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भिवाड़ी: बाबा मोहनराम काली खोली में वार्षिक मेले उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

7 hrs ago
user_सुनील कान्त गोल्डी
सुनील कान्त गोल्डी
रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
7 hrs ago

भिवाड़ी: बाबा मोहनराम काली खोली में वार्षिक मेले उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

More news from राजस्थान and nearby areas
  • आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है। हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं। प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है। बढ़ती जन-आस्था जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
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    आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता
स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं।
प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व
मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है।
बढ़ती जन-आस्था
जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • Post by Ram Mishra
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    Post by Ram Mishra
    user_Ram Mishra
    Ram Mishra
    Local News Reporter Alwar, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • मालाखेड़ा बड़ेर। होली के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत बड़ेर में हर्ष और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर समस्त बड़ेर वासियों, नवयुवक साथियों एवं मातृशक्ति ने एकजुट होकर सुरेन्द्र सिंह बड़ेर को आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपस्थित जनसमूह ने कहा कि समाज की एकता और आपसी सद्भाव ही गांव की सबसे बड़ी ताकत है। होली के इस रंगोत्सव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आपसी मेलजोल और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया गया। वातावरण रंगों, उत्साह और उल्लास से सराबोर रहा।
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    मालाखेड़ा बड़ेर। होली के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत बड़ेर में हर्ष और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर समस्त बड़ेर वासियों, नवयुवक साथियों एवं मातृशक्ति ने एकजुट होकर सुरेन्द्र सिंह बड़ेर को आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपस्थित जनसमूह ने कहा कि समाज की एकता और आपसी सद्भाव ही गांव की सबसे बड़ी ताकत है।
होली के इस रंगोत्सव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आपसी मेलजोल और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया गया। वातावरण रंगों, उत्साह और उल्लास से सराबोर रहा।
    user_एस एस मिडिया अलवर
    एस एस मिडिया अलवर
    पत्रकार मालखेड़ा, अलवर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • खोल थाना पुलिस को मिली बड़ी सफलता -शातिर चोर धरा,चोरी किए हुए करीब 21 लाख के जेवरात व दो बाइक बरामद, भेजा जेल की सलाखों के पीछे।
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    खोल थाना पुलिस को मिली बड़ी सफलता -शातिर चोर धरा,चोरी किए हुए करीब 21 लाख के जेवरात व दो बाइक बरामद, भेजा जेल की सलाखों के पीछे।
    user_Prem bhardwaj bhardwaj
    Prem bhardwaj bhardwaj
    Court reporter रेवाड़ी, रेवाड़ी, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • Post by Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
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    Post by Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
    user_Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
    Mukesh Kumar सत्य दर्शन न्यूज़ हरसौरा
    बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए बच्चों को किया जागरूक जा रहा है, जिसका फायदा लोगों को मिल रहा है। अगर जाने अंजाने में किसी के साथ फ्राड हो जाए तो 1930 नं पर शिकायत कर सकते हैं। मदद हर हाल में होगी !
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    साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए बच्चों को किया जागरूक जा रहा है, जिसका फायदा लोगों को मिल रहा है। अगर जाने अंजाने में किसी के साथ फ्राड हो जाए तो 1930 नं पर शिकायत कर सकते हैं। मदद हर हाल में होगी !
    user_जफरूदीन गूमल
    जफरूदीन गूमल
    Voice of people नूंह, नूंह, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है। हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं। प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है। बढ़ती जन-आस्था जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
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    आस्था से आरोग्य की राह—बीबीरानी माता मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
बीबीरानी: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित प्राचीन बीबीरानी माता मंदिर इन दिनों स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आने वाले भक्तों के न केवल कष्ट दूर होते हैं, बल्कि असाध्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
हर बुधवार लगता है भक्तों का तांता
स्थानीय लोगों और मंदिर के सुरेश भगत जी ने बताया कि मंदिर में हर बुधवार को विशेष 'जात' (हाजिरी) लगाने की परंपरा है। बुधवार के दिन मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहता है और बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
चर्म रोग से मुक्ति की अनूठी मान्यता
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता चर्म रोगों के इलाज से जुड़ी लोक-आस्था है। सुरेश भगत जी के अनुसार, जिन लोगों को त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं, वे यहाँ आकर विशेष मन्नत मांगते हैं। मान्यता है कि यहाँ विधि-विधान से जात लगाने पर गंभीर से गंभीर चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं।
प्रसाद में नारियल और बैंगन का महत्व
मंदिर में चढ़ावे की परंपरा भी काफी निराली है। श्रद्धालु माता के चरणों में नारियल के साथ बैंगन अर्पित करते हैं। स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि बैंगन चढ़ाने की यह प्राचीन परंपरा चर्म रोगों को जड़ से मिटाने के प्रतीक के रूप में देखी जाती है।
बढ़ती जन-आस्था
जैसे-जैसे लोगों को यहाँ के चमत्कारों और अनुभवों के बारे में पता चल रहा है, भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग आगंतुकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं।
    user_पत्रकार संदीप यादव
    पत्रकार संदीप यादव
    Computer Shop मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • लड़के, लड़की (महिला) का वेशभूषा पहनकर होली मनाते हुए गीत गाते हैं! इस भाई ने तो बिल्कुल ही कंफ्यूज कर दिया, ये तो हुबहू लड़की लग रहा है..!!
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    लड़के, लड़की (महिला) का वेशभूषा पहनकर होली मनाते हुए गीत गाते हैं! 
इस भाई ने तो बिल्कुल ही कंफ्यूज कर दिया, ये तो हुबहू लड़की लग रहा है..!!
    user_Ram Mishra
    Ram Mishra
    Local News Reporter Alwar, Rajasthan•
    21 hrs ago
  • रेवाड़ी के रामपुर गांव की न्यू आदर्श नगर पार्ट 2 कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया होली का प्रोग्राम इस दौरान कॉलोनी से सुमन भारद्वाज, मनीष सोनी, मास्टर जी, मुकेश, नीटू आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे |
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    रेवाड़ी के रामपुर गांव की न्यू आदर्श नगर पार्ट 2 कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया होली का प्रोग्राम इस दौरान कॉलोनी से सुमन भारद्वाज, मनीष सोनी, मास्टर जी, मुकेश, नीटू आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे |
    user_News Junction Haryana
    News Junction Haryana
    Rewari, Haryana•
    21 hrs ago
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