी हुआ सामान किया बरामद , चोरों को भेजा जेल भितरवार एसडीओपी ने दी जानकारी ...1
- घाटमपुर फीडर के भितरवार डबरा रोड डिवाइडर पर लगे ट्रांसफार्मर से टकराई आईसर घाटमपुर फीडर के भितरवार डबरा रोड डिवाइडर पर लगे ट्रांसफार्मर से टकराई आईसर , लगी आग बड़ा हादसा टला -- भितरवार -- भितरवार डबरा रोड पर पटवारी कॉलोनी के पास उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक आइसर गाड़ी का पाइप सड़क पर लगे ट्रांसफार्मर से टकरा गया और पाइप के टकराने से ट्रांसफार्मर में भड़ा भड़ की आवाज आई और आग दहक गयी जिसे देखते ही रहवासियों ने तुरंत बिजली विभाग के कर्मचारियों और फायरब्रिगेड को सूचना दी मौके पर पहुंची तब तक स्थानीय लोगों की सहायता से और फायर बिग्रेड से आग पर काबू पाया तो वहीं सूचना मिलते ही बिजली सप्लाई बन्द कर दी गयी और ट्रांसफार्मर को बदला गया । बता दे कि गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे भितरवार डबरा मुख्य सड़क मार्ग पर भितरवार की ओर से आईसर वाहन क्रमांक एमपी 07 जी ए 6984 से निकल रहा था साइट में वाहन में लगे पाइप के ट्रांसफार्मर में टकरा गया और पाइप के टकराने के बाद ट्रासफार्मर में भड़ा-भड़ की आवाज आयी और आग दहक गई , आवाज को सुनते ही रहवासी एकत्रित हो गए और उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के कर्मचारियों एवं फायर बिग्रेड को सूचना दी आग की लपटों को देखते हुए निकलने वाले वाहन भी थम गई गो वहीं टक्कर देने के बाद वाहन चालक मौके से वाहन को लेकर रफू चक्कर हो गया आग की तेज लपटों को देखते हुए आसपास के रहवासी आग लगने से भयभीत हो गए तो वहीं स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता न मिलने पर फायर ब्रिगेड बुलाई और आग पर काबू पाया आग पर काबू पाने के बाद बिजली कर्मचारियों ने ट्रंसफार्मर को उतारा और दूसरा ट्रांसफार्मर रखा जिसके चलते दिन भर बिजली सप्लाई बंद रही भारी उमस भरी गर्मी के बीच घाटमपुर फीडर के सभी शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी जिसके चलते देर शाम बिजली सप्लाई शुरू हुई ।1