⚔️ 99% लोग नहीं जानते — चंगेज़ खान का असली धर्म क्या था! ⚔️ 99% लोग नहीं जानते — चंगेज़ खान का असली धर्म क्या था! ⚔️ चंगेज़ खान का असली नाम तेमुजिन (Temujin) था। उसका जन्म लगभग 1162 में मंगोलिया में हुआ था और वही आगे चलकर मंगोल साम्राज्य का संस्थापक बना। 🌌 इतिहास के अनुसार चंगेज़ खान मुस्लिम नहीं था। वह मंगोलों के प्राचीन धर्म टेंग्रिज़्म (Tengrism) को मानता था, जिसमें आकाश देवता “तेंगरी” और प्रकृति की पूजा की जाती थी। 👨 पिता: येसुगई (Yesugei) – मंगोल कबीले के एक प्रमुख नेता थे। 👩 माता: होएलुन (Hoelun) – जिन्होंने बहुत कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को पाला। 👦 भाई: • खासार (Khasar) • खाचीउन (Khachiun) • तेमुगे (Temuge) 👧 बहन: • तेमुलुन (Temulun) 📜 मंगोलिया में “खान (Khan)” शब्द का मतलब होता है राजा, शासक या कबीले का सर्वोच्च नेता। जब तेमुजिन ने सभी मंगोल कबीलों को एकजुट कर लिया, तब 1206 में उसे “चंगेज़ खान” की उपाधि दी गई, जिसका अर्थ माना जाता है महान या सार्वभौमिक शासक (Universal Ruler)। 📚 यानी साफ है कि चंगेज़ खान इस्लाम धर्म का अनुयायी नहीं था, बल्कि वह मंगोलों के पारंपरिक धर्म टेंग्रिज़्म को मानता था। 💬 क्या आपको पहले यह जानकारी थी? कमेंट में जरूर बताएं। 📢 ऐसी ही रोचक और सच्ची ऐतिहासिक जानकारी के लिए ❤️ Like करें 🔁 Post को Share करें ➕ और हमें Follow जरूर करें
⚔️ 99% लोग नहीं जानते — चंगेज़ खान का असली धर्म क्या था! ⚔️ 99% लोग नहीं जानते — चंगेज़ खान का असली धर्म क्या था! ⚔️ चंगेज़ खान का असली नाम तेमुजिन (Temujin) था। उसका जन्म लगभग 1162 में मंगोलिया में हुआ था और वही आगे चलकर मंगोल साम्राज्य का संस्थापक बना। 🌌 इतिहास के अनुसार चंगेज़ खान मुस्लिम नहीं था। वह मंगोलों के प्राचीन धर्म टेंग्रिज़्म (Tengrism) को मानता था, जिसमें आकाश देवता “तेंगरी” और प्रकृति की पूजा की जाती थी। 👨 पिता: येसुगई (Yesugei) – मंगोल कबीले के एक प्रमुख नेता थे। 👩 माता: होएलुन (Hoelun) – जिन्होंने बहुत कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को पाला। 👦 भाई: • खासार (Khasar) • खाचीउन (Khachiun) • तेमुगे (Temuge) 👧 बहन: • तेमुलुन (Temulun) 📜 मंगोलिया में “खान (Khan)” शब्द का मतलब होता है राजा, शासक या कबीले का सर्वोच्च नेता। जब तेमुजिन ने सभी मंगोल कबीलों को एकजुट कर लिया, तब 1206 में उसे “चंगेज़ खान” की उपाधि दी गई, जिसका अर्थ माना जाता है महान या सार्वभौमिक शासक (Universal Ruler)। 📚 यानी साफ है कि चंगेज़ खान इस्लाम धर्म का अनुयायी नहीं था, बल्कि वह मंगोलों के पारंपरिक धर्म टेंग्रिज़्म को मानता था। 💬 क्या आपको पहले यह जानकारी थी? कमेंट में जरूर बताएं। 📢 ऐसी ही रोचक और सच्ची ऐतिहासिक जानकारी के लिए ❤️ Like करें 🔁 Post को Share करें ➕ और हमें Follow जरूर करें
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- Post by यूपी समाचार1
- वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल रील की सनक देखिए एक युवक रील बनाने में कितना मस्त है कि उसे नहीं है कोई मौत का खौफ1
- नवीन मण्डी समिति में विधानसभा पूरनपुर के कुल पंजीकृत 425 के सापेक्ष कुल 400 जोडों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत सम्पन्न। मा0 विधायक पूरनपुर व जिलाधिकारी ने नव विवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद। पीलीभीत ।समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत विधानसभा पूरनपुर मुख्य अतिथि मा0 विधायक पूरनपुर बाबूराम पासवान, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास, नगर मजिस्टेªट विजय वर्धन तोमर, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, जिला समाज कल्याण अधिकारी चन्द्रमोहन विश्नोई आदि द्वारा सामूहिक विवाह नवीन मण्डी समिति परिसर पीलीभीत में सम्पन्न कराया गया। विवाह समारोह में 425 में से 400 नव युगलों का विवाह सम्पन्न कराया गया। जिसमें 08 अल्पसंख्यक जोडे़ भी सम्मिलित हुए। इस दौरान अधिकारियों द्वारा वर-वधू को आवश्यक उपहार सामग्री वितरित कर सभी को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की इस पुनीत और पावन बेला पर नव विवाहितों को आशीर्वाद एवं शुभकामना देते हुए उत्तरोत्तर वृद्वि करने की कामना की गई। इस दौरान मा0 विधायक पूरनपुर एवं अधिकारियों ने नव युगलों को पवित्र बंधन के दाम्पत्य सूत्र के आत्मीय सम्बन्धों के साथ गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कर जन्म जन्मांतर के पारिवारिक एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के कर्तव्य निर्वाहन हेतु जीवन की नई पारी प्रारम्भ करने पर वर वधू के लिए मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में सामूहिक विवाह योजना चलाई जा रही है जिससे कि कोई गरीब कन्या विवाह से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी को सम्बोधित करते हुये कहा कि नव विवाहित जोडे अपना रोजगार स्थापित करना चाहते हो वह मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में अपना आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते है। उक्त योजना के तहत 05 लाख रू0 बिना ब्याज के ऋण प्राप्त कर रोजगार कर सकते है।4
- आज दिनांक 9 मार्च को पीलीभीत जिला सभागार में वन विभाग द्वारा रात्रि में रोड प्रतिबंध को लेकर जो जिलाधिकारी महोदय ने अहम बैठक बुलाई थी उसमें माननीय डीएफओ साहब कप्तान साहब दौरान संगठन मौजूद रहे उसमें निर्णय हुआ कि अभी तक रोड खुले रहेंगे स्पीड लिमिट 30 किलोमीटर रहेगी 12 मार्च को माननीय उच्च न्यायालय की एक टीम आएगी और धरातल पर निरीक्षण करेगी उसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वन विभाग हमारे रोड बंद कर देगा तो जो हमारे खेतों में से होकर छोटे-छोटे रास्ते जंगल की तरफ गए हैं जो चकबंदी के दौरान हमारे खेतों की जमीन काटकर बनाए गए थे हम उन्हें रास्तों से वन विभाग के कर्मचारियों का आना-जाना बंद कर देंगे उनकी पेट्रोलिंग हम अपने खेतों से बने हुए रास्तों से नहीं होने देंगे वह अपनी पेट्रोलिंग जंगल के रास्तों से ही करेंगे ना कि हमारे खेतों के चक्र मार्गो से1
- पूरनपुर,पीलीभीत। जनपद में कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों ने लंबे समय से मानदेय और ईपीएफ भुगतान न होने से नाराज होकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।मनरेगा कर्मचारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद-21 में वर्णित “जीवन के अधिकार” के बावजूद कर्मचारियों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिल रहा है। इसके कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है।कर्मचारियों का कहना है कि वे विभागीय निर्देशों के अनुसार पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं और जनपद में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विभागीय कार्यों के अतिरिक्त एसआईआरडी, क्राप सर्वे और अन्य योजनाओं में भी उनकी सेवाएं ली जाती रही हैं। इसके बावजूद जुलाई 2025 से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है और ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित चल रही है।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दीपावली के समय भी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला था और वर्तमान समय में भी भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। कई कर्मचारी आर्थिक दबाव के कारण मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों ने इसे बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि मानदेय न मिलना संविधान में वर्णित जीवन के अधिकार के विपरीत है। इस संबंध में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने 23 फरवरी 2026 को आयुक्त ग्रामीण विकास से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।मनरेगा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी तय की है। इसके तहत 3 मार्च से कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। 6 मार्च को विकासखंड स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। 9 मार्च को उपमुख्यमंत्री को जनता दर्शन में समस्या से अवगत कराने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद 10 से 15 मार्च के बीच सभी विधायक, सांसद और मंत्रियों को ज्ञापन भेजा जाएगा। वहीं 16 मार्च को मुख्यमंत्री को भी जनता दर्शन में समस्या से अवगत कराने की योजना बनाई गई है।कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित मानदेय और ईपीएफ का शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक संकट से राहत मिल सके और वे पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।1
- Post by यूपी समाचार1
- हजारा,पीलीभीत।सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 49वीं वाहिनी की डी कंपनी राघवपुरी द्वारा अमर शहीद उप निरीक्षक बादल मोहंता के शहादत दिवस के अवसर पर सोमवार को राघवपुरी कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शहीद की वीरता को नमन करना, बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत करना तथा सामाजिक जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों के साथ जागरूकता रैली निकालकर की गई। रैली में बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इस दौरान गांव के लोगों ने भी बच्चों और एसएसबी जवानों का उत्साहवर्धन किया।इसके बाद विद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बच्चियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नीतू कौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि काजल कौर उपविजेता रहीं। विजेता छात्राओं को एसएसबी के अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।इस अवसर पर 49वीं वाहिनी डी कंपनी के कंपनी कमांडर उप निरीक्षक मस्तराम ने बच्चों को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि बेटियों को पढ़ाना और आगे बढ़ाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने शहीद उप निरीक्षक बादल मोहंता के साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।कार्यक्रम में एसएसबी के अन्य जवानों के साथ विद्यालय के सहायक अध्यापक संदीप मिश्रा, रसोईया जानकी देवी, संगीता देवी और पनीता देवी भी उपस्थित रहीं। विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।कार्यक्रम के अंत में उसी गांव में ग्रामीणों के साथ एक समन्वय बैठक भी आयोजित की गई। इस दौरान नशा मुक्ति अभियान और स्वच्छता अभियान के बारे में ग्रामीणों और बच्चों को जागरूक किया गया। एसएसबी के जवानों ने ग्रामीणों से समाज को नशामुक्त और स्वच्छ बनाने में सहयोग करने की अपील की।1
- Post by Ashutosh Mishra1