उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना घिरोर पुलिस, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय बाइक चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, शनिवार तड़के घिरोर-करहल मार्ग स्थित महाकाल ढाबा के पास सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलफान पुत्र सिराज खान निवासी फक्कड़पुरा और असलम कुरैशी पुत्र जमील निवासी कटरा बिल्लोचांद, दोनों थाना जसवंतनगर, जनपद इटावा के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिलें चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी कुरावली के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में थाना घिरोर के थानाध्यक्ष अनुज चौहान, उपनिरीक्षक रामकिशन सिंह, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह, सर्विलांस टीम और थाना घिरोर पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। प्रेस वार्ता में एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि बरामद मोटरसाइकिलों का सत्यापन कराया जा रहा है तथा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों और वाहन चोरी की अन्य घटनाओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन चोरी में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के नेटवर्क और वारदात के तरीकों की गहन जांच कर रही है, जिसमें कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना घिरोर पुलिस, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय बाइक चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, शनिवार तड़के घिरोर-करहल मार्ग स्थित महाकाल ढाबा के पास सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलफान पुत्र सिराज खान निवासी फक्कड़पुरा
और असलम कुरैशी पुत्र जमील निवासी कटरा बिल्लोचांद, दोनों थाना जसवंतनगर, जनपद इटावा के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिलें चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी कुरावली के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में थाना घिरोर के थानाध्यक्ष अनुज चौहान, उपनिरीक्षक रामकिशन सिंह, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक महेंद्र प्रताप
सिंह, सर्विलांस टीम और थाना घिरोर पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। प्रेस वार्ता में एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि बरामद मोटरसाइकिलों का सत्यापन कराया जा रहा है तथा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों और वाहन चोरी की अन्य घटनाओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन चोरी में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के नेटवर्क और वारदात के तरीकों की गहन जांच कर रही है, जिसमें कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है।
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना घिरोर पुलिस, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय बाइक चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, शनिवार तड़के घिरोर-करहल मार्ग स्थित महाकाल ढाबा के पास सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलफान पुत्र सिराज खान निवासी फक्कड़पुरा और असलम कुरैशी पुत्र जमील निवासी कटरा बिल्लोचांद, दोनों थाना जसवंतनगर, जनपद इटावा के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिलें चोरी कर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी कुरावली के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में थाना घिरोर के थानाध्यक्ष अनुज चौहान, उपनिरीक्षक रामकिशन सिंह, उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह, सर्विलांस टीम और थाना घिरोर पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। प्रेस वार्ता में एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि बरामद मोटरसाइकिलों का सत्यापन कराया जा रहा है तथा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों और वाहन चोरी की अन्य घटनाओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन चोरी में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के नेटवर्क और वारदात के तरीकों की गहन जांच कर रही है, जिसमें कई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है।3
- बिहार में 'बिहार के लाल' भरत तिवारी का पुलिस द्वारा कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, भरत तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद बिहार पुलिस ने उन्हें चार गोलियां मारीं, जिससे उनका फेक एनकाउंटर हो गया। इस दौरान मौके पर मौजूद जनता लगातार पुलिसकर्मियों से गोली न चलाने की गुहार लगाती रही, मगर किसी भी पुलिसकर्मी ने लोगों की आवाज नहीं सुनी और अपनी कार्रवाई जारी रखी। भारतीय युवा कांग्रेस, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मैनपुरी) के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम सिद्दीकी ने भारत सरकार से अपील की है कि भरत तिवारी के इस फेक एनकाउंटर की गहन जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।1
- 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों की रिटायरमेंट व्यवस्था में एक 'बहुत बड़ा बदलाव' होने जा रहा है। इस नए नियम के तहत, अब कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति उनके जन्म महीने के आधार पर नहीं होगी, बल्कि साल में केवल दो निश्चित तारीखों पर ही उनका रिटायरमेंट हो पाएगा। यह प्रस्तावित बदलाव कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर महत्वपूर्ण असर डालेगा। जानकारी के अनुसार, नए फॉर्मूले से कर्मचारियों को अतिरिक्त महीनों के वेतन और पेंशन में लाभ मिल सकता है। इन संभावित बदलावों को लेकर वर्तमान नियमों, साल में सिर्फ दो बार रिटायरमेंट के नए फॉर्मूले, और कर्मचारियों को होने वाले अतिरिक्त फायदों को पूरी तरह से समझाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मैनपुरी पहुँचे। उन्होंने वहाँ पत्रकार वार्ता की और बयान दिए। यह जानकारी पत्रकार सुरजीत ने दी है।1
- देश की सियासत में बदलते समीकरणों के बीच, राज्यसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ताकत लगातार बढ़ रही है। हालिया राज्यसभा चुनाव में NDA ने 26 सीटों में से 19 पर जीत दर्ज की है, जिसके साथ उच्च सदन में गठबंधन की कुल संख्या बढ़कर 150 हो गई है। यह मजबूती झारखंड में क्रॉस वोटिंग और कई विपक्षी दलों में चल रही राजनीतिक उठापटक का परिणाम मानी जा रही है। अब NDA दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े 163 से मात्र 13 सीटें दूर है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन को इन चुनावों में 6 सीटों पर सफलता मिली, जबकि मिजोरम की क्षेत्रीय पार्टी जोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने पहली बार राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व दर्ज कराया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा में NDA की बढ़ती ताकत से उसे महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत फैसलों को आगे बढ़ाने में पहले से अधिक सहूलियत मिल सकती है। दूसरी ओर, यह परिणाम विपक्ष के लिए नई रणनीति तैयार करने का संकेत है। अब देश की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले समय में NDA राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल कर पाएगा, या विपक्ष इस बढ़त को रोकने में कामयाब रहेगा।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह मैनपुरी पहुँचे। उन्होंने वहाँ पत्रकार वार्ता करते हुए बयान दिए।1
- मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़ई में शुक्रवार रात लकड़ी के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। यह कहासुनी देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर चलने तक जा पहुंची, जिससे एक दिव्यांग युवक सहित कुल तीन लोग घायल हो गए। इस मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ितों में अजीत (दिव्यांग, पुत्र तुलसीराम), शिव कुमार (पुत्र राधेश्याम) और तुलसीराम (पुत्र राजाराम), सभी ग्राम मुड़ई के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि रामवीर सिंह सक्सेना, टिंकू, मंगली (पुत्रगण सिपाही लाल) और सुमित (पुत्र टिंकू), निवासी मुड़ई, उनके घर में घुस आए और उन पर लाठी-डंडों व ईंट-पत्थरों से हमला किया। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी, जिसके कारण इस विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने बेवर थाने पहुंचकर नामजद आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी है और कार्रवाई के साथ-साथ न्याय की मांग की है। पुलिस ने बताया है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और वायरल वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।3
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। यह घटना मैनपुरी के किशनी विकास खंड की ग्राम पंचायत कुम्हौल की है, जहाँ ग्रामीणों की सुविधा के लिए स्वीकृत एक सीसी सड़क का निर्माण कागजों पर तो पूरा हो गया, लेकिन धरातल पर उसका कोई नामोनिशान नहीं है। आरोप है कि ग्राम पंचायत के प्रधान और किशनी विकास खंड के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की कथित मिलीभगत से पद का दुरुपयोग किया गया। इन अधिकारियों ने पूरी योजना को केवल फाइलों और दस्तावेजों में मुकम्मल दिखाकर फर्जी मस्टर रोल, फर्जी तकनीकी रिपोर्ट और झूठे प्रशासनिक दस्तावेज तैयार किए। इन जाली कागजातों के सहारे प्रशासन की आँखों में धूल झोंकते हुए, सीसी सड़क निर्माण के लिए आवंटित पूरी सरकारी धनराशि को खाते से आहरित कर लिया गया, जिससे जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा सीधे तौर पर हड़प लिया गया। मौके पर जाँच करने पर पता चला कि जहाँ चमचमाती कंक्रीट की सड़क होनी चाहिए थी, वहाँ आज भी कच्चा रास्ता और धूल उड़ती है; एक ईंट भी नहीं रखी गई। जब इस गंभीर अनियमितता और वित्तीय गबन के बारे में खंड विकास अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने जानकारी न होने का दावा करते हुए मामले से इनकार कर दिया, जबकि जमीनी हकीकत उनके बयानों के बिल्कुल विपरीत है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौके पर काम का अभाव इस बात का खुला प्रमाण है कि कुम्हौल ग्राम पंचायत में मनरेगा के बजट का बड़े पैमाने पर बंदरबांट और गबन हुआ है। जैसा कि जीडी न्यूज नेटवर्क की एंकर अनुष्का शुक्ला ने बताया, इस तरह कागजों पर सड़कें बन जाती हैं और उनका पैसा भी निकल जाता है, लेकिन जनता को केवल बदहाली मिलती है। अब देखना यह होगा कि मैनपुरी का जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इस पूरे गठजोड़ का संज्ञान लेकर कब तक कार्रवाई करते हैं।3