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Anit tiwary
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- झारखंड सरकार एवं हुसैन बाद के स्थानिये बिधायक जी को मुख बिंदु पर बिचार करते हुए हैं l समाधान निकलने की जरूरत है l ramashankar Sharma Garhwa Jharkhand2
- Post by Anit tiwary1
- गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी जी का रंका मोड पास JMM कार्यकर्ता ने पुतला दहन किया। जिला अध्यक्ष शंभू राम ने विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी जी पर कई ऐसे गंभीर आरोप भी लगाया1
- सिर्फ 19,300 के लिए एक गरीब आदमी ने निकाली अपनी बहन की कब्र से शव1
- Post by Sunil singh1
- चिनीयां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट शुक्रवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब प्रभु प्रकाश मिशन विद्यालय जमुनिया टांड की चौथी कक्षा की करीब 12 वर्षीय छात्रा जंगल में रोती और भागती हुई मिली। जब चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका गांव निवासी जयराम सिंह रंका जा रहे थे, तभी बड़का नाला के पास जंगल के बीच उन्होंने बच्ची को इस हालत में देखा। जयराम सिंह ने तुरंत अपनी बाइक रोकी और बच्ची को सुरक्षित अपने गांव चिरका ले आए। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम खुशबू कुमारी, पिता नागेंद्र सिंह, निवासी महूडंड (डंडई थाना क्षेत्र) बताया। बच्ची ने घबराई हुए अंदाज में बताया कि कुछ अज्ञात लोग मेरे साथ एक और लड़की को पकड़कर हाथ बांधकर जंगल में ले गए थे, जहां से वह किसी तरह खुद को छुड़ाकर भाग निकली। हालांकि, विद्यालय प्रबंधन ने इस पूरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए इसे बच्ची की “बहानेबाजी” बताया। स्कूल इंचार्ज का कहना है कि छात्रा नई-नई दाखिल हुई है और इस तरह की बातें करती रहती है। उनके मुताबिक, उसके साथ कोई दूसरी बच्ची हॉस्टल से बाहर नहीं गई है। घटना की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। परिजनों विद्यालय के फादर को सूचना दी गई, जिसके बाद बच्ची की मां भी मौके पर पहुंच गईं। लेकिन खबर लिखे जाने तक विद्यालय की ओर से कोई शिक्षक, वार्डन या जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा था। बताते चले कि इसी सप्ताह मंगलवार को भी इसी विद्यालय के हॉस्टल से 7-8 साल के दो मासूम बच्चे भागकर जंगल के रास्ते आ गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने पकड़कर सुरक्षित चिनीयां थाना मोड़ तक पहुंचाया था। अब लगातार दूसरी घटना ने विद्यालय प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है और लोग इसे गंभीर लापरवाही मान रहे हैं। अब सवाल यह उठना है कि क्या हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है? या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही से मासूमों की जिंदगी खतरे में डाली जा रही है ?1
- Post by SK Paswan1
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