*खेती किसानी* *रीपर मशीन से गेहूं व धान की कटाई अच्छे से होती है* *एक घंटे में एक एकड़ फसल की कटाई की जा सकती है : बिहारी लाल साहू* डिण्डौरी/शहपुरा :- रीपर मशीन का उपयोग गेहूं की फसल को काटने के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को कई लाभ होते हैं। इन दिनो मे गेहूं की बड़ी तेजी से कटाई आ चुकी है जिसमें जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू अपने खेतों पर लगी हुई जैविक गेहूं की कटाई चालू कर दिए है ग्राम ढोंढ़ा पर *तेजी से कटाई*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत तेजी से काटती है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है। *कटाई की गुणवत्ता*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को एक समान ऊंचाई पर काटती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। *फसल की बचत*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल की बचत होती है। *श्रम की बचत*: रीपर मशीन का उपयोग करने से श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को श्रम की समस्या से मुक्ति मिलती है। *वृद्धि हुई उत्पादकता*: रीपर मशीन का उपयोग करने से गेहूं की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। *कटाई के बाद की प्रक्रिया में आसानी*: रीपर मशीन से कटाई के बाद, फसल को आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सूक्ष्मजीव बने रहते हैं जिसमे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और श्रम भी कम लगता है। व पर्यावरण मे दूषित नहीं होता स्वच्छ बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू जी से व कृषक कृष्ण कुमार झारिया ग्राम बरौदा से दिनांक - 28 मार्च 2026 *खेती किसानी* *रीपर मशीन से गेहूं व धान की कटाई अच्छे से होती है* *एक घंटे में एक एकड़ फसल की कटाई की जा सकती है : बिहारी लाल साहू* डिण्डौरी/शहपुरा :- रीपर मशीन का उपयोग गेहूं की फसल को काटने के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को कई लाभ होते हैं। इन दिनो मे गेहूं की बड़ी तेजी से कटाई आ चुकी है जिसमें जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू अपने खेतों पर लगी हुई जैविक गेहूं की कटाई चालू कर दिए है ग्राम ढोंढ़ा पर *तेजी से कटाई*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत तेजी से काटती है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है। *कटाई की गुणवत्ता*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को एक समान ऊंचाई पर काटती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। *फसल की बचत*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल की बचत होती है। *श्रम की बचत*: रीपर मशीन का उपयोग करने से श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को श्रम की समस्या से मुक्ति मिलती है। *वृद्धि हुई उत्पादकता*: रीपर मशीन का उपयोग करने से गेहूं की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। *कटाई के बाद की प्रक्रिया में आसानी*: रीपर मशीन से कटाई के बाद, फसल को आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सूक्ष्मजीव बने रहते हैं जिसमे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और श्रम भी कम लगता है। व पर्यावरण मे दूषित नहीं होता स्वच्छ बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू जी से व कृषक कृष्ण कुमार झारिया ग्राम बरौदा से दिनांक - 28 मार्च 2026
*खेती किसानी* *रीपर मशीन से गेहूं व धान की कटाई अच्छे से होती है* *एक घंटे में एक एकड़ फसल की कटाई की जा सकती है : बिहारी लाल साहू* डिण्डौरी/शहपुरा :- रीपर मशीन का उपयोग गेहूं की फसल को काटने के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को कई लाभ होते हैं। इन दिनो मे गेहूं की बड़ी तेजी से कटाई आ चुकी है जिसमें जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू अपने खेतों पर लगी हुई जैविक गेहूं की कटाई चालू कर दिए है ग्राम ढोंढ़ा पर *तेजी से कटाई*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत तेजी से काटती है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है। *कटाई की गुणवत्ता*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को एक समान ऊंचाई पर काटती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। *फसल की बचत*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल की बचत होती है। *श्रम की बचत*: रीपर मशीन का उपयोग करने से श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को श्रम की समस्या से मुक्ति मिलती है। *वृद्धि हुई उत्पादकता*: रीपर मशीन का उपयोग करने से गेहूं की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। *कटाई के बाद की प्रक्रिया में आसानी*: रीपर मशीन से कटाई के बाद, फसल को आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सूक्ष्मजीव बने रहते हैं जिसमे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और श्रम भी कम लगता है। व पर्यावरण मे दूषित नहीं होता स्वच्छ बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू जी से व कृषक कृष्ण कुमार झारिया ग्राम बरौदा से दिनांक - 28 मार्च
2026 *खेती किसानी* *रीपर मशीन से गेहूं व धान की कटाई अच्छे से होती है* *एक घंटे में एक एकड़ फसल की कटाई की जा सकती है : बिहारी लाल साहू* डिण्डौरी/शहपुरा :- रीपर मशीन का उपयोग गेहूं की फसल को काटने के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को कई लाभ होते हैं। इन दिनो मे गेहूं की बड़ी तेजी से कटाई आ चुकी है जिसमें जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू अपने खेतों पर लगी हुई जैविक गेहूं की कटाई चालू कर दिए है ग्राम ढोंढ़ा पर *तेजी से कटाई*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत तेजी से काटती है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है। *कटाई की गुणवत्ता*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को एक समान ऊंचाई पर काटती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। *फसल की बचत*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल की बचत होती है। *श्रम की बचत*: रीपर मशीन का उपयोग करने से श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को श्रम की समस्या से मुक्ति मिलती है। *वृद्धि हुई उत्पादकता*: रीपर मशीन का उपयोग करने से गेहूं की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। *कटाई के बाद की प्रक्रिया में आसानी*: रीपर मशीन से कटाई के बाद, फसल को आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सूक्ष्मजीव बने रहते हैं जिसमे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और श्रम भी कम लगता है। व पर्यावरण मे दूषित नहीं होता स्वच्छ बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू जी से व कृषक कृष्ण कुमार झारिया ग्राम बरौदा से दिनांक - 28 मार्च 2026
- *खेती किसानी* *रीपर मशीन से गेहूं व धान की कटाई अच्छे से होती है* *एक घंटे में एक एकड़ फसल की कटाई की जा सकती है : बिहारी लाल साहू* डिण्डौरी/शहपुरा :- रीपर मशीन का उपयोग गेहूं की फसल को काटने के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को कई लाभ होते हैं। इन दिनो मे गेहूं की बड़ी तेजी से कटाई आ चुकी है जिसमें जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू अपने खेतों पर लगी हुई जैविक गेहूं की कटाई चालू कर दिए है ग्राम ढोंढ़ा पर *तेजी से कटाई*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत तेजी से काटती है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है। *कटाई की गुणवत्ता*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को एक समान ऊंचाई पर काटती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। *फसल की बचत*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल की बचत होती है। *श्रम की बचत*: रीपर मशीन का उपयोग करने से श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को श्रम की समस्या से मुक्ति मिलती है। *वृद्धि हुई उत्पादकता*: रीपर मशीन का उपयोग करने से गेहूं की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। *कटाई के बाद की प्रक्रिया में आसानी*: रीपर मशीन से कटाई के बाद, फसल को आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सूक्ष्मजीव बने रहते हैं जिसमे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और श्रम भी कम लगता है। व पर्यावरण मे दूषित नहीं होता स्वच्छ बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू जी से व कृषक कृष्ण कुमार झारिया ग्राम बरौदा से दिनांक - 28 मार्च 20262
- सुप्रसिद्ध ज्वारे का हुआ विसर्जन, चौगान में उमड़ा जनसैलाब घुघरी/चौगान में आज सुप्रसिद्ध ज्वारे का विसर्जन पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही ज्वारे की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर ज्वारे रखकर भजन-कीर्तन करती नजर आईं। ढोल-नगाड़ों और जयकारों से पूरा चौगान गूंज उठा।1
- Post by Suraj shriwastava1
- कोतमा। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पकरिहा स्थित श्रमिक नगर कॉलोनी में एक सनसनीखेज हत्या की घटना सामने आई है। सूचना मिलते ही कोतमा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान और हत्या के कारणों का अभी पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं—आपसी रंजिश, पारिवारिक विवाद या अन्य कारणों—को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।1
- Post by Neelesh THAKUR1
- कोतमा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पकरिहा स्थित श्रमिक नगर कॉलोनी में एक सनसनीखेज हत्या की घटना सामने आई है। सूचना मिलते ही कोतमा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान और हत्या के कारणों का अभी पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं—आपसी रंजिश, पारिवारिक विवाद या अन्य कारणों—को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।1
- Post by Deepak Verma2
- Post by Suraj shriwastava1