भिण्ड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन विश्वास" अभियान के तहत जिले में बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान में पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के कुल 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। बरामद किए गए ये मोबाइल फोन बुधवार को एक कार्यक्रम में उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और कई नागरिकों ने भिण्ड पुलिस के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी में साइबर सेल और जिले के सभी थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया, जिससे गुम हुए मोबाइलों की लोकेशन और उपयोग संबंधी जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए देश के 9 राज्यों से इन मोबाइल फोन को खोज निकाला। अधिकारियों ने जानकारी दी कि "ऑपरेशन विश्वास" के तहत वर्ष 2025 में भी 628 गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए गए थे और वर्ष 2026 में भी यह अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर कहा कि भिण्ड पुलिस जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं बल्कि लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फोटो, संपर्कों और व्यक्तिगत जानकारी का भी एक माध्यम हैं। इस अभियान से न केवल लाखों रुपये मूल्य के मोबाइल बरामद हुए हैं, बल्कि आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसे को भी मजबूत किया गया है। यह अभियान आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।
भिण्ड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन विश्वास" अभियान के तहत जिले में बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान में पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के कुल 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। बरामद किए गए ये मोबाइल फोन बुधवार को एक कार्यक्रम में उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और कई नागरिकों ने भिण्ड पुलिस के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी में साइबर सेल और जिले के सभी थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया, जिससे गुम हुए मोबाइलों की लोकेशन और उपयोग संबंधी जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए देश के 9 राज्यों से इन मोबाइल फोन को खोज निकाला। अधिकारियों ने जानकारी दी कि "ऑपरेशन विश्वास" के तहत वर्ष 2025 में भी 628 गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए गए थे और वर्ष 2026 में भी यह अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर कहा कि भिण्ड पुलिस जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं बल्कि लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फोटो, संपर्कों और व्यक्तिगत जानकारी का भी एक माध्यम हैं। इस अभियान से न केवल लाखों रुपये मूल्य के मोबाइल बरामद हुए हैं, बल्कि आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसे को भी मजबूत किया गया है। यह अभियान आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।
- भिण्ड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन विश्वास" अभियान के तहत जिले में बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान में पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के कुल 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। बरामद किए गए ये मोबाइल फोन बुधवार को एक कार्यक्रम में उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और कई नागरिकों ने भिण्ड पुलिस के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी में साइबर सेल और जिले के सभी थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया, जिससे गुम हुए मोबाइलों की लोकेशन और उपयोग संबंधी जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए देश के 9 राज्यों से इन मोबाइल फोन को खोज निकाला। अधिकारियों ने जानकारी दी कि "ऑपरेशन विश्वास" के तहत वर्ष 2025 में भी 628 गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए गए थे और वर्ष 2026 में भी यह अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर कहा कि भिण्ड पुलिस जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं बल्कि लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फोटो, संपर्कों और व्यक्तिगत जानकारी का भी एक माध्यम हैं। इस अभियान से न केवल लाखों रुपये मूल्य के मोबाइल बरामद हुए हैं, बल्कि आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसे को भी मजबूत किया गया है। यह अभियान आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।1
- भिंड जिले में एक ठग गिरोह "JJ कंपनी के मालिक" के नाम पर लोगों से पैसे ठग रहा है। यह गिरोह कथित तौर पर लोगों को यह कहकर अपने जाल में फंसाता है कि वे ₹850 जमा करें, जिसके बाद उनका गिफ्ट उनके घर पर पहुंचा दिया जाएगा। एक पीड़ित ने बताया कि उसे भी एक फर्जी आईडी से ऐसा ही मैसेज आया था, जिसमें पैसे जमा करने के लिए कहा गया था।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए एक अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया गया। यह संयुक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में तथा एसडीएम श्री अशोक अवस्थी और एसडीओपी श्री अजय चन्ना के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीम द्वारा की गई। यह अस्थायी पुल अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों द्वारा भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए बनाया गया था। इस पुल के माध्यम से लंबे समय से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही थी। प्रशासन को मिली शिकायतों और सतत निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर मशीनों की सहायता से इस पुल को पूरी तरह से तोड़ दिया, ताकि अवैध उत्खनन की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी लांच श्री शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्री आनंद भदौरिया, माइनिंग इंस्पेक्टर श्री संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, जबकि पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है और क्षेत्र के नागरिकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण एवं राजस्व हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।1
- मध्य प्रदेश के आलमपुर में वार्ड क्रमांक 07 के निवासी कई वर्षों से खराब पड़े हेडपंप की समस्या से जूझ रहे हैं। वार्डवासियों ने इस संबंध में नगर परिषद आलमपुर में आवेदन भी दिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने एक छापामार कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। महिला पटवारी द्वारा एक किसान से सरकारी सड़क का सीमांकन करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी, जो सरकारी काम के बदले भी रिश्वत मांगे जाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।1
- भिंड पुलिस ने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए देश के विभिन्न राज्यों से 325 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। बरामद किए गए ये मोबाइल पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनके असली मालिकों को सौंपे गए, जिससे आवेदकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। सायबर सेल और थानों की टीमों ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर इन मोबाइलों को मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से ट्रैक कर बरामद किया। मोबाइल वापस पाने वालों में भारतीय सेना व होमगार्ड के जवान, भूतपूर्व सैनिक, छात्र, गृहणियां, शिक्षक, माली, खिलाड़ी और पत्रकार जैसे विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी इसी पोर्टल के माध्यम से 628 मोबाइल फोन खोजे गए थे।2
- भिंड पुलिस ने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 81,30,000 रुपये है। पुलिस अधीक्षक भिंड श्री सूरज कुमार वर्मा को लगातार गुम हो रहे मोबाइलों के आवेदन प्राप्त हो रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल को इन आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई कर मोबाइलों को ट्रेस करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, भिंड जिले के समस्त थानों को CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ट्रेस करने और थाना स्तर व साइबर सेल टीम को शीघ्र बरामद करने के लिए लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी अटेर श्री रविन्द्र वास्कले, और उपपुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री दीपक तोमर शामिल हैं, के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरी० मुकेश शाक्य, थाना प्रभारी देहात निरी० शिवप्रताप राजावत, साइबर सेल टीम और समस्त थानों की टीमों ने विभिन्न कंपनियों के मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया। साइबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से सभी थानों को प्रशिक्षण भी दिया ताकि वे मोबाइलों को प्रभावी ढंग से ट्रेस कर सकें। इसी क्रम में, वर्ष 2025 में CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 628 मोबाइल खोजे गए थे और हाल ही में 325 गुमशुदा मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया है। ये मोबाइल भिंड जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों से बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए मोबाइल रियलमी, ओपो, वीवो, एमआई, सैमसंग, टेक्नो, इनफिनिक्स, मोटोरोला, वनप्लस आदि कंपनियों के हैं। इन सभी मोबाइलों को आज दिनांक 17.06.26 को पुलिस कंट्रोल रूम जिला भिंड में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में भिंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, साइबर सेल टीम और थानों की टीमों द्वारा उनके मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया। ये मोबाइल भारतीय सेना, होमगार्ड, पुलिस में तैनात जवानों के साथ-साथ भूतपूर्व सैनिकों, माली, खिलाड़ियों, छात्रों, गृहणी महिलाओं, अध्यापकों, पत्रकारों और आमजनों के थे। कुछ आवेदकों ने बताया कि वे नया मोबाइल खरीद ही नहीं पाए थे, जबकि कई लोगों ने बताया कि काम पर जाते समय उनका मोबाइल गुम हो गया था, जिसे वापस पाकर उन्हें बहुत खुशी हुई। मोबाइल धारकों को अपने फोन वापस मिलने पर उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने पुलिस अधिकारियों तथा साइबर सेल व थाना स्तर पर कार्यरत पुलिस टीम की सराहना की। इस उल्लेखनीय कार्य में साइबर सेल के स० उ० नि० सत्यवीर सिंह, प्रआर० प्रमोद पाराशर, प्रआर० महेश कुमार, प्रआर० सत्येन्द्र यादव, आर० आनंद दीक्षित, आर० राहुल यादव, आर० हरपाल, आर० रितिक यादव, आर० प्रशांत नरवरिया, आर० बृजेश सिंह (थाना देहात), आर० विवेक करन (थाना सिटी कोतवाली), आर० बृजेश शर्मा (थाना मेहगाँव), आर० नवीन (थाना गोहद चौराहा), आर० राहुल सिकरवार (थाना फूप), आर० कुलदीप (थाना मालनपुर), आर० बदना (थाना मिहोना), और मआर० रिकी तोमर (थाना गोरमी) ने सराहनीय भूमिका निभाई।4
- भिंड जिले के गोहद में चंबल अंचल की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए चल रहे "गौ-हद धाम अभियान" को अब संत समाज का भी समर्थन मिल गया है। खनेता धाम स्थित प्राचीन श्री रघुनाथ जी मंदिर के महंत एवं महामंडलेश्वर परम पूज्य श्री रामभूषण दास जी महाराज ने गोहद की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर जोर देते हुए इसे श्रीकृष्ण गमन पथ से जोड़ने की आवश्यकता जताई है। महंत श्री रामभूषण दास जी महाराज ने बताया कि गोहद वैष्णव परंपरा, संत संस्कृति और जनआस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। स्थानीय परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, गोहद का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की गौ-चारण लीलाओं से है, जिसके कारण इसे "गौ-हद" यानी गऊओं की अंतिम सीमा या गोचारण क्षेत्र की हद के रूप में जाना जाता है। उन्होंने गोहद के कई प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों, जैसे राजगुरु की जग्गा, कालिया कंठ की जग्गा, रघुनाथ जी की जग्गा, मदनमोहन जी की जग्गा, नरसिंह जी की जग्गा और लक्ष्मण जी मंदिर का उल्लेख किया, जो ब्रज और वृंदावन की वैष्णव परंपरा से जुड़े हैं। महंत श्री ने मध्यप्रदेश शासन से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित श्रीकृष्ण गमन पथ योजना में गोहद को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि मथुरा और वृंदावन की तरह चंबल अंचल की यह भूमि भी अपनी लोकपरंपराओं, संत परंपराओं और धार्मिक धरोहरों के कारण विशेष महत्व रखती है और इसके संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता है। इस अवसर पर गौ-हद धाम अभियान से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने महंत श्री से भेंट की और अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने गोहद, मितावली, पढ़ावली, काकनमठ, शनिधाम, कुंतलपुर और कर्णकुंड सहित क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि इन स्थलों के एकीकृत विकास से क्षेत्र की धार्मिक पहचान मजबूत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।1