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अलवर पुलिस लाइन में होली का जश्न एसपी और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर मनाई होली। ढोल-नगाड़ों पर झूमे पुलिसकर्मी।

3 hrs ago
user_Ram Mishra
Ram Mishra
Local News Reporter Alwar, Rajasthan•
3 hrs ago

अलवर पुलिस लाइन में होली का जश्न एसपी और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर मनाई होली। ढोल-नगाड़ों पर झूमे पुलिसकर्मी।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • भिवाड़ी: बाबा मोहनराम काली खोली में वार्षिक मेले उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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    भिवाड़ी: बाबा मोहनराम काली खोली में वार्षिक मेले उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
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    Post by Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
    user_Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
    Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
    बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • दोस्तों अपने-अपने बच्चों का ख्याल रखो बाद में मत बोलना कि किसी ने बताया नहीं
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    दोस्तों अपने-अपने बच्चों का ख्याल रखो बाद में मत बोलना कि किसी ने बताया नहीं
    user_KARAN RAJPUT
    KARAN RAJPUT
    Voice of people बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है। हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं। प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है। बढ़ती जन-आस्था जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
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    आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता
स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं।
प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व
मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है।
बढ़ती जन-आस्था
जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    1
    Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर विराटनगर, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बांदीकुई।।बसवा रोड स्थित गोपाल बगीची में होली खेलने के दौरान आपसी कहासुनी बढ़कर हाथापाई में बदल गई। जानकारी के अनुसार रंग-गुलाल खेलते समय दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बिगड़ गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
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    बांदीकुई।।बसवा रोड स्थित गोपाल बगीची में होली खेलने के दौरान आपसी कहासुनी बढ़कर हाथापाई में बदल गई। जानकारी के अनुसार रंग-गुलाल खेलते समय दो पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बिगड़ गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
    user_अमर चन्द बैरवा
    अमर चन्द बैरवा
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    23 hrs ago
  • लड़के, लड़की (महिला) का वेशभूषा पहनकर होली मनाते हुए गीत गाते हैं! इस भाई ने तो बिल्कुल ही कंफ्यूज कर दिया, ये तो हुबहू लड़की लग रहा है..!!
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    लड़के, लड़की (महिला) का वेशभूषा पहनकर होली मनाते हुए गीत गाते हैं! 
इस भाई ने तो बिल्कुल ही कंफ्यूज कर दिया, ये तो हुबहू लड़की लग रहा है..!!
    user_Ram Mishra
    Ram Mishra
    Local News Reporter Alwar, Rajasthan•
    21 hrs ago
  • आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है। हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं। प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है। बढ़ती जन-आस्था जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
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    आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता
स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं।
प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व
मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है।
बढ़ती जन-आस्था
जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
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    Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर विराटनगर, जयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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