मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए एक अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया गया। यह संयुक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में तथा एसडीएम श्री अशोक अवस्थी और एसडीओपी श्री अजय चन्ना के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीम द्वारा की गई। यह अस्थायी पुल अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों द्वारा भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए बनाया गया था। इस पुल के माध्यम से लंबे समय से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही थी। प्रशासन को मिली शिकायतों और सतत निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर मशीनों की सहायता से इस पुल को पूरी तरह से तोड़ दिया, ताकि अवैध उत्खनन की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी लांच श्री शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्री आनंद भदौरिया, माइनिंग इंस्पेक्टर श्री संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, जबकि पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है और क्षेत्र के नागरिकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण एवं राजस्व हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए एक अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया गया। यह संयुक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में तथा एसडीएम श्री अशोक अवस्थी और एसडीओपी श्री अजय चन्ना के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीम द्वारा की गई। यह अस्थायी पुल अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों द्वारा भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए बनाया गया था। इस पुल के माध्यम से लंबे समय से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही थी। प्रशासन को मिली शिकायतों और सतत निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर मशीनों की सहायता से इस पुल को पूरी तरह से तोड़ दिया, ताकि अवैध उत्खनन की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी लांच श्री शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्री आनंद भदौरिया, माइनिंग इंस्पेक्टर श्री संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, जबकि पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है और क्षेत्र के नागरिकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण एवं राजस्व हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सिंध नदी के लांच घाट पर रेत माफियाओं द्वारा बनाए गए एक अस्थायी पुल को ध्वस्त कर दिया गया। यह संयुक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में तथा एसडीएम श्री अशोक अवस्थी और एसडीओपी श्री अजय चन्ना के मार्गदर्शन में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की टीम द्वारा की गई। यह अस्थायी पुल अवैध रेत उत्खनन में शामिल लोगों द्वारा भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही के लिए बनाया गया था। इस पुल के माध्यम से लंबे समय से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही थी। प्रशासन को मिली शिकायतों और सतत निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर मशीनों की सहायता से इस पुल को पूरी तरह से तोड़ दिया, ताकि अवैध उत्खनन की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी लांच श्री शत्रुघ्न मिश्रा, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्री आनंद भदौरिया, माइनिंग इंस्पेक्टर श्री संजय धाकड़ सहित राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, जबकि पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है और क्षेत्र के नागरिकों ने इसे पर्यावरण संरक्षण एवं राजस्व हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।1
- भिण्ड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन विश्वास" अभियान के तहत जिले में बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान में पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के कुल 325 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। बरामद किए गए ये मोबाइल फोन बुधवार को एक कार्यक्रम में उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और कई नागरिकों ने भिण्ड पुलिस के इस सराहनीय प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी में साइबर सेल और जिले के सभी थानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया, जिससे गुम हुए मोबाइलों की लोकेशन और उपयोग संबंधी जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए देश के 9 राज्यों से इन मोबाइल फोन को खोज निकाला। अधिकारियों ने जानकारी दी कि "ऑपरेशन विश्वास" के तहत वर्ष 2025 में भी 628 गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए गए थे और वर्ष 2026 में भी यह अभियान जारी है। पुलिस अधीक्षक ने इस अवसर पर कहा कि भिण्ड पुलिस जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं बल्कि लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फोटो, संपर्कों और व्यक्तिगत जानकारी का भी एक माध्यम हैं। इस अभियान से न केवल लाखों रुपये मूल्य के मोबाइल बरामद हुए हैं, बल्कि आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसे को भी मजबूत किया गया है। यह अभियान आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश के आलमपुर में वार्ड क्रमांक 07 के निवासी कई वर्षों से खराब पड़े हेडपंप की समस्या से जूझ रहे हैं। वार्डवासियों ने इस संबंध में नगर परिषद आलमपुर में आवेदन भी दिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।1
- भिंड जिले में एक ठग गिरोह "JJ कंपनी के मालिक" के नाम पर लोगों से पैसे ठग रहा है। यह गिरोह कथित तौर पर लोगों को यह कहकर अपने जाल में फंसाता है कि वे ₹850 जमा करें, जिसके बाद उनका गिफ्ट उनके घर पर पहुंचा दिया जाएगा। एक पीड़ित ने बताया कि उसे भी एक फर्जी आईडी से ऐसा ही मैसेज आया था, जिसमें पैसे जमा करने के लिए कहा गया था।1
- मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने एक छापामार कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। महिला पटवारी द्वारा एक किसान से सरकारी सड़क का सीमांकन करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी, जो सरकारी काम के बदले भी रिश्वत मांगे जाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।1
- दतिया में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने नागरिकों की समस्याओं को सुना। यह जानकारी दतिया से जिला ब्यूरो चीफ संजीव रिछारिया की रिपोर्ट में दी गई है। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने अपनी विभिन्न परेशानियाँ पुलिस अधीक्षक के सामने रखीं।1
- दतिया में एसपी मयूर खंडेलवाल का इंदरगढ़ नगर परिषद में सराफा व्यापारियों और सैकड़ों नगर वासियों ने नागरिक अभिनंदन और सम्मान किया। इस अवसर पर एसपी खंडेलवाल ने जनसंवाद में नागरिकों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया और कहा कि जब व्यापारी व आम जनता पुलिस को सम्मानित करती है, तो यह दर्शाता है कि क्षेत्र में अमन-चैन है, अपराधी खौफ में हैं और इलाका अपराध मुक्त है। गुलाब गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में एसपी मयूर खंडेलवाल को स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र, शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। एसडीओपी सेवढ़ा अजय चानना और थाना प्रभारी गौरव शर्मा को भी सम्मानित किया गया। एसपी खंडेलवाल ने सम्मान समारोह को जनसंवाद कार्यक्रम में परिवर्तित करते हुए क्षेत्रीय नागरिकों की समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने नागरिकों को अपने घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया। एसपी दतिया ने जोर दिया कि क्षेत्र की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में आमजन की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, अवैध शराब के विक्रय, होटल-ढाबों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, हुड़दंग करने वाले व्यक्तियों तथा किसी भी अवैध कार्य की सूचना तत्काल पुलिस को दें, जिसमें सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल ने शीघ्र ही एक पुलिस हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की, जिस पर नागरिक आपराधिक गतिविधियों और गैर कानूनी कार्यों की सूचना दे सकेंगे। एसडीओपी अजय चानना ने भी नागरिकों से संदिग्ध व्यक्तियों और किरायेदारों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने पुलिस के इस जनसंपर्क प्रयास की सराहना करते हुए क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।1
- जालौन जिले के कोंच में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गेट के पास एक हादसा हो गया। सड़क पार कर रही एक स्टाफ नर्स को लूना सवार ने टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गईं।1