अगर समय रहते ऐसे पेट्रोल टंकी चालकों पर नहीं हुई कार्रवाई तो पूरे जिले में अफवाह फैलने में देरी नहीं लगेगी। जिस तरीके से लोग डब्बे और ड्रम में तेल भरवा कर स्टोर कर रहे हैं उस तरीके से आ सकता है भारी संकट। *गैस को छोड़कर अब लोग पेट्रोल टंकियो पर पहुंच रहे डिब्बा ड्रम लेकर भरवाने तेल* *अंबेडकर नगर* जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के इलफातगंज रोड पर चंदयनी के पास स्थित शेखर पेट्रोल पंप पर डीजल पेट्रोल के लिए लगी लंबी लाइन , ड्रम डिब्बा ट्रैक्टर ट्राली में भरकर पहुंच रहे लोग, पेट्रोल टंकी चालक खुले आम दे रहा अधिकारियों को चुनौती। सख्त आदेश के बाद भी नहीं पड़ रहा कोई प्रभाव। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अफवाह फैलाने व इस तरीके से बड़े-बड़े ड्रम व डिब्बों में तेल देने पर टंकी चालकों पर दिए थे कार्रवाई करने का निर्देश फिर भी नहीं मान रहे पेट्रोल टंकी चालक। अगर इसी तरीके से चलता रहा तो जल्द ही जानता में गलत अफवाह फैलने में देरी नहीं लगेगी , और लोग पेट्रोल टंकियो पर खड़े नजर आएंगे। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️
अगर समय रहते ऐसे पेट्रोल टंकी चालकों पर नहीं हुई कार्रवाई तो पूरे जिले में अफवाह फैलने में देरी नहीं लगेगी। जिस तरीके से लोग डब्बे और ड्रम में तेल भरवा कर स्टोर कर रहे हैं उस तरीके से आ सकता है भारी संकट। *गैस को छोड़कर अब लोग पेट्रोल टंकियो पर पहुंच रहे डिब्बा ड्रम लेकर भरवाने तेल* *अंबेडकर नगर* जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के इलफातगंज रोड पर चंदयनी के पास स्थित शेखर पेट्रोल पंप पर डीजल पेट्रोल के लिए लगी लंबी लाइन , ड्रम डिब्बा ट्रैक्टर ट्राली में भरकर
पहुंच रहे लोग, पेट्रोल टंकी चालक खुले आम दे रहा अधिकारियों को चुनौती। सख्त आदेश के बाद भी नहीं पड़ रहा कोई प्रभाव। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अफवाह फैलाने व इस तरीके से बड़े-बड़े ड्रम व डिब्बों में तेल देने पर टंकी चालकों पर दिए थे कार्रवाई करने का निर्देश फिर भी नहीं मान रहे पेट्रोल टंकी चालक। अगर इसी तरीके से चलता रहा तो जल्द ही जानता में गलत अफवाह फैलने में देरी नहीं लगेगी , और लोग पेट्रोल टंकियो पर खड़े नजर आएंगे। *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह* ✍️
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- ब्रेकिंग न्यूज: अम्बेडकर नगर टडवा मिश्र में सामुदायिक शौचालय बना शो-पीस, 6 महीने से बंद बसखारी ब्लॉक के ग्राम टडवा मिश्र में बना सामुदायिक शौचालय बदहाल स्थिति में बंद पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार न बिजली है न पानी, जिससे इसका उपयोग नहीं हो रहा। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। मरम्मत के नाम पर खर्च और केयरटेकर का मानदेय निकलने पर सवाल उठ रहे हैं। शौचालय बंद होने से ग्रामीण खुले में शौच को मजबूर हैं, जांच की मांग की जा रही है। देखिए वीडियो में पूरी खबर एवं विसतृत समाचार के लिए इतंजार करिये कल के अंक का1
- अजीत मिश्रा (खोजी) ब्यूरो, बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश। बस्ती जिले की सड़कों पर इन दिनों वाहनों का शोर नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर चीख-पुकार सुनाई दे रही है। जिले में डीजल-पेट्रोल का ऐसा 'कृत्रिम' संकट खड़ा किया गया है कि आम आदमी की जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। छोटे पंपों पर ताले लटके हैं, और जो बड़े पंप खुले हैं, वहाँ मंजर किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा है। सवाल यह है कि क्या वाकई तेल खत्म हो गया है, या फिर यह आने वाली कीमतों में उछाल से पहले का कोई बड़ा 'खेलो' (म्युचुअल गेम) है? पंपों पर 'नो स्टॉक' का बोर्ड, जनता के सब्र का बांध टूटा जिले के अधिकांश पंपों पर कर्मचारी एक ही रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं— "तेल नहीं है।" घंटों कतार में खड़े रहने के बाद जब उपभोक्ता नोजल के पास पहुँचता है, तो उसे खाली हाथ लौटा दिया जाता है। इस बेरुखी ने जनता के गुस्से में घी डालने का काम किया है। पंप कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज अब आम बात हो गई है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि कभी भी बड़ी हिंसा भड़क सकती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। सप्लाई की कमी या मुनाफाखोरी की साजिश? एक तरफ कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि सप्लाई पूरी तरह बाधित है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में चर्चा आम है कि यह 'आर्टिफिशियल स्कैरसिटी' (कृत्रिम कमी) पैदा की जा रही है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि तेल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी का फायदा उठाने के लिए स्टॉक को डंप किया जा रहा है। बड़ा सवाल: अगर सप्लाई नहीं है, तो क्या प्रशासन ने इसकी जांच की? क्या डिपो से आने वाले टैंकरों का मिलान सेल रजिस्टर से किया गया? आखिर 'सस्पेंस' की यह चादर क्यों तानी गई है? गायब प्रशासन और ठप होता जनजीवन हैरानी की बात यह है कि जिले में हाहाकार मचा है, जरूरी काम ठप हो गए हैं, किसान खेतों में परेशान है और एम्बुलेंस तक को तेल के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह से नदारद है। रसद विभाग (Supply Department) की चुप्पी कई संदेहों को जन्म दे रही है। क्या अधिकारियों को इस कालाबाजारी की भनक नहीं है, या फिर 'साहब' मौन रहकर इस खेल को शह दे रहे हैं? हालात बेकाबू, कभी भी फूट सकता है जनाक्रोश बस्ती की जनता अब सड़कों पर उतरने को मजबूर है। लोगों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटों में स्थिति सामान्य नहीं हुई और प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो उग्र आंदोलन तय है। जब तेल की कोई आधिकारिक कमी नहीं है, तो फिर यह किल्लत क्यों? सच्चाई पर से पर्दा उठना जरूरी है, वरना बस्ती की ये लंबी कतारें किसी बड़े बवाल की वजह बन सकती हैं।1
- *अग्निशमन केंद्र का काम तेजी पर, अगले माह से शुरू होंगी सेवाएं साथ ही सर्विस लेन की माँग* जनपद सुल्तानपुर के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्रवासियों के लिए राहत भरी खबर है कि लम्भुआ में बन रहा अग्निशमन केंद्र अब तेजी से अपने अन्तिम चरण में पहुंच गया है। लम्बे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना पर अब काम तेजी से दिखाई दे रहा है, जिससे जल्द ही क्षेत्र को अग्नि सुरक्षा की बड़ी सुविधा मिलने वाली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अग्निशमन केन्द्र का कार्यालय और अधिकारियों के आवास के साथ पानी की टंकी जो भूमिगत का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वार्ता के दौरान संबंधित सूत्रों ने बताया कि आगामी माह से यहां पर अग्निशमन की गाड़ियां तैनात कर दी जाएंगी और कर्मचारियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित हो जाएगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सम्भव हो सकेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सुविधा लम्बे समय से मांग में थी, जो अब अथक प्रयासों के बाद साकार होती नजर आ रही है। अग्निशमन केंद्र के शुरू होने से लंभुआ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण परियोजना के साथ एक आवश्यक मांग भी सामने आई है। स्थानीय निवासियों और मुरली गांव के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक सर्विस लेन बनाए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि अग्निशमन केंद्र के ठीक पास से मुख्य मार्ग जुड़ा हुआ है, जिससे सीधे हाईवे पर वाहनों के चढ़ने-उतरने में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेष रूप से केंद्र के पूर्व दिशा में स्थित प्राथमिक विद्यालय “मुरली” के छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। यदि सर्विस लेन का निर्माण हो जाता है, तो अग्निशमन वाहनों को मुख्य मार्ग पर सीधे प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अग्निशमन केंद्र के संचालन शुरू होने से पहले ही इस समस्या पर ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।1
- अब आप अपने फेसबुक इंस्टाग्राम व्हाट्सप्प ग्रुप पर शेएर करें और व्यूज के साथ साथ शेएर सब्सक्राइब पर भी पैसा कमाये1
- अयोध्या जिले के बीकापुर क्षेत्र में लगभग जितने पेट्रोल पंप है ज्यादातर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डीजल खत्म है राष्ट्रीय राजमार्ग प्रयागराज पिपरी जलालपुर के समीप इंडियन आयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल व डीजल लेने वालों की भारी भीड़ देखने को मिली1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- Post by Aaj Subah Times1
- अयोध्या में भक्ति विस्फोट, श्रीराम कथा, जनसैलाब, ऐतिहासिक भव्य महापर्व1