*मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर उतरे गुंडागर्दी पर* *मेडिकल कॉलेज में गुंडों की भर्ती, डॉक्टरो के व्यवहार से जनता हुई त्राहिमाम!* *ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता के साथ मेडिकल कॉलेज में की मारपीट ,पत्रकार किसी जरुरतमंद की मदद के लिए मेडिकल कॉलेज गए थे.* ज़ब डॉ० से मेडिकल के संबंध में पत्रकार की चर्चा हो ही रही थी कि तभी डॉक्टर ने पत्रकार को हाथ मार दिया , डॉक्टर परमार कहने लगा कि - "तू बहुत बड़ा पत्रकार बनता है तुझे मैं आज ठीक करता हूँ" इतना कहते हुए ही डॉ० मुकेश परमार द्वारा पंकज गुप्ता को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया इस सम्बन्ध में ज़ब जनपद के समस्त पत्रकारों को जानकारी हुई तो सभी मेडिकल कॉलेज पर एकत्रित हुए और मेडिकल कॉलेज प्रशासन का विरोध किया. प्रशासन को ज़ब इस प्रकरण की जानकारी हुई तो थाना पुलिस ने मेडिकल कॉलेज पहुंच कर पुरे मामले को संभाला. बताया जा रहा है कि पुलिस व मेडिकल प्रशासन के सहयोग से इस मामले को खत्म करने का प्रयास किया है. लेकिन पत्रकार इस पर सहमत नहीं है!! आपको यह भी बता देते है कि पूर्व वर्ष में भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के डॉक्टरों ने कई बार पत्रकारों के साथ अभद्रता की है जबकि डॉक्टर न समय पर मेडिकल कॉलेज आ रहे है न तमीज से मरीजो से बात कर रहे है.इतना ही नहीं है इस पुरे खेल में प्राचार्य बलबीर सिंह का पूरा हाथ बताया जा रहा है। *👉बड़ी-बड़ी डींगें हाँकने वाले प्राचार्य बलबीर सिंह के द्वारा ज़ब से मेडिकल कॉलेज का चार्ज लिया है आये दिन कुछ न कुछ मरीजों के साथ या फिर पत्रकारों के साथ घटित हो ही रहा है* डॉक्टर बेकाबू होकर मेडिकल कॉलेज से बाहर ही जांचे करा रहे है जिसकी शिकायत भी की गई लेकिन ऐसे डॉक्टरों को प्राचार्य द्वारा सरक्षण दिया जा रहा है. मेडिकल कॉलेज में कमीशन का खेल जमकर चल रहा है जो कि जगजाहिर हो चूका है परन्तु माफियाओ के हाथो गरीबो की जेबो पर डाका डालने की छूट प्राचार्य द्वारा दी जा रही है ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता के साथ की गई इस अभद्रता को पत्रकार बंधु जल्द उच्च अधिकारियो के सज्ञान में रखेंगे. पंकज गुप्ता इस समय अ.भा.वैश्य एकता परिषद के संघठन मंत्री के पद पर भी कार्य कर रहे है. पंकज गुप्ता वर्तमान में जिला स्वास्थ्य समिति के भी सदस्य है. यह सोचने वाली बात कि ज़ब पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है तो आम जनता के साथ क्या व्यबहार व मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था होंगी। निश्चित रूप से मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की खुली गुंडागर्दी व दबाव काम कर रहा है. मेडिकल कॉलेज में ज़ब चाहे जैसे चाहे जांचे बाहर से कराई जा रही है. लगभग सभी जांचो को बाहर से कराया जा रहा है जबकि शासन द्वारा हर जांच की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में की गई है. मेडिकल कॉलेज में ज़ब-ज़ब पत्रकारों द्वारा खबरों के माध्यम से आवाज उठाई गई है मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा पत्रकारों के ऐसे ही अभद्रता की गई है. यह भी मान कर चलिए कि आम जनता को अगर डॉ० गाली भी दें देता होगा तो वो गरीब क्या ही कर लेता होगा क्योंकि गरीब को दवाइयाँ चाहिए..!गाली देंकर दें दो या फिर थप्पड़ मार कर दो...! उसे उसकी गरीबी के लिए जनपद एटा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मारने पर उतारू है...!! *इस पुरे घटनाक्रम में प्रोग्रेसिव जर्नालिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पवन चतुर्वेदी ने कहा कि पूरी जिला कमेटी ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के साथ ख़डी है और इस लड़ाई को तब तक लड़ा जायेगा ज़ब तक पत्रकार पंकज गुप्ता को न्याय नहीं मिल जाता है।*
*मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर उतरे गुंडागर्दी पर* *मेडिकल कॉलेज में गुंडों की भर्ती, डॉक्टरो के व्यवहार से जनता हुई त्राहिमाम!* *ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता के साथ मेडिकल कॉलेज में की मारपीट ,पत्रकार किसी जरुरतमंद की मदद के लिए मेडिकल कॉलेज गए थे.* ज़ब डॉ० से मेडिकल के संबंध में पत्रकार की चर्चा हो ही रही थी कि तभी डॉक्टर ने पत्रकार को हाथ मार दिया , डॉक्टर परमार कहने लगा कि - "तू बहुत बड़ा पत्रकार बनता है तुझे मैं आज ठीक करता हूँ" इतना कहते हुए ही डॉ० मुकेश परमार द्वारा पंकज गुप्ता को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया इस सम्बन्ध में ज़ब जनपद के समस्त पत्रकारों को जानकारी हुई तो सभी मेडिकल कॉलेज पर एकत्रित हुए और मेडिकल कॉलेज प्रशासन का विरोध किया. प्रशासन को ज़ब इस प्रकरण की जानकारी हुई तो थाना पुलिस ने मेडिकल कॉलेज पहुंच कर पुरे मामले को संभाला. बताया जा रहा है कि पुलिस व मेडिकल प्रशासन के सहयोग से इस मामले को खत्म करने का प्रयास किया है. लेकिन पत्रकार इस पर सहमत नहीं है!! आपको यह भी बता देते है कि पूर्व वर्ष में भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के डॉक्टरों ने कई बार पत्रकारों के साथ अभद्रता की है जबकि डॉक्टर न समय पर मेडिकल कॉलेज आ रहे है न तमीज से मरीजो से बात कर रहे है.इतना ही नहीं है इस पुरे खेल में प्राचार्य बलबीर सिंह का पूरा हाथ बताया जा रहा है। *👉बड़ी-बड़ी डींगें हाँकने वाले प्राचार्य बलबीर सिंह के द्वारा ज़ब से मेडिकल कॉलेज का चार्ज लिया है आये दिन कुछ न कुछ मरीजों के साथ या फिर पत्रकारों के साथ घटित हो ही रहा है* डॉक्टर बेकाबू होकर मेडिकल कॉलेज से बाहर ही जांचे करा रहे है जिसकी शिकायत भी की गई लेकिन ऐसे डॉक्टरों को प्राचार्य द्वारा सरक्षण दिया जा रहा है. मेडिकल कॉलेज में कमीशन का खेल जमकर चल रहा है जो कि जगजाहिर हो चूका है परन्तु माफियाओ के हाथो गरीबो की जेबो पर डाका डालने की छूट प्राचार्य द्वारा दी जा रही है ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पंकज गुप्ता के साथ की गई इस अभद्रता को पत्रकार बंधु जल्द उच्च अधिकारियो के सज्ञान में रखेंगे. पंकज गुप्ता इस समय अ.भा.वैश्य एकता परिषद के संघठन मंत्री के पद पर भी कार्य कर रहे है. पंकज गुप्ता वर्तमान में जिला स्वास्थ्य समिति के भी सदस्य है. यह सोचने वाली बात कि ज़ब पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है तो आम जनता के साथ क्या व्यबहार व मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था होंगी। निश्चित रूप से मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की खुली गुंडागर्दी व दबाव काम कर रहा है. मेडिकल कॉलेज में ज़ब चाहे जैसे चाहे जांचे बाहर से कराई जा रही है. लगभग सभी जांचो को बाहर से कराया जा रहा है जबकि शासन द्वारा हर जांच की व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में की गई है. मेडिकल कॉलेज में ज़ब-ज़ब पत्रकारों द्वारा खबरों के माध्यम से आवाज उठाई गई है मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों द्वारा पत्रकारों के ऐसे ही अभद्रता की गई है. यह भी मान कर चलिए कि आम जनता को अगर डॉ० गाली भी दें देता होगा तो वो गरीब क्या ही कर लेता होगा क्योंकि गरीब को दवाइयाँ चाहिए..!गाली देंकर दें दो या फिर थप्पड़ मार कर दो...! उसे उसकी गरीबी के लिए जनपद एटा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मारने पर उतारू है...!! *इस पुरे घटनाक्रम में प्रोग्रेसिव जर्नालिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पवन चतुर्वेदी ने कहा कि पूरी जिला कमेटी ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के साथ ख़डी है और इस लड़ाई को तब तक लड़ा जायेगा ज़ब तक पत्रकार पंकज गुप्ता को न्याय नहीं मिल जाता है।*
- जहाँ दबंग हमलावरों ने युवक संदीप राजभर पर जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने संदीप के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि जौनपुर में बढ़ते अपराध और अपराधियों के बेखौफ हौसलों की तस्वीर पेश करती है। आए दिन हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या अब अपराधियों के मन से कानून और प्रशासन का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा “जीरो टॉलरेंस” की नीति का दावा किया जाता है, लेकिन जौनपुर की यह वारदात उन दावों पर सीधा प्रहार करती नजर आ रही है। आखिर कब तक निर्दोष लोग चुनावी रंजिश और अपराधियों की हिंसा का शिकार बनते रहेंगे? क्या जौनपुर में प्रशासन सख्त कदम उठाएगा या फिर ‘जंगलराज’ का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा???1
- यूपी के अलीगढ़ जनपद के इगलास थाना क्षेत्र के कैमावली गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। 55 वर्षीय मनोहर लाल पर खेत जाते समय मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनोहर लाल को परिजन तत्काल हाथरस जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।1
- आगरा शुक्रवार रात लगभग 9:00 बजे थाना क्षेत्र में देव कॉलेज कट के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इको कार (नंबर UP 83 BJ 6924) में सवार लोग राजघाट से एक पांच माह की बच्ची का मुंडन संस्कार कराकर अपने गांव चनौरा रामगढ़, फिरोजाबाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे पानी के ट्रैक्टर (नंबर UP 83 BH 4449) से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में इको कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर चौकी छलेसर भिजवा दिया। गनीमत रही कि सभी सवारों की स्थिति की विस्तृत जानकारी मिलने तक किसी बड़ी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। कार में सवार लोगों का विवरण इस प्रकार है— विष्णु (चालक) पुत्र सौदान सिंह (28 वर्ष), यक्ष पुत्र संजय (5 वर्ष), शिवानी पत्नी संजय (30 वर्ष), संजय पुत्र प्रेमपाल (32 वर्ष), पूजा पत्नी बेताल सिंह (37 वर्ष), गोलू उर्फ कपिल पुत्र बेताल सिंह (10 वर्ष), बबली पत्नी धर्मेंद्र, शौर्य पुत्र धर्मेंद्र (5 वर्ष), तथा एक पांच माह की बच्ची (पुत्री संजय)। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- फिरोजाबाद। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को थाना टुण्डला पुलिस और बदमाशों के बीच गेल गैस प्लांट के पास मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में विकास निवासी नागऊ पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।अभियुक्त के कब्जे से पुलिस ने लूट की एक मोटरसाइकिल, 315 बोर का तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, घायल बदमाश शातिर अपराधी है जिस पर लूट और चोरी के करीब आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में संलिप्त 4 अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने किया। Updated News-03/अप्रैल/26- AIN नेटवर्क से संपादक अनुज रावत देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )1
- Post by पंडित श्री विष्णु उपाध्याय जी1
- जिला हाथरस में हनुमान जयंती धूमधाम से निकल गई झांकियां के साथ पुलिस फोर्स के साथ2
- धार्मिक नगरी मैहर में आक्रोश, शराब दुकान के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण, कांग्रेस अध्यक्ष ने रुकवाया निर्माण ग्रामीणों की दो टूक - "गांव के पास नहीं खुलने देंगे शराब की दुकान", प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी मैहर। धार्मिक नगरी मैहर में भाटिया कंपनी द्वारा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से नई शराब की दुकानें खोले जाने के खिलाफ स्थानीय निवासियों का सब्र का बांध टूट गया है। ताजा मामला मैहर क्षेत्र के ग्राम पौंड़ी का है, जहां शुक्रवार को ग्रामीणों ने अवैध रूप से खोली जा रही शराब दुकान का जमकर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है, कि यह दुकान नियमों को ताक पर रखकर आवासीय बस्ती के करीब खोली जा रही है। क्या है पूरा मामला? बताया जा रहा है कि अप्रैल माह में मैहर का शराब ठेका भाटिया कंपनी को मिला है। ठेका मिलते ही कंपनी ने अपनी व्यावसायिक पहुंच बढ़ाने के लिए जिले भर में जगह-जगह नई शराब की दुकानें खोलने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जब ग्राम पौंड़ी में दुकान के लिए शेड और ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो ग्रामीणों की नजर इस पर पड़ी। गांव के बीच शराब दुकान खुलने की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लामबंद हो गए और निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचकर विरोध जताना शुरू कर दिया। सामाजिक ताने-बाने पर खतरे की चिंता विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है, कि यह क्षेत्र पूरी तरह से आवासीय है और पास में ही शिक्षण संस्थान और बस्तियां हैं। शराब की दुकान खुलने से गांव का सामाजिक माहौल तो खराब होगा ही, साथ ही क्षेत्र के युवा वर्ग पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर ठेकेदार मनमाने तरीके से दुकानें खोल रहे हैं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष का हस्तक्षेप, निर्माण कार्य ठप ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलते ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए इस पूरी प्रक्रिया को अवैध करार दिया। श्री प्रजापति ने ठेकेदार के कारिंदों से कड़ा सवाल-जवाब किया और मौके पर ही निर्माण कार्य रुकवा दिया। उनके हस्तक्षेप के बाद ठेकेदार को फिलहाल काम बंद करना पड़ा, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन को अल्टीमेटम इस घटना ने ग्राम पौंड़ी में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति ने स्पष्ट शब्दों में जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस क्षेत्र में शराब दुकान खोलने की कोशिश दोबारा की गई, तो ग्रामीण चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि "यदि प्रशासन ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस अवैध दुकान को पूरी तरह से बंद नहीं किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।" फिलहाल, ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खेतासराय क्षेत्र के अमरेथुवा गांव में चुनावी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ दबंग हमलावरों ने युवक संदीप राजभर पर जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने संदीप के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि जौनपुर में बढ़ते अपराध और अपराधियों के बेखौफ हौसलों की तस्वीर पेश करती है। आए दिन हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या अब अपराधियों के मन से कानून और प्रशासन का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा “जीरो टॉलरेंस” की नीति का दावा किया जाता है, लेकिन जौनपुर की यह वारदात उन दावों पर सीधा प्रहार करती नजर आ रही है। आखिर कब तक निर्दोष लोग चुनावी रंजिश और अपराधियों की हिंसा का शिकार बनते रहेंगे? क्या जौनपुर में प्रशासन सख्त कदम उठाएगा या फिर ‘जंगलराज’ का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा???1
- मेरठ में 6 महीने से लापता किट्यू बापिस आ सभी ने मिलकर की काटा गया। परिवार में खुशी का माहौल है।1