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मध्य प्रदेश के आलमपुर में वार्ड क्रमांक 07 के निवासी कई वर्षों से खराब पड़े हेडपंप की समस्या से जूझ रहे हैं। वार्डवासियों ने इस संबंध में नगर परिषद आलमपुर में आवेदन भी दिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।
विजय झा
मध्य प्रदेश के आलमपुर में वार्ड क्रमांक 07 के निवासी कई वर्षों से खराब पड़े हेडपंप की समस्या से जूझ रहे हैं। वार्डवासियों ने इस संबंध में नगर परिषद आलमपुर में आवेदन भी दिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।
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- भिंड जिले के गोहद में चंबल अंचल की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए चल रहे "गौ-हद धाम अभियान" को अब संत समाज का भी समर्थन मिल गया है। खनेता धाम स्थित प्राचीन श्री रघुनाथ जी मंदिर के महंत एवं महामंडलेश्वर परम पूज्य श्री रामभूषण दास जी महाराज ने गोहद की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर जोर देते हुए इसे श्रीकृष्ण गमन पथ से जोड़ने की आवश्यकता जताई है। महंत श्री रामभूषण दास जी महाराज ने बताया कि गोहद वैष्णव परंपरा, संत संस्कृति और जनआस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। स्थानीय परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, गोहद का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की गौ-चारण लीलाओं से है, जिसके कारण इसे "गौ-हद" यानी गऊओं की अंतिम सीमा या गोचारण क्षेत्र की हद के रूप में जाना जाता है। उन्होंने गोहद के कई प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों, जैसे राजगुरु की जग्गा, कालिया कंठ की जग्गा, रघुनाथ जी की जग्गा, मदनमोहन जी की जग्गा, नरसिंह जी की जग्गा और लक्ष्मण जी मंदिर का उल्लेख किया, जो ब्रज और वृंदावन की वैष्णव परंपरा से जुड़े हैं। महंत श्री ने मध्यप्रदेश शासन से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित श्रीकृष्ण गमन पथ योजना में गोहद को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि मथुरा और वृंदावन की तरह चंबल अंचल की यह भूमि भी अपनी लोकपरंपराओं, संत परंपराओं और धार्मिक धरोहरों के कारण विशेष महत्व रखती है और इसके संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता है। इस अवसर पर गौ-हद धाम अभियान से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने महंत श्री से भेंट की और अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने गोहद, मितावली, पढ़ावली, काकनमठ, शनिधाम, कुंतलपुर और कर्णकुंड सहित क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि इन स्थलों के एकीकृत विकास से क्षेत्र की धार्मिक पहचान मजबूत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।1
- जालौन विकासखंड का सालाबाद गाँव पिछले 15 से 20 दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों के घरों में रोशनी की जगह अंधेरा और चिंता व्याप्त है। गाँव में ओवरलोड ट्रांसफार्मर, जर्जर विद्युत लाइनें और टूटे हुए खंभे लोगों का जीवन मुश्किल बना रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, दिन में चार से पाँच बार बिजली लाइनें टूट जाती हैं, और फॉल्ट, तार टूटने या ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। गाँव के बीच लगे ट्रांसफार्मर के पास दुकान चलाने वाले दुकानदार ने अपनी बड़ी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर में अक्सर स्पार्किंग होती है और कई बार आग भी लग चुकी है, जिससे आसपास लोगों की आवाजाही के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। दुकानदार को अपनी दुकान तक आग की चिंगारियाँ पहुँचने का भी खतरा सताता है। इसके अलावा, 11 हजार वोल्ट की लाइन का एक खंभा कई महीनों से एक पेड़ के सहारे टिका हुआ है। ग्रामीणों का डर है कि तेज बारिश या आंधी आने पर यह खंभा गिर सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बिजली विभाग की व्यवस्था पुरानी है। उनके अनुसार, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर मौजूद होने के बावजूद उन्हें अभी तक चालू नहीं किया गया है। यदि इन ट्रांसफार्मरों को संचालित कर दिया जाए तो लोड बँट जाएगा और बार-बार होने वाले फॉल्ट से राहत मिल सकती है। कढ़ौरे कुशवाहा, महेंद्र पटेल, मनोहर कुशवाहा, संतोष कुशवाहा, वकील पटेल और गुड्डन पालीवाल सहित अन्य ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि विभाग किसी बड़े हादसे के बाद जागने की बजाय अभी से समाधान करे।3
- जालौन जिले के कालपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनन्दन प्रसाद के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। सीएमओ बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचे, जिससे कर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई। सीएमओ ने सुबह करीब 8:45 बजे सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, महिला वार्ड सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, कूलर-पंखों की व्यवस्था और वार्डों की स्थिति का भी मूल्यांकन किया। सीएमओ ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी दौरान प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के नियमित रूप से संचालित न होने की शिकायत भी सीएमओ के संज्ञान में आई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र संचालक को नोटिस जारी करने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने अस्पताल परिसर की रंगाई-पुताई, भवन की मरम्मत और अन्य लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के आदेश भी दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश बरदिया, डॉ. शेख शहरयार, डॉ. आदर्श गौतम, डॉ. अशोक चक्र, डॉ. विशाल सचान और डॉ. गरिमा सिंह सहित समस्त चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सीएमओ की इस सख्ती के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं में कितना सुधार कर पाता है और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का कितना बेहतर लाभ मिल पाता है।2
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में एक सड़क परियोजना का भूमि पूजन किया गया है। इस परियोजना के तहत मार्कण्डेश्वर से पंचानन तक की सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिस पर लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कोंच तहसील के खैरी गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के कथित गबन और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम खैरी निवासी दीपेश कुमार और ग्राम कैथी निवासी प्रदीप कुमार ने बुधवार दोपहर 1:30 बजे एसडीएम कोंच को एक शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत खैरी में क्षेत्र पंचायत द्वारा वर्ष 2024-25 के दौरान कई विकास कार्य कराए जाने का दावा किया गया, लेकिन मौके पर वास्तविकता में कोई कार्य नहीं हुआ। इसके बावजूद, संबंधित कार्यों का भुगतान निकाल लिया गया है। प्रार्थियों ने विशेष रूप से जलरोक बांध निर्माण कार्य का जिक्र किया, जिसके तहत गोपाल के खेत से देवगांव मेडे तक जलरोक बांध बनाने का कार्य दर्शाया गया है। इसका वर्क आईडी 3138006WC/958486255824133747 है और इस पर लगभग 5.02 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी की थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। दोनों प्रार्थियों ने प्रदेश स्तरीय टीएससी अथवा चीफ टीएससी से इस कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।1
- जालौन जिले के कुठौंद ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेखपुर अहीर में भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान का प्रभाव कम होता दिख रहा है। स्थानीय गलियों में सफाई की स्थिति खराब है और अभियान की गतिविधियाँ धीमी पड़ गई हैं। स्थानीय निवासियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अभियान के तहत अपेक्षित स्वच्छता और सफाई के स्तर तक पहुँचना अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसी कारण से स्वच्छ भारत अभियान का मकसद शेखपुर अहीर में पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया है।2
- दतिया जिले के सेंवढ़ा नगर में एक पालतू गधे के आतंक से आमजन परेशान हैं, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों में भय का माहौल है। बीते कई दिनों से यह गधा नगर की मुख्य सड़कों, बाजार क्षेत्र और आवासीय मोहल्लों में खुलेआम घूम रहा है, जिसके कारण लोगों को काफी असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गधा कई बार राह चलते लोगों के पीछे दौड़ पड़ता है और हमला करने की कोशिश करता है। बाजार क्षेत्र में खरीदारी करने आने वाले लोगों, महिलाओं और बच्चों को खास सावधानी बरतनी पड़ रही है। दुकानदारों ने बताया कि गधा दुकानों के सामने रखे सामान को नुकसान पहुंचा चुका है और ग्राहकों के बीच अफरा-तफरी भी मचाता है। कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि गधा सड़क पर खड़े दोपहिया वाहनों और ठेलों के आसपास भी उत्पात मचाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नगरवासियों का कहना है कि गधे का मालिक उसे खुला छोड़ देता है, जिसके कारण वह पूरे नगर में घूमता रहता है। लोगों ने कई बार मालिक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद और प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनकी चिंता है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर वे चिंतित हैं। लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से आग्रह किया है कि गधे के मालिक की पहचान कर उसे अपने पशु को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए जाएं, साथ ही नगर में आवारा घूम रहे अन्य पशुओं पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। नगरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर इस समस्या से उन्हें राहत दिलाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग NH-27 पर बुधवार सुबह अजनारी फ्लाईओवर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार बलेनो कार (नंबर DD-01-A-7805) अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। इस घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान आजमगढ़ निवासी अखिलेश पुत्र रामचंद्र विश्वकर्मा और ब्रजराज पुत्र कन्हैया यादव (वर्तमान पता दादरा एवं नगर हवेली) के रूप में हुई है। कार में सवार अभय, अनुराग और श्रीमती जीरा अखिलेश गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। सभी यात्री गुजरात क्षेत्र से अपने गृह जनपद की ओर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है, जिसके बाद परिवारों में मातम छा गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार को माना जा रहा है। क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि अजनारी फ्लाईओवर के पास हुई इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई। उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों ने NH-27 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों पर चिंता व्यक्त करते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।4
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कोंच तहसील के खैरी गांव में विकास कार्यों में लाखों रुपये के कथित गबन और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। खैरी निवासी दीपेश कुमार और कैथी निवासी प्रदीप कुमार ने बुधवार दोपहर 1:30 बजे कोंच के एसडीएम को एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत खैरी में क्षेत्र पंचायत ने वर्ष 2024-25 के दौरान कई विकास कार्य कराने का दावा किया, लेकिन मौके पर कोई भी कार्य नहीं हुआ। इसके बावजूद संबंधित कार्यों का भुगतान निकाल लिया गया। प्रार्थियों ने विशेष रूप से जलरोक बांध निर्माण कार्य का जिक्र किया है, जो गोपाल के खेत से देवगांव मेडे तक दर्शाया गया है। इस कार्य की वर्क आईडी 3138006WC/958486255824133747 है और इसके नाम पर लगभग 5.02 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी की थी, लेकिन तब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। दोनों प्रार्थियों ने प्रदेश स्तरीय टीएससी अथवा चीफ टीएससी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि कथित भ्रष्टाचार की वास्तविक स्थिति का पता चल सके और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।1