मैनपुरी जनपद में नीट पुनर्परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिले के कुल 10 परीक्षा केंद्रों पर 3511 परीक्षार्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी केंद्र स्तर के साथ-साथ आई-ट्रिपल-सी (I-Triple-C) से भी की जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर लगातार नज़र रखने के लिए एक सोशल मीडिया टीम को भी सक्रिय किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि सुरक्षा पूरी तरह मजबूत बनी रहे और परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। इस दौरान सी ओ सिटी ने मौके पर पहुंचकर सभी केंद्रों की बारीकी से जानकारी ली।
मैनपुरी जनपद में नीट पुनर्परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिले के कुल 10 परीक्षा केंद्रों पर 3511 परीक्षार्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी केंद्र स्तर के साथ-साथ आई-ट्रिपल-सी (I-Triple-C) से भी की जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर लगातार नज़र रखने के लिए एक सोशल मीडिया टीम को भी सक्रिय किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि सुरक्षा पूरी तरह मजबूत बनी रहे और परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। इस दौरान सी ओ सिटी ने मौके पर पहुंचकर सभी केंद्रों की बारीकी से जानकारी ली।
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) में संभावित टूट की आहट और बगावत के विस्फोट के बीच, पार्टी नेता महुआ मोइत्रा का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने आंतरिक स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि "जो जाना चाहता है, भाड़ में जाए!" यह बयान TMC में चल रहे संकट और राजनीतिक उथल-पुथल को दर्शाता है। इस दौरान महुआ मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC और BJP के बीच जारी राजनीतिक टकराव और गहरा गया है।1
- मैनपुरी के कुसमरा में बेवर रोड स्थित भगवानु की मठिया के सामने एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जहाँ नशे में धुत एक पिकअप ड्राइवर ने कुसुम मैरेज हॉल के मालिक की खड़ी स्कॉर्पियो कार (UP 84 Q 3132) को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। पिकअप का नंबर UP 75 M 3850 बताया गया है। यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इसने 11 हजार वोल्ट के बिजली के खंभे को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे तार टूट गए और स्कॉर्पियो कार सीधी टकराकर पलट गई। इस हादसे के बाद पिकअप ड्राइवर को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। गनीमत यह रही कि इस भीषण टक्कर में कोई भी राह चलता व्यक्ति हादसे का शिकार नहीं हुआ। हालांकि, यह घटना चिंताजनक है क्योंकि यह इसी जगह पर एक हफ्ते के भीतर हुआ दूसरा बड़ा हादसा है।1
- कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नीट की परीक्षा प्रारंभ हो गई है, जिसमें चप्पा-चप्पा पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी देखने को मिली। इस बार यह परीक्षा काफी सख्त तरीके से कराई जा रही है ताकि किसी भी तरह की कोई भी गड़बड़ी या लापरवाही न हो। इसी क्रम में, सीओ सिटी अशोक कुमार ने सभी परीक्षा केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया और वहां ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कड़ी धूप के बावजूद, सीओ सिटी अशोक कुमार परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सक्रिय नजर आए।1
- 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों की रिटायरमेंट व्यवस्था में एक 'बहुत बड़ा बदलाव' होने जा रहा है। इस नए नियम के तहत, अब कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उनके जन्म महीने के आधार पर नहीं होगी, बल्कि साल में केवल दो निश्चित तारीखों पर ही उनका रिटायरमेंट हो पाएगा। यह प्रस्तावित बदलाव कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर महत्वपूर्ण असर डालेगा। जानकारी के अनुसार, नए फॉर्मूले से कर्मचारियों को अतिरिक्त महीनों के वेतन और पेंशन में लाभ मिल सकता है। इन संभावित बदलावों को लेकर वर्तमान नियमों, साल में सिर्फ दो बार रिटायरमेंट के नए फॉर्मूले, और कर्मचारियों को होने वाले अतिरिक्त फायदों को पूरी तरह से समझाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मैनपुरी पहुँचे। उन्होंने वहाँ पत्रकार वार्ता की और बयान दिए। यह जानकारी पत्रकार सुरजीत ने दी है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना घिरोर पुलिस, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय बाइक चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, शनिवार तड़के घिरोर-करहल मार्ग स्थित महाकाल ढाबा के पास सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलफान पुत्र सिराज खान निवासी फक्कड़पुरा और असलम कुरैशी पुत्र जमील निवासी कटरा बिल्लोचांद, दोनों थाना जसवंतनगर, जनपद इटावा के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिलें चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी कुरावली के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में थाना घिरोर के थानाध्यक्ष अनुज चौहान, उपनिरीक्षक रामकिशन सिंह, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह, सर्विलांस टीम और थाना घिरोर पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। प्रेस वार्ता में एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि बरामद मोटरसाइकिलों का सत्यापन कराया जा रहा है तथा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों और वाहन चोरी की अन्य घटनाओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन चोरी में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के नेटवर्क और वारदात के तरीकों की गहन जांच कर रही है, जिसमें कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है।3
- नीट पेपर लीक और घोटाले के गंभीर मुद्दे पर अब 'आर-पार की लड़ाई' शुरू हो गई है। इसी क्रम में, सोनम वांगचुक ने सरकार को सीधी चेतावनी दी है कि वह इस मामले पर तत्काल जवाब दे, अन्यथा उन्हें अनशन का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की है कि अगर सरकार ने जवाब नहीं दिया तो वह 27 जून से अनशन पर बैठेंगे। यह कदम नीट घोटाले को लेकर छात्रों को न्याय दिलाने, शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और दोषियों की जवाबदेही तय करने की एक मुखर मांग का हिस्सा है।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। यह घटना मैनपुरी के किशनी विकास खंड की ग्राम पंचायत कुम्हौल की है, जहाँ ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वीकृत एक सीसी सड़क का निर्माण कागजों पर तो पूरा हो गया, लेकिन धरातल पर उसका कोई नामोनिशान नहीं है। आरोप है कि ग्राम पंचायत के प्रधान और किशनी विकास खंड के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की कथित मिलीभगत से पद का दुरुपयोग किया गया। इन अधिकारियों ने पूरी योजना को केवल फाइलों और दस्तावेजों में मुकम्मल दिखाकर फर्जी मस्टर रोल, फर्जी तकनीकी रिपोर्ट और झूठे प्रशासनिक दस्तावेज तैयार किए। इन जाली कागजातों के सहारे प्रशासन की आँखों में धूल झोंकते हुए, सीसी सड़क निर्माण के लिए आवंटित पूरी सरकारी धनराशि को खाते से आहरित कर लिया गया, जिससे जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सीधे तौर पर हड़प लिया गया। मौके पर जाँच करने पर पता चला कि जहाँ चमचमाती कंक्रीट की सड़क होनी चाहिए थी, वहाँ आज भी कच्चा रास्ता और धूल उड़ती है; एक ईंट भी नहीं रखी गई। जब इस गंभीर अनियमितता और वित्तीय गबन के बारे में खंड विकास अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी न होने का दावा करते हुए मामले से इनकार कर दिया, जबकि जमीनी हकीकत उनके बयानों के बिल्कुल विपरीत है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौके पर काम का अभाव इस बात का खुला प्रमाण है कि कुम्हौल ग्राम पंचायत में मनरेगा के बजट का बड़े पैमाने पर बंदरबांट और गबन हुआ है। जैसा कि जीडी न्यूज नेटवर्क की एंकर अनुष्का शुक्ला ने बताया, इस तरह कागजों पर सड़कें बन जाती हैं और उनका पैसा भी निकल जाता है, लेकिन जनता को केवल बदहाली मिलती है। अब देखना यह होगा कि मैनपुरी का जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इस पूरे गठजोड़ का संज्ञान लेकर कब तक कार्रवाई करते हैं।3