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अमहा खेर माता मंदिर से भव्य जवारा जुलूस और काली नृत्य का दृश्य

7 hrs ago
user_Deepak Verma
Deepak Verma
करकेली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

अमहा खेर माता मंदिर से भव्य जवारा जुलूस और काली नृत्य का दृश्य

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Sourabh Shrivastava
    1
    Post by Sourabh Shrivastava
    user_Sourabh Shrivastava
    Sourabh Shrivastava
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 🚨 “अब और नहीं!”: महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल, चेन स्नेचिंग के बाद सख्ती की मांग तेज कटनी। डन कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई चेन स्नेचिंग की घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। इलाज कराने आई महिला के साथ हुई इस वारदात ने यह साफ कर दिया है कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस और सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है। 💥 खुलेआम वारदात, महिलाओं में बढ़ा डर उमरिया निवासी हामना खातून के साथ हुई घटना कोई पहली नहीं है। लगातार बढ़ रही इस तरह की घटनाओं ने महिलाओं के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। दिन के उजाले में बदमाशों का इस तरह वारदात को अंजाम देना पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। 🛑 अब क्या करें? सुरक्षा के लिए जरूरी कदम विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कुछ ठोस कदम तुरंत लागू किए जाने चाहिए: संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित और कड़ी पुलिस पेट्रोलिंग हर कॉलोनी और मुख्य मार्गों पर उच्च गुणवत्ता के CCTV कैमरे महिलाओं के लिए सेफ्टी अवेयरनेस अभियान संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की व्यवस्था स्कूल–कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों के आसपास विशेष निगरानी 👮 पुलिस एक्शन में, लेकिन सख्ती जरूरी पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन जनता का मानना है कि सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है। ⚠️ समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी महिला सुरक्षा सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जब तक प्रशासन और आम लोग मिलकर सतर्कता और सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं होंगे, तब तक इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा। 👉 अब समय आ गया है कि महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बनाकर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी महिला इस तरह की घटना का शिकार न बने।
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    🚨 “अब और नहीं!”: महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल, चेन स्नेचिंग के बाद सख्ती की मांग तेज
कटनी। डन कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई चेन स्नेचिंग की घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। इलाज कराने आई महिला के साथ हुई इस वारदात ने यह साफ कर दिया है कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस और सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।
💥 खुलेआम वारदात, महिलाओं में बढ़ा डर
उमरिया निवासी हामना खातून के साथ हुई घटना कोई पहली नहीं है। लगातार बढ़ रही इस तरह की घटनाओं ने महिलाओं के मन में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। दिन के उजाले में बदमाशों का इस तरह वारदात को अंजाम देना पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
🛑 अब क्या करें? सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कुछ ठोस कदम तुरंत लागू किए जाने चाहिए:
संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित और कड़ी पुलिस पेट्रोलिंग
हर कॉलोनी और मुख्य मार्गों पर उच्च गुणवत्ता के CCTV कैमरे
महिलाओं के लिए सेफ्टी अवेयरनेस अभियान
संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की व्यवस्था
स्कूल–कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों के आसपास विशेष निगरानी
👮 पुलिस एक्शन में, लेकिन सख्ती जरूरी
पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन जनता का मानना है कि सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
⚠️ समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी
महिला सुरक्षा सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जब तक प्रशासन और आम लोग मिलकर सतर्कता और सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं होंगे, तब तक इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।
👉 अब समय आ गया है कि महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बनाकर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में कोई भी महिला इस तरह की घटना का शिकार न बने।
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    1
    Post by प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • माँ विंध्यवासनी के दरवार में कन्या पूजन किया गया एवम देवी माँ स्वरूप कन्याओं को भोजन कराया गया है आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर सेवा समिति के व्यवस्थापक राकेश निषाद के द्वारा किया गया आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद
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    माँ विंध्यवासनी के दरवार में कन्या पूजन किया गया एवम देवी माँ स्वरूप कन्याओं को भोजन कराया गया है आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर सेवा समिति के व्यवस्थापक राकेश निषाद के द्वारा किया गया
आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Social worker कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नवमी के दिन लोहार बाबा की मड़िया में श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से पहुंचे भक्तों ने मंदिर में दर्शन कर माता रानी के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। मंदिर से जुड़े पंडा विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर की स्थापना लगभग 100 वर्ष पूर्व उनके पूर्वज पंडा नत्थूलाल विश्वकर्मा द्वारा की गई थी। यह स्थान जोगनी का अखाड़ा माना जाता है, जहां कालका माता, जोगनी माता, शारदा माता एवं हनुमान जी विराजमान हैं। पंडा संतलाल विश्वकर्मा ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तों की लगातार भीड़ बनी रहती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर ज्वारे बोते हैं और नवमी के दिन मढ़ा तालाब में उनका विधि-विधान से विसर्जन करते हैं। इस धार्मिक आयोजन में मंदिर कार्यकर्ता पंडा संतलाल विश्वकर्मा, अनुराग विश्वकर्मा, कुलदीप विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा, कुंवरलाल रजक, अशोक रजक, मुन्ना कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, रामदुलारे कुशवाहा एवं रामलाल रजक, लकी,आयुष विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा। नवमी के इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला, जहां भक्तों ने भजन-कीर्तन कर माता रानी का गुणगान किया।
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    चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नवमी के दिन लोहार बाबा की मड़िया में श्रद्धालुओं का भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से पहुंचे भक्तों ने मंदिर में दर्शन कर माता रानी के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।
मंदिर से जुड़े पंडा विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर की स्थापना लगभग 100 वर्ष पूर्व उनके पूर्वज पंडा नत्थूलाल विश्वकर्मा द्वारा की गई थी। यह स्थान जोगनी का अखाड़ा माना जाता है, जहां कालका माता, जोगनी माता, शारदा माता एवं हनुमान जी विराजमान हैं।
पंडा संतलाल विश्वकर्मा ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तों की लगातार भीड़ बनी रहती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर ज्वारे बोते हैं और नवमी के दिन मढ़ा तालाब में उनका विधि-विधान से विसर्जन करते हैं।
इस धार्मिक आयोजन में मंदिर कार्यकर्ता पंडा संतलाल विश्वकर्मा, अनुराग विश्वकर्मा, कुलदीप विश्वकर्मा, दीपक विश्वकर्मा, कुंवरलाल रजक, अशोक रजक, मुन्ना कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, रामदुलारे कुशवाहा एवं रामलाल रजक, लकी,आयुष विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा।
नवमी के इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला, जहां भक्तों ने भजन-कीर्तन कर माता रानी का गुणगान किया।
    user_Pawan Shrivastava
    Pawan Shrivastava
    Local News Reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by User1151
    1
    Post by User1151
    user_User1151
    User1151
    कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by Suraj shriwastava
    1
    Post by Suraj shriwastava
    user_Suraj shriwastava
    Suraj shriwastava
    Building society बुदार, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *खेती किसानी* *रीपर मशीन से गेहूं व धान की कटाई अच्छे से होती है* *एक घंटे में एक एकड़ फसल की कटाई की जा सकती है : बिहारी लाल साहू* डिण्डौरी/शहपुरा :- रीपर मशीन का उपयोग गेहूं की फसल को काटने के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को कई लाभ होते हैं। इन दिनो मे गेहूं की बड़ी तेजी से कटाई आ चुकी है जिसमें जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू अपने खेतों पर लगी हुई जैविक गेहूं की कटाई चालू कर दिए है ग्राम ढोंढ़ा पर *तेजी से कटाई*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत तेजी से काटती है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है। *कटाई की गुणवत्ता*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को एक समान ऊंचाई पर काटती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। *फसल की बचत*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल की बचत होती है। *श्रम की बचत*: रीपर मशीन का उपयोग करने से श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को श्रम की समस्या से मुक्ति मिलती है। *वृद्धि हुई उत्पादकता*: रीपर मशीन का उपयोग करने से गेहूं की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है। *कटाई के बाद की प्रक्रिया में आसानी*: रीपर मशीन से कटाई के बाद, फसल को आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सकता है। इसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सूक्ष्मजीव बने रहते हैं जिसमे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और श्रम भी कम लगता है। व पर्यावरण मे दूषित नहीं होता स्वच्छ बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू जी से व कृषक कृष्ण कुमार झारिया ग्राम बरौदा से दिनांक - 28 मार्च 2026
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    *खेती किसानी*
*रीपर मशीन से गेहूं व धान की कटाई अच्छे से होती है*
*एक घंटे में एक एकड़ फसल की कटाई की जा सकती है : बिहारी लाल साहू*
डिण्डौरी/शहपुरा :- रीपर मशीन का उपयोग गेहूं की फसल को काटने के लिए किया जाता है, जिससे किसानों को कई लाभ होते हैं।
इन दिनो मे गेहूं की बड़ी तेजी से कटाई आ चुकी है जिसमें जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू अपने खेतों पर लगी हुई जैविक गेहूं की कटाई चालू कर दिए है ग्राम ढोंढ़ा पर
*तेजी से कटाई*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत तेजी से काटती है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है।
*कटाई की गुणवत्ता*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को एक समान ऊंचाई पर काटती है, जिससे फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है।
*फसल की बचत*: रीपर मशीन गेहूं की फसल को बहुत कम नुकसान पहुंचाती है, जिससे फसल की बचत होती है।
*श्रम की बचत*: रीपर मशीन का उपयोग करने से श्रम की आवश्यकता कम होती है, जिससे किसानों को श्रम की समस्या से मुक्ति मिलती है।
*वृद्धि हुई उत्पादकता*: रीपर मशीन का उपयोग करने से गेहूं की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होती है।
*कटाई के बाद की प्रक्रिया में आसानी*: रीपर मशीन से कटाई के बाद, फसल को आसानी से इकट्ठा किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा सकता है।
इसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सूक्ष्मजीव बने रहते हैं जिसमे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और श्रम भी कम लगता है। व पर्यावरण मे दूषित नहीं होता स्वच्छ बना रहता है।
अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते है जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू जी से व कृषक कृष्ण कुमार झारिया ग्राम बरौदा से
दिनांक - 28 मार्च 2026
    user_Neeraj rajak Press
    Neeraj rajak Press
    Local News Reporter डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by Durgesh Kumar Gupta
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    Post by Durgesh Kumar Gupta
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    13 hrs ago
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