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चित्रकूट थाना क्षेत्र की खरहा ग्राम पंचायत में दारू के नशे में एक परिवार के साथ खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें परिवार के सदस्य बुरी तरह पीट गए और गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। अपनी चोटों के साथ मदद की उम्मीद में घायल व्यक्ति चित्रकूट थाना पहुंचे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर पता चला कि थाने से सभी पुलिसकर्मी नदारद थे, जिससे उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पाई।
रोहित कुमार पाठक
चित्रकूट थाना क्षेत्र की खरहा ग्राम पंचायत में दारू के नशे में एक परिवार के साथ खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें परिवार के सदस्य बुरी तरह पीट गए और गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। अपनी चोटों के साथ मदद की उम्मीद में घायल व्यक्ति चित्रकूट थाना पहुंचे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर पता चला कि थाने से सभी पुलिसकर्मी नदारद थे, जिससे उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पाई।
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- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा धाम में बुधवार को विशेष मुंडन मुहूर्त के अवसर पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिसके कारण श्रद्धालुओं को अपनी जान जोखिम में डालकर मंदिर तक पहुंचने पर मजबूर होना पड़ा। एक ओर जहाँ प्रशासन और मां शारदा प्रबंध समिति श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराने के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, वहीं ज़मीनी हकीकत ने इन दावों की पोल खोल दी। पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में, कई श्रद्धालु पहाड़ों और दुर्गम रास्तों से होकर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्गों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कठिन और खतरनाक रास्तों से गुज़रना पड़ा। इस स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं कि जब प्रशासन को विशेष मुहूर्त और संभावित भीड़ की जानकारी पहले से थी, तो अतिरिक्त व्यवस्थाएं क्यों नहीं की गईं और ऐसी क्या मजबूरी थी कि श्रद्धालुओं को पहाड़ी रास्तों का सहारा लेना पड़ा। श्रद्धालुओं के अनुसार, यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसी है, और भविष्य में किसी भी दुर्घटना की ज़िम्मेदारी प्रशासन या मां शारदा प्रबंध समिति की होगी। धार्मिक नगरी मैहर में प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और प्रबंध समिति की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। यह स्पष्ट किया गया है कि केवल दावों और कागज़ी व्यवस्थाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी इंतज़ाम करना भी आवश्यक है, ताकि आस्था के इस केंद्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।1
- सतना जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, मरीजों को सोनोग्राफी जांच करवाने के लिए दो महीने बाद का नंबर दिया जा रहा है। यह स्थिति जिला अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाती है।1
- अमरेंद्र पांडेय 250 गाड़ियों के एक बड़े काफिले के साथ भरत तिवारी के बिलौटी गांव पहुंचे हैं। उनके इस आगमन ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।1
- सतना जिले की उचेहरा तहसील के परसमनिया पठार के घने जंगलों में स्थित राजा बाबा मंदिर भक्तों के लिए श्रद्धा और कौतूहल का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहाँ स्थापित राजा बाबा की प्रतिमा का आकार समय के साथ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसे श्रद्धालु दैवीय चमत्कार मानते हैं। यह अनोखा मंदिर विंध्य क्षेत्र के सबसे विशिष्ट धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मंदिर से जुड़ी एक लोककथा के अनुसार, एक महिला को पहाड़ी पर एक पत्थर मिला था, जिसे जब वर्तमान स्थल पर रखा गया तो उसे दोबारा उठाया नहीं जा सका। इसी घटना के बाद से यहाँ राजा बाबा की पूजा-अर्चना शुरू हुई। क्षेत्र के लोग राजा बाबा को परसमनिया के रक्षक के रूप में देखते हैं और दृढ़ता से विश्वास करते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद यहाँ पूरी होती है। यह स्थल सतना से लगभग 55 किलोमीटर और उचेहरा से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। धार्मिक महत्व के साथ-साथ, यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है, खासकर बारिश के मौसम में। राजा बाबा जलप्रपात, चारों ओर हरियाली से ढके पहाड़ और शांत वन क्षेत्र यहाँ श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। यह स्थान आस्था, लोकविश्वास और प्रकृति का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है, जहाँ रहस्य से आस्था का गहरा जुड़ाव महसूस होता है।1
- सतना पुलिस ने डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए एक 'साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली' का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सचेत करना और उन्हें खुद को सुरक्षित रखने के प्रभावी तरीके सिखाना था। पुलिस अधिकारियों ने रैली के माध्यम से लोगों को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे फोटो, वीडियो और फोन नंबर साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने का संदेश दिया। इस दौरान, आम जनता को विशेष सुझाव दिए गए, जिनमें अपने ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड रखने और उन्हें समय-समय पर बदलते रहने की सलाह शामिल थी। साथ ही, अज्ञात व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क न बनाने, लॉटरी जीतने या भारी मुनाफा देने जैसे फर्जी ऑफर्स से सावधान रहने और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या वेबसाइट पर पैसे भेजने की मांग होने पर तुरंत सतर्क हो जाने का आग्रह किया गया। सतना पुलिस ने इस रैली के माध्यम से साइबर अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का एक प्रशंसनीय कार्य किया है। नागरिकों को यह भी बताया गया कि यदि उनके साथ कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।1
- ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में देर रात नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी, जिसे रोकने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। इस पूरी कार्रवाई का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है, जहाँ एक शराब दुकान का मुख्य शटर नियमानुसार बंद था, लेकिन दुकान के अंदर से खिड़की के जरिए गुपचुप तरीके से ग्राहकों को शराब बेची जा रही थी। देर रात शराब मिलने की खबर फैलते ही दुकान के बाहर पियक्कड़ों और खरीदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। रात में अचानक भीड़ जुटने और हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। सोशल मीडिया पर वायरल हुए 58 सेकंड के सीसीटीवी/वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रहे हैं और शराब खरीदने आए लोगों को डंडे दिखाकर व डंडे मारकर मौके से खदेड़ रहे हैं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद वहाँ भगदड़ मच गई और लोग अपनी गाड़ियाँ छोड़कर भागते दिखे। स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में देर रात तक खिड़की से शराब बेचना और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होना एक आम बात बन चुकी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है और नियम उल्लंघन करने वाले आबकारी ठेकेदार व दुकान प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।1
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1
- सतना जिले में प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने जहर खा लिया, जिसकी इलाज के दौरान सतना जिला अस्पताल में मौत हो गई। युवक अपने घर से परीक्षा देने के लिए अमरपाटन निकला था, जहाँ उसकी हालत गंभीर होने पर उसे सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया था। मृतक के जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने गाँव के ही कुछ लोगों पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक रामपुर थाना क्षेत्र के खेरिया गाँव का निवासी था। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।1