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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक मा. बालासाहेब (मधुकर दत्तात्रेय) देवरस और ज्येष्ठ प्रचारक मा. भाऊराव (मुरलीधर दत्तात्रेय) देवरस के पैतृक ग्राम कारंजा में नवनिर्मित स्मृति भवन का पूजन एवं प्रवेश कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शनिवार, 27 जून 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आरंभ सुबह 8 बजे वास्तु पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद सुबह 11 बजे भवन प्रवेश और मंच का औपचारिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे से भोजन प्रारंभ किया गया। यह स्मृति भवन संघ शताब्दी के पावन अवसर पर सभी के प्रयासों से निर्मित किया गया है। इस अवसर पर बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास कारंजा के समस्त न्यासी मण्डल, संघ के पदाधिकारी कार्यकर्ता और अन्य लोग प्रमुखता से मौजूद रहे।

22 hrs ago
user_Ramanuj Tidke
Ramanuj Tidke
Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
22 hrs ago

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक मा. बालासाहेब (मधुकर दत्तात्रेय) देवरस और ज्येष्ठ प्रचारक मा. भाऊराव (मुरलीधर दत्तात्रेय) देवरस के पैतृक ग्राम कारंजा में नवनिर्मित स्मृति भवन का पूजन एवं प्रवेश कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शनिवार, 27 जून 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आरंभ सुबह 8 बजे वास्तु पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद सुबह 11 बजे भवन प्रवेश और मंच का औपचारिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे से भोजन प्रारंभ किया गया। यह स्मृति भवन संघ शताब्दी के पावन अवसर पर सभी के प्रयासों से निर्मित किया गया है। इस अवसर पर बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास कारंजा के समस्त न्यासी मण्डल, संघ के पदाधिकारी कार्यकर्ता और अन्य लोग प्रमुखता से मौजूद रहे।

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  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक मा. बालासाहेब (मधुकर दत्तात्रेय) देवरस और ज्येष्ठ प्रचारक मा. भाऊराव (मुरलीधर दत्तात्रेय) देवरस के पैतृक ग्राम कारंजा में नवनिर्मित स्मृति भवन का पूजन एवं प्रवेश कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शनिवार, 27 जून 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आरंभ सुबह 8 बजे वास्तु पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद सुबह 11 बजे भवन प्रवेश और मंच का औपचारिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे से भोजन प्रारंभ किया गया। यह स्मृति भवन संघ शताब्दी के पावन अवसर पर सभी के प्रयासों से निर्मित किया गया है। इस अवसर पर बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास कारंजा के समस्त न्यासी मण्डल, संघ के पदाधिकारी कार्यकर्ता और अन्य लोग प्रमुखता से मौजूद रहे।
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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक मा. बालासाहेब (मधुकर दत्तात्रेय) देवरस और ज्येष्ठ प्रचारक मा. भाऊराव (मुरलीधर दत्तात्रेय) देवरस के पैतृक ग्राम कारंजा में नवनिर्मित स्मृति भवन का पूजन एवं प्रवेश कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शनिवार, 27 जून 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का आरंभ सुबह 8 बजे वास्तु पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद सुबह 11 बजे भवन प्रवेश और मंच का औपचारिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे से भोजन प्रारंभ किया गया। यह स्मृति भवन संघ शताब्दी के पावन अवसर पर सभी के प्रयासों से निर्मित किया गया है। इस अवसर पर बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास कारंजा के समस्त न्यासी मण्डल, संघ के पदाधिकारी कार्यकर्ता और अन्य लोग प्रमुखता से मौजूद रहे।
    user_Ramanuj Tidke
    Ramanuj Tidke
    Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पवनतरा के ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके नाम आवास सूची में होने के बावजूद अब तक उन्हें आवास नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी कई परिवार प्लास्टिक और पॉलिथीन से ढकी झोपड़ियों में रहने को विवश हैं। बारिश के मौसम में इन अस्थायी घरों में पानी घुस जाता है, जिससे उन्हें रहने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। आवास संबंधी इन समस्याओं के अलावा, ग्रामीणों ने गांव में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने की शिकायत भी की है। उनका दावा है कि कई परिवारों को करीब 3 किलोमीटर दूर दूसरे गांव से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी इन बुनियादी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ है। 1PM CG NEWS की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को कैमरे में रिकॉर्ड किया है। यह रिपोर्ट ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके बयानों पर आधारित है। खबर में कहा गया है कि प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों सूची में नाम होने के बावजूद ऐसे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास नहीं मिल रहा है।
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    खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पवनतरा के ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके नाम आवास सूची में होने के बावजूद अब तक उन्हें आवास नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी कई परिवार प्लास्टिक और पॉलिथीन से ढकी झोपड़ियों में रहने को विवश हैं। बारिश के मौसम में इन अस्थायी घरों में पानी घुस जाता है, जिससे उन्हें रहने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

आवास संबंधी इन समस्याओं के अलावा, ग्रामीणों ने गांव में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने की शिकायत भी की है। उनका दावा है कि कई परिवारों को करीब 3 किलोमीटर दूर दूसरे गांव से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी इन बुनियादी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ है। 1PM CG NEWS की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को कैमरे में रिकॉर्ड किया है।

यह रिपोर्ट ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके बयानों पर आधारित है। खबर में कहा गया है कि प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों सूची में नाम होने के बावजूद ऐसे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास नहीं मिल रहा है।
    user_1PM CG NEWS
    1PM CG NEWS
    News Anchor खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बालाघाट में 100 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले को लेकर गहन जांच की मांग उठाई गई है। इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुजारे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे प्रकरण की जांच कराने और उच्च न्यायालय की निगरानी में यह जांच संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस बड़े रैकेट में उद्योगपतियों, नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत है।
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    मध्य प्रदेश के बालाघाट में 100 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले को लेकर गहन जांच की मांग उठाई गई है। इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुजारे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे प्रकरण की जांच कराने और उच्च न्यायालय की निगरानी में यह जांच संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस बड़े रैकेट में उद्योगपतियों, नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत है।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बालाघाट जिले में धान की खेती में आधुनिक और जल संरक्षण आधारित तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए 26 जून को एक पहल की गई। बालाघाट विकासखंड के ग्राम चीचगांव में जनपद सदस्य, एकता संघ जिला बालाघाट के अध्यक्ष और किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष महेश शरणागत के कृषि खेत में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) यानी बोवार पद्धति से सुपर सीडर मशीन के माध्यम से धान की बुवाई की गई। इस अवसर पर, किसान नेता महेश शरणागत ने ज़िले के किसानों से डीएसआर पद्धति अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि पहले अधिकांश किसान छिड़काव या बोवार पद्धति से ही धान की खेती करते थे, जिससे खेतों की मेड़ों में रुका पानी धीरे-धीरे ज़मीन में रिसकर भूजल स्तर को बनाए रखता था। इससे गांवों के कुओं और बोरवेल में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहता था, साथ ही खेतों की मिट्टी भी भुरभुरी एवं उपजाऊ बनी रहती थी। हालांकि, उनके अनुसार, रोपा पद्धति के बढ़ते प्रचलन के कारण अब खेतों में अत्यधिक कीचड़ किया जाता है, जिससे मेड़ों का पानी ज़मीन में समाहित होने के बजाय सीधे नदी-नालों में बह जाता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और खेतों की मिट्टी कठोर होती जा रही है, जिसके कारण उड़द, अलसी, पोपट और चना जैसी उतेरा एवं दलहनी फसलों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। श्री शरणागत ने किसानों से डीएसआर (बोवार) पद्धति अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यह तकनीक खेती की लागत कम करती है, पानी की बचत करती है, मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाए रखती है और खरीफ के बाद रबी एवं उतेरा फसलों का बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह पद्धति किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी क्रम में, ग्राम मगरदर्रा में भी किसानों के खेतों में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कराई गई। इस दौरान कृषक अशोक उइके, बस्तीराम उइके, रामन चौधरी, राजेश राहंगडाले, छमन बाई ऐड़े सहित अन्य किसानों ने भी इस तकनीक को अपनाते हुए अपने खेतों में धान की बुवाई की। बालाघाट के ग्राम गोंगलई में भी डीएसआर (बोवार) पद्धति से धान की बुवाई को बढ़ावा मिला है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डीएसआर तकनीक जल संरक्षण, कम लागत, श्रम की बचत और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक प्रभावी विकल्प है। ज़िले में इस तकनीक के प्रति किसानों का बढ़ता रुझान भविष्य में कृषि को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
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    बालाघाट जिले में धान की खेती में आधुनिक और जल संरक्षण आधारित तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए 26 जून को एक पहल की गई। बालाघाट विकासखंड के ग्राम चीचगांव में जनपद सदस्य, एकता संघ जिला बालाघाट के अध्यक्ष और किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष महेश शरणागत के कृषि खेत में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) यानी बोवार पद्धति से सुपर सीडर मशीन के माध्यम से धान की बुवाई की गई। इस अवसर पर, किसान नेता महेश शरणागत ने ज़िले के किसानों से डीएसआर पद्धति अपनाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि पहले अधिकांश किसान छिड़काव या बोवार पद्धति से ही धान की खेती करते थे, जिससे खेतों की मेड़ों में रुका पानी धीरे-धीरे ज़मीन में रिसकर भूजल स्तर को बनाए रखता था। इससे गांवों के कुओं और बोरवेल में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहता था, साथ ही खेतों की मिट्टी भी भुरभुरी एवं उपजाऊ बनी रहती थी। हालांकि, उनके अनुसार, रोपा पद्धति के बढ़ते प्रचलन के कारण अब खेतों में अत्यधिक कीचड़ किया जाता है, जिससे मेड़ों का पानी ज़मीन में समाहित होने के बजाय सीधे नदी-नालों में बह जाता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और खेतों की मिट्टी कठोर होती जा रही है, जिसके कारण उड़द, अलसी, पोपट और चना जैसी उतेरा एवं दलहनी फसलों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।

श्री शरणागत ने किसानों से डीएसआर (बोवार) पद्धति अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यह तकनीक खेती की लागत कम करती है, पानी की बचत करती है, मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाए रखती है और खरीफ के बाद रबी एवं उतेरा फसलों का बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह पद्धति किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी क्रम में, ग्राम मगरदर्रा में भी किसानों के खेतों में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कराई गई। इस दौरान कृषक अशोक उइके, बस्तीराम उइके, रामन चौधरी, राजेश राहंगडाले, छमन बाई ऐड़े सहित अन्य किसानों ने भी इस तकनीक को अपनाते हुए अपने खेतों में धान की बुवाई की। बालाघाट के ग्राम गोंगलई में भी डीएसआर (बोवार) पद्धति से धान की बुवाई को बढ़ावा मिला है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डीएसआर तकनीक जल संरक्षण, कम लागत, श्रम की बचत और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक प्रभावी विकल्प है। ज़िले में इस तकनीक के प्रति किसानों का बढ़ता रुझान भविष्य में कृषि को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
    user_ASHISH NEWARE Journalist
    ASHISH NEWARE Journalist
    बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • राज्य में जारी खाद संकट पर मार्कफेड अध्यक्ष ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने डीएपी खाद की कमी को स्वीकार किया है। हालांकि, इस सबके बावजूद किसानों को किए जाने वाले भुगतान से जुड़े सवाल अभी भी बरकरार हैं।
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    राज्य में जारी खाद संकट पर मार्कफेड अध्यक्ष ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने डीएपी खाद की कमी को स्वीकार किया है। हालांकि, इस सबके बावजूद किसानों को किए जाने वाले भुगतान से जुड़े सवाल अभी भी बरकरार हैं।
    user_Jaideep Sharma
    Jaideep Sharma
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हत्या बताया है। अभ्यानंद ने चेतावनी दी है कि यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाई गई थी, तो इसमें शामिल पुलिस टीम को अपनी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ सकती है। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में अब पूर्व डीजीपी अभ्यानंद का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर चल रहे वीडियो फुटेज को घटना का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में मृतक भरत तिवारी द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव और मीडिया क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि उस अकेले व्यक्ति ने अपना हथियार नीचे फेंक दिया था, वह निहत्था था और उसकी तरफ से कोई फायरिंग नहीं हो रही थी। पूर्व डीजीपी ने जोर देकर कहा कि जब कोई अपराधी आत्मसमर्पण कर दे या हथियार डाल दे, तो उसे घेरकर गोली मार देना एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है। अभ्यानंद ने गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ट्रायल के दौरान यह बात अदालत में साबित हो गई, तो गोली मारने वाले पुलिसकर्मी को लोअर कोर्ट से मृत्युदंड मिलेगा और टीम के अन्य पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास भुगतनी पड़ेगी, क्योंकि इस धारा में तीसरी कोई सजा होती ही नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था, यह सरेंडर करने के बाद निहत्थे भरत तिवारी की हत्या की गई है, जिसे संविधान में हत्या कहा जाता है।
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    बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हत्या बताया है। अभ्यानंद ने चेतावनी दी है कि यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाई गई थी, तो इसमें शामिल पुलिस टीम को अपनी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ सकती है।

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में अब पूर्व डीजीपी अभ्यानंद का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर चल रहे वीडियो फुटेज को घटना का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में मृतक भरत तिवारी द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव और मीडिया क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि उस अकेले व्यक्ति ने अपना हथियार नीचे फेंक दिया था, वह निहत्था था और उसकी तरफ से कोई फायरिंग नहीं हो रही थी। पूर्व डीजीपी ने जोर देकर कहा कि जब कोई अपराधी आत्मसमर्पण कर दे या हथियार डाल दे, तो उसे घेरकर गोली मार देना एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है।

अभ्यानंद ने गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ट्रायल के दौरान यह बात अदालत में साबित हो गई, तो गोली मारने वाले पुलिसकर्मी को लोअर कोर्ट से मृत्युदंड मिलेगा और टीम के अन्य पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास भुगतनी पड़ेगी, क्योंकि इस धारा में तीसरी कोई सजा होती ही नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था, यह सरेंडर करने के बाद निहत्थे भरत तिवारी की हत्या की गई है, जिसे संविधान में हत्या कहा जाता है।
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • दुर्ग जिले की पुलगांव पुलिस ने गांजा तस्करी और बिक्री में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये से अधिक का मादक पदार्थ जब्त किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से आरोपियों को दबोचा। जब्त किए गए मादक पदार्थ में कुल 2.992 किलोग्राम गांजा, बिक्री की नगदी ₹700 और अन्य सामग्री शामिल है, जिसकी कुल कीमत ₹1,50,200 बताई गई है। यह कार्यवाही 27 जून 2026 को हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि दुर्ग के पुलगांव स्थित पोटिया रोड पर उटोपिया के सामने एक व्यक्ति अवैध गांजा बेचने की फिराक में है। मौके पर घेराबंदी कर ओमकार यादव (उम्र 21 वर्ष, निवासी कुन्दरापारा, पोटियाकला, पद्मनाभपुर, दुर्ग) को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से थैले में रखा गांजा मिला। पूछताछ में ओमकार ने अपने साथी मोहन कुम्भार (उम्र 24 वर्ष, निवासी टिटलागढ़, ओडिशा, हाल मुकाम गैलेक्सी हाइट्स, बोरसी, पद्मनाभपुर, दुर्ग) के साथ मिलकर गांजा मंगवाने और बेचने की बात कबूली। उसने यह भी बताया कि वे अटल आवास बोरसी पानी टंकी के पास खड़ी एक खराब कार में गांजा की पुड़िया तैयार कर बेचते थे। इसके बाद, पुलिस टीम ने मोहन कुम्भार को भी गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से भी अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना पुलगांव में अपराध क्रमांक 602/2026, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। घटना का मुख्य कारण अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करना बताया गया है। इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक सुभाष साहू, प्रधान आरक्षक सुनील सोनी, प्रधान आरक्षक मनोज पटेल, आरक्षक हेमेन्द्र कुर्रे, आरक्षक मनोज यादव और आरक्षक चालक हरीशचंद सिन्हा की भूमिका सराहनीय रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने और मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है, ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    दुर्ग जिले की पुलगांव पुलिस ने गांजा तस्करी और बिक्री में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये से अधिक का मादक पदार्थ जब्त किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से आरोपियों को दबोचा। जब्त किए गए मादक पदार्थ में कुल 2.992 किलोग्राम गांजा, बिक्री की नगदी ₹700 और अन्य सामग्री शामिल है, जिसकी कुल कीमत ₹1,50,200 बताई गई है। यह कार्यवाही 27 जून 2026 को हुई।

पुलिस को सूचना मिली थी कि दुर्ग के पुलगांव स्थित पोटिया रोड पर उटोपिया के सामने एक व्यक्ति अवैध गांजा बेचने की फिराक में है। मौके पर घेराबंदी कर ओमकार यादव (उम्र 21 वर्ष, निवासी कुन्दरापारा, पोटियाकला, पद्मनाभपुर, दुर्ग) को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से थैले में रखा गांजा मिला। पूछताछ में ओमकार ने अपने साथी मोहन कुम्भार (उम्र 24 वर्ष, निवासी टिटलागढ़, ओडिशा, हाल मुकाम गैलेक्सी हाइट्स, बोरसी, पद्मनाभपुर, दुर्ग) के साथ मिलकर गांजा मंगवाने और बेचने की बात कबूली। उसने यह भी बताया कि वे अटल आवास बोरसी पानी टंकी के पास खड़ी एक खराब कार में गांजा की पुड़िया तैयार कर बेचते थे। इसके बाद, पुलिस टीम ने मोहन कुम्भार को भी गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से भी अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया।

दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना पुलगांव में अपराध क्रमांक 602/2026, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। घटना का मुख्य कारण अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करना बताया गया है। इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक सुभाष साहू, प्रधान आरक्षक सुनील सोनी, प्रधान आरक्षक मनोज पटेल, आरक्षक हेमेन्द्र कुर्रे, आरक्षक मनोज यादव और आरक्षक चालक हरीशचंद सिन्हा की भूमिका सराहनीय रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने और मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है, ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_हेमंत उमरे
    हेमंत उमरे
    पत्रकार दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • मुस्लिम समाज ने पैगंबर साहब पर कथित टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए भरवेली थाने में अपनी नाराजगी व्यक्त की है। समाज ने इस मामले में नाजिया खान की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की मांग की है।
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    मुस्लिम समाज ने पैगंबर साहब पर कथित टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए भरवेली थाने में अपनी नाराजगी व्यक्त की है। समाज ने इस मामले में नाजिया खान की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की मांग की है।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
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