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झारखंड में एनआईटी जमशेदपुर और सोना देवी विश्वविद्यालय के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ है। इस महत्वपूर्ण साझेदारी के माध्यम से शिक्षा, शोध और कौशल विकास के क्षेत्र को एक नया आयाम मिलेगा।
Siddharth Kumar
झारखंड में एनआईटी जमशेदपुर और सोना देवी विश्वविद्यालय के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ है। इस महत्वपूर्ण साझेदारी के माध्यम से शिक्षा, शोध और कौशल विकास के क्षेत्र को एक नया आयाम मिलेगा।
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- झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अंतर्गत मऊभंडार जगन्नाथ मंदिर में एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में ओड़िया और हिंदी भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा।1
- सरायकेला-खरसावां के राजनगर से आज बोल बम सेवा समिति बाना, टंगरानी, कांकी, हामंदा, राजनगर, सरायकेला और खरसावां के 55 कांवरिया देवघर के लिए रवाना हो गए हैं।1
- सरायकेला के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत कोलेबिरा क्षेत्र स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर परिसर में रविवार को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। श्री घनश्याम सेवा सदन द्वारा आयोजित इस शिविर में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पहुंचकर रक्तदान किया और लोगों की जान बचाने के इस महाभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। श्री घनश्याम सेवा सदन के सदस्य सातवा चंदन महतो ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि सही समय पर रक्त मिलने से कई कीमती जिंदगियां बचाई जा सकती हैं, और उनकी संस्था लगातार जरूरतमंद मरीजों तक रक्त पहुंचाने का काम कर रही है। इस शिविर में कुल 100 यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से खबर लिखे जाने तक 25 यूनिट से अधिक रक्त जमा किया जा चुका था और रक्तदाताओं का आना लगातार जारी था। आयोजन के दौरान वहां पहुंचे लोगों को रक्तदान के महत्व, इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों और सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस सराहनीय पहल की ग्रामीणों ने काफी प्रशंसा की और भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग उठाई।1
- बिहार के छोटे इलाकों में रहने वाले गरीबों की दयनीय स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। गरीबों के बदतर हालात पर तीखी चिंता जताते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि इन गरीबों की हाय लगी, तो ऊपर वाला सब देख रहा है और एक न एक दिन उन्हें इसका पूरा हिसाब देना ही पड़ेगा। इस परिस्थिति में एक लड़के द्वारा किए गए प्रयास को बिल्कुल सही ठहराया गया है। कुर्सी पर बैठकर मनमानी करने वालों को सीधी चुनौती देते हुए पूछा गया है कि यह मनमानी आखिर कब तक चलेगी और कभी न कभी उन्हें अपनी कुर्सी छोड़कर इसी आम भीड़ के बीच आना ही होगा। सीधे तौर पर सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए कहा गया है कि बिहार के ऐसे छोटे-छोटे स्थानों पर लोग केवल वोट लेने आते हैं। अंत में 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ गरीबों के लिए तुरंत कुछ करने की मांग की गई है।1
- धनबाद में आरएसएस की युवा संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया गया। इस संगोष्ठी के दौरान उपस्थित 223 युवाओं से 'पंच परिवर्तन' अपनाने का आह्वान किया गया है।1
- झारखंड में एनआईटी जमशेदपुर और सोना देवी विश्वविद्यालय के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुआ है। इस महत्वपूर्ण साझेदारी के माध्यम से शिक्षा, शोध और कौशल विकास के क्षेत्र को एक नया आयाम मिलेगा।1
- झारखंड के सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के मुड़कुम पंचायत अंतर्गत नुआगोड़ा गांव में रविवार शाम करीब 4 बजे श्रद्धा कर्म के दौरान वज्रपात होने से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा सरायकेला थाना क्षेत्र में हुआ, जहां अचानक आसमानी बिजली आंगन के पास खड़े एक बड़े पेड़ पर गिर गई और लोग इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि जिस परिवार में श्रद्धा कर्म का आयोजन हो रहा था, उसी परिवार के 12 वर्षीय बच्चे की भी इस हादसे में जान चली गई। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए सरायकेला के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। इस हादसे के साथ ही वज्रपात के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। बारिश और बिजली कड़कने के समय कभी भी बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें और न ही खुले मैदान या ऊंचे स्थानों पर खड़े हों। ऐसी स्थिति में भीड़ बनाकर एक जगह इकट्ठा होने से बचें और बिजली चमकते ही किसी पक्की इमारत या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इसके अलावा धातु की वस्तुओं, बिजली के खंभों और पानी से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि एक छोटी-सी सावधानी कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है।2