आज दिनांक 9 मार्च को पीलीभीत जिला सभागार में वन विभाग द्वारा रात्रि में रोड प्रतिबंध को लेकर जो जिलाधिकारी महोदय ने अहम बैठक बुलाई थी उसमें माननीय डीएफओ साहब कप्तान साहब दौरान संगठन मौजूद रहे उसमें निर्णय हुआ कि अभी तक रोड खुले रहेंगे स्पीड लिमिट 30 किलोमीटर रहेगी 12 मार्च को माननीय उच्च न्यायालय की एक टीम आएगी और धरातल पर निरीक्षण करेगी उसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वन विभाग हमारे रोड बंद कर देगा तो जो हमारे खेतों में से होकर छोटे-छोटे रास्ते जंगल की तरफ गए हैं जो चकबंदी के दौरान हमारे खेतों की जमीन काटकर बनाए गए थे हम उन्हें रास्तों से वन विभाग के कर्मचारियों का आना-जाना बंद कर देंगे उनकी पेट्रोलिंग हम अपने खेतों से बने हुए रास्तों से नहीं होने देंगे वह अपनी पेट्रोलिंग जंगल के रास्तों से ही करेंगे ना कि हमारे खेतों के चक्र मार्गो से आज दिनांक 9 मार्च को पीलीभीत जिला सभागार में वन विभाग द्वारा रात्रि में रोड प्रतिबंध को लेकर जो जिलाधिकारी महोदय ने अहम बैठक बुलाई थी उसमें माननीय डीएफओ साहब कप्तान साहब दौरान संगठन मौजूद रहे उसमें निर्णय हुआ कि अभी तक रोड खुले रहेंगे स्पीड लिमिट 30 किलोमीटर रहेगी 12 मार्च को माननीय उच्च न्यायालय की एक टीम आएगी और धरातल पर निरीक्षण करेगी उसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वन विभाग हमारे रोड बंद कर देगा तो जो हमारे खेतों में से होकर छोटे-छोटे रास्ते जंगल की तरफ गए हैं जो चकबंदी के दौरान हमारे खेतों की जमीन काटकर बनाए गए थे हम उन्हें रास्तों से वन विभाग के कर्मचारियों का आना-जाना बंद कर देंगे उनकी पेट्रोलिंग हम अपने खेतों से बने हुए रास्तों से नहीं होने देंगे वह अपनी पेट्रोलिंग जंगल के रास्तों से ही करेंगे ना कि हमारे खेतों के चक्र मार्गो से
आज दिनांक 9 मार्च को पीलीभीत जिला सभागार में वन विभाग द्वारा रात्रि में रोड प्रतिबंध को लेकर जो जिलाधिकारी महोदय ने अहम बैठक बुलाई थी उसमें माननीय डीएफओ साहब कप्तान साहब दौरान संगठन मौजूद रहे उसमें निर्णय हुआ कि अभी तक रोड खुले रहेंगे स्पीड लिमिट 30 किलोमीटर रहेगी 12 मार्च को माननीय उच्च न्यायालय की एक टीम आएगी और धरातल पर निरीक्षण करेगी उसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वन विभाग हमारे रोड बंद कर देगा तो जो हमारे खेतों में से होकर छोटे-छोटे रास्ते जंगल की तरफ गए हैं जो चकबंदी के दौरान हमारे खेतों की जमीन काटकर बनाए गए थे हम उन्हें रास्तों से वन विभाग के कर्मचारियों का आना-जाना बंद कर देंगे उनकी पेट्रोलिंग हम अपने खेतों से बने हुए रास्तों से नहीं होने देंगे वह अपनी पेट्रोलिंग जंगल के रास्तों से ही करेंगे ना कि हमारे खेतों के चक्र मार्गो से आज दिनांक 9 मार्च को पीलीभीत जिला सभागार में वन विभाग द्वारा रात्रि में रोड प्रतिबंध को लेकर जो जिलाधिकारी महोदय ने अहम बैठक बुलाई थी उसमें माननीय डीएफओ साहब कप्तान साहब दौरान संगठन मौजूद रहे उसमें निर्णय हुआ कि अभी तक रोड खुले रहेंगे स्पीड लिमिट 30 किलोमीटर रहेगी 12 मार्च को माननीय उच्च न्यायालय की एक टीम आएगी और धरातल पर निरीक्षण करेगी उसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वन विभाग हमारे रोड बंद कर देगा तो जो हमारे खेतों में से होकर छोटे-छोटे रास्ते जंगल की तरफ गए हैं जो चकबंदी के दौरान हमारे खेतों की जमीन काटकर बनाए गए थे हम उन्हें रास्तों से वन विभाग के कर्मचारियों का आना-जाना बंद कर देंगे उनकी पेट्रोलिंग हम अपने खेतों से बने हुए रास्तों से नहीं होने देंगे वह अपनी पेट्रोलिंग जंगल के रास्तों से ही करेंगे ना कि हमारे खेतों के चक्र मार्गो से
- Post by यूपी समाचार1
- आज दिनांक 9 मार्च को पीलीभीत जिला सभागार में वन विभाग द्वारा रात्रि में रोड प्रतिबंध को लेकर जो जिलाधिकारी महोदय ने अहम बैठक बुलाई थी उसमें माननीय डीएफओ साहब कप्तान साहब दौरान संगठन मौजूद रहे उसमें निर्णय हुआ कि अभी तक रोड खुले रहेंगे स्पीड लिमिट 30 किलोमीटर रहेगी 12 मार्च को माननीय उच्च न्यायालय की एक टीम आएगी और धरातल पर निरीक्षण करेगी उसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर वन विभाग हमारे रोड बंद कर देगा तो जो हमारे खेतों में से होकर छोटे-छोटे रास्ते जंगल की तरफ गए हैं जो चकबंदी के दौरान हमारे खेतों की जमीन काटकर बनाए गए थे हम उन्हें रास्तों से वन विभाग के कर्मचारियों का आना-जाना बंद कर देंगे उनकी पेट्रोलिंग हम अपने खेतों से बने हुए रास्तों से नहीं होने देंगे वह अपनी पेट्रोलिंग जंगल के रास्तों से ही करेंगे ना कि हमारे खेतों के चक्र मार्गो से1
- पूरनपुर,पीलीभीत। जनपद में कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों ने लंबे समय से मानदेय और ईपीएफ भुगतान न होने से नाराज होकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।मनरेगा कर्मचारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद-21 में वर्णित “जीवन के अधिकार” के बावजूद कर्मचारियों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिल रहा है। इसके कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है और परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है।कर्मचारियों का कहना है कि वे विभागीय निर्देशों के अनुसार पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं और जनपद में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विभागीय कार्यों के अतिरिक्त एसआईआरडी, क्राप सर्वे और अन्य योजनाओं में भी उनकी सेवाएं ली जाती रही हैं। इसके बावजूद जुलाई 2025 से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है और ईपीएफ की देयता भी काफी समय से लंबित चल रही है।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दीपावली के समय भी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला था और वर्तमान समय में भी भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही हैं। कई कर्मचारी आर्थिक दबाव के कारण मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों ने इसे बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय बताते हुए कहा कि मानदेय न मिलना संविधान में वर्णित जीवन के अधिकार के विपरीत है। इस संबंध में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने 23 फरवरी 2026 को आयुक्त ग्रामीण विकास से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।मनरेगा कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी तय की है। इसके तहत 3 मार्च से कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। 6 मार्च को विकासखंड स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया गया। 9 मार्च को उपमुख्यमंत्री को जनता दर्शन में समस्या से अवगत कराने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद 10 से 15 मार्च के बीच सभी विधायक, सांसद और मंत्रियों को ज्ञापन भेजा जाएगा। वहीं 16 मार्च को मुख्यमंत्री को भी जनता दर्शन में समस्या से अवगत कराने की योजना बनाई गई है।कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित मानदेय और ईपीएफ का शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक संकट से राहत मिल सके और वे पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।1
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- Post by Arun Rana1
- smart meter reading problem with bill jyada AA Raha hai band hone par bhi reading Chal raha hai1
- Post by संदीप निडर1
- Post by यूपी समाचार1