फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं। फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।
फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं। फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।
- मीडिया के लिए साफ संदेश: असीम वकार के कांग्रेस में जाने को AIMIM के लिए “झटका” न बताया जाए असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा। असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती। AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है। आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी। AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है। असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया। एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा। मोहम्मद जावेद अली महानगर महासचिव, AIMIM #AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad1
- HIGH SELLING trendy black t-shirt with matching colour shorts for men casual and gym use Name: HIGH SELLING trendy black t-shirt with matching colour shorts for men casual and gym use Top Fabric: Lyocell Bottom Fabric: Polyester Sleeve Length: Short Sleeves Top Pattern: Printed Bottom Pattern: Printed Net Quantity (N): 1 Tshirt nikar set Kabbadi tshirt nikar set Football tshirt nikar set Lycra Tshirt nikar Pack of T-shirt and Shorts Set Top and bottom wear Half Tracksuit for Summer Sizes: S (Top Chest Size: 36 in, Top Length Size: 25 in, Bottom Waist Size: 26 in, Bottom Length Size: 16 in, Shoulder Length Size: 10 in) M (Top Chest Size: 38 in, Top Length Size: 26 in, Bottom Waist Size: 28 in, Bottom Length Size: 17 in, Shoulder Length Size: 11 in) L (Top Chest Size: 40 in, Top Length Size: 27 in, Bottom Waist Size: 32 in, Bottom Length Size: 18 in, Shoulder Length Size: 12 in) XL (Top Chest Size: 42 in, Top Length Size: 28 in, Bottom Waist Size: 36 in, Bottom Length Size: 19 in, Shoulder Length Size: 13 in) Country of Origin: India1
- फ़िरोज़ाबाद टूंडला में सिरफिरे की सनक! नंबर ब्लॉक किया तो घर में घुसकर युवती पर बरसा दी गोलियां, मचा हड़कंप1
- *रामबाग चौराहे पर पार्किंग के नाम पर कथित वसूली का आरोप, ₹50 के बोर्ड के बावजूद मांगे ₹500!* *रामबाग चौराहे पर पार्किंग के नाम पर कथित वसूली का आरोप, ₹50 के बोर्ड के बावजूद मांगे ₹500!* आगरा। रामबाग चौराहे पर पार्किंग शुल्क के नाम पर कथित रूप से अधिक वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पार्किंग स्थल पर लगे बोर्ड पर ₹50 शुल्क लिखा होने के बावजूद एक व्यक्ति से ₹500 की मांग की गई। पीड़ित ने पूरे मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से गुहार लगाई। वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पार्किंग शुल्क की वसूली और निर्धारित दरों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है। नोट: वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।1
- *आगरा से बड़ी खबर* एत्मादपुर में UGC रोलबैक की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान बवाल, दरोगा पर लाठीचार्ज का आरोप *आगरा:* तहसील एत्मादपुर में आज सवर्ण समाज द्वारा UGC के नए नियमों को *आगरा से बड़ी खबर* एत्मादपुर में UGC रोलबैक की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान बवाल, दरोगा पर लाठीचार्ज का आरोप *आगरा:* तहसील एत्मादपुर में आज सवर्ण समाज द्वारा UGC के नए नियमों को रोल बैक करने की मांग को लेकर किया जा रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान भीड़ में गिरने से नाराज हुए दरोगा जयप्रकाश तिवारी ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। बताया जा रहा है कि लाठीचार्ज की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। इस लाठीचार्ज में एक प्रदर्शनकारी युवा के घायल होने की खबर है। *हाईवे जाम से अफरा-तफरी* घटना के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-19 को जाम कर दिया, जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। *क्या है मामला?* सवर्ण समाज के लोग लंबे समय से UGC के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं और इसे वापस लेने की मांग को लेकर आगरा में लगातार ज्ञापन और प्रदर्शन कर रहे हैं। आज भी इसी मांग को लेकर एत्मादपुर तहसील में शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था। फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान आना बाकी है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।1
- 🚨 एत्मादपुर में UGC के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल, इंस्पेक्टर को धक्का देकर गिराया, पुलिस ने भांजी लाठियां! आगरा। एत्मादपुर तहसील में UGC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब सैकड़ों की संख्या में पहुंचे सवर्ण समाज के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शन के दौरान क्राइम इंस्पेक्टर को धक्का देकर गिराए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां भांज दीं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों का आक्रोश इतना बढ़ गया कि नेशनल हाईवे से लेकर तहसील परिसर तक जमकर हंगामा हुआ। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मियों ने क्राइम इंस्पेक्टर को वकीलों के चेंबर में ले जाकर सुरक्षित किया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाद में प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और वहां से लौट गए।1
- फिरोजाबाद: मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट करने से नाराज युवक ने घर में घुसकर युवती को मारी गोली, पीड़िता ने सुनाई पूरी कहानी फिरोजाबाद एकतरफा प्यार में सनकी विपिन कुमार जाटव ने क्यों की सनसनीखेज वारदात पीड़िता की जुबानी!!! फिरोजाबाद मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट करने से नाराज युवक ने घर में घुसकर युवती को मारी गोली थाना टूंडला क्षेत्र के ग्राम उसायनी में मंगलवार दोपहर एक युवक ने घर में घुसकर 25 वर्षीय युवती को गोली मार दी। बताया गया है कि उसायनी निवासी अंजली यादव पुत्री इंद्रपाल सिंह घर की दूसरी मंजिल पर पड़ोस के बच्चों को पढ़ा रही थी। इसी दौरान आरोपी विपिन जाटव मकान के अंदर घुस आया और उस पर फायरिंग कर दी। आरोपी ने तीन राउंड फायर किए, जिनमें दो गोली मिस हो गईं, जबकि तीसरी गोली उसके कंधे को पार कर गई। पीड़िता की जुबानी सुनिए: "वो फोन करके परेशान करता था, इसलिए मैंने उसका नंबर ब्लैक लिस्ट कर दिया था। कह रहा था तेरी जिंदगी बर्बाद कर दूंगा, तुझे जाने लायक ही नहीं छोडूंगा।" गोली लगने से अंजली घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। सूचना पर सीओ अरुण कुमार चौरसिया, इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।1
- फ़िरोज़ाबाद के उसायनी मे युवक ने युवती को मारी गोली, युवती हुई घायल,आरोपी हुआ फरार फिरोजाबाद मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डालने से नाराज युवक ने घर में घुसकर युवती को मारी गोली फिरोजाबाद के उसायनी गांव में मंगलवार दोपहर एक युवक ने घर में घुसकर 25 वर्षीय युवती को गोली मार दी। आरोपी ने युवती पर तीन राउंड फायर किए, जिनमें दो गोली मिस हो गईं, जबकि तीसरी गोली उसके कंधे को पार कर गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।बताया गया है कि उसायनी निवासी अंजली यादव पुत्री इंद्रपाल सिंह घर की दूसरी मंजिल पर पड़ोस के बच्चों को पढ़ा रही थी। इसी दौरान आरोपी विपिन जाटव मकान के अंदर घुस आया और उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से अंजली घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, आरोपी युवक अंजली को फोन करके परेशान करता था। परेशान होकर अंजली ने उसका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी की भाभी बृजेश कुमारी पत्नी विनय वर्तमान में प्रधान हैं। जिस समय यह घटना हुई उस समय युवती अपने घर की दूसरी मंजिल पर बच्चों को पढ़ा रही थी। घर में छोटी बहन उमा और छोटा भाई दीक्षांत, मां अशोक देवी, दादी मालती देवी, दादा इंद्रपाल सिंह घर पर थे। जबकि उसका भाई गजेंद्र यादव पुलिस में दरोगा के पद पर कानपुर देहात में तैनात है। सूचना पर सीओ अरुण कुमार चौरसिया, इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना को लेकर गांव में चर्चा बनी हुई है। Updated News-02/अगस्त/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर के लिए शीघ्र सम्पर्क करें |1
- पत्नि ने देवर संग मिलकर पति को फांसी के फंदे पर लटकाया। बुलंदशहर की कोतवाली देहात क्षेत्र में पत्नी ने देवर के साथ मिलकर पति को फांसी के फंदे पर लटकाया,पुलिस ने आरोपी पत्नी काजल और देवर उमेश को गिरफ्तार किया,पुलिस के अनुसार महिला के अपने देवर से प्रेम संबंध भी था,आपको बता दे कि प्रॉपर्टी को हड़पने के लिए पत्नी ने देवर के साथ मिलकर की पति सुमित की हत्या की थी,काजल और म्रतक सुमित की लगभग तीन वर्ष पूर्व शादी हुई थी और दो साल की बच्ची भी बतायी जा रही है पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी काजल और मृतक के भाई ने सुसाइड की झूठी सूचना भी दी थी,पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पत्नी काजल और देवर उमेश के झूठ का पर्दा खोला,पत्नी काजल और देवर उमेश ने गला दबाकर हत्या कर और उमेश के शव को लटकाया था,बुलंदशहर कोतवाली देहात क्षेत्र के गाव खेतलपुर भसोली में 31 अगस्त को घटना को अंजाम दिया गया था। पत्नि ने देवर संग मिलकर पति को फांसी के फंदे पर लटकाया। बुलंदशहर की कोतवाली देहात क्षेत्र में पत्नी ने देवर के साथ मिलकर पति को फांसी के फंदे पर लटकाया,पुलिस ने आरोपी पत्नी काजल और देवर उमेश को गिरफ्तार किया,पुलिस के अनुसार महिला के अपने देवर से प्रेम संबंध भी था,आपको बता दे कि प्रॉपर्टी को हड़पने के लिए पत्नी ने देवर के साथ मिलकर की पति सुमित की हत्या की थी,काजल और म्रतक सुमित की लगभग तीन वर्ष पूर्व शादी हुई थी और दो साल की बच्ची भी बतायी जा रही है पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी काजल और मृतक के भाई ने सुसाइड की झूठी सूचना भी दी थी,पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पत्नी काजल और देवर उमेश के झूठ का पर्दा खोला,पत्नी काजल और देवर उमेश ने गला दबाकर हत्या कर और उमेश के शव को लटकाया था,बुलंदशहर कोतवाली देहात क्षेत्र के गाव खेतलपुर भसोली में 31 अगस्त को घटना को2