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भगेया चौक क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि अब "बीरेंद्र बीज भंडार" का शुभारंभ हो गया है। इस दुकान के खुलने से स्थानीय किसानों में खुशी का माहौल है, क्योंकि उन्हें अब गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री खरीदने के लिए दूर-दराज के बाजारों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बीरेंद्र बीज भंडार में विभिन्न प्रकार के उन्नत कृषि बीज, खाद, खली, चोकर और अन्य कृषि उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि खेती से संबंधित आवश्यक सामग्री की स्थानीय स्तर पर आसान उपलब्धता से उनके समय और खर्च दोनों की बचत होगी। दुकान ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता की सामग्री, उचित मूल्य और भरोसेमंद सेवा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है, जिसे "किसानों की समृद्धि और बेहतर खेती की ओर एक नया कदम" बताया जा रहा है।
Satish Kumar
भगेया चौक क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि अब "बीरेंद्र बीज भंडार" का शुभारंभ हो गया है। इस दुकान के खुलने से स्थानीय किसानों में खुशी का माहौल है, क्योंकि उन्हें अब गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री खरीदने के लिए दूर-दराज के बाजारों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बीरेंद्र बीज भंडार में विभिन्न प्रकार के उन्नत कृषि बीज, खाद, खली, चोकर और अन्य कृषि उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि खेती से संबंधित आवश्यक सामग्री की स्थानीय स्तर पर आसान उपलब्धता से उनके समय और खर्च दोनों की बचत होगी। दुकान ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता की सामग्री, उचित मूल्य और भरोसेमंद सेवा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है, जिसे "किसानों की समृद्धि और बेहतर खेती की ओर एक नया कदम" बताया जा रहा है।
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- भगेया चौक क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि अब "बीरेंद्र बीज भंडार" का शुभारंभ हो गया है। इस दुकान के खुलने से स्थानीय किसानों में खुशी का माहौल है, क्योंकि उन्हें अब गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री खरीदने के लिए दूर-दराज के बाजारों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। बीरेंद्र बीज भंडार में विभिन्न प्रकार के उन्नत कृषि बीज, खाद, खली, चोकर और अन्य कृषि उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि खेती से संबंधित आवश्यक सामग्री की स्थानीय स्तर पर आसान उपलब्धता से उनके समय और खर्च दोनों की बचत होगी। दुकान ने किसानों को बेहतर गुणवत्ता की सामग्री, उचित मूल्य और भरोसेमंद सेवा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है, जिसे "किसानों की समृद्धि और बेहतर खेती की ओर एक नया कदम" बताया जा रहा है।1
- चंदवा के इंदिरा गांधी चौक स्थित सम्राट अशोक स्मृति चिन्ह के सौंदर्यीकरण और पुनर्स्थापना को लेकर क्षेत्र के युवाओं ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस दौरान, युवाओं ने इसे भव्य रूप देने का सामूहिक संकल्प लिया। इस पहल में भीम आर्मी के प्रदेश सचिव बीरेंद्र कुमार, विनय डांडी, रमेश कुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह, धनंजय सिंह, और जेएलकेएम के जिला उपाध्यक्ष चंदन कुमार बड़ाईक सहित अन्य युवा शामिल थे। युवाओं ने इस बात पर जोर दिया कि सम्राट अशोक भारतीय इतिहास के महान शासक थे और उनकी स्मृतियों को संरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्मृति चिन्ह के सौंदर्यीकरण, मरम्मत और पुनर्स्थापना के लिए जनसहयोग जुटाने का संकल्प लिया। इस पहल से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी और नई पीढ़ी को सम्राट अशोक के आदर्शों तथा विचारों से प्रेरणा मिलेगी।2
- जनजातीय आवासीय उच्च विद्यालय, गारू के तत्वावधान में बुधवार को एक भव्य नशा मुक्ति जागरूकता फ्लैग मार्च निकाला गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस फ्लैग मार्च में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह मार्च विद्यालय परिसर से शुरू होकर गारू मुख्य बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरा और फिर वापस विद्यालय परिसर में ही संपन्न हुआ। मार्च के दौरान, विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशा है बर्बादी की राह”, और “स्वस्थ समाज का आधार, नशामुक्त परिवार” जैसे प्रेरणादायक और नशा मुक्ति से जुड़े नारे लगाए, जिससे बाजार क्षेत्र में उपस्थित लोगों का ध्यान इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे की ओर आकर्षित हुआ। स्थानीय नागरिकों ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज हित में एक सकारात्मक पहल बताया। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस बात पर जोर दिया कि नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसके प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। विद्यालय प्रबंधन ने आगे बताया कि भविष्य में भी ऐसे जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।2
- नशा मुक्त भारत अभियान के तहत, लातेहार जिले के उदयपुरा में महिलाओं ने एकजुट होकर शराबियों को खदेड़ दिया।4
- लातेहार प्रखंड के बाजकुम गांव में 21 जून रविवार को आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में विकास तिवारी मौजूद रहे। उन्होंने बाजकुम कमेटी को प्रथम पुरस्कार के तौर पर एक ट्रॉफी और 7,100 रुपये का योगदान दिया, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा। इस अवसर पर विकास तिवारी ने खिलाड़ियों को अगले साल और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। बाजकुम कमेटी द्वारा यह क्रिकेट प्रतियोगिता हर साल आयोजित की जाती है।1
- लातेहार जिले के सदर प्रखंड स्थित तरवाडीह पंचायत के खुठगड़ी ग्राम में गंभीर पेयजल संकट गहरा गया है, जिसके चलते प्यासे ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर 1:00 बजे लातेहार उपायुक्त को आवेदन देकर अपनी प्यास बुझाने की गुहार लगाई है। अनुसूचित जनजाति और आदिम जनजाति बहुल यह ग्राम पानी की किल्लत से जूझ रहा है। अपनी दैनिक जरूरतों और प्यास बुझाने के लिए इस गांव के निवासियों को बगल के ओरिया गांव तक जाना पड़ रहा है। इस गंभीर मामले पर ग्राम पंचायत तरवाडीह की मुखिया राधा देवी ने बताया कि सरकार ने उनके हाथों में ऐसा कुछ नहीं दिया है जिससे वे ग्रामीणों की प्यास बुझा सकें। हालांकि, उन्होंने अपने स्तर से हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। खुठगड़ी के ग्रामीण एक बार फिर उपायुक्त से अपनी पेयजल समस्या के समाधान की पुरजोर अपील कर रहे हैं।1
- रांची जिले के रातू थाना क्षेत्र स्थित रवि स्टील चौक, शिव मंदिर गली निवासी अखिलेश कुमार के घर मंगलवार आधी रात चोरों ने सेंधमारी कर चोरी की घटना को अंजाम दिया। पेशे से बिजली मिस्त्री अखिलेश कुमार बीते 22 जून को कमड़े में ट्रांसफॉर्मर में काम करते समय करंट की चपेट में आने से घायल हो गए थे। परिजनों द्वारा उन्हें इलाज के लिए देकमल अस्पताल ले जाया गया था, जिसके चलते उनका घर खाली था और ताला लगा हुआ था। चोरों ने इसी सूने घर का फायदा उठाकर खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद घर में रखी गोदरेज को तोड़कर उसमें से 50 हजार रुपये नकद और लगभग 5 लाख रुपये के जेवरात चुरा लिए। चोरी हुए जेवरात में तीन सोने के कान के झुमके, एक सोने का गले का हार, दो सोने की अंगूठी, दो सोने की नथिया, एक सोने की चेन, एक मंगलसूत्र, दस सोने की नथनी और एक सोने का माँगटीका शामिल था। इसके अतिरिक्त, सात चांदी के पायल, दस जोड़ी चांदी की बिछिया, एक दुल्हन की बिछिया, चांदी के मेहंदी के दो पीस और चांदी की तीन चेन भी चोरों के हाथ लगी। इस मामले को लेकर अखिलेश कुमार के पुत्र रौशन ने रातू थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब चोरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।1
- लातेहार में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सोनाल शांति ने देश में परीक्षाओं की बदहाली, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच देश में लगभग 89 पेपर लीक के मामले सामने आए, जिसके कारण 48 बार दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ीं। इसके अतिरिक्त, एक अन्य अध्ययन के हवाले से उन्होंने जानकारी दी कि महज 5 वर्षों में 15 राज्यों के भीतर 41 पेपर लीक हुए, जिससे 1.4 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। सोनाल शांति ने इस बात पर जोर दिया कि केवल चार बड़ी परीक्षाओं में हुई धांधली से 1 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। इनमें नीट यूजी 2026 शामिल है, जिससे लगभग 24 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए और इसका मामला सीबीआई जांच व सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। इसी तरह, यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2024 का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे 48 लाख छात्र प्रभावित हुए। सीटेट 2021 के पेपर लीक से 28 लाख से अधिक उम्मीदवार प्रभावित हुए, वहीं यूजीसी नेट 2024 परीक्षा होने के अगले ही दिन रद्द कर दी गई, जिससे 11 लाख छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में कठोर दंड के प्रावधानों के बावजूद पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुक रही हैं, जो यह दर्शाता है कि केवल कानून बनाने से जमीनी स्तर पर बदलाव नहीं आया है। प्रवक्ता ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 1 मार्च 2023 तक 9,64,359 पद खाली पड़े थे। इसके साथ ही, 1 जुलाई 2024 तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 84,106 रिक्तियां थीं। उन्होंने रेलवे भर्ती की स्थिति भी उजागर की, जिसके अनुसार 2004-14 के दौरान 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं, जबकि 2014-24 के बीच यह आंकड़ा मात्र 5.02 लाख तक ही पहुंच सका, जबकि नौकरी चाहने वाले आवेदकों की संख्या करोड़ों में है। सोनाल शांति ने बताया कि 15-29 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी दर सामान्य स्थिति में 10.2 प्रतिशत और साप्ताहिक आधार पर 13.8 प्रतिशत है। उन्होंने इस तथ्य को सबसे दुखद बताया कि आज देश में सबसे ज्यादा बेरोजगार उच्च शिक्षित स्नातक और स्नातकोत्तर युवा हैं। इस गंभीर स्थिति के सबसे दर्दनाक परिणाम का जिक्र करते हुए, प्रवक्ता ने कहा कि सिस्टम की इस नाकामी की कीमत देश के छात्र अपनी जान देकर चुका रहे हैं। वर्ष 2022 में देश के कुल आत्महत्या मामलों में 7.6 प्रतिशत, यानी लगभग 13,000 छात्र थे। सितंबर 2025 में जारी 2023 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा और भी भयावह होकर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने चिंता जताई कि कोटा, त्रिशूर और चेन्नई जैसे प्रमुख कोचिंग सेंटरों में छात्रों की आत्महत्याओं के क्लस्टर देखे जा रहे हैं, जो कि बेहद चिंताजनक है।2