अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, हजारीबाग की कनक रेजिडेंस, बंगाली कॉलोनी में एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ने एक निःशुल्क स्त्री रोग एवं बाल रोग स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित यह शिविर वार्ड संख्या-15 की पार्षद डॉ. अंशिका प्रिया के सौजन्य से संपन्न हुआ। इस शिविर में महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जहाँ कुल 260 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 150 महिलाएं और 110 बच्चे शामिल थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वीटी द्वारा महिलाओं की जांच एवं परामर्श किया गया, जबकि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने बच्चों की जांच और उपचार संबंधी सलाह प्रदान की। स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों के बीच निःशुल्क दवाओं का भी वितरण किया गया। डॉ. स्वीटी ने महिलाओं को गर्भावस्था, मातृ स्वास्थ्य, एनीमिया, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। वहीं, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, समय पर टीकाकरण एवं मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर लोगों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान कराया और इस शिविर की सराहना की। इस अवसर पर वार्ड पार्षद डॉ. अंशिका प्रिया ने कहा कि योग दिवस हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है, और ऐसे निःशुल्क चिकित्सा शिविर समाज के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, क्योंकि ये आम लोगों को उनके क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने बताया कि योग और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं, और इस शिविर का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने भविष्य में भी अस्पताल द्वारा जनहित में ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जारी रखने की बात कही। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने इस पहल को स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक सार्थक कदम बताया और कहा कि उनका प्रयास है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचें। उन्होंने लोगों की सकारात्मक सहभागिता को आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरक बताया। शिविर के सफल आयोजन में अस्पताल प्रबंधन एवं स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसने जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के प्रयास को सफल बनाया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, हजारीबाग की कनक रेजिडेंस, बंगाली कॉलोनी में एचज़ेडबी आरोग्यम कुणाल वूमेन एंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल ने एक निःशुल्क स्त्री रोग एवं बाल रोग स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित यह शिविर वार्ड संख्या-15 की पार्षद डॉ. अंशिका प्रिया के सौजन्य से संपन्न हुआ। इस शिविर में महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जहाँ कुल 260 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 150 महिलाएं और 110 बच्चे शामिल थे। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वीटी द्वारा
महिलाओं की जांच एवं परामर्श किया गया, जबकि बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने बच्चों की जांच और उपचार संबंधी सलाह प्रदान की। स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों के बीच निःशुल्क दवाओं का भी वितरण किया गया। डॉ. स्वीटी ने महिलाओं को गर्भावस्था, मातृ स्वास्थ्य, एनीमिया, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। वहीं, डॉ. दिलीप कुमार गुप्ता ने अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य, संतुलित पोषण, समय पर टीकाकरण एवं मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर
लोगों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान कराया और इस शिविर की सराहना की। इस अवसर पर वार्ड पार्षद डॉ. अंशिका प्रिया ने कहा कि योग दिवस हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है, और ऐसे निःशुल्क चिकित्सा शिविर समाज के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, क्योंकि ये आम लोगों को उनके क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने बताया कि योग और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं, और इस शिविर का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने भविष्य
में भी अस्पताल द्वारा जनहित में ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जारी रखने की बात कही। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने इस पहल को स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक सार्थक कदम बताया और कहा कि उनका प्रयास है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचें। उन्होंने लोगों की सकारात्मक सहभागिता को आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरक बताया। शिविर के सफल आयोजन में अस्पताल प्रबंधन एवं स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसने जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के प्रयास को सफल बनाया।
- मांडू थाना में मोहर्रम के आगामी पर्व को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान प्रशासन ने पर्व के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही, प्रशासन ने सभी से आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की।1
- बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।1
- एक महत्वपूर्ण संदेश में बच्चों को 'सेफ कोड' सिखाने के एक स्मार्ट तरीके पर जोर दिया गया है। इसे बाहरी दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त फॉर्मूला बताया गया है, जो उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।1
- ज्ञान आनंद साइन दरबार की पालकी यात्रा 25 तारीख को निकली।1
- मोहर्रम के अवसर पर डीजे के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में मुस्लिम समाज के लिए एक संदेश भी जारी किया गया है।1
- योग दिवस के अवसर पर तीखी नोकझोंक हुई, जिसकी जानकारी स्थानीय और झारखंड समाचार चैनलों के माध्यम से सामने आई।1
- बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है। अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है। मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी। समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।1
- सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने मीडिया के समक्ष यह घोषणा की है कि टंडवा प्रखंड विधानसभा क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी। विधायक उज्जवल कुमार दास ने आज टंडवा प्रखंड का दौरा किया, जहाँ वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए।1