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युवक के डूबने की सूचना पर पहुंची 112 पुलिस के पीआरबी 5164 में तैनात सिपाही नीरज कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सिपाही ने वर्दी उतार कर गहरे पानी में लगा दी जिसकी क्षेत्र में जमके हो रही प्रशंसा। कन्नौज कोतवाली के शहर का बताया जा रहा मामला
राजेन्द्र सिंह धुआँधार
युवक के डूबने की सूचना पर पहुंची 112 पुलिस के पीआरबी 5164 में तैनात सिपाही नीरज कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सिपाही ने वर्दी उतार कर गहरे पानी में लगा दी जिसकी क्षेत्र में जमके हो रही प्रशंसा। कन्नौज कोतवाली के शहर का बताया जा रहा मामला
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- अक्सर झूठे वादों की आड़ में बेटियों के भरोसे का कत्ल कर दिया जाता है। लेकिन कन्नौज में जब एक बेटी के साथ ऐसा हुआ, तो उसने खामोश रहने के बजाय कानून का दरवाजा खटखटाया। और पुलिस ने भी साबित कर दिया कि न्याय में देरी नहीं होगी। मामला इन्दरगढ़ का है, जहां शादी का झांसा देकर एक युवती की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने चंद घंटों में ही औरैया के रहने वाले आरोपी मोन्टू को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। कन्नौज पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई समाज के लिए एक कड़ा संदेश है— कि चुप मत रहिए, गलत के खिलाफ आवाज उठाइए, कानून आपके साथ खड़ा है। हर सच्ची खबर के लिए जुड़े रहें, डीडी टुडे न्यूज़ के साथ।1
- छठी कार्यक्रम में जा रहा परिवार हादसे का शिकार, ऑटो पोल से टकराया—मासूम की मौत, कई घायल कन्नौज। जनपद में एक दर्दनाक सड़क हादसे में छठी कार्यक्रम में जा रहा परिवार हादसे का शिकार हो गया। ऑटो के अनियंत्रित होकर बिजली के पोल से टकरा जाने से उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवेक अपने परिवार—पत्नी, बच्चे एवं अन्य परिजनों के साथ ऑटो से अपनी बुआ अनारवती पत्नी बलवीर सिंह निवासी ग्राम नगला डाडे थाना बिशनगढ़ के यहां उनके नाती के छठी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही ऑटो कुंवरपुर बनवारी के पास पहुंचा, अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराया। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने विवेक के मासूम बेटे को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- रिपोर्टर प्रभाकर अवस्थी शिवराजपुर शिवराजपुर। कस्बे में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आम जनमानस में सुरक्षा का भाव पैदा करने के उद्देश्य से आज पुलिस प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। बिल्हौर एसीपी मंजय सिंह शिवराजपुर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में पीएसी और पुलिस बल ने पूरे कस्बे में सघन पैदल गश्त की। व्यापारियों से सीधा संवाद गश्त के दौरान अधिकारियों ने मुख्य बाजारों और संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। एसीपी मंजय सिंह थाना प्रभारी ने स्थानीय दुकानदारों व व्यापारियों से सीधा संवाद किया। पुलिस टीम ने व्यापारियों को सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे निर्भीक होकर अपना व्यापार करें, पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हर पल तत्पर है। नेतृत्व एसीपी बिल्हौर मंजय सिंह एवं थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह। एस आई यशवीर हिमांशु हेमेंद्र शुभम एवं सुरक्षा बल पीएसी और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल रहे। कस्बे में अराजक तत्वों पर लगाम कसना और सुरक्षा व्यवस्था का अहसास कराना। क्षेत्र शिवराजपुर कस्बे के शिवली तिराहा गंगा रोड बंसल मोड भूतेश्वर आदि प्रमुख बाजार, चौराहे और गलियां। अधिकारी का संदेश कस्बे की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पैदल गश्त का उद्देश्य जनता के बीच विश्वास जगाना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखना है।4
- बंटवारे के विवाद में होमगार्ड जवानों में मारपीट: बंटवारे के विवाद में विवाद में होमगार्ड जवानों में गाली गलौज के बाद जमकर मारपीट हुई जिससे उनकी वर्दियां फट गई। ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान होमगार्ड के जवान मौका मिलते ही अवैध वसूली करके बंटवारा कर लेते हैं। यदि कोई अवैध वसूली में रूपयों की चोरी करता है तो बंटवारे के दौरान विवाद हो जाता है। फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन तिराहे पर ट्रैफिक सिपाही सिद्ध गोपाल, महिला सिपाही साधना, होमगार्ड जवान विशाल वर्मा एवं रमाकांत अग्निहोत्री यातायात व्यवस्था की ड्यूटी कर रहे थे। करीब 3 दोनों जवानों में गाली गलौज के बाद जमकर मारपीट हुई। होमगार्ड जवानों में मारपीट होता देखकर लोगों की भीड़ लग गई जिन्होंने मारपीट का लुफ्त उठाकर वीडियो बनाये। बताया जाता है की रूपयों के बंटवारे के विवाद में होमगार्ड विशाल वर्मा ने होमगार्ड रमाकांत पाठक को गंदी गालियां दी। जवाब में रमाकांत पाठक ने कहा कि गाली दोगे तो पटक पटक कर मारेंगे। इसी बात से गुस्साया विशाल रमाकांत को पीटने लगा। मारपीट के दौरान धक्का लगने से बाइक गिर पड़ी रमाकांत उसी बाइक के ऊपर जा गिरा। जिससे बाइक की नंबर प्लेट टूट गई, बाइक में नुकसान होता देख बाइक सवार ने दोनों होमगार्ड का बीच बचाव किया और उनसे बाइक में हुए नुकसान की भरपाई करने को कहा। होमगार्ड में मारपीट को देखकर दूर खड़ा ट्रैफिक सिपाही सिद्ध गोपाल मौके पर पहुंचा। दोनों होमगार्ड जवानों ने एक दूसरे को दोषी ठहराया। ट्रैफिक सिपाही सिद्ध गोपाल ने दोनों होमगार्ड से कहा कि पुलिस लाइन साहब के पास जाओ, उन्होंने बुलाया है मैंने उनको घटना की रिपोर्ट दे दी है। ट्रैफिक सिपाही सिद्ध गोपाल ने एफबीडी न्यूज को बताया की मारपीट के समय में दूर खड़ा था मैंने दोनों जवानों में बीच बचाव किया। उसने बताया की होमगार्ड विशाल वर्मा ने होमगार्ड रमाकांत को गंदी गालियां दी थी इसी बात को लेकर मारपीट हुई है। बताया जाता है की घटना से पूर्व वहां जाम लगा था एक होमगार्ड जाम को खुलवा रहा तो दूसरा कुर्सी पर बैठकर आराम कर रहा था।1
- देखिए बीच रोड पर कैसे लड़ थे दो होमगार्ड1
- Post by CITY NEWS1
- शाहाबाद (हरदोई) मंडी गेट पर रविवार को हुआ हमला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रहा, बल्कि यह सत्ता संरक्षण, प्रशासनिक शिथिलता और दबे हुए खौफ की कहानी बन गया है, इसीलिए सवाल कि सोमवार क्यों कोई दुकानदार अपनी दुकान खोलने नहीं आया, यद्वपि अपर पुलिस अधीक्षक शाहाबाद आलोक राज नारायण ने व्यापरियों को बहुत समझाया परन्तु व्यापारियों को उनके ऊपर भरोसा नहीं रहा क्योंकि पुलिस के सामने दबंगों का सरदार जाहिर घटना के बाद दुस्साहसपूर्ण ढंग से घटनास्थल पर लौटा और फिर घटना के बाद से हालात यह हैं कि पुलिस की कड़ी तैनाती के बावजूद मंडी के निकट का पूरा बाजार सहमा हुआ है। सामने से सब सामान्य दिखाने की कोशिश जरूर हो रही है, लेकिन अंदरूनी सच कुछ और ही बयां कर रहा है। हालांकि मंगलवार को सिर्फ दो दुकानदारों ने दुकानें खोलीं हैँ। आरोपियों पर अब भी सत्ता संरक्षण के आरोप हैँ, पुलिस तैनाती के बावजूद 18 दुकानें बंद होने से तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैँ और एसडीएम की चुप्पी पर भी सवाल उठे हैँ। पुलिस तैनात… फिर भी बाजार बंद शाहाबाद (हरदोई) सूत्रों के मुताबिक, डकैती जैसी घटना के बाद से मंडी गेट के पास की करीब 18 दुकानें पूरी तरह बंद हैं। सोमवार को एक भी दुकान नहीं खुली। मंगलवार को पुलिस के कहने पर सिर्फ 2 दुकानदारों ने बमुश्किल शटर उठाया, बाकी दुकानदार अब भी नदारद हैं। यानी पुलिस मौजूद है, लेकिन भरोसा गायब है। व्यापारियों में डर कर गया घर शाहाबाद (हरदोई) स्थानीय व्यापारी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। बाहर से माहौल सामान्य दिखाने की कोशिश हो रही है, लेकिन अंदर और डर साफ महसूस किया जा सकता है। यह वही बाजार है, जहां रविवार को सुबह 11 बजे दिनदहाड़े हमला हुआ और आरोपी खुलेआम लौटकर चले गए लेकिन वह पुलिस की मौजूदगी में पुनः आए और व्यापारियों को धमकाकर चले गए लेकिन पीड़ित व्यापारियों ने पुनः तहरीर नहीं दी क्योंकि अंदर ही अंदर आरोपियों के पैरवकार समझौते का दबाव बना रहे हैँ जिसमें प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है अन्यथा अब आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाती और सभी दुकानें खुल जातीं। आरोपी कई बार “आए, भिड़े, और चले भी गए” शाहाबाद (हरदोई) घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यही है कि हमलावर घटना के बाद दोबारा लौटे, पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानदारों से भिड़े और फिर उसी अंदाज में चले गए। तभी सवाल उठे कि अगर प्रशासन सक्रिय होता तो क्या यह संभव था? प्रशासन, सत्ता और भूमाफिया कनेक्शन की चर्चा तेज शाहाबाद (हरदोई) स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं कि क्षेत्र में भूमाफियाओं के हौसले बढ़े हुए हैं। कुछ प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों का संरक्षण उन्हें मिला हुआ है। लोग खुलकर तो नहीं बोल रहे, लेकिन इशारे बहुत कुछ कह रहे हैं। “समझदारों के लिए इशारा ही काफी” वाली स्थिति यहां साफ नजर आ रही है। अफसरों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल शाहाबाद (हरदोई) मौके पर आईपीएस अधिकारी, क्षेत्राधिकारी स्तर के स्थानीय अफसर एएसपी आलोक राज नारायण ने प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर औपचारिकता निभाई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल बनी एसडीएम शाहाबाद की चुप्पी क्योंकि उनके आवास की दूरी घटनास्थल से महज कुछ कदम की है, फिर भी वे तीसरे दिन की शाम तक मौके पर नहीं पहुंचे। यह न सिर्फ लापरवाही, बल्कि उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। “चाक-चौबंद सुरक्षा” या “डर का पहरा”? शाहाबाद (हरदोई) रविवार से मंगलवार तक विवादित स्थल पर पुलिस की भारी तैनाती है। प्रशासन इसे सुरक्षा बता रहा है, लेकिन यह सुरक्षा ही आरोपियों के खौफनाक मंजर की बानगी है! इसीलिए अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बाजार क्यों बंद है? क्या दुकानदारों पर दबाव है? हमलावर दोबारा लौटे, यह किसकी विफलता है? एसडीएम मौके पर क्यों नहीं पहुंचे? क्या भूमाफिया और सत्ता के गठजोड़ ने सिस्टम को कमजोर कर दिया है? कुल मिलाकर खामोश बाजार, बहुत कुछ बोल रहा है।शाहाबाद का यह बंद बाजार सिर्फ दुकानें नहीं, बल्कि व्यापारियों का टूटा भरोसा दिखा रहा है और व्यापार मंडल की डांवाडोल स्तिथि का नतीजा है! अगर पुलिस तैनात होने के बाद भी लोग दुकान खोलने से दुकानदार डर रहे हैं तो सवाल उठते हैँ। और लोग कहते हैँ कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी की कहानी है। 3 दिन में 3 मुकदमे दर्ज, चौथे की तैयारी शाहाबाद (हरदोई) जमीन, पैसा और दबंगई के सत्ता से जुड़े तार, फिर भी एसपी हरदोई की शख्ती से सत्ताई नेताओं की पैरवी हो रही बेकार और पुलिस की तेज होती कार्रवाई बता रही है कि फिलहाल इस एक ग्रुप के संगठित भूमाफियाओं पर शिकंजा कसता जा रहा है हालांकि फिर भी सवाल उठ रहे हैँ कि क्या भूमाफिया जाहिर के साथ इलाके की अन्य संपत्तियों की खरीद फरोख्त में शामिल सफेदपोश भूमाफियाओं के विरुद्ध भी एफआईआर और कठोर कार्यवाही होगी कि नहीं? फिलहाल मंडी गेट कांड अब एक बड़ी आपराधिक श्रृंखला का रूप लेता दिख रहा है। तीन दिन के भीतर तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज होने से साफ है कि मामला सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन कब्जा, पैसों के विवाद और धमकियों से जुड़ा है। दर्ज मुकदमों के अनुसार, आरोपियों पर जमीन बेचने का दबाव बनाने, 11 लाख रुपये के लेनदेन में धोखाधड़ी व मारपीट, अवैध हथियार से धमकी देने, जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इन मामलों में जाहिर, हारिश और उनके साथियों के नाम सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार भूमाफिया जाहिर की दहशत उसकी फरारी के बाद कहीं न कहीं कम हुई तभी पहले से पीड़ितगण बढ़ बढ़कर पुलिस के सामने अपना मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगा रहे हैँ आखिर इसीलिए मुख्य आरोपियों पर चौथे मुकदमे की भी तैयारी चल रही है जिसकी तहरीर कोतवाली पहुंचने के सूत्र मिल रहे हैँ। जानकारी मिली है कि एसपी के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार राय ने कहा कि “जल्द गिरफ्तारी होगी” “किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा”4
- युवक के डूबने की सूचना पर पहुंची 112 पुलिस के पीआरबी 5164 में तैनात सिपाही नीरज कुमार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए सिपाही ने वर्दी उतार कर गहरे पानी में लगा दी जिसकी क्षेत्र में जमके हो रही प्रशंसा। कन्नौज कोतवाली के शहर का बताया जा रहा मामला1