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प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
Ravindra
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- विदिशा में जैन समाज को मुनीश्री का चातुर्मास मिलने जा रहा है, जिसके लिए वे भोपाल की ओर से मंगल विहार करते हुए शहर पहुंचे। उनके आगमन की खबर मिलते ही सांची रोड पर हजारों की संख्या में जैन अनुयायी मुनीश्री और उनके संग की अगवानी के लिए एकत्रित हो गए। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ पलक-पावड़े बिछाकर उनका स्वागत किया। इस मंगल अगवानी के दौरान महिला मंडल भी उत्साहपूर्वक जुटी रही और शहर में जगह-जगह चौक पूरकर मुनीश्री का अभिनंदन किया गया। सांची रोड से प्रारंभ हुआ यह विशाल चल समारोह शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए माधवगंज स्थित जैन मंदिर पहुंचा।3
- सागर जिले के बीना विधानसभा क्षेत्र में वीरांगना फूलन देवी के शहीद दिवस के अवसर पर माझी समाज की एकजुटता और शक्ति का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में समाजजन एक विशाल पैदल यात्रा में शामिल हुए, जिससे बीना की सड़कों पर माझी समाज का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा में शामिल सभी लोगों ने एकजुट होकर वीरांगना फूलन देवी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में वीरांगना फूलन देवी के शहीद दिवस पर शनिवार को माझी समाज ने एकजुटता का परिचय देते हुए विशाल पैदल यात्रा निकाली। मछुआ नाविक श्रमिक संघ के जिला अध्यक्ष निर्मल रैकवार के आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में समाजजन एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी चौराहे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसके बाद समाज के लोग "वीरांगना फूलन देवी अमर रहें" के गगनभेदी नारों के साथ पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर चौराहे पहुंचे। अंबेडकर चौराहे पर संघ के जिला अध्यक्ष निर्मल रैकवार और समाज के वरिष्ठ जनों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वीरांगना फूलन देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर निर्मल रैकवार ने कहा कि माझी समाज ने बीना में अपनी शक्ति और एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि फूलन देवी ने अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया है और समाज शिक्षा, सम्मान तथा अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। इस दौरान प्रशासन से मांग की गई कि मछुआ-नाविक समाज को मूलभूत सुविधाएं, पट्टे और रोजगार में प्राथमिकता दी जाए। इस विशाल पैदल यात्रा में मोहनलाल रैकवार, परमानंद रैकवार, अरविंद पटेल, रमेश रैकवार, शिव चरण, बलदेव रैकवार, मनोज, सुरेश, शिवम, प्रभु दयाल, पूरनलाल, तन सिंह, नंदकिशोर, रामचरण चक्कू, प्रमोद निर्मल, रितेश, भवानी प्रसाद, रामप्रसाद, साहूकार, आकाश, गणेश, भूपति, चमन लाल, दीपक, उमाशंकर और पंचू सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और युवा साथी उपस्थित रहे।1
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित लेडिया मोहल्ले में देर रात अराजक तत्वों द्वारा कार पर पत्थर मारने का वीडियो वायरल हो रहा है। ये अराजक लोग प्रशासन की शांति व्यवस्था में ग्रहण लगा रहे हैं। मामले में पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आगे की कार्यवाही अभी तक शून्य बनी हुई है।3
- ललितपुर जनपद की थाना जाखलौन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 25.07.2026 को अवैध शस्त्रों के साथ तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के सहराई थाना अंतर्गत ग्राम सोनाई निवासी कपूर सिंह और ललितपुर के जखौरा थाना अंतर्गत ग्राम कोटरा निवासी रंजीत सिंह व शिशुपाल शामिल हैं। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के कब्जे से 02 अवैध देशी तमंचा .315 बोर, 01 DBBL 12 बोर, 04 जिंदा कारतूस .315 बोर, 23 जिंदा कारतूस 12 बोर, 02 खोखा कारतूस 12 बोर और 03 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूर्व में भी तीनों अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस द्वारा तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु न्यायालय भेजा जा रहा है।1
- ललितपुर के जाखलौन कस्बे में बिना किसी रोक-टोक के मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है।1
- गुना जिले के फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत अनारथ गांव में 6 जुलाई की सुबह तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल मथुरा अहिरवार की मौत हो गई। करीब 20 दिनों तक संघर्ष करने के बाद रविवार 26 जुलाई को राजस्थान के कोटा स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। घटना वाले दिन सुबह मथुरा अहिरवार अपने दैनिक कार्य के लिए निकले थे, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में उनके सिर, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। आसपास मौजूद लोगों द्वारा शोर मचाने पर तेंदुआ भाग निकला, जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर कर दिया गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। इस दुखद घटना ने फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र के आसपास बसे गांवों में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने, इलाके में गश्त बढ़ाने, कैमरा ट्रैप लगाने और ठोस सुरक्षा कदम उठाने के साथ-साथ पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता व नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।2