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CM डॉ.यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर निमाड़ रेंज DIG एवं SP ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, बड़वानी। जिले में CM डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर DIG निमाड़ रेंज एवं SP ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
सतीश केवट
CM डॉ.यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर निमाड़ रेंज DIG एवं SP ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, बड़वानी। जिले में CM डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर DIG निमाड़ रेंज एवं SP ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
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- CM डॉ.यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर निमाड़ रेंज DIG एवं SP ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, बड़वानी। जिले में CM डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर DIG निमाड़ रेंज एवं SP ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।1
- बाल कावड़ यात्रा लगातार तीसरे वर्ष निकली बाल कावड़ियों ने भगवान् शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का उदाहरण बन सुख शांति समृद्धि की कामना की बाल कावड़ यात्रा लगातार तीसरे वर्ष निकली बाल कावड़ियों ने भगवान् शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का उदाहरण बन सुख शांति समृद्धि की कामना की निवाली, (बडवानी),9 अगस्त रविवार, श्रीराम मंदीर से डेढ़ किलोमीटर शिवटेकडी पातालेश्वर महादेव मंदीर तक लगभग एक सौ बालको ने सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में आस्था श्रद्धा उमंग उत्साह के साथ बाल कावड़ यात्रा निकाली यात्रा के साथ शिवलिंगम पर दो महिलाओं के पुतलो व्दाराजल चढाते हुवे चलित झांकी भी थी साथ में चल रही थी वही बाल कावड़ियों का उतसाहवर्धन करते हुवे भोले बाबा के जयकारा लगाते हुवे युवा टीम के सदस्य चल रहे बस स्टैंड, पलसुद रोड़ पीपलेश्वर महादेव मंदीर, व आगे पलसुद रोड पुल के पास इन सभी स्थानों पर बाल कावड़ियों पर पुष्प वर्षा कर , पेयजल पिलाया, व चाकलेट वितरीत की गई जिससे सभी बाल कावड़ियों खुश हो गये शिवटेकडी पर पातालेश्वर महादेव मंदीर में बाल कावड़ियों ने अपने अपने जलपात्र से जल शिवलिंगम पर जल चढाकर नगर में सुख शांति क्षेत्र मे स्वास्थ्य बना रहे सुख समृद्धि की प्रार्थना की गईनगर के सैकड़ों बाल कावड़ियों के साथ श्री पंचमुखी हनुमान मंदीर मे तीन नन्हे बच्चों ने बाल कावड यात्रा उठाकर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति का उदाहरण बने4
- विधायक बाला बच्चन ट्यूबवेल के मांग पर ट्यूब वेल का खनन शुरू होस्टल के बच्चों में विधायक बाला बच्चन का आभार प्रकट किया2
- 15 अगस्त की तैयारियों में जुटा प्रशासन, राजपुर मंडी प्रांगण में होगा मुख्य समारोह1
- नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में सावन में लग रही भक्तों की भीड़ नीलकंठ महादेव मंदिर के नीचे गोल चक्र में बिल पत्र डालने से होती है मनते पूरी , यहा पर देश ओर विदेशी भी श्रद्धा से झुकाते हैं सिर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में सावन में लग रही भक्तों की भीड़ नीलकंठ महादेव मंदिर के नीचे गोल चक्र में बिल पत्र डालने से होती है मनते पूरी , यहा पर देश ओर विदेशी भी श्रद्धा से झुकाते हैं सिर राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/नीलकंठ मंदिर मांडू शहर का एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। इस मंदिर को नीलकंठेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर प्राचीन काल में अकबर के द्वारा शिकार घर बनवाया था जिसमें बाजीराव के द्वारा मांडू के सोनगढ़ किले को बनवाया वही सोनगढ़ किले से थोड़ी आगे जहां नीलकंठ मंदिर वहां पर बाजीराव के द्वारा भगवान शिव को भी स्थापित क्या बताया जाता है बाजीराव भगवान शिव के परम भक्त थे वह जहां भी जाते थे तो भगवान भोलेनाथ का मंदिर स्थापित करते थे । यह मंदिर मांडू की सुंदर वादियों के बीच में बना हुआ है। मंदिर में झरना भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर शिवलिंग पर 24 घंटे पानी गिरता रहता है। यहां का दृश्य बहुत ही जबरदस्त है। मंदिर में जलकुंड है। इस जलकुंड के पास ही में एक प्राचीन गोल आकृति देखने के लिए मिलती है। यह आकृति गोलाकार है यहां पर भक्त अगर भगवान शिव के ऊपर का बिल पत्र उसमें छोड़ कर जो भी मनत मांगते भगवान शिव उनकी सारी मनोकामना पूरी करते है। गोलाकार आकृति में जल बहता है। यह बहुत ही अद्भुत लगती है यहां नीलकंठ महल अकबर के द्वारा शिकार घर के रूप में बनवाया गया था। वही बाजीराव के द्वारा भगवान महादेव स्थापित कर नीलकंठ महादेव मंदिर बनाया गया ऐतिहासिक नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पूरे सावन में कांवड़ यात्रा आती है वही दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए देश के अनेक भागों से आते हैं। मांडू की वास्तुकला के सन्दर्भ में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के लिए 1929 में अध्ययन कर चुके प्रमुख पुरातत्वशास्त्री जीएस यजदानी के अनुसार मांडू में स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर जिसके निर्माणकाल का कोई शिलालेख तो नहीं मिलता लेकिन यह मंदिर भी मांडू के प्राचीन हिन्दू परमार राजवंश की जलयन्त्र संग्रह के आयामों को अपनी अद्भुत जल निकासी की तकनीक से सिद्ध करता है। इसके प्रवेश मार्ग पर ही एक छोटा जलाशय स्थित है जिसमें बरसात का पानी संग्रहित होता है। जलकुंड से पानी भूमिगत मार्गो से होता हुआ सीधे भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर मस्तकाभिषेक करता है। जो मंदिर के ही अंदर से गुजरता हुआ सामने के छोटे कुंड में संग्रह होता है और फिर इसमें से आगे बढ़कर एक चक्रीय नहरनुमा संरचना से गोल घूमकर इस मंदिर के समीप स्थित खाई में गिरकर एक झरने का रूप लेता है। मध्ययुग में मुगल बादशाह जहांगीर ने इसे मांडू का सबसे सुन्दर स्थान बताया था, तो वहीं अकबर ने इस स्थान पर अपने लिए शिकार घर खानदेश बनवाया था उसका उल्लेख किया गया। यह मंदिर देश के उन मंदिरों में से एक है, जहां विदेशी पर्यटक भी आते हैं और महादेव का आशीर्वाद भी लेते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर सच्चे दिल से अगर कोई कुछ मांगता है तो भोलेनाथ उसे जरूर पूरा करते हैं। यह मंदिर मांडू के मांडवगढ़ किले में स्थित है। यह मंदिर महल के अंदर बना है, जो एक गहरी खाई के पास स्थित तो है लेकिन इसके लिए आपको 60 सीढ़ियां नीचे उतरने पड़ती है।4
- *💥बिड़वाल में हुई लाखों रुपए की चोरी,में 25 दिनों बाद भी पुलिस के हाथ खाली💥* 🖕 यहां से देखें पूरी रिपोर्ट 🖕 *💫सभी ग्रुपों में शेयर जरूर करें💫*1
- *केलपानी से ओंकारेश्वर तक पैदल यात्रा, बाबा महाकाल की मूर्ति लेने निकले 200 से अधिक ग्रामीण* सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम केलपानी में ग्रामीणों द्वारा पहाड़ी पर बाबा महाकाल का भव्य मंदिर बनाया गया है। आगामी नागपंचमी के पावन अवसर पर मंदिर में बाबा महाकाल की मूर्ति की विधि-विधान से स्थापना की जाएगी। इसके लिए ग्रामीणों ने ओंकारेश्वर से बाबा महाकाल की मूर्ति पैदल लाने का निर्णय लिया है इसी क्रम में ग्राम केलपानी से 200 से अधिक ग्रामीण और कार्यकर्ता बाबा महाकाल की मूर्ति लेने के लिए ओंकारेश्वर तक पैदल यात्रा पर रवाना हुए। सेंधवा विधायक मोंटू सोलंकी ने ग्राम केलपानी पहुंचकर जयघोष के साथ यात्रा को रवाना किया। इस दौरान विधायक सोलंकी ने स्वयं ग्रामीणों के साथ कुछ दूरी तक पैदल चलकर यात्रा में सहभागिता की यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग में अल्पाहार सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। ग्राम सरपंच शोभाराम सोलंकी ने बताया कि पैदल यात्रा दो दिनों में पूरी होगी और 10 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे तक यात्री केलपानी वापस पहुंचेंगे। इसके बाद नागपंचमी के शुभ अवसर पर बाबा महाकाल की मूर्ति की विधि-विधान से स्थापना की जाएगी विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि ग्राम केलपानी के ग्रामीणों द्वारा एकजुट होकर पहाड़ी पर बाबा महाकाल का मंदिर बनाना पूरे सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी की बात है। गांव के पुजारा, डाहला, पटेल, सरपंच, पंच और समस्त ग्रामीणों ने मिलकर ओंकारेश्वर से बाबा महाकाल की मूर्ति पैदल लाने का निर्णय लिया है, जो उनकी आस्था, श्रद्धा और एकता का अद्भुत उदाहरण है उन्होंने कहा कि श्रावण मास में पूरा देश भगवान शिव की भक्ति में लीन है। ऐसे पावन अवसर पर केलपानी के ग्रामीणों की यह धार्मिक पहल सराहनीय है। नागपंचमी पर बाबा महाकाल की विधिवत मूर्ति स्थापना के साथ भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा विधायक सोलंकी ने पैदल यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए बाबा महाकाल से सभी यात्रियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की1
- खलघाट नर्मदा ब्रिज पर अनियंत्रित हुआ ट्राला, रेलिंग से टकराकर लटका इंदौर से मुंबई की ओर जा रहा था ट्राला, बड़ा हादसा टला धरमपुरी-जगन्नाथ यादव खलघाट के संजय सेतु पुल के पास रविवार को बड़ा हादसा टल गया।अल सुबह इंदौर से मुंबई की ओर जा रहा एक ट्राला अचानक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से जा टकराया और रेलिंग पर लटक गया। रेलिंग की मजबूती के चलते ट्राला पुल से नीचे नहीं गिरा, वरना आसपास की बस्ती में बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद पुल पर जाम जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही यातायात पुलिस पदम सिंह भाटी टीम के साथ मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को संभालते हुए आवागमन सुचारू कराया। वही ट्राले को क्रेन के मदद से हटाने का कार्य किया जा रहा हे। वही किसी के हताहत होने की खबर नहीं है1