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लखीमपुर खीरी:जिला पंचायत की तरफ से करोड़ों रुपए की लागत से रातों-रात कस्बा खीरी से ओएल ट्रामा सेंटर जाने वाली सड़क एक बार कई जगह से उखड़ चुकी है , बताया जाता है, सड़क के निर्माण कार्य के दौरान ही स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन ठेकेदार के रसूख के आगे जिम्मेदार अधिकारी भी नतमस्तक नजर आए सड़क की जांच तक नहीं की गई, सड़क बनने के कुछ महीनो बाद ही सड़क की जगह से उखड़ने लगी, अधिकारियों से सवाल करने पर मेंटेनेंस का हवाला देखकर कई बार उसे सड़क को रिपेयर कराया जा चुका है, करीब तीन या चार बार सड़क की रिपेयरिंग करने के बावजूद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो सकी आज करीब 6 किलोमीटर की कई जगह से उखड़ चुकी है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी उसे सड़क की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला पंचायत की तरफ से बनाई गई यह सड़क में भ्रष्टाचार जमकर किया है और साफ तौर पर भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं

7 hrs ago
user_Lakhimpur Kheri दस्तक
Lakhimpur Kheri दस्तक
News Anchor धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

लखीमपुर खीरी:जिला पंचायत की तरफ से करोड़ों रुपए की लागत से रातों-रात कस्बा खीरी से ओएल ट्रामा सेंटर जाने वाली सड़क एक बार कई जगह से उखड़ चुकी है , बताया जाता है, सड़क के निर्माण कार्य के दौरान ही स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन ठेकेदार के रसूख के आगे जिम्मेदार अधिकारी भी नतमस्तक नजर आए सड़क की जांच तक नहीं की गई, सड़क बनने के कुछ महीनो बाद ही सड़क की जगह से उखड़ने लगी, अधिकारियों से सवाल करने पर मेंटेनेंस का हवाला देखकर कई बार उसे सड़क को रिपेयर कराया जा चुका है, करीब तीन या चार बार सड़क की रिपेयरिंग करने के बावजूद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो सकी आज करीब 6 किलोमीटर की कई जगह से उखड़ चुकी है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी उसे सड़क की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला पंचायत की तरफ से बनाई गई यह सड़क में भ्रष्टाचार जमकर किया है और साफ तौर पर भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं

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  • **लखीमपुर खीरी धौरहरा में लकड़ी माफिया का खुला खेल! वन विभाग–प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल** लखीमपुर खीरी जनपद में दबंगई और अवैध लकड़ी के कारोबार को लेकर बेहद गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों और पत्रकारों के अनुसार जितेंद्र चौधरी नामक व्यक्ति को इलाके में एक प्रभावशाली और दबंग शख्स के रूप में जाना जाता है, जिस पर अवैध रूप से कीमती प्रजातियों की लकड़ी के कटान और परिवहन के आरोप हैं। सूत्रों का दावा है कि वन रेंज डिपो को सूचना दिए जाने के बावजूद रात के अंधेरे में भारी मात्रा में लकड़ी को दो-दो ट्रैक्टर और ट्रेलरों में भरकर खुलेआम रवाना किया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह सब तहसील गेट और हाईवे जैसे संवेदनशील इलाकों से होकर, कथित रूप से पुलिस की मौजूदगी में हुआ। जब पत्रकारों ने इस मामले में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो आरोप है कि उन्हें खुले शब्दों में जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। कथित तौर पर कहा गया— “तुम मुझे जानते नहीं हो…” जिसे स्थानीय लोग दबंगई का खुला प्रदर्शन मान रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि— क्या वन रेंज अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से यह सब हो रहा है? क्या शासन-प्रशासन इन प्रभावशाली लोगों के आगे नतमस्तक है? अगर किसी स्वच्छ छवि के पत्रकार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? रातों-रात हरे-भरे पेड़ों पर आरी चलने और भारी मात्रा में लकड़ी के आवागमन की खबरें आम हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आँखों पर पट्टी बाँधे बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब सवाल सिर्फ अवैध लकड़ी का नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, कानून के राज और प्रशासनिक जवाबदेही का है। क्या शासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराएगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
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    **लखीमपुर खीरी धौरहरा में लकड़ी माफिया का खुला खेल!
वन विभाग–प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल**
लखीमपुर खीरी जनपद में दबंगई और अवैध लकड़ी के कारोबार को लेकर बेहद गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों और पत्रकारों के अनुसार जितेंद्र चौधरी नामक व्यक्ति को इलाके में एक प्रभावशाली और दबंग शख्स के रूप में जाना जाता है, जिस पर अवैध रूप से कीमती प्रजातियों की लकड़ी के कटान और परिवहन के आरोप हैं।
सूत्रों का दावा है कि वन रेंज डिपो को सूचना दिए जाने के बावजूद रात के अंधेरे में भारी मात्रा में लकड़ी को दो-दो ट्रैक्टर और ट्रेलरों में भरकर खुलेआम रवाना किया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह सब तहसील गेट और हाईवे जैसे संवेदनशील इलाकों से होकर, कथित रूप से पुलिस की मौजूदगी में हुआ।
जब पत्रकारों ने इस मामले में जानकारी लेने का प्रयास किया, तो आरोप है कि उन्हें खुले शब्दों में जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। कथित तौर पर कहा गया—
“तुम मुझे जानते नहीं हो…”
जिसे स्थानीय लोग दबंगई का खुला प्रदर्शन मान रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि—
क्या वन रेंज अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से यह सब हो रहा है?
क्या शासन-प्रशासन इन प्रभावशाली लोगों के आगे नतमस्तक है?
अगर किसी स्वच्छ छवि के पत्रकार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
रातों-रात हरे-भरे पेड़ों पर आरी चलने और भारी मात्रा में लकड़ी के आवागमन की खबरें आम हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आँखों पर पट्टी बाँधे बैठे दिखाई दे रहे हैं।
अब सवाल सिर्फ अवैध लकड़ी का नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, कानून के राज और प्रशासनिक जवाबदेही का है।
क्या शासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराएगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
    user_हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    हक की आवाज न्यूज़ चैनल
    Voice of people Dhaurahara, Lakhimpur Kheri•
    25 min ago
  • ⚖️ खीरी में युवती से दुष्कर्म का आरोप, परिवार न्याय के लिए भटक रहा कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम कोरैय्या संजर में एक युवती ने गांव के ही युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना खेत में हुई और आरोपी ने धमकी भी दी। परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। 👉 पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए 👉 कानून से ऊपर कोई नहीं आपकी क्या राय है? Comment में जरूर बताएं।
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    ⚖️ खीरी में युवती से दुष्कर्म का आरोप, परिवार न्याय के लिए भटक रहा
कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम कोरैय्या संजर में एक युवती ने गांव के ही युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना खेत में हुई और आरोपी ने धमकी भी दी।
परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
👉 पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए
👉 कानून से ऊपर कोई नहीं
आपकी क्या राय है? Comment में जरूर बताएं।
    user_Up Gram Kranti Digital Media
    Up Gram Kranti Digital Media
    Classified ads newspaper publisher धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • , बताया जाता है, सड़क के निर्माण कार्य के दौरान ही स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन ठेकेदार के रसूख के आगे जिम्मेदार अधिकारी भी नतमस्तक नजर आए सड़क की जांच तक नहीं की गई, सड़क बनने के कुछ महीनो बाद ही सड़क की जगह से उखड़ने लगी, अधिकारियों से सवाल करने पर मेंटेनेंस का हवाला देखकर कई बार उसे सड़क को रिपेयर कराया जा चुका है, करीब तीन या चार बार सड़क की रिपेयरिंग करने के बावजूद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो सकी आज करीब 6 किलोमीटर की कई जगह से उखड़ चुकी है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी उसे सड़क की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला पंचायत की तरफ से बनाई गई यह सड़क में भ्रष्टाचार जमकर किया है और साफ तौर पर भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं
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    , बताया जाता है, सड़क के निर्माण कार्य के दौरान ही स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन ठेकेदार के रसूख के आगे जिम्मेदार अधिकारी भी नतमस्तक नजर आए सड़क की जांच तक नहीं की गई, सड़क बनने के कुछ महीनो बाद ही सड़क की जगह से उखड़ने लगी, अधिकारियों से सवाल करने पर मेंटेनेंस का हवाला देखकर कई बार उसे सड़क को रिपेयर कराया जा चुका है, करीब तीन या चार बार सड़क की रिपेयरिंग करने के बावजूद भी सड़क दुरुस्त नहीं हो सकी आज करीब 6 किलोमीटर की कई जगह से उखड़ चुकी है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी उसे सड़क की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला पंचायत की तरफ से बनाई गई यह सड़क में भ्रष्टाचार जमकर किया है और साफ तौर पर भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं
    user_Lakhimpur Kheri दस्तक
    Lakhimpur Kheri दस्तक
    News Anchor धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • 12 फरवरीको मजदूरों किसान संगठनों के राष्ट्रीय हड़ताल के आह्वान पर कल जिला मुख्यालय व पलिया तहसील पर भा क पा माले व अखिल भारतीय किसान महासभा करेगा प्रदर्शन। राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन दिया जाएगा । ---------------------------------------- 11 फरवरी , लखीमपुर देश के मजदूर व किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी कॉर्क दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भा क पा माले,व अखिल भारतीय किसान महासभा, एपवा लखीमपुर पार्टी कार्यालय से जलूस निकलकर अम्बेडकर पार्क में पहुंचेगी वहां सभा के बाद 2 बजे राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा । इसकी जानकारी देते हुए भा क पा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि यह हड़ताल सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए बने श्रम कानूनों को बदलकर मजदूर विरोधी बनाए गए श्रम कोड विल , मनरेगा कानून बदलने , बिजली के निजीकरण के खिलाफ , किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 व अमेरिका के साथ किसान विरोधी किए गए समझौते के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार इन नए कानूनों व समझौते के जरिए मजदूरों को गुलाम बना रही हैं ,इनको वापस लेने के लिए , पुराने कानून की बहाली के लिए कल की राष्ट्रीय हड़ताल है। उन्होंने कार्यक्रम में किसानों, मजदूरों ,ठेका ,संविदा कर्मियों ,आशा कर्मियों ,मनरेगा मजदूरों से शामिल होने की अपील की है ।
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    12 फरवरीको मजदूरों किसान संगठनों के राष्ट्रीय हड़ताल के आह्वान पर कल जिला मुख्यालय व पलिया तहसील पर भा क पा माले व अखिल भारतीय किसान महासभा करेगा प्रदर्शन। राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन दिया जाएगा ।
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11 फरवरी , लखीमपुर 
देश के मजदूर व किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी कॉर्क दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भा क पा माले,व अखिल भारतीय किसान महासभा, एपवा लखीमपुर पार्टी कार्यालय से जलूस निकलकर अम्बेडकर पार्क में पहुंचेगी वहां सभा के बाद 2 बजे राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा ।
इसकी जानकारी देते हुए भा क पा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि यह हड़ताल सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए बने श्रम कानूनों को बदलकर मजदूर विरोधी बनाए गए श्रम कोड विल , मनरेगा कानून बदलने , बिजली के निजीकरण के खिलाफ , किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 व अमेरिका के साथ किसान विरोधी किए गए समझौते के खिलाफ है।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार इन नए कानूनों व समझौते के जरिए मजदूरों को गुलाम बना रही हैं ,इनको वापस लेने के लिए , पुराने कानून की बहाली के लिए कल की राष्ट्रीय हड़ताल है। 
उन्होंने कार्यक्रम में किसानों, मजदूरों ,ठेका ,संविदा कर्मियों ,आशा कर्मियों ,मनरेगा मजदूरों से शामिल होने की अपील की है ।
    user_NJ BHARAT NEWS
    NJ BHARAT NEWS
    Court reporter लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Amtali Amtali
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    Post by Amtali Amtali
    user_Amtali Amtali
    Amtali Amtali
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • भारत और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारतीय किसान संगठन का विरोध प्रदर्शन लखीमपुर जिले में आज दिनांक 12/02/26 को आपको अवगत कराना है कि हाल ही में भारत अमेरिका व्यापार समझौता हुआ है उस समझौते के अनुसार अमेरिका भारत के अनुसार अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बे रोक टोक आ सकते हैं। जिस पर कोई आयात शुल्क नहीं है। 15 अगस्त 2025 को भारत के प्रधानमंत्री महोदय ने लाल किले की प्राचीर से दिए गए बयान को भारतीय किसान संगठन याद दिलाता है, जिसमें प्रधानमंत्री महोदय द्वारा कहा गया था कि "किसान हितों की रक्षा के लिए वे व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं पर अमेरिका के आगे झुकेंगे नहीं" अब ऐसी क्या मजबूरी आ गई है कि अमेरिका का शून्य आयात कर स्वीकार कर लिया। भारत में 65% आबादी कृषि एवं सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है। किसान हमेशा देश के साथ खड़े रहते हैं। यह समझौता देश हित में नहीं है। एकतरफा अमेरिका अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा कर रहा है। वही भारत सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए इस समझौते को करके अमेरिका के आगे आत्मसमर्पण करने का प्रयास किया है। उपरोक्त समझौते के अनुसार भारत को प्रत्येक वर्ष अमेरिका से भारी भरकम समान खरीदना पड़ेगा जिसकी 103 अरब डॉलर कीमत है। अतः महामहिम से अनुरोध है कि उपरोक्त समझौते पर रोक लगाते हुए देश के आम जन को राहत देने की कृपा करें आज भारतीय किसान संगठन लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद इरफान गाज़ी आज लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को दिया आज लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा और जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव को उनके निजी आवास पर होम अरेस्ट पुलिस द्वारा रखा गया ज्ञापन होने के बाद उनको छोड़ा गया अब देखना यह है की सरकार का अगला कदम क्या होगा।
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    भारत और अमेरिका के साथ  व्यापार समझौते में भारतीय किसान संगठन का विरोध प्रदर्शन 
लखीमपुर जिले में आज दिनांक 12/02/26 को आपको अवगत कराना है कि हाल ही में भारत अमेरिका व्यापार समझौता हुआ है उस समझौते के अनुसार अमेरिका भारत के अनुसार अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बे रोक टोक आ सकते हैं। जिस पर कोई आयात शुल्क नहीं है। 
15 अगस्त 2025 को भारत के प्रधानमंत्री महोदय ने लाल किले की प्राचीर से दिए गए बयान को भारतीय किसान संगठन याद दिलाता है, जिसमें प्रधानमंत्री महोदय द्वारा कहा गया था कि "किसान हितों की रक्षा के लिए वे व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं पर अमेरिका के आगे झुकेंगे नहीं" अब ऐसी क्या मजबूरी आ गई है कि अमेरिका का शून्य आयात कर स्वीकार कर लिया। भारत में  65% आबादी कृषि एवं सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है।
किसान हमेशा देश के साथ खड़े रहते हैं। यह समझौता देश हित में नहीं है। एकतरफा अमेरिका अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा कर रहा है। वही भारत सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए इस समझौते को करके अमेरिका के आगे आत्मसमर्पण करने का प्रयास किया है। उपरोक्त समझौते के अनुसार भारत को प्रत्येक वर्ष अमेरिका से भारी भरकम समान खरीदना पड़ेगा जिसकी 103 अरब डॉलर कीमत  है। अतः महामहिम से अनुरोध है कि उपरोक्त समझौते पर रोक लगाते हुए देश के आम जन को राहत देने की कृपा करें आज भारतीय किसान संगठन लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद इरफान गाज़ी आज लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को दिया आज लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा और जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव को उनके निजी आवास पर होम अरेस्ट पुलिस द्वारा रखा गया ज्ञापन होने के बाद उनको छोड़ा गया अब देखना यह है की सरकार का अगला कदम क्या होगा।
    user_मीडिया का आधिकार समाचार लखीमपुर खीरी
    मीडिया का आधिकार समाचार लखीमपुर खीरी
    पत्रकार लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • देश की संसद में गन्ना किसानों की आवाज बुलंद हुई। उत्कर्ष वर्मा ने लोकसभा में खड़े होकर गन्ना किसानों की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। लखीमपुर खीरी खीरी सांसद ने कहा कि खाद, डीज़ल, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन गन्ने का मूल्य किसानों को राहत देने वाला नहीं है। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए गन्ना मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किए जाने की मांग रखी गई। 🔴 मुख्य मांगें: गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किया जाए भुगतान में हो रही देरी पर सख्त कार्रवाई लागत के अनुपात में मूल्य निर्धारण की स्थायी नीति उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में लाखों किसान गन्ने पर निर्भर हैं। यदि समय रहते मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो किसान कर्ज और घाटे के दुष्चक्र में फंसते जाएंगे। संसद में उठी इस आवाज के बाद अब किसानों की निगाहें केंद्र और राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हैं। 👉 क्या सरकार बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करेगी? किसान इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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    देश की संसद में गन्ना किसानों की आवाज बुलंद हुई। उत्कर्ष वर्मा ने लोकसभा में खड़े होकर गन्ना किसानों की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
लखीमपुर खीरी
खीरी सांसद ने कहा कि खाद, डीज़ल, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन गन्ने का मूल्य किसानों को राहत देने वाला नहीं है। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए गन्ना मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किए जाने की मांग रखी गई।
🔴 मुख्य मांगें:
गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किया जाए
भुगतान में हो रही देरी पर सख्त कार्रवाई
लागत के अनुपात में मूल्य निर्धारण की स्थायी नीति
उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में लाखों किसान गन्ने पर निर्भर हैं। यदि समय रहते मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो किसान कर्ज और घाटे के दुष्चक्र में फंसते जाएंगे।
संसद में उठी इस आवाज के बाद अब किसानों की निगाहें केंद्र और राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हैं।
👉 क्या सरकार बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करेगी? किसान इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
    user_Ajay shukla
    Ajay shukla
    Journalist Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    6 hrs ago
  • मानकविहीन कार्य में गुणवत्ता न मिलने पर तुड़वाई रोड चला बुल्डोजर,,
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    मानकविहीन कार्य में गुणवत्ता न मिलने पर तुड़वाई रोड चला बुल्डोजर,,
    user_Lakhimpur Kheri दस्तक
    Lakhimpur Kheri दस्तक
    News Anchor धौरहरा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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