दतिया जिले के सेंवढ़ा नगर में एक पालतू गधे के आतंक से आमजन परेशान हैं, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों में भय का माहौल है। बीते कई दिनों से यह गधा नगर की मुख्य सड़कों, बाजार क्षेत्र और आवासीय मोहल्लों में खुलेआम घूम रहा है, जिसके कारण लोगों को काफी असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गधा कई बार राह चलते लोगों के पीछे दौड़ पड़ता है और हमला करने की कोशिश करता है। बाजार क्षेत्र में खरीदारी करने आने वाले लोगों, महिलाओं और बच्चों को खास सावधानी बरतनी पड़ रही है। दुकानदारों ने बताया कि गधा दुकानों के सामने रखे सामान को नुकसान पहुंचा चुका है और ग्राहकों के बीच अफरा-तफरी भी मचाता है। कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि गधा सड़क पर खड़े दोपहिया वाहनों और ठेलों के आसपास भी उत्पात मचाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नगरवासियों का कहना है कि गधे का मालिक उसे खुला छोड़ देता है, जिसके कारण वह पूरे नगर में घूमता रहता है। लोगों ने कई बार मालिक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद और प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनकी चिंता है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर वे चिंतित हैं। लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से आग्रह किया है कि गधे के मालिक की पहचान कर उसे अपने पशु को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए जाएं, साथ ही नगर में आवारा घूम रहे अन्य पशुओं पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। नगरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर इस समस्या से उन्हें राहत दिलाएगा।
दतिया जिले के सेंवढ़ा नगर में एक पालतू गधे के आतंक से आमजन परेशान हैं, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों में भय का माहौल है। बीते कई दिनों से यह गधा नगर की मुख्य सड़कों, बाजार क्षेत्र और आवासीय मोहल्लों में खुलेआम घूम रहा है, जिसके कारण लोगों को काफी असुविधा हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गधा कई बार राह चलते लोगों के पीछे दौड़ पड़ता है और हमला करने की कोशिश करता है। बाजार क्षेत्र में खरीदारी करने आने वाले लोगों, महिलाओं और बच्चों को खास सावधानी बरतनी पड़ रही है। दुकानदारों ने बताया कि गधा दुकानों के सामने रखे सामान को नुकसान पहुंचा चुका है और ग्राहकों के बीच अफरा-तफरी भी मचाता है। कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि गधा सड़क पर खड़े दोपहिया वाहनों और ठेलों के आसपास भी उत्पात मचाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नगरवासियों का कहना है कि गधे का मालिक उसे खुला छोड़ देता है, जिसके कारण वह पूरे नगर में घूमता रहता है। लोगों ने कई बार मालिक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद और प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनकी चिंता है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर वे चिंतित हैं। लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से आग्रह किया है कि गधे के मालिक की पहचान कर उसे अपने पशु को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए जाएं, साथ ही नगर में आवारा घूम रहे अन्य पशुओं पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। नगरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर इस समस्या से उन्हें राहत दिलाएगा।
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए एक अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया गया। यह संयुक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में तथा एसडीएम श्री अशोक अवस्थी और एसडीओपी श्री अजय चन्ना के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीम द्वारा की गई। यह अस्थायी पुल अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों द्वारा भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए बनाया गया था। इस पुल के माध्यम से लंबे समय से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही थी। प्रशासन को मिली शिकायतों और सतत निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर मशीनों की सहायता से इस पुल को पूरी तरह से तोड़ दिया, ताकि अवैध उत्खनन की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी लांच श्री शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्री आनंद भदौरिया, माइनिंग इंस्पेक्टर श्री संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, जबकि पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है और क्षेत्र के नागरिकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण एवं राजस्व हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।1
- मध्य प्रदेश के आलमपुर में वार्ड क्रमांक 07 के निवासी कई वर्षों से खराब पड़े हेडपंप की समस्या से जूझ रहे हैं। वार्डवासियों ने इस संबंध में नगर परिषद आलमपुर में आवेदन भी दिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।1
- भिंड जिले में एक ठग गिरोह "JJ कंपनी के मालिक" के नाम पर लोगों से पैसे ठग रहा है। यह गिरोह कथित तौर पर लोगों को यह कहकर अपने जाल में फंसाता है कि वे ₹850 जमा करें, जिसके बाद उनका गिफ्ट उनके घर पर पहुंचा दिया जाएगा। एक पीड़ित ने बताया कि उसे भी एक फर्जी आईडी से ऐसा ही मैसेज आया था, जिसमें पैसे जमा करने के लिए कहा गया था।1
- भिंड जिले के गोहद में चंबल अंचल की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए चल रहे "गौ-हद धाम अभियान" को अब संत समाज का भी समर्थन मिल गया है। खनेता धाम स्थित प्राचीन श्री रघुनाथ जी मंदिर के महंत एवं महामंडलेश्वर परम पूज्य श्री रामभूषण दास जी महाराज ने गोहद की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर जोर देते हुए इसे श्रीकृष्ण गमन पथ से जोड़ने की आवश्यकता जताई है। महंत श्री रामभूषण दास जी महाराज ने बताया कि गोहद वैष्णव परंपरा, संत संस्कृति और जनआस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। स्थानीय परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, गोहद का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की गौ-चारण लीलाओं से है, जिसके कारण इसे "गौ-हद" यानी गऊओं की अंतिम सीमा या गोचारण क्षेत्र की हद के रूप में जाना जाता है। उन्होंने गोहद के कई प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों, जैसे राजगुरु की जग्गा, कालिया कंठ की जग्गा, रघुनाथ जी की जग्गा, मदनमोहन जी की जग्गा, नरसिंह जी की जग्गा और लक्ष्मण जी मंदिर का उल्लेख किया, जो ब्रज और वृंदावन की वैष्णव परंपरा से जुड़े हैं। महंत श्री ने मध्यप्रदेश शासन से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा घोषित श्रीकृष्ण गमन पथ योजना में गोहद को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि मथुरा और वृंदावन की तरह चंबल अंचल की यह भूमि भी अपनी लोकपरंपराओं, संत परंपराओं और धार्मिक धरोहरों के कारण विशेष महत्व रखती है और इसके संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता है। इस अवसर पर गौ-हद धाम अभियान से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने महंत श्री से भेंट की और अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने गोहद, मितावली, पढ़ावली, काकनमठ, शनिधाम, कुंतलपुर और कर्णकुंड सहित क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि इन स्थलों के एकीकृत विकास से क्षेत्र की धार्मिक पहचान मजबूत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।1
- मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने एक छापामार कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। महिला पटवारी द्वारा एक किसान से सरकारी सड़क का सीमांकन करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी, जो सरकारी काम के बदले भी रिश्वत मांगे जाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।1
- दतिया में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने नागरिकों की समस्याओं को सुना। यह जानकारी दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट में दी गई है। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने अपनी विभिन्न परेशानियाँ पुलिस अधीक्षक के सामने रखीं।1
- भिंड पुलिस ने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 81,30,000 रुपये है। पुलिस अधीक्षक भिंड श्री सूरज कुमार वर्मा को लगातार गुम हो रहे मोबाइलों के आवेदन प्राप्त हो रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल को इन आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई कर मोबाइलों को ट्रेस करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, भिंड जिले के समस्त थानों को CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ट्रेस करने और थाना स्तर व साइबर सेल टीम को शीघ्र बरामद करने के लिए लगाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी अटेर श्री रविन्द्र वास्कले, और उपपुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री दीपक तोमर शामिल हैं, के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरी० मुकेश शाक्य, थाना प्रभारी देहात निरी० शिवप्रताप राजावत, साइबर सेल टीम और समस्त थानों की टीमों ने विभिन्न कंपनियों के मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया। साइबर सेल ने CEIR पोर्टल के माध्यम से सभी थानों को प्रशिक्षण भी दिया ताकि वे मोबाइलों को प्रभावी ढंग से ट्रेस कर सकें। इसी क्रम में, वर्ष 2025 में CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 628 मोबाइल खोजे गए थे और हाल ही में 325 गुमशुदा मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया है। ये मोबाइल भिंड जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों से बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए मोबाइल रियलमी, ओपो, वीवो, एमआई, सैमसंग, टेक्नो, इनफिनिक्स, मोटोरोला, वनप्लस आदि कंपनियों के हैं। इन सभी मोबाइलों को आज दिनांक 17.06.26 को पुलिस कंट्रोल रूम जिला भिंड में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में भिंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, साइबर सेल टीम और थानों की टीमों द्वारा उनके मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया। ये मोबाइल भारतीय सेना, होमगार्ड, पुलिस में तैनात जवानों के साथ-साथ भूतपूर्व सैनिकों, माली, खिलाड़ियों, छात्रों, गृहणी महिलाओं, अध्यापकों, पत्रकारों और आमजनों के थे। कुछ आवेदकों ने बताया कि वे नया मोबाइल खरीद ही नहीं पाए थे, जबकि कई लोगों ने बताया कि काम पर जाते समय उनका मोबाइल गुम हो गया था, जिसे वापस पाकर उन्हें बहुत खुशी हुई। मोबाइल धारकों को अपने फोन वापस मिलने पर उनके चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने पुलिस अधिकारियों तथा साइबर सेल व थाना स्तर पर कार्यरत पुलिस टीम की सराहना की। इस उल्लेखनीय कार्य में साइबर सेल के स० उ० नि० सत्यवीर सिंह, प्रआर० प्रमोद पाराशर, प्रआर० महेश कुमार, प्रआर० सत्येन्द्र यादव, आर० आनंद दीक्षित, आर० राहुल यादव, आर० हरपाल, आर० रितिक यादव, आर० प्रशांत नरवरिया, आर० बृजेश सिंह (थाना देहात), आर० विवेक करन (थाना सिटी कोतवाली), आर० बृजेश शर्मा (थाना मेहगाँव), आर० नवीन (थाना गोहद चौराहा), आर० राहुल सिकरवार (थाना फूप), आर० कुलदीप (थाना मालनपुर), आर० बदना (थाना मिहोना), और मआर० रिकी तोमर (थाना गोरमी) ने सराहनीय भूमिका निभाई।4
- दतिया में एसपी मयूर खंडेलवाल का इंदरगढ़ नगर परिषद में सराफा व्यापारियों और सैकड़ों नगर वासियों ने नागरिक अभिनंदन और सम्मान किया। इस अवसर पर एसपी खंडेलवाल ने जनसंवाद में नागरिकों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया और कहा कि जब व्यापारी व आम जनता पुलिस को सम्मानित करती है, तो यह दर्शाता है कि क्षेत्र में अमन-चैन है, अपराधी खौफ में हैं और इलाका अपराध मुक्त है। गुलाब गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में एसपी मयूर खंडेलवाल को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र, शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। एसडीओपी सेवढ़ा अजय चानना और थाना प्रभारी गौरव शर्मा को भी सम्मानित किया गया। एसपी खंडेलवाल ने सम्मान समारोह को जनसंवाद कार्यक्रम में परिवर्तित करते हुए क्षेत्रीय नागरिकों की समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने नागरिकों को अपने घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया। एसपी दतिया ने जोर दिया कि क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में आमजन की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, अवैध शराब के विक्रय, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, हुड़दंग करने वाले व्यक्तियों तथा किसी भी अवैध कार्य की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिसमें सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल ने शीघ्र ही एक पुलिस हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की, जिस पर नागरिक आपराधिक गतिविधियों और गैर कानूनी कार्यों की सूचना दे सकेंगे। एसडीओपी अजय चानना ने भी नागरिकों से संदिग्ध व्यक्तियों और किरायेदारों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क प्रयास की सराहना करते हुए क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।1