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इमलीखेड़ा में लगातार हो रही बारिश जहाँ किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं यह ग्रामीणों के लिए एक बड़ी आफत बन गई है। इस निरंतर वर्षा के कारण इमलीखेड़ा क्षेत्र में जलभराव का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बारिश का पानी कई घरों में घुस गया है, जिससे निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुमित सैनी पत्रकार
इमलीखेड़ा में लगातार हो रही बारिश जहाँ किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं यह ग्रामीणों के लिए एक बड़ी आफत बन गई है। इस निरंतर वर्षा के कारण इमलीखेड़ा क्षेत्र में जलभराव का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बारिश का पानी कई घरों में घुस गया है, जिससे निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- देहरादून में लगातार मूसलाधार बारिश और रेड अलर्ट की स्थिति के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से सहस्रधारा, कार्लीगढ़ और संवेदनशील सपेरा बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सहस्रधारा-सरोना मोटर मार्ग चार स्थानों पर मलबे से अवरुद्ध पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने दोनों ओर से जेसीबी लगाकर तत्काल मार्ग खोलने के निर्देश दिए। कार्लीगढ़ में, नदी पार रहने वाले परिवारों के लिए राशन, पानी, बिजली और जिला कंट्रोल रूम से सीधा संपर्क सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। सपेरा बस्ती में, असुरक्षित मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और सुरक्षा संबंधी कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जिले में अब तक 25.75 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यमुना नदी खतरे के निशान पर बह रही है, जबकि गंगा और टोंस नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। हरिपुर-इच्छाड़ी-कुवानु-मीनास राज्य मार्ग सहित कुल 14 ग्रामीण मार्गों को खोलने का कार्य जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और मौसम विभाग व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।1
- लक्सर की बदहाल सड़क पर फूटा जनता का गुस्सा! | फैजान भाई ने विधायक मोहम्मद शहजाद से की निर्माण की मांग | Sultanpur Road News1
- लक्सर से मिली जानकारी के अनुसार, पत्रकार राजेश लाम्बा ने समाचार टाइम टीवी के माध्यम से महाराजपुर खुर्द गांव में धड़ल्ले से चल रहे अवैध रेत के कारोबार का पर्दाफाश किया है। रिपोर्ट में दिखाया गया है कि शासन-प्रशासन के खनन माफियाओं पर नकेल कसने के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। लक्सर तहसील के अंतर्गत आने वाले महाराजपुर खुर्द गांव में अवैध तरीके से रेत का विशाल भंडारण किया गया है, जिसके ढेर पहाड़ों की तरह नजर आते हैं। इन तस्वीरों से साफ जाहिर होता है कि कानून को ताक पर रखकर अवैध रेत का धंधा खुलेआम और बेखौफ होकर फल-फूल रहा है। बिना किसी वैध रॉयल्टी या इजाजत के, यह अवैध रेत धड़ल्ले से बेची जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिन हो या रात, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य गाड़ियाँ यहाँ से अवैध रेत भरकर रवाना होती रहती हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी की इस पर नजर नहीं पड़ती। इस अवैध खेल के पीछे कथित तौर पर राजकुमार और होसराम नामक खनन माफियाओं के नाम सामने आ रहे हैं, जो इलाके में बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और उन्हें प्रशासन या कानून का कोई डर नहीं है। समाचार टाइम टीवी ने सीधे तौर पर प्रशासन से सवाल किया है कि महाराजपुर खुर्द में चल रहे इस अवैध रेत के कारोबार पर कार्रवाई कब होगी। चैनल ने यह भी पूछा है कि क्या इन खनन माफियाओं पर कोई एक्शन लिया जाएगा, या फिर अवैध खनन का यह खेल इसी तरह जारी रहेगा। रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस की चुप्पी और खुफिया तंत्र की विफलता पर भी सवाल उठाए गए हैं, और पूछा गया है कि क्या पुलिस ने जानबूझकर इस मामले में अपनी आँखें मूँद ली हैं। समाचार टाइम टीवी का कहना है कि वे इस खबर पर लगातार बने रहेंगे और देखेंगे कि इस खुलासे के बाद लक्सर पुलिस और तहसील प्रशासन कब नींद से जागता है।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। इस गंभीर विषय पर शासन और प्रशासन कुंभकरण की नींद में सोया हुआ प्रतीत हो रहा है, जिस पर गहरा सवाल उठ रहा है कि आखिर वे इस मामले पर क्यों मौन धारण किए हुए हैं।1
- सड़क की खराब स्थिति को लेकर फैजान भाई सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने विधायक से मुलाकात कर जनता को जल्द से जल्द सड़क की इस दुर्दशा से राहत दिलाने की मांग की है।1
- भारी बारिश के चलते हरिद्वार की सड़कें एक बार फिर जलमग्न हो गई हैं। शहर के रानीपुर मोड़ की सड़क तालाब में तब्दील हो गई है, जिससे आवाजाही पर असर पड़ा है। इस समस्या को देखकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि हरिद्वार को इस जलभराव की समस्या से कभी निजात मिल पाएगी या नहीं।1
- देहरादून में एसएसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सेलाकुई पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर हंगामा और विवाद कर रहे पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई चकराता रोड स्थित मिलन चौक के पास हुई, जहाँ दो पक्षों के बीच झगड़ा हो रहा था और वे मारपीट पर उतारू थे। पुलिस को कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, मामला शांत होने के बजाय और बढ़ गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से इन पाँच व्यक्तियों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग, मारपीट या कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- लक्सर तहसील के महाराजपुर खुर्द गांव से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ इस रिपोर्ट में दिखाई गई तस्वीरों के आधार पर गांव में बड़े पैमाने पर रेत के भंडारण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध रेत का कारोबार चल रहा है। श्रद्धा टीवी नेटवर्क ने इस मामले में संबंधित प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। चैनल ने यह महत्वपूर्ण सूचना भी दी है कि इस रिपोर्ट में स्थानीय सूत्रों के हवाले से जिन व्यक्तियों के नाम लिए गए हैं, उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि श्रद्धा टीवी नेटवर्क द्वारा नहीं की गई है। चैनल ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित किया जाएगा।1
- हरिद्वार का चंद्राचार्य चौक बारिश में शहर के सर्वाधिक जलभराव से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में से एक है। पिछले दस सालों से इस क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्ष 2016 में हरीश रावत सरकार ने बारिश से पहले यहाँ पंप स्थापित किए थे, जिनके माध्यम से मोटर चलाकर पानी बाहर निकाला जाता था। इसके बाद 2017 में अमृत योजना के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से गंगा तक बारिश के पानी की निकासी के लिए एक नाला बनाया गया था। हालांकि, ढाल सही न होने के कारण यह पैसा व्यर्थ चला गया और समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि 2018 में तत्कालीन मेयर मनोज गर्ग ने समुचित जल निकासी में अवरोध बनी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की एक दीवार को स्वयं हथौड़ा लेकर गिरा दिया था। दरअसल, चंद्राचार्य चौक क्षेत्र गहराई में स्थित है और इसके चारों ओर सघन कॉलोनियों का विकास हो चुका है। भेल से आने वाला बरसाती पानी भी यहीं जमा हो जाता है। इस पानी की निकासी के लिए किसी बड़ी और ईमानदार योजना पर काम करने की आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश, हर बारिश में इस क्षेत्र में जलभराव को लेकर सिर्फ शोर-शराबा होता है, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया जाता, जिसके परिणामस्वरूप हालात अब भी पहले जैसे ही बने हुए हैं।1