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आप अपने मोबाइल का उपयोग करके घर बैठे ही अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं, जहाँ प्रतिदिन ₹3,000 से ₹4,000 तक आसानी से कमाए जा सकते हैं। इस कार्य के लिए कंपनी आपको 15 से 20 फोन नंबर उपलब्ध कराती है, जिन पर आपको कॉल करनी होती है। आपको उन नंबरों पर कंपनी द्वारा दिए गए डेटा के बारे में जानकारी देनी होती है। इस काम से जो भी आपका कमीशन बनता है, वह शाम को सीधे आपके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
Joony singla
आप अपने मोबाइल का उपयोग करके घर बैठे ही अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं, जहाँ प्रतिदिन ₹3,000 से ₹4,000 तक आसानी से कमाए जा सकते हैं। इस कार्य के लिए कंपनी आपको 15 से 20 फोन नंबर उपलब्ध कराती है, जिन पर आपको कॉल करनी होती है। आपको उन नंबरों पर कंपनी द्वारा दिए गए डेटा के बारे में जानकारी देनी होती है। इस काम से जो भी आपका कमीशन बनता है, वह शाम को सीधे आपके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
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- आप अपने मोबाइल का उपयोग करके घर बैठे ही अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं, जहाँ प्रतिदिन ₹3,000 से ₹4,000 तक आसानी से कमाए जा सकते हैं। इस कार्य के लिए कंपनी आपको 15 से 20 फोन नंबर उपलब्ध कराती है, जिन पर आपको कॉल करनी होती है। आपको उन नंबरों पर कंपनी द्वारा दिए गए डेटा के बारे में जानकारी देनी होती है। इस काम से जो भी आपका कमीशन बनता है, वह शाम को सीधे आपके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है।1
- सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग ने एक 58 वर्षीय महिला को सात वर्षों की पीड़ा से मुक्ति दिलाते हुए नया जीवन दिया है। रामदेवरा निवासी यह महिला लगातार खांसी, निमोनिया, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं से जूझ रही थी, जिसके पीछे का कारण बेहद जटिल और दुर्लभ निकला। महिला ने लंबे समय तक इन श्वास संबंधी तकलीफों का सामना किया और कई बार उपचार के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उसने जोधपुर और फलोदी सहित विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों से परामर्श लिया। उसकी सीटी स्कैन रिपोर्ट मुंबई भी भेजी गई थी, जहाँ के चिकित्सकों ने उसे टीबी होने की संभावना जताई थी, लेकिन उसकी वास्तविक समस्या अनसुलझी रही। रिश्तेदारों से जानकारी मिलने पर महिला पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग पहुंची। यहाँ विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. गुंजन सोनी ने उसकी विस्तृत जांच की, जिससे चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि महिला के फेफड़े में करीब एक इंच लंबी सुपारी फंसी हुई थी, जो पिछले सात वर्षों से उसकी तमाम परेशानियों का मूल कारण बनी हुई थी। डॉ. गुंजन सोनी और उनकी विशेषज्ञ टीम ने ब्रोंकोस्कोपी (दूरबीन) का उपयोग कर लगभग डेढ़ घंटे तक चले एक जटिल प्रोसीजर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें फेफड़े में फंसी सुपारी को सावधानीपूर्वक क्रश करके बाहर निकाला गया। इस सफल प्रक्रिया के बाद महिला को तत्काल राहत मिली और उसकी स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा। महिला के पति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि कई अस्पतालों और अनेक चिकित्सकों के चक्कर लगाने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिला, तब पीबीएम के डॉ. गुंजन सोनी उनके लिए आशा की किरण बनकर सामने आए। उन्होंने पूरी चिकित्सा टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि चिकित्सकों की अथक मेहनत से उनकी पत्नी को मानो नया जीवन मिल गया है।1
- गुरु तीर्थ श्री कोलायत जी में ज्येष्ठ अधिक मास सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र कपिल सरोवर की मनमोहक झलकियाँ देखने को मिलीं।1
- ज्येष्ठ (अधिक) मास की पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी श्रीकोलायत श्रद्धा और भक्ति के रंग में डूबी नजर आई। अलसुबह से ही भगवान महर्षि कपिलमुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां लाखों भक्तों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। उन्होंने भगवान महर्षि कपिलमुनि के दर्शन कर सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की। सोमवती अमावस्या के विशेष संयोग और अधिक मास के धार्मिक महत्व के चलते बीकानेर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोलायत पहुंचे। कपिल सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के बाद, श्रद्धालुओं ने बारह महादेव मंदिर, गंगा माता मंदिर, पंच मंदिर सहित कई देवालयों में दर्शन-पूजन कर दान-पुण्य किया। दिनभर मंदिरों और घाटों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व होता है, और इस दिन स्नान, दान, तर्पण तथा भगवान शिव-विष्णु की पूजा-अर्चना से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते सुबह से ही कपिल सरोवर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। इस भारी भीड़ के कारण झझु चौराहे तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात का अत्यधिक दबाव देखा गया, जिससे दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार विशेष यातायात योजना के तहत व्यवस्था संभाली और यातायात को सुचारू बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया। कोलायत सीओ संग्राम सिँह ने बताया कि सोमवती अमावस्या को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर रहा, और प्रमुख मार्गों, घाटों, मंदिर परिसरों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले रहे। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम करने में सहायता मिली। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशालाओं, मठों और मंदिर समितियों द्वारा पेयजल, भोजन, विश्राम और सफाई सहित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की गईं। कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भी सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। दिनभर कपिल सरोवर के घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और दान-पुण्य का सिलसिला निरंतर जारी रहा, जिससे पूरे दिन धर्मनगरी श्रीकोलायत में भक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।1
- बीकानेर जिले के श्री डूंगरगढ़ में एक कैबिनेट मंत्री ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई के दौरान जानकारी प्रदान की गई।1
- बीकानेर के नागणेजी रेलवे फाटक के पास मंगलवार देर रात रेलवे ट्रैक के बीच एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर युवक की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू कर दिए। प्रथम दृष्टया यह मामला ट्रेन की चपेट में आने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस की विस्तृत जाँच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, युवक की पहचान नहीं हो पाने के कारण शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही खिदमतगार खादिम सोसायटी की एम्बुलेंस और टीम भी मौके पर पहुँची। संस्था के समाजसेवी राज कुमार और शोएब भाई ने शव को मोर्चरी तक पहुँचाने, पहचान के प्रयासों में सहयोग करने के साथ-साथ आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और पंचनामा कार्रवाई में पुलिस की मदद की। खिदमतगार खादिम सोसायटी बीकानेर में वर्षों से लावारिस और असहाय लोगों की निस्वार्थ सेवा में जुटी हुई है। यह संस्था दिन-रात सक्रिय रहकर अपनी एम्बुलेंस और स्वयंसेवकों के माध्यम से लावारिस शवों को अस्पताल पहुँचाने, उनकी पहचान करवाने, परिजनों तक सूचना देने और आवश्यकता पड़ने पर उनके अंतिम संस्कार तक की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मानवीय कार्य करती है, जिसके कारण इसे शहर की प्रमुख समाजसेवी संस्थाओं में गिना जाता है। मानव सेवा के इस पुनीत कार्य के लिए खिदमतगार खादिम सोसायटी और उसकी पूरी टीम प्रशंसा और बधाई की पात्र है, जो जरूरतमंदों और असहायों के लिए उम्मीद की एक बड़ी मिसाल पेश कर रही है।1