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अयोध्या देवकाली बाई पास पेट्रोल डीजल के लिए उमड़ी भीड़ व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात

2 hrs ago
user_BALRAM
BALRAM
पत्रकार अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

अयोध्या देवकाली बाई पास पेट्रोल डीजल के लिए उमड़ी भीड़ व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • *गैस को छोड़कर अब लोग पेट्रोल टंकियो पर पहुंच रहे डिब्बा ड्रम लेकर भरवाने तेल* *अंबेडकर नगर* जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के इलफातगंज रोड पर चंदयनी के पास स्थित शेखर पेट्रोल पंप पर डीजल पेट्रोल के लिए लगी लंबी लाइन , ड्रम डिब्बा ट्रैक्टर ट्राली में भरकर पहुंच रहे लोग, पेट्रोल टंकी चालक खुले आम दे रहा अधिकारियों को चुनौती। सख्त आदेश के बाद भी नहीं पड़ रहा कोई प्रभाव। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अफवाह फैलाने व इस तरीके से बड़े-बड़े ड्रम व डिब्बों में तेल देने पर टंकी चालकों पर दिए थे कार्रवाई करने का निर्देश फिर भी नहीं मान रहे पेट्रोल टंकी चालक। अगर इसी तरीके से चलता रहा तो जल्द ही जानता में गलत अफवाह फैलने में देरी नहीं लगेगी , और लोग पेट्रोल टंकियो पर खड़े नजर आएंगे। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️
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    *गैस को छोड़कर अब लोग पेट्रोल टंकियो पर पहुंच रहे डिब्बा ड्रम लेकर भरवाने तेल*
*अंबेडकर नगर* जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के इलफातगंज रोड पर चंदयनी के पास स्थित शेखर पेट्रोल पंप पर डीजल पेट्रोल के लिए लगी लंबी लाइन , ड्रम डिब्बा ट्रैक्टर ट्राली में भरकर पहुंच रहे लोग, 
पेट्रोल टंकी चालक खुले आम दे रहा अधिकारियों को चुनौती। सख्त आदेश के बाद भी नहीं पड़ रहा कोई प्रभाव। 
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अफवाह फैलाने व इस तरीके से बड़े-बड़े ड्रम व डिब्बों में तेल देने पर टंकी चालकों पर दिए थे कार्रवाई करने का निर्देश फिर भी नहीं मान रहे पेट्रोल टंकी चालक। 
अगर इसी तरीके से चलता रहा तो जल्द ही जानता में गलत अफवाह फैलने में देरी नहीं लगेगी , और लोग पेट्रोल टंकियो पर खड़े नजर आएंगे। 
*ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️
    user_India news 37 ( वैभव सिंह ब्यूरो चीफ) अंबेडकर नगर
    India news 37 ( वैभव सिंह ब्यूरो चीफ) अंबेडकर नगर
    Local News Reporter अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Dushyant Kumar Journalist
    1
    Post by Dushyant Kumar Journalist
    user_Dushyant Kumar Journalist
    Dushyant Kumar Journalist
    City Star अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • गोलू सिंह छींदा के ऊपर हवाई फायर कर पिस्टल की बट से हमला करने वाले दो आरोपी रघुराज सिंह और रुदन सिंह गिरफ्तार 8 लोगो के खिलाफ दर्ज है हत्या के प्रयास का मामला #reels #reelsinstagram #vairal #वायरल #vairalvideo
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    गोलू सिंह छींदा के ऊपर हवाई फायर कर पिस्टल की बट से हमला करने वाले दो आरोपी रघुराज सिंह और रुदन सिंह गिरफ्तार 8 लोगो के खिलाफ दर्ज है हत्या के प्रयास का मामला #reels #reelsinstagram #vairal #वायरल #vairalvideo
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Akbarpur, Ambedkar Nagar•
    21 hrs ago
  • अफवाहों का ‘ईंधन’ और खौफ की ‘रफ़्तार’: सिद्धार्थनगर में तेल के लिए त्राहि-त्राहि अजीत मिश्रा (खोजी), ब्यूरो चीफ - बस्ती मंडल सिद्धार्थनगर। सात समंदर पार ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की आहट क्या हुई, सरहदी जिले सिद्धार्थनगर की सड़कों पर पैनिक का ‘विस्फोट’ हो गया। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने की एक अफवाह ने जिले के पेट्रोल पंपों पर वो मंजर पैदा कर दिया, जिसे देखकर लगा कि शायद कल से पहिए थम जाएंगे। आलम यह है कि लोग अपनी गाड़ियों की टंकी ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गैलनों में भी तेल भरकर घर ले जाने की होड़ में लगे हैं। बढ़नी और शोहरतगढ़ में बिगड़े हालात, पुलिस ने संभाला मोर्चा अफवाह की आग सबसे ज्यादा बढ़नी और शोहरतगढ़ के इलाकों में भड़की। देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) का नतीजा यह हुआ कि कई पंपों पर चंद घंटों में ही 'नो स्टॉक' के बोर्ड लटक गए, जिससे जनता में डर और गहरा गया। मैदान में उतरे SDM और CO: दी कड़ी चेतावनी हालात की गंभीरता को देखते हुए SDM विवेकानंद मिश्र और CO मयंक द्विवेदी ने खुद मोर्चा संभाला। एसडीएम ने मालगहिया और बढ़नी के पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया और सप्लाई चेन की हकीकत जांची। SDM विवेकानंद मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा: "जिले में तेल की रत्ती भर भी कमी नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है। तेल की किल्लत की खबरें महज कोरी अफवाह हैं। जो भी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रम फैलाएगा, प्रशासन उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा। लोग अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा न करें।" पंपों पर 'पहरा', शांति की अपील क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने खुद पंपों पर खड़े होकर व्यवस्था को सुचारू कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि लोग कतारबद्ध होकर अपनी जरूरत के मुताबिक ही ईंधन लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल को इसलिए तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था और यातायात में कोई बाधा न आए। हकीकत: सप्लाई सुरक्षित, डर बेवजह प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। युद्ध की खबरों का स्थानीय आपूर्ति पर फिलहाल कोई असर नहीं है। अधिकारियों की सक्रियता के बाद बढ़नी क्षेत्र में स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन अभी भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है।
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    अफवाहों का ‘ईंधन’ और खौफ की ‘रफ़्तार’: सिद्धार्थनगर में तेल के लिए त्राहि-त्राहि
अजीत मिश्रा (खोजी), ब्यूरो चीफ - बस्ती मंडल
सिद्धार्थनगर। सात समंदर पार ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की आहट क्या हुई, सरहदी जिले सिद्धार्थनगर की सड़कों पर पैनिक का ‘विस्फोट’ हो गया। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने की एक अफवाह ने जिले के पेट्रोल पंपों पर वो मंजर पैदा कर दिया, जिसे देखकर लगा कि शायद कल से पहिए थम जाएंगे। आलम यह है कि लोग अपनी गाड़ियों की टंकी ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गैलनों में भी तेल भरकर घर ले जाने की होड़ में लगे हैं।
बढ़नी और शोहरतगढ़ में बिगड़े हालात, पुलिस ने संभाला मोर्चा
अफवाह की आग सबसे ज्यादा बढ़नी और शोहरतगढ़ के इलाकों में भड़की। देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) का नतीजा यह हुआ कि कई पंपों पर चंद घंटों में ही 'नो स्टॉक' के बोर्ड लटक गए, जिससे जनता में डर और गहरा गया।
मैदान में उतरे SDM और CO: दी कड़ी चेतावनी
हालात की गंभीरता को देखते हुए SDM विवेकानंद मिश्र और CO मयंक द्विवेदी ने खुद मोर्चा संभाला। एसडीएम ने मालगहिया और बढ़नी के पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया और सप्लाई चेन की हकीकत जांची।
SDM विवेकानंद मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा:
"जिले में तेल की रत्ती भर भी कमी नहीं है। स्टॉक पर्याप्त है। तेल की किल्लत की खबरें महज कोरी अफवाह हैं। जो भी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रम फैलाएगा, प्रशासन उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा। लोग अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा न करें।"
पंपों पर 'पहरा', शांति की अपील
क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने खुद पंपों पर खड़े होकर व्यवस्था को सुचारू कराया। उन्होंने निर्देश दिया कि लोग कतारबद्ध होकर अपनी जरूरत के मुताबिक ही ईंधन लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल को इसलिए तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था और यातायात में कोई बाधा न आए।
हकीकत: सप्लाई सुरक्षित, डर बेवजह
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है। युद्ध की खबरों का स्थानीय आपूर्ति पर फिलहाल कोई असर नहीं है। अधिकारियों की सक्रियता के बाद बढ़नी क्षेत्र में स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन अभी भी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    9 min ago
  • सरकारी राशन गल्ले नाबालिक बच्चों से उतरवा रहे हैं ग्राम पुंडा सहजनवा गोरखपुर
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    सरकारी राशन गल्ले नाबालिक बच्चों से उतरवा रहे हैं ग्राम पुंडा सहजनवा गोरखपुर
    user_ASPआजाद समाज पार्टी
    ASPआजाद समाज पार्टी
    Actor सहजनवा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 min ago
  • महुली। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा गुमशुदा महिला को 24 घंटे के अन्दर बरामद कर परिजनों को सुपुर्द किया गया । दिनाँक 24.03.2026 को थाना महुली क्षेत्र निवासी एक महिला द्वारा द्वारा सूचना दी गयी कि उनकी पुत्री उम्र करीब 25 वर्ष मुकदमें की तारीख देखने खलीलाबाद न्यायालय गयी थी, जिसके बाद वह घर नही लौटी है । प्राप्त सूचना के आधार पर थाना महुली पुलिस द्वारा तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गयी । थाना महुली पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर तलाश की गयी तथा आवश्यक पूछताछ की गयी । पुलिस की सतर्कता एवं प्रयासों के फलस्वरूप गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया तथा उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया ।
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    महुली।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्रा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली  दुर्गेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा गुमशुदा महिला को 24 घंटे के अन्दर बरामद कर परिजनों को सुपुर्द किया गया । 
दिनाँक 24.03.2026 को थाना महुली क्षेत्र निवासी एक महिला द्वारा द्वारा सूचना दी गयी कि उनकी पुत्री उम्र करीब 25 वर्ष मुकदमें की तारीख देखने खलीलाबाद न्यायालय गयी थी, जिसके बाद वह घर नही लौटी है । प्राप्त सूचना के आधार पर थाना महुली पुलिस द्वारा तत्काल गुमशुदगी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गयी । थाना महुली पुलिस द्वारा संभावित स्थानों पर तलाश की गयी तथा आवश्यक पूछताछ की गयी । पुलिस की सतर्कता एवं प्रयासों के फलस्वरूप गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया तथा उसे उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया ।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    13 min ago
  • Post by Dushyant Kumar Journalist
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    Post by Dushyant Kumar Journalist
    user_Dushyant Kumar Journalist
    Dushyant Kumar Journalist
    City Star अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो, बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश। बस्ती जिले की सड़कों पर इन दिनों वाहनों का शोर नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर चीख-पुकार सुनाई दे रही है। जिले में डीजल-पेट्रोल का ऐसा 'कृत्रिम' संकट खड़ा किया गया है कि आम आदमी की जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। छोटे पंपों पर ताले लटके हैं, और जो बड़े पंप खुले हैं, वहाँ मंजर किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा है। सवाल यह है कि क्या वाकई तेल खत्म हो गया है, या फिर यह आने वाली कीमतों में उछाल से पहले का कोई बड़ा 'खेलो' (म्युचुअल गेम) है? पंपों पर 'नो स्टॉक' का बोर्ड, जनता के सब्र का बांध टूटा जिले के अधिकांश पंपों पर कर्मचारी एक ही रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं— "तेल नहीं है।" घंटों कतार में खड़े रहने के बाद जब उपभोक्ता नोजल के पास पहुँचता है, तो उसे खाली हाथ लौटा दिया जाता है। इस बेरुखी ने जनता के गुस्से में घी डालने का काम किया है। पंप कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज अब आम बात हो गई है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि कभी भी बड़ी हिंसा भड़क सकती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। सप्लाई की कमी या मुनाफाखोरी की साजिश? एक तरफ कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि सप्लाई पूरी तरह बाधित है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में चर्चा आम है कि यह 'आर्टिफिशियल स्कैरसिटी' (कृत्रिम कमी) पैदा की जा रही है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का फायदा उठाने के लिए स्टॉक को डंप किया जा रहा है। बड़ा सवाल: अगर सप्लाई नहीं है, तो क्या प्रशासन ने इसकी जांच की? क्या डिपो से आने वाले टैंकरों का मिलान सेल रजिस्टर से किया गया? आखिर 'सस्पेंस' की यह चादर क्यों तानी गई है? गायब प्रशासन और ठप होता जनजीवन हैरानी की बात यह है कि जिले में हाहाकार मचा है, जरूरी काम ठप हो गए हैं, किसान खेतों में परेशान है और एम्बुलेंस तक को तेल के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह से नदारद है। रसद विभाग (Supply Department) की चुप्पी कई संदेहों को जन्म दे रही है। क्या अधिकारियों को इस कालाबाजारी की भनक नहीं है, या फिर 'साहब' मौन रहकर इस खेल को शह दे रहे हैं? हालात बेकाबू, कभी भी फूट सकता है जनाक्रोश बस्ती की जनता अब सड़कों पर उतरने को मजबूर है। लोगों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटों में स्थिति सामान्य नहीं हुई और प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो उग्र आंदोलन तय है। जब तेल की कोई आधिकारिक कमी नहीं है, तो फिर यह किल्लत क्यों? सच्चाई पर से पर्दा उठना जरूरी है, वरना बस्ती की ये लंबी कतारें किसी बड़े बवाल की वजह बन सकती हैं।
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
ब्यूरो, बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।
बस्ती जिले की सड़कों पर इन दिनों वाहनों का शोर नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर चीख-पुकार सुनाई दे रही है। जिले में डीजल-पेट्रोल का ऐसा 'कृत्रिम' संकट खड़ा किया गया है कि आम आदमी की जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। छोटे पंपों पर ताले लटके हैं, और जो बड़े पंप खुले हैं, वहाँ मंजर किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा है। सवाल यह है कि क्या वाकई तेल खत्म हो गया है, या फिर यह आने वाली कीमतों में उछाल से पहले का कोई बड़ा 'खेलो' (म्युचुअल गेम) है?
पंपों पर 'नो स्टॉक' का बोर्ड, जनता के सब्र का बांध टूटा
जिले के अधिकांश पंपों पर कर्मचारी एक ही रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं— "तेल नहीं है।" घंटों कतार में खड़े रहने के बाद जब उपभोक्ता नोजल के पास पहुँचता है, तो उसे खाली हाथ लौटा दिया जाता है। इस बेरुखी ने जनता के गुस्से में घी डालने का काम किया है। पंप कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज अब आम बात हो गई है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि कभी भी बड़ी हिंसा भड़क सकती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।
सप्लाई की कमी या मुनाफाखोरी की साजिश?
एक तरफ कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि सप्लाई पूरी तरह बाधित है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में चर्चा आम है कि यह 'आर्टिफिशियल स्कैरसिटी' (कृत्रिम कमी) पैदा की जा रही है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का फायदा उठाने के लिए स्टॉक को डंप किया जा रहा है।
बड़ा सवाल: अगर सप्लाई नहीं है, तो क्या प्रशासन ने इसकी जांच की? क्या डिपो से आने वाले टैंकरों का मिलान सेल रजिस्टर से किया गया? आखिर 'सस्पेंस' की यह चादर क्यों तानी गई है?
गायब प्रशासन और ठप होता जनजीवन
हैरानी की बात यह है कि जिले में हाहाकार मचा है, जरूरी काम ठप हो गए हैं, किसान खेतों में परेशान है और एम्बुलेंस तक को तेल के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह से नदारद है। रसद विभाग (Supply Department) की चुप्पी कई संदेहों को जन्म दे रही है। क्या अधिकारियों को इस कालाबाजारी की भनक नहीं है, या फिर 'साहब' मौन रहकर इस खेल को शह दे रहे हैं?
हालात बेकाबू, कभी भी फूट सकता है जनाक्रोश
बस्ती की जनता अब सड़कों पर उतरने को मजबूर है। लोगों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटों में स्थिति सामान्य नहीं हुई और प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो उग्र आंदोलन तय है। जब तेल की कोई आधिकारिक कमी नहीं है, तो फिर यह किल्लत क्यों?
सच्चाई पर से पर्दा उठना जरूरी है, वरना बस्ती की ये लंबी कतारें किसी बड़े बवाल की वजह बन सकती हैं।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by विनोद मौर्य BRP गोरखपुर
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    Post by विनोद मौर्य BRP गोरखपुर
    user_विनोद मौर्य BRP गोरखपुर
    विनोद मौर्य BRP गोरखपुर
    Voice of people बांसगांव, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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