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देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की एक वारदात का दून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मामा-भांजे की एक जोड़ी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, परिवार के बद्रीनाथ धाम यात्रा पर जाने के दौरान घर में ही रुके मामा और भांजे ने इस चोरी की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने घर से सोना-चांदी के आभूषण और नगदी चुरा ली थी। पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी अमित नेगी नशे का आदी है, जबकि भांजे चिराग बोरा को ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत थी। अपनी इन्हीं लतों को पूरा करने के लिए दोनों आरोपियों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दून पुलिस ने दोनों आरोपियों को फतेहपुर टांडा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किए गए आभूषणों के साथ-साथ ₹2500 की नगदी भी बरामद की है। दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों पर एक बार फिर शिकंजा कसता हुआ नजर आया है।

20 hrs ago
user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
20 hrs ago

देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की एक वारदात का दून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मामा-भांजे की एक जोड़ी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, परिवार के बद्रीनाथ धाम यात्रा पर जाने के दौरान घर में ही रुके मामा और भांजे ने इस चोरी की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने घर से सोना-चांदी के आभूषण और नगदी चुरा ली थी। पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी अमित नेगी नशे का आदी है, जबकि भांजे चिराग बोरा को ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत थी। अपनी इन्हीं लतों को पूरा करने के लिए दोनों आरोपियों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दून पुलिस ने दोनों आरोपियों को फतेहपुर टांडा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किए गए आभूषणों के साथ-साथ ₹2500 की नगदी भी बरामद की है। दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों पर एक बार फिर शिकंजा कसता हुआ नजर आया है।

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  • उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने दो दिवसीय मुनस्यारी भ्रमण के दौरान नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने सरमोली के विश्वप्रसिद्ध होमस्टे मॉडल, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों की विशेष रूप से सराहना की। राज्यपाल ने इन सभी को उत्तराखंड के सतत पर्यटन विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए यह भी कहा कि मुनस्यारी आज राज्य की पर्यटन पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
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    उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने दो दिवसीय मुनस्यारी भ्रमण के दौरान नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने सरमोली के विश्वप्रसिद्ध होमस्टे मॉडल, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों की विशेष रूप से सराहना की। राज्यपाल ने इन सभी को उत्तराखंड के सतत पर्यटन विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए यह भी कहा कि मुनस्यारी आज राज्य की पर्यटन पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
    user_Mukesh rawat
    Mukesh rawat
    Dehradun, Uttarakhand•
    14 hrs ago
  • सीजेपी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन नीट पेपर यूजी (NEET paper UG) और अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में किया गया, जिसके माध्यम से संगठन ने परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
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    सीजेपी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन नीट पेपर यूजी (NEET paper UG) और अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में किया गया, जिसके माध्यम से संगठन ने परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    Real Estate Agent विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    15 hrs ago
  • हरिद्वार के पिरान कलियर शरीफ में गाजियाबाद के एक परिवार की खुशियां उस समय लौट आईं, जब हरिद्वार पुलिस ने भीड़ में खोई उनकी 3 वर्षीय मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। बच्ची के मिलने से परेशान दंपत्ति के चेहरे पर मुस्कान वापस आ गई। गाजियाबाद निवासी इरफान अपनी पत्नी और 3 वर्षीय बेटी के साथ पिरान कलियर शरीफ दरगाह पर जियारत के लिए आए थे। इसी दौरान उनकी मासूम बेटी अचानक कमरे से निकलकर भीड़ में कहीं गुम हो गई। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चलने पर परेशान दंपत्ति ने थाना पिरान कलियर पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। चेतक मोबाइल कर्मियों ने बच्ची की फोटो के आधार पर खोजबीन शुरू की और लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार घोषणाएं भी कराईं। पुलिस टीम ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बच्ची की तलाश तेज कर दी। पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद बच्ची दरगाह के पास एक कोने में अकेली और सहमी हुई अवस्था में मिली। पुलिसकर्मियों ने बच्ची को सुरक्षित अपनी गोद में उठाया और उसे थाने ले आए। थाने में अपनी खोई हुई बेटी से मुलाकात होते ही माता-पिता भावुक हो गए, और मां की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। परिवार ने हरिद्वार पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार की बिछड़ी खुशियां लौटाकर उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी।
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    हरिद्वार के पिरान कलियर शरीफ में गाजियाबाद के एक परिवार की खुशियां उस समय लौट आईं, जब हरिद्वार पुलिस ने भीड़ में खोई उनकी 3 वर्षीय मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। बच्ची के मिलने से परेशान दंपत्ति के चेहरे पर मुस्कान वापस आ गई।

गाजियाबाद निवासी इरफान अपनी पत्नी और 3 वर्षीय बेटी के साथ पिरान कलियर शरीफ दरगाह पर जियारत के लिए आए थे। इसी दौरान उनकी मासूम बेटी अचानक कमरे से निकलकर भीड़ में कहीं गुम हो गई। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का कोई पता नहीं चलने पर परेशान दंपत्ति ने थाना पिरान कलियर पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। चेतक मोबाइल कर्मियों ने बच्ची की फोटो के आधार पर खोजबीन शुरू की और लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार घोषणाएं भी कराईं। पुलिस टीम ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बच्ची की तलाश तेज कर दी।

पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद बच्ची दरगाह के पास एक कोने में अकेली और सहमी हुई अवस्था में मिली। पुलिसकर्मियों ने बच्ची को सुरक्षित अपनी गोद में उठाया और उसे थाने ले आए। थाने में अपनी खोई हुई बेटी से मुलाकात होते ही माता-पिता भावुक हो गए, और मां की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। परिवार ने हरिद्वार पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। हरिद्वार पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार की बिछड़ी खुशियां लौटाकर उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी।
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने आज एक बड़ा अभियान चलाया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने हाईवे किनारे किए गए अवैध कब्जों पर कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन की मदद से अतिक्रमण हटाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बाधा बनने वाले अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस अभियान के तहत सड़क किनारे बने अस्थायी और अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में व्यवस्था बनाए रखी गई। इस संयुक्त अभियान में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की टीमें शामिल रहीं, जिसमें अपर तहसीलदार रुड़की शुभांगिनी, कानूनगो ओम प्रकाश और एनएच के प्रतिनिधि तथा पुलिस बल मौके पर तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण से यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। प्रशासन ने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर जारी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे सरकारी भूमि और राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा में किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें। साथ ही, भविष्य में भी अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, इसकी चेतावनी भी दी गई है।
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    हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने आज एक बड़ा अभियान चलाया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने हाईवे किनारे किए गए अवैध कब्जों पर कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन की मदद से अतिक्रमण हटाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बाधा बनने वाले अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

इस अभियान के तहत सड़क किनारे बने अस्थायी और अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में व्यवस्था बनाए रखी गई। इस संयुक्त अभियान में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की टीमें शामिल रहीं, जिसमें अपर तहसीलदार रुड़की शुभांगिनी, कानूनगो ओम प्रकाश और एनएच के प्रतिनिधि तथा पुलिस बल मौके पर तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण से यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

प्रशासन ने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर जारी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे सरकारी भूमि और राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा में किसी प्रकार का अतिक्रमण न करें। साथ ही, भविष्य में भी अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, इसकी चेतावनी भी दी गई है।
    user_Diksha Gupta
    Diksha Gupta
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    23 hrs ago
  • उत्तराखण्ड के टिहरी जनपद के भिलंगना ब्लॉक के घनसाली क्षेत्र में स्थित बूढ़ा केदार मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र तीर्थस्थल है। बाल गंगा और धर्म गंगा नदियों के संगम पर स्थित यह मंदिर पंच केदार (केदारनाथ) के प्रारंभिक या पाँचवें धाम के रूप में प्रतिष्ठित है, जो अपनी शांत और सुरम्य भौगोलिक स्थिति के लिए जाना जाता है। बूढ़ा केदार मंदिर समिति के सदस्य मनमोहन रावत के अनुसार, स्कन्द पुराण के छठवें अध्याय में वर्णित है कि बूढ़ा केदार का इतिहास क्षेत्र के कई अन्य प्रसिद्ध केदारनाथ तीर्थों से भी पुराना है। यहाँ तक कि चारों धाम की यात्रा को इस मंदिर के दर्शन के बिना अधूरा माना जाता है। महाभारत युद्ध के पश्चात् ब्रह्म और गोत्र हत्या के पापों से मुक्ति पाने के लिए पांडवों ने अपने गुरु वेदव्यास से मार्गदर्शन माँगा था। गुरु वेदव्यास ने उन्हें उत्तर हिमालय की दिशा में भगवान शिव के दर्शन से इन पापों से मुक्ति का मार्ग सुझाया। जब पांडव भगवान शिव का आशीर्वाद खोजते हुए हिमालय पहुँचे, तो शिव ने उन्हें दर्शन देने से बचने के लिए एक वृद्ध व्यक्ति का रूप धारण कर लिया। पांडवों के इस स्थान पर पहुँचने पर, वह वृद्ध व्यक्ति ध्यान में लीन हो गया और अचानक एक विशाल शिवलिंग प्रकट हुआ। इसी स्थान पर पांडवों ने शिवलिंग के रूप में भगवान शिव के दर्शन किए, जिसके कारण यह स्थान बूढ़ा केदार कहलाया। बूढ़ाकेदार मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि इस मंदिर में स्थापित प्राकृतिक शिवलिंग उत्तर भारत का सबसे विशाल माना जाता है। इस शिवलिंग पर वृद्ध शिव, गणेश, नंदी के साथ-साथ पाँचों पांडवों और द्रौपदी की छवियाँ अंकित हैं। मंदिर पारंपरिक गढ़वाली वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अपने जटिल शिल्प कौशल और नक्काशीदार लकड़ी व पत्थर के संयोजन के लिए विख्यात है। मंदिर के प्रांगण में नाथ संप्रदाय के आध्यात्मिक गुरुओं की समाधियाँ भी स्थित हैं, और मान्यता है कि स्वयं ऋषि गोरखनाथ ने एक बार इस स्थान पर ध्यान किया था। इस मंदिर की एक अनूठी विशेषता यह भी है कि यहाँ के पुजारी ब्राह्मण न होकर, नाथ संप्रदाय से शिक्षा प्राप्त राजपूत जाति के पंडित होते हैं। मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं के छोटे मंदिर भी मौजूद हैं। यह मंदिर नई टिहरी मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर घनसाली क्षेत्र में स्थित है और समुद्र तल से 1,535 मीटर की ऊँचाई पर है। घने देवदार के जंगल और सीढ़ीदार खेत इसे घेरे हुए हैं, जो यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं। महाशिवरात्रि यहाँ का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है, जिसमें हजारों भक्त प्रार्थनाओं और उत्सवों में भाग लेते हैं। इसके अतिरिक्त, जुलाई माह की पूर्णिमा से शुरू होने वाला तीन दिवसीय मेला भी हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। 180 गाँवों के इष्ट देवता गुरु कैलापीर का भव्य मेला सामान्य दीपावली के एक माह बाद बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिर तक पहुँचने के लिए ऋषिकेश और नई टिहरी से घनसाली के लिए सीधी बसें उपलब्ध हैं, जिसके बाद निजी टैक्सी या अन्य वाहन से मंदिर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। मुख्य बूढ़ा केदार सड़क पर स्थित लोहे के पुल से 1 किलोमीटर की आसान और मनोरम ट्रेकिंग के बाद मंदिर तक पहुँचा जा सकता है। मार्च से जून और सितंबर से नवंबर तक का समय मंदिर भ्रमण के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और गढ़वाल हिमालय के मनमोहक दृश्य दिखाई देते हैं। बूढ़ा केदार महासर ताल, सहस्त्र ताल, जरार ताल और मंझार ताल जैसे कई सुंदर और ऊँचे तालों की ट्रेकिंग के लिए भी एक मुख्य मार्ग है। हमारी यात्रा के दौरान हमें रावल अमरनाथ योगी से साक्षात्कार का सौभाग्य मिला, जिन्होंने बूढ़ा केदार मंदिर के इतिहास, पौराणिक महत्व और परंपराओं के विषय में अत्यंत सरल एवं गहन जानकारी साझा की थी। उनके शब्दों में इस पावन धाम की आस्था और अध्यात्म की जीवंत झलक स्पष्ट रूप से अनुभव की जा सकती थी, और यह भेंट इस दिव्य स्थल की सांस्कृतिक आत्मा को समझने का एक सशक्त माध्यम बनी। दुर्भाग्यवश, हाल ही में उनके स्वर्गवास का समाचार प्राप्त हुआ, जिससे यह स्मृति और भी अधिक भावुक एवं अविस्मरणीय हो गई है, और बूढ़ा केदार की यह यात्रा आज भी उनकी स्मृतियों और मार्गदर्शन के प्रकाश में जीवंत प्रतीत होती है। अंततः, बूढ़ा केदार केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि गढ़वाल की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत का एक जीवंत प्रतीक है, जो श्रद्धा, इतिहास और प्रकृति का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।
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    उत्तराखण्ड के टिहरी जनपद के भिलंगना ब्लॉक के घनसाली क्षेत्र में स्थित बूढ़ा केदार मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र तीर्थस्थल है। बाल गंगा और धर्म गंगा नदियों के संगम पर स्थित यह मंदिर पंच केदार (केदारनाथ) के प्रारंभिक या पाँचवें धाम के रूप में प्रतिष्ठित है, जो अपनी शांत और सुरम्य भौगोलिक स्थिति के लिए जाना जाता है।

बूढ़ा केदार मंदिर समिति के सदस्य मनमोहन रावत के अनुसार, स्कन्द पुराण के छठवें अध्याय में वर्णित है कि बूढ़ा केदार का इतिहास क्षेत्र के कई अन्य प्रसिद्ध केदारनाथ तीर्थों से भी पुराना है। यहाँ तक कि चारों धाम की यात्रा को इस मंदिर के दर्शन के बिना अधूरा माना जाता है। महाभारत युद्ध के पश्चात् ब्रह्म और गोत्र हत्या के पापों से मुक्ति पाने के लिए पांडवों ने अपने गुरु वेदव्यास से मार्गदर्शन माँगा था। गुरु वेदव्यास ने उन्हें उत्तर हिमालय की दिशा में भगवान शिव के दर्शन से इन पापों से मुक्ति का मार्ग सुझाया। जब पांडव भगवान शिव का आशीर्वाद खोजते हुए हिमालय पहुँचे, तो शिव ने उन्हें दर्शन देने से बचने के लिए एक वृद्ध व्यक्ति का रूप धारण कर लिया। पांडवों के इस स्थान पर पहुँचने पर, वह वृद्ध व्यक्ति ध्यान में लीन हो गया और अचानक एक विशाल शिवलिंग प्रकट हुआ। इसी स्थान पर पांडवों ने शिवलिंग के रूप में भगवान शिव के दर्शन किए, जिसके कारण यह स्थान बूढ़ा केदार कहलाया।

बूढ़ाकेदार मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि इस मंदिर में स्थापित प्राकृतिक शिवलिंग उत्तर भारत का सबसे विशाल माना जाता है। इस शिवलिंग पर वृद्ध शिव, गणेश, नंदी के साथ-साथ पाँचों पांडवों और द्रौपदी की छवियाँ अंकित हैं। मंदिर पारंपरिक गढ़वाली वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अपने जटिल शिल्प कौशल और नक्काशीदार लकड़ी व पत्थर के संयोजन के लिए विख्यात है। मंदिर के प्रांगण में नाथ संप्रदाय के आध्यात्मिक गुरुओं की समाधियाँ भी स्थित हैं, और मान्यता है कि स्वयं ऋषि गोरखनाथ ने एक बार इस स्थान पर ध्यान किया था। इस मंदिर की एक अनूठी विशेषता यह भी है कि यहाँ के पुजारी ब्राह्मण न होकर, नाथ संप्रदाय से शिक्षा प्राप्त राजपूत जाति के पंडित होते हैं। मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं के छोटे मंदिर भी मौजूद हैं।

यह मंदिर नई टिहरी मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर घनसाली क्षेत्र में स्थित है और समुद्र तल से 1,535 मीटर की ऊँचाई पर है। घने देवदार के जंगल और सीढ़ीदार खेत इसे घेरे हुए हैं, जो यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं। महाशिवरात्रि यहाँ का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है, जिसमें हजारों भक्त प्रार्थनाओं और उत्सवों में भाग लेते हैं। इसके अतिरिक्त, जुलाई माह की पूर्णिमा से शुरू होने वाला तीन दिवसीय मेला भी हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। 180 गाँवों के इष्ट देवता गुरु कैलापीर का भव्य मेला सामान्य दीपावली के एक माह बाद बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिर तक पहुँचने के लिए ऋषिकेश और नई टिहरी से घनसाली के लिए सीधी बसें उपलब्ध हैं, जिसके बाद निजी टैक्सी या अन्य वाहन से मंदिर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है। मुख्य बूढ़ा केदार सड़क पर स्थित लोहे के पुल से 1 किलोमीटर की आसान और मनोरम ट्रेकिंग के बाद मंदिर तक पहुँचा जा सकता है। मार्च से जून और सितंबर से नवंबर तक का समय मंदिर भ्रमण के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और गढ़वाल हिमालय के मनमोहक दृश्य दिखाई देते हैं। बूढ़ा केदार महासर ताल, सहस्त्र ताल, जरार ताल और मंझार ताल जैसे कई सुंदर और ऊँचे तालों की ट्रेकिंग के लिए भी एक मुख्य मार्ग है।

हमारी यात्रा के दौरान हमें रावल अमरनाथ योगी से साक्षात्कार का सौभाग्य मिला, जिन्होंने बूढ़ा केदार मंदिर के इतिहास, पौराणिक महत्व और परंपराओं के विषय में अत्यंत सरल एवं गहन जानकारी साझा की थी। उनके शब्दों में इस पावन धाम की आस्था और अध्यात्म की जीवंत झलक स्पष्ट रूप से अनुभव की जा सकती थी, और यह भेंट इस दिव्य स्थल की सांस्कृतिक आत्मा को समझने का एक सशक्त माध्यम बनी। दुर्भाग्यवश, हाल ही में उनके स्वर्गवास का समाचार प्राप्त हुआ, जिससे यह स्मृति और भी अधिक भावुक एवं अविस्मरणीय हो गई है, और बूढ़ा केदार की यह यात्रा आज भी उनकी स्मृतियों और मार्गदर्शन के प्रकाश में जीवंत प्रतीत होती है। अंततः, बूढ़ा केदार केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि गढ़वाल की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत का एक जीवंत प्रतीक है, जो श्रद्धा, इतिहास और प्रकृति का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।
    user_Uklive Uttrakhand
    Uklive Uttrakhand
    टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की एक वारदात का दून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मामा-भांजे की एक जोड़ी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, परिवार के बद्रीनाथ धाम यात्रा पर जाने के दौरान घर में ही रुके मामा और भांजे ने इस चोरी की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने घर से सोना-चांदी के आभूषण और नगदी चुरा ली थी। पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी अमित नेगी नशे का आदी है, जबकि भांजे चिराग बोरा को ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत थी। अपनी इन्हीं लतों को पूरा करने के लिए दोनों आरोपियों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दून पुलिस ने दोनों आरोपियों को फतेहपुर टांडा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किए गए आभूषणों के साथ-साथ ₹2500 की नगदी भी बरामद की है। दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों पर एक बार फिर शिकंजा कसता हुआ नजर आया है।
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    देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की एक वारदात का दून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मामा-भांजे की एक जोड़ी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, परिवार के बद्रीनाथ धाम यात्रा पर जाने के दौरान घर में ही रुके मामा और भांजे ने इस चोरी की घटना को अंजाम दिया। उन्होंने घर से सोना-चांदी के आभूषण और नगदी चुरा ली थी।

पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी अमित नेगी नशे का आदी है, जबकि भांजे चिराग बोरा को ऑनलाइन गेमिंग और जुए की लत थी। अपनी इन्हीं लतों को पूरा करने के लिए दोनों आरोपियों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।

दून पुलिस ने दोनों आरोपियों को फतेहपुर टांडा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किए गए आभूषणों के साथ-साथ ₹2500 की नगदी भी बरामद की है। दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों पर एक बार फिर शिकंजा कसता हुआ नजर आया है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    20 hrs ago
  • जबलपुर में, कुछ लड़के किन्नर के वेशभूषा में ट्रेन यात्रियों से जबरन उगाही का धंधा करते थे।
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    जबलपुर में, कुछ लड़के किन्नर के वेशभूषा में ट्रेन यात्रियों से जबरन उगाही का धंधा करते थे।
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    Real Estate Agent विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों पर जनपद में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के क्रम में, लक्सर कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत कार्रवाई की है। दिनांक 5 और 6 जून 2026 को क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से दो व्यक्तियों को अवैध चाकुओं सहित हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि पकड़े गए दोनों आरोपी किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। लक्सर पुलिस की सतर्कता और सक्रिय चेकिंग के कारण उन्हें समय रहते पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराजपुर खुर्द, कोतवाली लक्सर, जनपद हरिद्वार निवासी शिवा पुत्र महिपाल और प्रदीप पुत्र दीपचंद के रूप में हुई है। उनके पास से कुल दो नाजायज चाकू बरामद किए गए हैं। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शिवा के खिलाफ मु0अ0सं0 526/2026 धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम और प्रदीप के खिलाफ मु0अ0सं0 527/2026 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पुलिस टीम में हे0का0 स्वदेश राय, का0 महेन्द्र सिंह और का0 अरविन्द सिंह शामिल थे।
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    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों पर जनपद में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के क्रम में, लक्सर कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत कार्रवाई की है। दिनांक 5 और 6 जून 2026 को क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से दो व्यक्तियों को अवैध चाकुओं सहित हिरासत में लिया।

प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि पकड़े गए दोनों आरोपी किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। लक्सर पुलिस की सतर्कता और सक्रिय चेकिंग के कारण उन्हें समय रहते पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराजपुर खुर्द, कोतवाली लक्सर, जनपद हरिद्वार निवासी शिवा पुत्र महिपाल और प्रदीप पुत्र दीपचंद के रूप में हुई है। उनके पास से कुल दो नाजायज चाकू बरामद किए गए हैं।

आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शिवा के खिलाफ मु0अ0सं0 526/2026 धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम और प्रदीप के खिलाफ मु0अ0सं0 527/2026 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पुलिस टीम में हे0का0 स्वदेश राय, का0 महेन्द्र सिंह और का0 अरविन्द सिंह शामिल थे।
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    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर सर्वानंद घाट के पास एक डबल डेकर बस धूं-धूं कर जल गई। इस घटना की सूचना मिलने पर फायर टीम और नगर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
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    हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर सर्वानंद घाट के पास एक डबल डेकर बस धूं-धूं कर जल गई। इस घटना की सूचना मिलने पर फायर टीम और नगर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    15 hrs ago
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