विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर लातेहार पुलिस ने पुलिस लाइन सहित जिले के विभिन्न थानों एवं पुलिस प्रतिष्ठानों में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल के तहत, लातेहार पुलिस ने तंबाकू के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए एक स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान, सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे और समाज को इसके गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति निरंतर जागरूक करेंगे। उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है, इसलिए लोगों को तंबाकू से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। लातेहार पुलिस ने आमजन से भी तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर, जिलेभर में जागरूकता का संदेश प्रसारित करते हुए पुलिस कर्मियों ने तंबाकू के खिलाफ जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने का दृढ़ संकल्प लिया, और इसी भावना के साथ उन्होंने कहा, "आइए, हम सब मिलकर तंबाकू मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।"
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर लातेहार पुलिस ने पुलिस लाइन सहित जिले के विभिन्न थानों एवं पुलिस प्रतिष्ठानों में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल के तहत, लातेहार पुलिस ने तंबाकू के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए एक स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प
लिया। कार्यक्रम के दौरान, सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे और समाज को इसके गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति निरंतर जागरूक करेंगे। उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए
अत्यंत हानिकारक है और यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है, इसलिए लोगों को तंबाकू से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। लातेहार पुलिस ने आमजन से भी तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। विश्व तंबाकू निषेध
दिवस के मौके पर, जिलेभर में जागरूकता का संदेश प्रसारित करते हुए पुलिस कर्मियों ने तंबाकू के खिलाफ जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने का दृढ़ संकल्प लिया, और इसी भावना के साथ उन्होंने कहा, "आइए, हम सब मिलकर तंबाकू मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।"
- गर्मी के दिनों में एक सड़क तालाब का रूप ले चुकी है, जिसके कारण आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।1
- झारखंड के एक अति पिछड़े क्षेत्र में असुर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस परियोजना पर काम कर रहे मजदूरों को उनका भुगतान नहीं दिया जा रहा है।1
- झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।3
- नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के डोका गांव में शनिवार देर शाम ट्रैक्टर चालक की घोर लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें दो वृद्ध महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद इन महिलाओं की मृत्यु की पुष्टि की। घटना के उपरांत, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया और लापरवाह चालक को गिरफ्तार कर लोहरदगा जेल भेज दिया है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में कभी शान से खड़ा रहने वाला एक ऐतिहासिक चर्च आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है, जिसे देखकर किसी का भी दिल बैठ सकता है। अंग्रेजी हुकूमत के दौर की यह धरोहर अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है। इसकी मौजूदा दुर्दशा का मुख्य कारण लोगों की बेरुखी और अनदेखी है, जिसने इस महत्वपूर्ण विरासत को पूरी तरह से उपेक्षित कर दिया है। यह तस्वीर इस बात की स्पष्ट गवाह है कि जो कौम अपनी विरासत को भुला देती है, उसका वजूद धुंधला पड़ जाता है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में एक तालाब के सुंदरीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल हो रही जानकारी के अनुसार, आरोप लगाया जा रहा है कि तालाब का सुंदरीकरण ‘थूक पॉलिश’ लगाकर किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गहरी चिंता जताई जा रही है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- कुख्यात झांगुर ग्रुप के प्रमुख रामदेव उरांव ने अपने दो साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह खबर झांगुर ग्रुप के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना को दर्शाती है।1