पैतृक मकान से मां-बेटी को निकालने का आरोप, एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर न्याय का भरोसा दिया सिद्धार्थनगर जिले की नगरपालिका क्षेत्र के सिविल लाइंस, तेतरी बाजार निवासी शैलजा पुत्री स्व. रामकरन गुप्ता ने उपजिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र देकर अपनी भाभी पर संपत्ति हड़पने, बुजुर्ग बीमार मां और उसे पैतृक मकान से निकालने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में कार्रवाई करते हुए उसे और उसकी मां को सुरक्षा एवं न्याय दिलाने की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीएम रेनू मिश्रा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और पीड़ित मां-बेटी को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया है। शैलजा के अनुसार उनके पिता सिद्धार्थनगर पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार की सहमति से मंझले भाई बृजेश गुप्ता को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली थी। पीड़िता का कहना है कि उस समय बृजेश ने शपथ पत्र देकर पूरे परिवार की देखभाल करने की बात कही थी। परिवार में तीन भाई और तीन बहनें थीं। पीड़िता के मुताबिक बड़े भाई राम बेलास की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई। वहीं छोटे भाई बब्लू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने का कथित रूप से फायदा उठाकर उनकी संपत्ति भाभी कमला गुप्ता द्वारा बेच दिए जाने का आरोप है। शैलजा का कहना है कि बब्लू के बारे में भी लंबे समय से कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में मंझले भाई बृजेश गुप्ता की भी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी नौकरी से मिलने वाले वित्तीय लाभ उनकी पत्नी कमला गुप्ता को मिलने लगे। आरोप है कि इसके बावजूद करीब 20 वर्षों से पैरालिसिस से पीड़ित उनकी मां प्रभावती की समुचित देखभाल और इलाज नहीं कराया जा रहा है। शैलजा का आरोप है कि भाभी ने पैतृक मकान पर कब्जा कर उन्हें और उनकी मां को घर से बाहर कर दिया। इसके बाद दोनों मां-बेटी किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि जब वह अपनी मां के साथ पैतृक मकान में रहने का प्रयास करती हैं तो उनके साथ गाली-गलौज की जाती है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। पीड़िता ने मकान को बेचने की तैयारी किए जाने की आशंका भी जताई है। प्रार्थना पत्र में शैलजा ने अपने दिवंगत भाई के स्थान पर उनके नाबालिग पुत्र को भविष्य में नौकरी दिए जाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि भतीजे के बालिग होने तक परिवार की सुरक्षा और भरण-पोषण सुनिश्चित किया जाए। पीड़िता ने आशंका जताई है कि उसकी भाभी नौकरी संबंधी लाभ मिलने के बाद दूसरा विवाह कर सकती हैं, जिससे वह, उसकी मां और भतीजा बेसहारा हो सकते है। सदर एसडीएम रेनू मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वह स्वयं पीड़ित मां-बेटी के साथ तत्काल मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगी। उन्होंने कहा कि प्रकरण में तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी तथा मां-बेटी को जो भी सरकारी सहायता नियमानुसार मिल सकती है, उसे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित मां-बेटी के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
पैतृक मकान से मां-बेटी को निकालने का आरोप, एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर न्याय का भरोसा दिया सिद्धार्थनगर जिले की नगरपालिका क्षेत्र के सिविल लाइंस, तेतरी बाजार निवासी शैलजा पुत्री स्व. रामकरन गुप्ता ने उपजिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र देकर अपनी भाभी पर संपत्ति हड़पने, बुजुर्ग बीमार मां और उसे पैतृक मकान से निकालने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले में कार्रवाई करते हुए उसे और उसकी मां को सुरक्षा एवं न्याय दिलाने की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर एसडीएम रेनू मिश्रा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और पीड़ित मां-बेटी को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया है। शैलजा के अनुसार उनके पिता सिद्धार्थनगर पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनकी मृत्यु के बाद परिवार की सहमति से मंझले भाई बृजेश गुप्ता को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली थी। पीड़िता का कहना है कि उस समय बृजेश ने शपथ पत्र देकर पूरे परिवार की देखभाल करने की बात कही थी। परिवार में तीन भाई और तीन बहनें थीं। पीड़िता के मुताबिक बड़े भाई राम बेलास की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई। वहीं छोटे भाई बब्लू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने का कथित रूप से फायदा उठाकर उनकी संपत्ति भाभी कमला गुप्ता द्वारा बेच दिए जाने का आरोप है। शैलजा का कहना है कि बब्लू के बारे में भी लंबे समय से कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में मंझले भाई बृजेश गुप्ता की भी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनकी नौकरी से मिलने वाले वित्तीय लाभ उनकी पत्नी कमला गुप्ता को मिलने लगे। आरोप है कि इसके बावजूद करीब 20 वर्षों से पैरालिसिस से पीड़ित उनकी मां प्रभावती की समुचित देखभाल और इलाज नहीं कराया जा रहा है। शैलजा का आरोप है कि भाभी ने पैतृक मकान पर कब्जा कर उन्हें और उनकी मां को घर से बाहर कर दिया। इसके बाद दोनों मां-बेटी किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि जब वह अपनी मां के साथ पैतृक मकान में रहने का प्रयास करती हैं तो उनके साथ गाली-गलौज की जाती है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। पीड़िता ने मकान को बेचने की तैयारी किए जाने की आशंका भी जताई है। प्रार्थना पत्र में शैलजा ने अपने दिवंगत भाई के स्थान पर उनके नाबालिग पुत्र को भविष्य में नौकरी दिए जाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि भतीजे के बालिग होने तक परिवार की सुरक्षा और भरण-पोषण सुनिश्चित किया जाए। पीड़िता ने आशंका जताई है कि उसकी भाभी नौकरी संबंधी लाभ मिलने के बाद दूसरा विवाह कर सकती हैं, जिससे वह, उसकी मां और भतीजा बेसहारा हो सकते है। सदर एसडीएम रेनू मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वह स्वयं पीड़ित मां-बेटी के साथ तत्काल मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगी। उन्होंने कहा कि प्रकरण में तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी तथा मां-बेटी को जो भी सरकारी सहायता नियमानुसार मिल सकती है, उसे उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित मां-बेटी के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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- जिम्मेदारों की अनदेखी के बीच युवाओं ने संभाली सफाई की कमान, खुद काट रहे रास्ते की झाड़ियां MD न्यूज़ जिला महाराजगंज थाना बृजमनगंज रिपोर्टर स्वामीनाथन कुमार महराजगंज। जिले के बरगाहपुर क्षेत्र स्थित अंबेडकर पार्क लेहड़ा के पास ग्रामीण रास्ते की स्थिति को लेकर एक तस्वीर सामने आई है, जो जिम्मेदार व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। रास्ते के दोनों किनारों पर काफी मात्रा में घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्थानीय युवाओं ने आगे बढ़कर स्वयं रास्ते की सफाई शुरू कर दी। तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक हाथ में हंसिया लेकर सड़क के किनारे उगी झाड़ियों को काट रहा है, जबकि पीछे कई अन्य युवा भी मौजूद हैं। युवाओं का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते की साफ-सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं स्थानीय जिम्मेदारों की होनी चाहिए, लेकिन जब समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो उन्होंने खुद ही रास्ता साफ करने का फैसला लिया। युवाओं की पहल बनी चर्चा का विषय बरगाहपुर क्षेत्र में युवाओं की यह पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस काम के लिए संबंधित विभाग और जिम्मेदार कर्मचारियों को सक्रिय होना चाहिए, उस काम के लिए क्षेत्र के युवाओं को अपने स्तर से मेहनत करनी पड़ रही है। रास्ते के दोनों ओर खड़ी ऊंची घास के कारण सड़क का काफी हिस्सा ढका हुआ दिखाई दे रहा है। बरसात के मौसम में ऐसी झाड़ियों के बढ़ जाने से रास्ते पर चलने वाले लोगों को विशेष परेशानी हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि समय-समय पर रास्ते की सफाई और झाड़ियों की कटाई कराई जाए तो लोगों को ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। सवाल—जिम्मेदार विभाग कब लेगा संज्ञान? स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि क्षेत्र के युवा बिना किसी सरकारी व्यवस्था के खुद सार्वजनिक रास्ते की सफाई करने के लिए आगे आ सकते हैं, तो संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर नियमित रूप से ध्यान क्यों नहीं देते? ग्रामीणों ने मांग की है कि बरगाहपुर-अंबेडकर पार्क लेहड़ा क्षेत्र के रास्ते का निरीक्षण कराकर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही रास्ते के किनारे लगातार बढ़ रही झाड़ियों और घास को हटाने के लिए नियमित अभियान चलाया जाए, जिससे राहगीरों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। युवाओं ने दिया जिम्मेदारी का संदेश हालांकि युवाओं का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थान और रास्ते केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। लेकिन ग्रामीणों का यह भी कहना है कि युवाओं की पहल जिम्मेदार विभाग की नियमित व्यवस्था का विकल्प नहीं हो सकती। अब देखना यह होगा कि युवाओं की इस पहल और सामने आई तस्वीर के बाद संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और रास्ते की नियमित सफाई के लिए क्या कदम उठाते हैं। MD न्यूज़ जिला महराजगंज रिपोर्टर — स्वामीनाथ कुमार1
- महुली में पैदल गश्त के साथ अतिक्रमण हटाया, सीसीटीवी से बढ़ी निगरानी महुली। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को महुली पुलिस ने पैदल गश्त कर सुरक्षा अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी धनघटा के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने मुख्य बाजार, भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर नजर रखने के साथ दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। लोगों से यातायात व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करने की अपील की गई। पैदल गश्त के दौरान सड़क एवं सार्वजनिक मार्गों पर आवागमन में बाधा बन रहे अतिक्रमण को चिन्हित कर हटवाया गया। पुलिस ने दुकानदारों से प्रतिष्ठानों के सामने निर्धारित सीमा के भीतर ही सामान रखने तथा सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त रखने का आह्वान किया। वहीं, कस्बे में प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे महत्वपूर्ण स्थानों पर गतिविधियों की निगरानी बढ़ेगी और किसी घटना की स्थिति में पुलिस को आवश्यक साक्ष्य जुटाने में भी मदद मिलेगी। पुलिस ने आमजन को भरोसा दिलाया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। पुलिस का कहना है कि तकनीक, सतर्कता और जनसहयोग के माध्यम से अपराध की रोकथाम के साथ महुली कस्बे में सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल बनाने का प्रयास जारी रहेगा।3
- गीडा के सेक्टर-13 में बड़ी संख्या में पौधे खुले में पड़े, समय पर रोपण और देखभाल नहीं होने से सूखने का खतरा गोरखपुर। औद्योगिक क्षेत्र गीडा में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे पौधारोपण अभियान की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गीडा के सेक्टर-13 स्थित उद्योग भवन परिसर में बड़ी संख्या में पौधे खुले में पड़े दिखाई दे रहे हैं। समय से इनका रोपण नहीं होने और नियमित देखभाल की व्यवस्था न होने के कारण कई पौधों के खराब होने की आशंका बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इन पौधों को औद्योगिक इकाइयों के आसपास, सड़कों के किनारे और निर्धारित हरित पट्टियों में रोपने के लिए मंगाया गया था। पौधों को उनके निर्धारित स्थानों तक पहुंचाकर रोपण कराने के बजाय उन्हें उद्योग भवन परिसर में ही रख दिया गया है। खुले स्थान पर पड़े पौधों को तेज धूप, गर्मी और पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि जल्द ही इनका रोपण नहीं कराया गया तो बड़ी संख्या में पौधे सूख सकते हैं। पौधों के पड़े रहने से उठे सवाल उद्योग भवन परिसर में पौधों के इस तरह खुले में पड़े होने से पौधारोपण अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पौधारोपण के लिए केवल पौधे उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें समय पर सही स्थान पर लगाना, नियमित सिंचाई करना और पौधों को पशुओं व अन्य नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था करना भी जरूरी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि इन पौधों को किन-किन औद्योगिक इकाइयों अथवा हरित पट्टियों में लगाया जाना है और इनके आवंटन तथा रोपण की जिम्मेदारी किस विभाग या अधिकारी की है। यदि पौधे कई दिनों तक इसी तरह खुले में पड़े रहे तो अभियान के उद्देश्य को नुकसान पहुंच सकता है। संख्या नहीं, पौधों का जीवित रहना महत्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जाने वाले पौधारोपण अभियान की सफलता केवल इस बात से नहीं मापी जा सकती कि कितने पौधे खरीदे या वितरित किए गए। वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने पौधे निर्धारित स्थानों पर रोपे गए और उनमें से कितने पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो पाए। यदि समय पर रोपण और देखभाल नहीं हुई और पौधे सूख गए तो खरीद, परिवहन और रखरखाव पर खर्च होने वाली धनराशि का अपेक्षित उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। इससे सरकारी स्तर पर चलाए जा रहे हरियाली बढ़ाने के प्रयासों पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। जल्द रोपण और सिंचाई की जरूरत औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण कम करने और वातावरण को बेहतर बनाने के लिए हरियाली बढ़ाना बेहद जरूरी है। ऐसे में उद्योग भवन परिसर में रखे पौधों को जल्द से जल्द चिन्हित स्थानों पर लगाने के साथ उनकी नियमित सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। साथ ही पौधों के आवंटन, रोपण और बाद में उनके संरक्षण की जिम्मेदारी तय कर नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए, ताकि अभियान का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित न रह जाए और औद्योगिक क्षेत्र वास्तव में हराभरा हो सके।2
- इस बुजुर्ग से सुनिए गमछे की कीमत वीडियो अंत तक जरूर देखें! कृपया इस बुजुर्ग से सुनिए गमछे की कीमत और अंत तक वीडियो जरूर देखें1
- 👍🏽2/10/2026 💙 ♥️♥️♥️♥️♥️♥️ 🤍🤍💙💙🤍🤍 💚💚💚💚💚💚 📞 📞 📞 📞 📞 📞 📞📞📞📞📞📞1
- *मिशन शक्ति फेज-5.0 — जागरूक नारी, सशक्त समाज, सुरक्षित भविष्य* *महुली पुलिस का संकल्प—हर बहू-बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान* उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति फेज-5.0” के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्र के पर्यवेक्षण में तथा थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।* इसी क्रम में आज दिनांक 11.09.2026 को उ0नि0 श्री नागेन्द्र पाण्डेय, म0का0 शालिनी तिवारी ,साक्षी द्वारा महुली थाना के अन्तर्गत ग्राम रामपुर में पहुंचकर महिलाओं तथा बच्चियों को मिशन शक्ति फेज-5.0 के उद्देश्यों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है और अपने अधिकारों की जानकारी ही सशक्तिकरण की वास्तविक ताकत है। उन्हें सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, निराश्रित महिला पेंशन योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन की जानकारी *महिलाओं एवं बालिकाओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता प्राप्त करने हेतु महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई—* 1090 — वूमेन पावर लाइन 112 — पुलिस आपातकालीन सेवा 108 — एम्बुलेंस सेवा 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन 102 — स्वास्थ्य सेवा 181 — महिला हेल्पलाइन 1076 — मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1930 — साइबर हेल्पलाइन इसके साथ ही गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा, महिला अपराध एवं साइबर अपराध से बचाव के संबंध में विस्तार से समझाया गया तथा जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए। बालिकाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या अपराध को छिपाएं नहीं, बल्कि तत्काल पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दें। एंटी रोमियो अभियान में महुली पुलिस की प्रभावी कार्रवाई महिला सुरक्षा के दृष्टिगत एंटी रोमियो अभियान के अंतर्गत थाना क्षेत्र के 03 स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 55 व्यक्तियों से पूछताछ की गई। अनावश्यक रूप से घूमते पाए गए 05व्यक्तियों से माफीनामा भरवाया गया तथा 12व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 126/135 BNSS की कार्यवाही की गयी तथा 38 व्यक्तियों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया। महुली पुलिस का संदेश “बेटियां बोझ नहीं, समाज की शक्ति हैं। महिलाओं का सम्मान केवल हमारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान है।” महुली पुलिस का संकल्प है कि हर बहू-बेटी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे। पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम, जागरूकता और विश्वास निर्माण के माध्यम से सुरक्षित समाज के निर्माण में निरंतर सहभागी है। जागरूक नारी—सशक्त नारी, सशक्त नारी—सुरक्षित समाज।”3