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ग्राम प्रधान ने युवक पर धमकी और सोशल मीडिया पर बदनाम करने का लगाया आरोप

4 hrs ago
user_MANOJ KUMAR YADAV
MANOJ KUMAR YADAV
Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

ग्राम प्रधान ने युवक पर धमकी और सोशल मीडिया पर बदनाम करने का लगाया आरोप

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • ग्राम प्रधान ने युवक पर धमकी और सोशल मीडिया पर बदनाम करने का लगाया आरोप
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    ग्राम प्रधान ने युवक पर धमकी और सोशल मीडिया पर बदनाम करने का लगाया आरोप
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आमने-सामने"आप भी अपनी जिद पर अड़ गए थे" सपा विधायक के निष्कासन के बाद स्पीकर से बोले माता प्रसाद पाण्डेय!
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    वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आमने-सामने"आप भी अपनी जिद पर अड़ गए थे" सपा विधायक के निष्कासन के बाद स्पीकर से बोले माता प्रसाद पाण्डेय!
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    3 hrs ago
  • ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। (संवाददाता विनय दुबे) चौरी चौरा क्षेत्र के ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसका प्राचीन इतिहास और निम्बकुंड आज भी भक्तों को आकर्षित करते हैं। यह धाम ऐतिहासिक चौरी चौरा से लगभग 8 किलोमीटर दक्षिण में ग्राम सभा ब्रहम्पुर में स्थित है और इसकी महिमा सदियों पुरानी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, निंबेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थित 'निम्बकुंड' का जल चमत्कारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से कुष्ठ रोग सहित कई गंभीर चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। इसी विश्वास के चलते प्रतिदिन सुबह से ही दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आरोग्य की कामना लेकर आते हैं। मंदिर के इतिहास और उत्पत्ति से जुड़ी एक प्रसिद्ध लोककथा प्रचलित है। इसके अनुसार, प्राचीन सतासी राज (वर्तमान रुद्रपुर क्षेत्र) के राजा ने अपने राजवैद्य को युवा बनाए रखने वाली 'दिव्य औषधि' खोजने का आदेश दिया था। इस प्राचीन मंदिर की मान्यताएं इसी पौराणिक कालखंड और सतासी राजपरिवार के इतिहास से जुड़ी हुई हैं। प्रत्येक वर्ष श्रावण मास (सावन) और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए गोरखपुर और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा एवं दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाती है।
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    ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।
(संवाददाता विनय दुबे)
चौरी चौरा क्षेत्र के ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसका प्राचीन इतिहास और निम्बकुंड आज भी भक्तों को आकर्षित करते हैं। यह धाम ऐतिहासिक चौरी चौरा से लगभग 8 किलोमीटर दक्षिण में ग्राम सभा ब्रहम्पुर में स्थित है और इसकी महिमा सदियों पुरानी है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, निंबेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थित 'निम्बकुंड' का जल चमत्कारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से कुष्ठ रोग सहित कई गंभीर चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। इसी विश्वास के चलते प्रतिदिन सुबह से ही दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आरोग्य की कामना लेकर आते हैं।
मंदिर के इतिहास और उत्पत्ति से जुड़ी एक प्रसिद्ध लोककथा प्रचलित है। इसके अनुसार, प्राचीन सतासी राज (वर्तमान रुद्रपुर क्षेत्र) के राजा ने अपने राजवैद्य को युवा बनाए रखने वाली 'दिव्य औषधि' खोजने का आदेश दिया था। इस प्राचीन मंदिर की मान्यताएं इसी पौराणिक कालखंड और सतासी राजपरिवार के इतिहास से जुड़ी हुई हैं।
प्रत्येक वर्ष श्रावण मास (सावन) और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए गोरखपुर और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा एवं दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाती है।
    user_विनय दुबे
    विनय दुबे
    मीडिया जगत चौरी चौरा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • योगी जी कांवरिया को इतना छूट दिए हैं दारू पीकर हुड़दंग मचा रहे हैं सावन महीने में एक महीने के लिए दारू होलसेल बंद रहना चाहिए #deoriaup52 #देवरिया #SamajwadiParty #गोरखपुर #yuva योगी जी कांवरिया को इतना छूट दिए हैं दारू पीकर हुड़दंग मचा रहे हैं सावन महीने में एक महीने के लिए दारू होलसेल बंद रहना चाहिए #deoriaup52 #देवरिया #SamajwadiParty #गोरखपुर #yuva
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    योगी जी कांवरिया को इतना छूट दिए हैं  दारू पीकर हुड़दंग मचा रहे हैं 
सावन महीने में एक महीने के लिए दारू होलसेल बंद रहना चाहिए
#deoriaup52 #देवरिया #SamajwadiParty #गोरखपुर #yuva
योगी जी कांवरिया को इतना छूट दिए हैं  दारू पीकर हुड़दंग मचा रहे हैं 
सावन महीने में एक महीने के लिए दारू होलसेल बंद रहना चाहिए
#deoriaup52 #देवरिया #SamajwadiParty #गोरखपुर #yuva
    user_Manoj Kumar Yadav
    Manoj Kumar Yadav
    Local Politician Deoria, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • Post by Ranjit chaudhary
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    Post by Ranjit chaudhary
    user_Ranjit chaudhary
    Ranjit chaudhary
    Photographer पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के इतिहास को देखे... अयोध्या में बाबरी मस्जिद में ध्वस्तीकरण को देखकर
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    अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के इतिहास को देखे...
अयोध्या में बाबरी मस्जिद में ध्वस्तीकरण को देखकर
    user_Sunil kumar sharma
    Sunil kumar sharma
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है। पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।
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    पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल


बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग

पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।

ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।
पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग
पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।
    user_Salma khatoon
    Salma khatoon
    Audio visual consultant पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भूमि विवाद में महिला से मारपीट, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
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    भूमि विवाद में महिला से मारपीट, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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