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पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सनौखर थाना क्षेत्र के बड़ी नाकी निवासी मोहम्मद नजीर ह..त्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सनौखर थाना क्षेत्र के बड़ी नाकी निवासी मोहम्मद नजीर ह..त्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है।
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पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सनौखर थाना क्षेत्र के बड़ी नाकी निवासी मोहम्मद नजीर ह..त्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सनौखर थाना क्षेत्र के बड़ी नाकी निवासी मोहम्मद नजीर ह..त्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है।
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- सनोखर पैक्स अध्यक्ष के उम्मीदवार मोतीलाल भगत उर्फ अक्कू भगत को मिल रहा है किसान का समर्थन...1
- Post by Nitesh Kumar1
- Post by Abhishek ranjan C E O1
- आखिरी बार देवनंदन अपने पिता के बरसी पर तीन साल पहले आया था। दो साल हो गए हैं, उसका चेहरा तक नहीं देखा। सरकार से अपील है कि किसी तरह मेरे बेटे की लाश को मेरे घर पहुंचा दे ताकि आखिरी बार जी-भरकर अपने बेटे को निहार सकूं, आखिरी बार उसे घर से विदा कर सकूं। पति 2023 में मुझे अकेला छोड़ गए थे, अब बेटा भी बेसहारा कर गया।भागलपुर के सन्हौला प्रखंड के रानी बमिया गांव की रहने वाली 78 साल की गायत्री सिंह ने शनिवार को संध्या 4:00 बजे ये बातें कही हैं। दरअसल, गायत्री सिंह के सबसे बड़े बेटे 55 साल के देवनंदन प्रसाद सिंह 11 मार्च को ईरान की ओर से किए गए एक हमले के शिकार हो गए। देवनंदन घटना के दौरान अमेरिकी तेल टैंकर सेफ-सी विष्णु पर तैनात थे। वे पेशे से चीफ इंजीनियर थे। फिलहाल, देवनंदन की लाश भारत नहीं लाई गई है। इस बारे में देवनंदन के परिजन को भी कुछ जानकारी नहीं है। गायत्री सिंह के मुताबिक, देवनंदन की पत्नी, मेरी पोती कोमल और मेरा छोटा बेटा कृष्णानंद सिंह दिल्ली गए हुए हैं। गायत्री सिंह ने कहा कि 12 मार्च की सुबह ही छोटे बेटे को देवनंदन की मौत की खबर मिल चुकी थी। घर में उसने देर शाम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देवनंदन का बेटा क्षितिज देव जापान में इंजीनियर है, जबकि बेटी कोमल मेडिकल की तैयारी कर रही है। गायत्री ने बताया कि आखिरी बार तीन साल पहले देवनंदन भागलपुर आया था। तब मेरे पति और उसके पिता की बरसी थी। उसके बाद से बेटे से फोन पर ही बात होती थी। देवनंदन अपनी पत्नी कुमकुम के साथ मुंबई में रहता है। उन्होंने बताया कि देवनंदन साल 1994 से ही पानी वाले जहाज पर जॉब करने लगा था। नौकरी लगने के बाद भी वो पर्व, त्योहार पर भागलपुर अपने गांव आता-जाता था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईराक के समुद्री क्षेत्र में 11 मार्च को अमेरिकी तेल टैंकर 'सेफ-सी विष्णु' पर हमला कर दिया था। इस हमले में 27 लोग घायल हो गए, जबकि देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई थी।1
- टाइगर जयराम महतो ने प्रशासन के कार्य शैली पर उठाए सवाल प्रशासन को क्यों नहीं मान रही है जनता जनता तो बनेगी प्रशासन लेकिन प्रशासन की वर्दी पर लगा दाग कब धोएगा यह सवाल पूछ रहा है डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो?1
- बौंसी/बांका:- ईरान–इजरायल युद्ध की खबरों के बीच देश में गैस संकट की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में बौंसी प्रखंड में भी लोगों के बीच रसोई गैस को लेकर चिंता का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि स्थानीय एजेंसियां आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका से बौंसी के उपभोक्ताओं में हल्की बेचैनी है। बाजार और गांवों में लोग गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि फिलहाल घरेलू रसोई गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। बौंसी प्रखंड में संचालित तीनों गैस एजेंसियों में नियमित रूप से सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। दुमका रोड स्थित बौंसी इंडेन गैस एजेंसी के प्रोपराइटर संजीव साह ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है और जिन उपभोक्ताओं ने एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें अगले दिन गैस उपलब्ध कराई जा रही है। शनिवार को करीब 100 उपभोक्ताओं को सिलेंडर की आपूर्ति की गई। वहीं सरूआ पंचायत के समीप स्थित सुलेखा गैस एजेंसी में भी नंबर के अनुसार गैस दी जा रही है। लेकिन उपभोक्ताओं की मुख्य परेशानी मोबाइल के जरिए रजिस्ट्रेशन को लेकर है। सर्वर व्यस्त रहने के कारण कई लोगों का बुकिंग रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है, जिससे गैस मिलने में देरी हो रही है। उपभोक्ता रमेश शर्मा ने बताया कि वे पिछले दिन से रजिस्ट्रेशन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सर्वर व्यस्त बता रहा है। वहीं व्यावसायिक गैस सिलेंडर को लेकर कुछ दिक्कत की बातें सामने आ रही हैं। फिलहाल एजेंसियां आपूर्ति सामान्य होने की बात कह रही हैं, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई है। प्रशासन की नजर भी हालात पर टिकी है।2
- किसी का सामान खो जाना आमतौर पर दुख की बात होती है, लेकिन इस घटना में कुछ अलग ही देखने को मिला। एक व्यक्ति की कीमती चीज खो गई, फिर भी उसने उदास होने के बजाय दोस्तों और गांव वालों के साथ पार्टी कर दी। लोग यह देखकर हैरान रह गए कि जहां लोग नुकसान पर परेशान होते हैं, वहीं उसने खुशी और हंसी के साथ माहौल बना दिया। उसने कहा कि चीजें फिर से मिल सकती हैं, लेकिन खुशियां और दोस्त हमेशा साथ होने चाहिए। उसकी इस सोच को देखकर कई लोग मुस्कुराने लगे और माहौल भी हल्का हो गया। यह घटना गांव में चर्चा का विषय बन गई। 🎉1
- किसानों की सेवा का संकल्प लेकर मैदान में उतरे युवा उम्मीदवार फारूक आलम। प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति लि० (पैक्स) अरार से अध्यक्ष पद के युवा उम्मीदवार फारूक आलम ने नामांकन दाखिल करने के बाद क्षेत्र में भ्रमण किया और लोगों से जनसंपर्क किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वे पहले से ही किसानों से जुड़े हुए हैं और किसानों की समस्याओं को नजदीक से समझते हैं। उनका कहना है कि किसानों की आवाज़ उठाना, उन्हें सही समय पर अनाज और बीज उपलब्ध कराना तथा किसानों को कृषि लोन का लाभ दिलाना उनका मुख्य उद्देश्य है। फारूक आलम ने कहा कि यदि उन्हें मौका मिलता है तो वे पैक्स के माध्यम से किसानों के हित में ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करेंगे और हर किसान की समस्या को प्राथमिकता के साथ हल करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने क्षेत्र के किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि वे अपना कीमती वोट इधर-उधर बर्बाद न करें, बल्कि एक बार उन्हें मौका दें ताकि वे किसानों की सेवा कर सकें। अंत में उन्होंने एक सुलेख के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा— “स्वभाव अपना विकासशील है, समय के साथ सोच गतिशील है, हर किसान की आवाज़ के लिए आप सभी से वोट की अपील है।”1
- कहलगांव व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शनिवार को दोपहर 3:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार बताया गया की इस लोक अदालत में आपसी सहमति से कुल 440 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 1 करोड़ 76 लाख 35 हजार 73 रुपये की राशि पर समझौता हुआ, जबकि 1 करोड़ 40 लाख 72 हजार 303 रुपये की राशि की वसूली भी की गई। प्रथम बेंच में अवर न्यायाधीश प्रथम अखिलेश कुमार और अधिवक्ता शंकर रविदास न्यायिक पदाधिकारी के रूप में शामिल थे। इस बेंच ने मनी सूट के दो मामलों सहित कुल 304 मामलों का निपटारा किया। इन मामलों में 1 करोड़ 14 लाख 36 हजार 651 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।दूसरी बेंच की न्यायिक पदाधिकारी मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा और अधिवक्ता शंकर प्रसाद शाह थे। इस बेंच ने कुल 136 मामलों का निस्तारण किया, जिसमें 61 लाख 98 हजार 422 रुपये की राशि पर समझौता हुआ तथा 37 लाख 93 हजार 182 रुपये की वसूली की गई। निष्पादित मामलों में विभिन्न बैंकों और संस्थानों से जुड़े प्रकरण शामिल थे। इनमें स्टेट बैंक के 95, यूको बैंक के 143, ग्रामीण बैंक के 147, यूनियन बैंक के 14, बीएसएनएल का 1, आरोहण के 22, बैंक ऑफ बड़ौदा के 9, इंडियन ओवरसीज बैंक के 2, पंजाब नेशनल बैंक के 3 और केनरा बैंक के 2 मामले शामिल थे। इन सभी मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राधिकार के अध्यक्ष अवर न्यायाधीश अखिलेश कुमार, सचिव मुंसिफ प्रज्ञा मिश्रा, प्राधिकार के मनीष पांडेय, शिवनारायणपुर स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर परमानंद शुक्ला और धनंजय कुमार मौजूद थे। अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने अपने संबोधन में बैंकरों से मामलों के निष्पादन में लचीला रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य सुलह और समझौते के माध्यम से लंबित वादों का त्वरित निस्तारण कर लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है।1