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मध्य प्रदेश के बालाघाट में 100 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले को लेकर गहन जांच की मांग उठाई गई है। इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुजारे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे प्रकरण की जांच कराने और उच्च न्यायालय की निगरानी में यह जांच संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस बड़े रैकेट में उद्योगपतियों, नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत है।
Samarpit sahu
मध्य प्रदेश के बालाघाट में 100 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले को लेकर गहन जांच की मांग उठाई गई है। इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुजारे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे प्रकरण की जांच कराने और उच्च न्यायालय की निगरानी में यह जांच संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस बड़े रैकेट में उद्योगपतियों, नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत है।
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- मध्य प्रदेश के बालाघाट में 100 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले को लेकर गहन जांच की मांग उठाई गई है। इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुजारे ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से पूरे प्रकरण की जांच कराने और उच्च न्यायालय की निगरानी में यह जांच संपन्न कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस बड़े रैकेट में उद्योगपतियों, नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत है।1
- बालाघाट जिले में धान की खेती में आधुनिक और जल संरक्षण आधारित तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए 26 जून को एक पहल की गई। बालाघाट विकासखंड के ग्राम चीचगांव में जनपद सदस्य, एकता संघ जिला बालाघाट के अध्यक्ष और किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष महेश शरणागत के कृषि खेत में डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) यानी बोवार पद्धति से सुपर सीडर मशीन के माध्यम से धान की बुवाई की गई। इस अवसर पर, किसान नेता महेश शरणागत ने ज़िले के किसानों से डीएसआर पद्धति अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि पहले अधिकांश किसान छिड़काव या बोवार पद्धति से ही धान की खेती करते थे, जिससे खेतों की मेड़ों में रुका पानी धीरे-धीरे ज़मीन में रिसकर भूजल स्तर को बनाए रखता था। इससे गांवों के कुओं और बोरवेल में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहता था, साथ ही खेतों की मिट्टी भी भुरभुरी एवं उपजाऊ बनी रहती थी। हालांकि, उनके अनुसार, रोपा पद्धति के बढ़ते प्रचलन के कारण अब खेतों में अत्यधिक कीचड़ किया जाता है, जिससे मेड़ों का पानी ज़मीन में समाहित होने के बजाय सीधे नदी-नालों में बह जाता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और खेतों की मिट्टी कठोर होती जा रही है, जिसके कारण उड़द, अलसी, पोपट और चना जैसी उतेरा एवं दलहनी फसलों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। श्री शरणागत ने किसानों से डीएसआर (बोवार) पद्धति अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यह तकनीक खेती की लागत कम करती है, पानी की बचत करती है, मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाए रखती है और खरीफ के बाद रबी एवं उतेरा फसलों का बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह पद्धति किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी क्रम में, ग्राम मगरदर्रा में भी किसानों के खेतों में सुपर सीडर मशीन के माध्यम से डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई कराई गई। इस दौरान कृषक अशोक उइके, बस्तीराम उइके, रामन चौधरी, राजेश राहंगडाले, छमन बाई ऐड़े सहित अन्य किसानों ने भी इस तकनीक को अपनाते हुए अपने खेतों में धान की बुवाई की। बालाघाट के ग्राम गोंगलई में भी डीएसआर (बोवार) पद्धति से धान की बुवाई को बढ़ावा मिला है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डीएसआर तकनीक जल संरक्षण, कम लागत, श्रम की बचत और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक प्रभावी विकल्प है। ज़िले में इस तकनीक के प्रति किसानों का बढ़ता रुझान भविष्य में कृषि को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।4
- पहली ही बारिश के साथ तिरोड़ी पंचायत की पोल खुल गई, जहाँ लगभग आधा दर्जन घरों में पानी घुस गया।1
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक मा. बालासाहेब (मधुकर दत्तात्रेय) देवरस और ज्येष्ठ प्रचारक मा. भाऊराव (मुरलीधर दत्तात्रेय) देवरस के पैतृक ग्राम कारंजा में नवनिर्मित स्मृति भवन का पूजन एवं प्रवेश कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम शनिवार, 27 जून 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह और अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश उपाख्य भैयाजी जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आरंभ सुबह 8 बजे वास्तु पूजन के साथ हुआ, जिसके बाद सुबह 11 बजे भवन प्रवेश और मंच का औपचारिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे से भोजन प्रारंभ किया गया। यह स्मृति भवन संघ शताब्दी के पावन अवसर पर सभी के प्रयासों से निर्मित किया गया है। इस अवसर पर बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास कारंजा के समस्त न्यासी मण्डल, संघ के पदाधिकारी कार्यकर्ता और अन्य लोग प्रमुखता से मौजूद रहे।1
- सिवनी जिले के डूंण्डासिवनी थाना क्षेत्र में एक ट्रक चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ग्राम पिंडरई खुर्द निवासी तरुण बापाची ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बापाची ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपना ट्रक बम्होड़ी स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़ा किया था और उसके बाद घर चले गए थे। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने पाया कि उनका ट्रक वहाँ से चोरी हो चुका था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और चोरों की तलाश में जुट गई है, साथ ही घटना की गहन जांच भी की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड स्थित ग्राम गंगई का एक परिवार पिछले तीन साल से न्याय और राहत की उम्मीद में भटक रहा है। परिवार का दावा है कि वर्ष 2024 में लगातार हुई बारिश के कारण उनका कच्चा मकान ढह गया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी दो बेटियों की पढ़ाई भी छूट गई। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या गरीबी ही उनकी सबसे बड़ी गलती है, क्योंकि उन्हें आज तक कोई मदद नहीं मिली है। परिवार का कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायत, तहसील और जनसुनवाई जैसे कई सरकारी स्तरों पर आवेदन दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो कोई स्थायी आवास मिल पाया है और न ही पर्याप्त राहत मिली है। पोस्ट में इस स्थिति को एक गंभीर मुद्दा बताया गया है जिसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। इसमें मांग की गई है कि पात्रता के अनुसार परिवार को तुरंत राहत प्रदान की जाए और यदि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। इस गंभीर स्थिति के बीच, 1 जुलाई को माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी का सिवनी दौरा प्रस्तावित है। इसको लेकर यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या इस पीड़ित परिवार की आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुँच पाएगी? पोस्ट में गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि क्या इन मासूम बच्चियों को दोबारा सिर पर छत और शिक्षा का अधिकार मिल पाएगा, जिनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। पोस्ट में सभी से विनम्र अनुरोध किया गया है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लाइक, कमेंट और शेयर करें, ताकि यह हर जिम्मेदार अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और आम नागरिक तक पहुँच सके और इस गरीब परिवार को न्याय मिल सके। यह अपील मोहित यादव, सिवनी के संवाददाता द्वारा की गई है।1
- मुस्लिम समाज ने पैगंबर साहब पर कथित टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए भरवेली थाने में अपनी नाराजगी व्यक्त की है। समाज ने इस मामले में नाजिया खान की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने की मांग की है।1
- सिवनी जिले की कुरई घाटी के पास पचधार क्षेत्र में आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक तूफान वाहन ट्रक के कंटेनर से जोरदार टक्कर खा गया, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज कुरई अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार, यह तूफान वाहन सिवनी जिले के आदिवासी क्षेत्र चाबी झन्ना टोला गांव से मजदूरों को लेकर केरल जा रहा था। वाहन में कुल 14 लोग सवार थे, और यह सिवनी से केरल की ओर जा रहा था तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही कुरई थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।1