सावन की हरियाली में विश्व स्तनपान सप्ताह: पौधारोपण से दिया स्वस्थ माँ, स्वस्थ शिशु और सुरक्षित भविष्य का संदेश बोधगय। मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के गृह विज्ञान विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त 2026) के अवसर पर “सावन में पौधारोपण: एक स्वस्थ पर्यावरण, एक स्वस्थ माँ, एक स्वस्थ शिशु, एक सुरक्षित भविष्य” विषय पर जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम को विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 की थीम “जीवन की एक टिकाऊ (सतत) शुरुआत के लिए स्तनपान: जो कारगर है उसे मजबूत करें"। अर्थात “जीवन की सतत एवं स्वस्थ शुरुआत के लिए स्तनपान: जो प्रभावी है, उसे और सशक्त बनाएँ” से जोड़ते हुए मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली के महत्व पर बल दिया गया है। कार्यशाला में दक्षिणी बिहार के युवा शक्ति प्रमुख प्रिंस कुमार विशेष रूप से उपस्थित हुए हैं। उन्होंने छात्राओं को “वेस्ट से बेस्ट” की अवधारणा के अंतर्गत घरेलू अपशिष्ट एवं अनुपयोगी पदार्थों से उपयोगी वस्तुएँ तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने वेस्ट सामग्री से फिनाइल, प्लास्टिक कचरे से ईको-ब्रिक तथा घर में उपलब्ध विभिन्न अनुपयोगी सामग्रियों से अन्य उपयोगी वस्तुएँ तैयार करने की विधियाँ समझाईं। इसके साथ ही कचरे के पृथक्करण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया है। इस कार्यशाला का विशेष आकर्षण “पर्यावरण ताली” रही, जिसे श्री प्रिंस कुमार ने छात्राओं को सिखाया है। इसके माध्यम से स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी का संदेश सरल और सहभागितापूर्ण तरीके से दिया गया है। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा आज की युवतियों, जो भविष्य की माताएँ हैं, के स्वास्थ्य से विशेष रूप से जोड़ा गया है। बताया गया कि स्वस्थ मातृत्व एवं स्वस्थ शिशु के लिए पौष्टिक आहार के साथ-साथ शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, स्वच्छ परिवेश और प्रदूषण-मुक्त वातावरण भी अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यावरण की गुणवत्ता का प्रभाव वर्तमान पीढ़ी के साथ आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस अवसर पर गृह विज्ञान विभाग द्वारा छात्राओं को पौधे प्रदान किए गए, जिन्हें वे अपने घरों में लगाकर उनकी देखभाल करेंगी। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को स्वयं पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया है। कार्यशाला ने स्तनपान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पौधारोपण और घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन को एक साझा उद्देश्य से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि स्वस्थ एवं सुरक्षित भावी पीढ़ी के निर्माण के लिए स्वस्थ पर्यावरण आवश्यक है। कार्यक्रम “स्वस्थ पर्यावरण–स्वस्थ माँ–स्वस्थ शिशु–सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ संपन्न हुआ है।
सावन की हरियाली में विश्व स्तनपान सप्ताह: पौधारोपण से दिया स्वस्थ माँ, स्वस्थ शिशु और सुरक्षित भविष्य का संदेश बोधगय। मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के गृह विज्ञान विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त 2026) के अवसर पर “सावन में पौधारोपण: एक स्वस्थ पर्यावरण, एक स्वस्थ माँ, एक स्वस्थ शिशु, एक सुरक्षित भविष्य” विषय पर जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम को विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 की थीम “जीवन की एक टिकाऊ (सतत) शुरुआत के लिए स्तनपान: जो कारगर है उसे मजबूत करें"। अर्थात “जीवन की सतत एवं स्वस्थ शुरुआत के लिए स्तनपान: जो प्रभावी है, उसे और सशक्त बनाएँ” से जोड़ते हुए मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली के महत्व पर बल दिया गया है। कार्यशाला में दक्षिणी बिहार के युवा शक्ति प्रमुख प्रिंस कुमार विशेष रूप से उपस्थित हुए हैं। उन्होंने छात्राओं को “वेस्ट से
बेस्ट” की अवधारणा के अंतर्गत घरेलू अपशिष्ट एवं अनुपयोगी पदार्थों से उपयोगी वस्तुएँ तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने वेस्ट सामग्री से फिनाइल, प्लास्टिक कचरे से ईको-ब्रिक तथा घर में उपलब्ध विभिन्न अनुपयोगी सामग्रियों से अन्य उपयोगी वस्तुएँ तैयार करने की विधियाँ समझाईं। इसके साथ ही कचरे के पृथक्करण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया है। इस कार्यशाला का विशेष आकर्षण “पर्यावरण ताली” रही, जिसे श्री प्रिंस कुमार ने छात्राओं को सिखाया है। इसके माध्यम से स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी का संदेश सरल और सहभागितापूर्ण तरीके से दिया गया है। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा आज की युवतियों, जो भविष्य की माताएँ हैं, के स्वास्थ्य से विशेष रूप से जोड़ा गया है। बताया गया कि स्वस्थ मातृत्व एवं
स्वस्थ शिशु के लिए पौष्टिक आहार के साथ-साथ शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, स्वच्छ परिवेश और प्रदूषण-मुक्त वातावरण भी अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यावरण की गुणवत्ता का प्रभाव वर्तमान पीढ़ी के साथ आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस अवसर पर गृह विज्ञान विभाग द्वारा छात्राओं को पौधे प्रदान किए गए, जिन्हें वे अपने घरों में लगाकर उनकी देखभाल करेंगी। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को स्वयं पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया है। कार्यशाला ने स्तनपान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पौधारोपण और घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन को एक साझा उद्देश्य से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि स्वस्थ एवं सुरक्षित भावी पीढ़ी के निर्माण के लिए स्वस्थ पर्यावरण आवश्यक है। कार्यक्रम “स्वस्थ पर्यावरण–स्वस्थ माँ–स्वस्थ शिशु–सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ संपन्न हुआ है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। वीओ: पुणे में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजीत डोभाल को यह सम्मान प्रदान किया। यह पुरस्कार उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, आतंकवाद के विरुद्ध प्रभावी रणनीतियाँ तैयार करने, खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने तथा राष्ट्रहित में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है। अजीत डोभाल को देश के सबसे अनुभवी और रणनीतिक सुरक्षा विशेषज्ञों में से एक माना जाता है। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों और रणनीतिक निर्णयों ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया है।1
- सावन की हरियाली में विश्व स्तनपान सप्ताह: पौधारोपण से दिया स्वस्थ माँ, स्वस्थ शिशु और सुरक्षित भविष्य का संदेश बोधगय। मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के गृह विज्ञान विभाग द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह (1–7 अगस्त 2026) के अवसर पर “सावन में पौधारोपण: एक स्वस्थ पर्यावरण, एक स्वस्थ माँ, एक स्वस्थ शिशु, एक सुरक्षित भविष्य” विषय पर जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम को विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 की थीम “जीवन की एक टिकाऊ (सतत) शुरुआत के लिए स्तनपान: जो कारगर है उसे मजबूत करें"। अर्थात “जीवन की सतत एवं स्वस्थ शुरुआत के लिए स्तनपान: जो प्रभावी है, उसे और सशक्त बनाएँ” से जोड़ते हुए मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली के महत्व पर बल दिया गया है। कार्यशाला में दक्षिणी बिहार के युवा शक्ति प्रमुख प्रिंस कुमार विशेष रूप से उपस्थित हुए हैं। उन्होंने छात्राओं को “वेस्ट से बेस्ट” की अवधारणा के अंतर्गत घरेलू अपशिष्ट एवं अनुपयोगी पदार्थों से उपयोगी वस्तुएँ तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने वेस्ट सामग्री से फिनाइल, प्लास्टिक कचरे से ईको-ब्रिक तथा घर में उपलब्ध विभिन्न अनुपयोगी सामग्रियों से अन्य उपयोगी वस्तुएँ तैयार करने की विधियाँ समझाईं। इसके साथ ही कचरे के पृथक्करण, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया है। इस कार्यशाला का विशेष आकर्षण “पर्यावरण ताली” रही, जिसे श्री प्रिंस कुमार ने छात्राओं को सिखाया है। इसके माध्यम से स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी का संदेश सरल और सहभागितापूर्ण तरीके से दिया गया है। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा आज की युवतियों, जो भविष्य की माताएँ हैं, के स्वास्थ्य से विशेष रूप से जोड़ा गया है। बताया गया कि स्वस्थ मातृत्व एवं स्वस्थ शिशु के लिए पौष्टिक आहार के साथ-साथ शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, स्वच्छ परिवेश और प्रदूषण-मुक्त वातावरण भी अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यावरण की गुणवत्ता का प्रभाव वर्तमान पीढ़ी के साथ आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस अवसर पर गृह विज्ञान विभाग द्वारा छात्राओं को पौधे प्रदान किए गए, जिन्हें वे अपने घरों में लगाकर उनकी देखभाल करेंगी। इस पहल के माध्यम से छात्राओं को स्वयं पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया है। कार्यशाला ने स्तनपान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पौधारोपण और घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन को एक साझा उद्देश्य से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि स्वस्थ एवं सुरक्षित भावी पीढ़ी के निर्माण के लिए स्वस्थ पर्यावरण आवश्यक है। कार्यक्रम “स्वस्थ पर्यावरण–स्वस्थ माँ–स्वस्थ शिशु–सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ संपन्न हुआ है।3
- पितृपक्ष मेला को लेकर नगर निगम गया जी के नगर आयुक्त डॉoगगन कुमार एवं अन्य निगम अधिकारियों के साथ शहर के महत्वपूर्ण स्थलो का किए निरीक्षण।1
- बिहार पुलिस का बड़ा कदम: बॉडी कैमरा, ई-चालान और जाम नियंत्रण को लेकर नई व्यवस्था लागू1
- राजकीय पोलीटेक्निक कौलैज जहानाबाद में नवप्रवेशित छात्रों के लिए student induction programme का हुआ आयोजन राजकीय पॉलिटेक्निक जहानाबाद में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के छात्र प्रेरणा कार्यक्रम (SIP-2018)* के दिशा-निर्देशों एवं राज्य प्रावैधिक शिक्षा पर्षद, बिहार, पटना के निर्देशानुसार प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए ईन्डक्शन कार्यक्रम का प्रथम दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन एवं उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र एवं संस्थान परिचय के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को संस्थान की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों तथा उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। इसके उपरांत विद्यार्थियों को कैंपस भ्रमण कराया गया, जिससे वे प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कार्यशालाओं एवं अन्य सुविधाओं से अवगत हुए।दोपहर के सत्र में **सार्वभौमिक मानवीय मूल्य विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण के महत्व से परिचित कराया गया। इसके बाद **परीक्षा प्रणाली, व्यावसायिक नैतिकता एवं छात्र आचार संहिता** पर विस्तृत जानकारी दी गई तथा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य राकेश रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा की सफल यात्रा का प्रथम चरण है। यह कार्यक्रम उन्हें संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं व्यावसायिक दायित्वों से परिचित कर उनके सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखता है।"*कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। प्रथम दिवस के सभी सत्र विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुए।1
- संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर और पुजारी बनकर किए गए प्रदर्शन पर हरिद्वार के संत समाज ने कड़ा ऐतराज जताया है पप्पू यादव के साधु रूप पर भड़के हरिद्वार के संत- संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर और पुजारी बनकर किए गए प्रदर्शन पर हरिद्वार के संत समाज ने कड़ा ऐतराज जताया है संत राम विशाल दास महाराज ने कहा कि राजनीतिक विरोध दर्ज कराने के लिए साधु-संतों की वेशभूषा और धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उन्होंने कहा कि इन लोगों ने आज तक कभी इस्लाम मजहब पर कोई आपत्ति नही जताई, कभी दरगाह या मस्जिदों में होने वाली लूट पर कभी आपत्ति नहीं जताई, इन लोगों ने धर्मांतरण पर कभी आपत्ति नहीं जताई राहुल गांधी आज तक ना राम मंदिर गए ना राम मंदिर के लिए कोई चंदा दिया है और ना राम मंदिर के निर्माण में उनका कोई योगदान है वह किस मुंह से श्री राम की बात करते हैं1
- गया जिले के कोच में मोटर पंपसेट चोरी करने के दौरान तीन युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ा।1