आजमगढ़: इंस्टाग्राम शॉपिंग के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ आजमगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर के भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था। घटना का विवरण और शिकायत मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली एक युवती ने 9 मार्च, 2026 को एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर उसने सामान ऑर्डर किया था, लेकिन भुगतान के बाद उसे कोई सामान नहीं मिला और आरोपियों ने उससे संपर्क तोड़ लिया। गिरोह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था: फर्जी इंस्टाग्राम पेज: आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर आकर्षक और विश्वसनीय दिखने वाले फर्जी शॉपिंग पेज बना रखे थे। लुभावने विज्ञापन: महंगे और अच्छे उत्पादों को बहुत कम कीमतों पर देने का विज्ञापन पोस्ट किया जाता था। एडवांस पेमेंट: जैसे ही कोई ग्राहक संपर्क करता, उसे विश्वास में लेकर क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से पूरा पैसा या एडवांस भुगतान करा लिया जाता था। डमी पार्सल: विश्वास दिलाने के लिए ये लोग खाली या डमी पार्सल पैकेट का भी इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण पुलिस ने घेराबंदी कर निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है: अवन राजभर (उम्र 22 वर्ष) प्रियांशू यादव (उम्र 19 वर्ष) बरामदगी का विवरण गिरफ्तार आरोपियों के पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाली भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई है: मोबाइल: 04 एंड्रायड स्मार्टफोन नकदी: 550 रुपये नकद बैंकिंग दस्तावेज: 13 बैंक पासबुक, 01 चेकबुक, 05 एटीएम कार्ड कनेक्टिविटी: 09 सिम कार्ड पैकेजिंग सामग्री: 30 डमी पार्सल पैकेट और अन्य पैकेजिंग सामान पुलिस का संदेश और सावधानी आजमगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान पेजों से खरीदारी करते समय सावधानी बरतें। अत्यधिक कम दाम वाले विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें। अनजान क्यूआर कोड पर भुगतान करने से बचें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करे l
आजमगढ़: इंस्टाग्राम शॉपिंग के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ आजमगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर के भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था। घटना का विवरण और शिकायत मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली एक युवती ने 9 मार्च, 2026 को एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर उसने सामान ऑर्डर किया था, लेकिन भुगतान के बाद उसे कोई सामान नहीं मिला और आरोपियों ने उससे संपर्क तोड़ लिया। गिरोह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था: फर्जी इंस्टाग्राम पेज: आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर आकर्षक और विश्वसनीय दिखने वाले फर्जी शॉपिंग पेज बना रखे थे। लुभावने विज्ञापन: महंगे और अच्छे उत्पादों को बहुत कम कीमतों पर देने का विज्ञापन पोस्ट किया जाता था। एडवांस पेमेंट: जैसे ही कोई ग्राहक संपर्क करता, उसे विश्वास में लेकर क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से पूरा पैसा या एडवांस भुगतान करा लिया जाता था। डमी पार्सल: विश्वास दिलाने के लिए ये लोग खाली या डमी पार्सल पैकेट का भी इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण पुलिस ने घेराबंदी कर निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है: अवन राजभर (उम्र 22 वर्ष) प्रियांशू यादव (उम्र 19 वर्ष) बरामदगी का विवरण गिरफ्तार आरोपियों के पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाली भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई है: मोबाइल: 04 एंड्रायड स्मार्टफोन नकदी: 550 रुपये नकद बैंकिंग दस्तावेज: 13 बैंक पासबुक, 01 चेकबुक, 05 एटीएम कार्ड कनेक्टिविटी: 09 सिम कार्ड पैकेजिंग सामग्री: 30 डमी पार्सल पैकेट और अन्य पैकेजिंग सामान पुलिस का संदेश और सावधानी आजमगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान पेजों से खरीदारी करते समय सावधानी बरतें। अत्यधिक कम दाम वाले विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें। अनजान क्यूआर कोड पर भुगतान करने से बचें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करे l
- आजमगढ़। जनपद पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी पहचान बनाकर भारत में मतदाता बनने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी ने किया। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने अपने वास्तविक नाम और पिता का नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और मलेशिया की विदेशी नागरिकता हासिल कर ली। इसके बावजूद वह भारत का प्रवासी नागरिक होने के बाद भी अपनी विदेशी नागरिकता को छिपाते हुए भारत में खुद को नागरिक दर्शाकर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने में सफल हो गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त लंबे समय से दोहरी पहचान का लाभ उठाकर भारतीय निर्वाचन प्रणाली को गुमराह कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच जारी है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।1
- आजमगढ़। जनपद के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बसीरपुर गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ रास्ते के पुराने विवाद को लेकर दबंगों ने एक महिला और उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़िता ने न्याय के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाये गी । घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसीरपुर गांव निवासी मीना देवी ने आरोप लगाया है कि बीती 24 मार्च 2026 को गांव के ही कुछ दबंग व्यक्ति गोलबंद होकर उनके घर धमक पड़े। आरोप है कि हमलावरों ने घर पहुंचते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और अचानक पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। पीड़िता का आरोप है कि: हमलावरों ने लात-घूसों से उन्हें और उनके परिवार को बेरहमी से पीटा। मीना देवी के बाल पकड़कर उन्हें दीवार पर दे मारा गया, जिससे उनके बाल उखड़ गए और सिर में गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों के बीच-बचाव करने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। साक्ष्य और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल पीड़िता के अनुसार, पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास साक्ष्य के रूप में मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिलरियागंज थाने में शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। दबंगों के डर से पूरा परिवार भय के साए में जीने को मजबूर है। इसी के चलते पीड़िता ने एसएसपी आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है। प्रशासन का पक्ष इस मामले में एसपी ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी ने आधिकारिक बयान देते हुए बताया: "बसीरपुर गांव में दो पक्षों के बीच झगड़े का एक वीडियो वायरल हुआ है। पुलिस टीम मौके पर गई थी, लेकिन अभी तक पीड़िता की ओर से थाने में कोई औपचारिक तहरीर (शिकायत) नहीं दी गई है। जैसे ही तहरीर प्राप्त होगी, सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।" पुलिस अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है, जिसके कारण अभी तक तहरीर नहीं मिली है। "ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं। इस मामले में वीडियो साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद कार्रवाई में देरी प्रशासन की सजगता पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद क्या दोषियों को सजा मिल पाती है। "1
- Post by Nafe khan 👨🔧👩🔧1
- Post by RISHI RAI1
- Post by SONI DEVI1
- अम्बेडकर नगर: विकास के नाम पर सरकारी धन की लूट का आरोप अम्बेडकर नगर जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांवों में बनाए जा रहे कूड़ा घर, सामुदायिक शौचालय और इंटरलॉकिंग सड़कों में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कागजों में कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कई निर्माण अधूरे या मानकों के विपरीत नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य कुछ ही समय में खराब हो रहे हैं। कई जगहों पर सुविधाएं चालू दिखा दी गई हैं, जबकि वहां बुनियादी व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं है। शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक उच्च स्तर पर शिकायत नहीं की जाती, तब तक मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता। ऐसे में सवाल उठता है कि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या नहीं।1
- अयोध्या देवकाली बाई पास पेट्रोल डीजल के लिए उमड़ी भीड़ व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात1
- आजमगढ़ l पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर देशभर के भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था। घटना का विवरण और शिकायत मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली एक युवती ने 9 मार्च, 2026 को एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर उसने सामान ऑर्डर किया था, लेकिन भुगतान के बाद उसे कोई सामान नहीं मिला और आरोपियों ने उससे संपर्क तोड़ लिया। गिरोह की कार्यप्रणाली पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था: फर्जी इंस्टाग्राम पेज: आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर आकर्षक और विश्वसनीय दिखने वाले फर्जी शॉपिंग पेज बना रखे थे। लुभावने विज्ञापन: महंगे और अच्छे उत्पादों को बहुत कम कीमतों पर देने का विज्ञापन पोस्ट किया जाता था। एडवांस पेमेंट: जैसे ही कोई ग्राहक संपर्क करता, उसे विश्वास में लेकर क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से पूरा पैसा या एडवांस भुगतान करा लिया जाता था। डमी पार्सल: विश्वास दिलाने के लिए ये लोग खाली या डमी पार्सल पैकेट का भी इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण पुलिस ने घेराबंदी कर निम्नलिखित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है: अवन राजभर (उम्र 22 वर्ष) प्रियांशू यादव (उम्र 19 वर्ष) बरामदगी का विवरण गिरफ्तार आरोपियों के पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाली भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई है: मोबाइल: 04 एंड्रायड स्मार्टफोन नकदी: 550 रुपये नकद बैंकिंग दस्तावेज: 13 बैंक पासबुक, 01 चेकबुक, 05 एटीएम कार्ड कनेक्टिविटी: 09 सिम कार्ड पैकेजिंग सामग्री: 30 डमी पार्सल पैकेट और अन्य पैकेजिंग सामान पुलिस का संदेश और सावधानी आजमगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान पेजों से खरीदारी करते समय सावधानी बरतें1