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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक चॉकलेट फैक्ट्री पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद के बाद पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। बताया गया है कि पड़ोस में रहने वाले एक महिला और एक व्यक्ति ने फैक्ट्री में घुसकर जमकर पत्थर फेंके। इस दौरान फैक्ट्री के कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। यह पूरी घटना वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, और पत्थरबाजी करती हुई महिला का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई है।
कृष्ण कांत शर्मा
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक चॉकलेट फैक्ट्री पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद के बाद पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। बताया गया है कि पड़ोस में रहने वाले एक महिला और एक व्यक्ति ने फैक्ट्री में घुसकर जमकर पत्थर फेंके। इस दौरान फैक्ट्री के कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। यह पूरी घटना वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, और पत्थरबाजी करती हुई महिला का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई है।
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- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक चॉकलेट फैक्ट्री पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद के बाद पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। बताया गया है कि पड़ोस में रहने वाले एक महिला और एक व्यक्ति ने फैक्ट्री में घुसकर जमकर पत्थर फेंके। इस दौरान फैक्ट्री के कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। यह पूरी घटना वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, और पत्थरबाजी करती हुई महिला का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई है।1
- जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत भिंड की ग्राम पंचायत ऊमरी स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने उमरेश्वर तालाब में आज भारी श्रमदान किया गया। इस दौरान कलेक्टर भिंड और सीईओ जिला पंचायत भिंड ने स्वयं अधिकारियों, युवा स्वयंसेवकों, स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों के साथ मिलकर तालाब से घनी जलकुंभी को हटाया और व्यापक सफाई कार्य संचालित किए, जिससे निर्मल जल संरचना बनाए रखने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने इस मौके पर कहा कि यह तालाब गांव की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक पहचान है, जिसकी सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जलकुंभी का नियंत्रित ढंग से निराकरण और नियमित रखरखाव, जलाशय की जलधारण क्षमता और जैव विविधता को संरक्षित करने में सहायक होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर भविष्य में भी पुनरुद्धार कार्यों को जारी रखेंगे। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने तालाब की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रमदान और जागरूकता अभियानों में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में स्थानिक अधिकारियों ने जानकारी दी कि भविष्य में जैविक निष्कर्षण के साथ-साथ तकनीकी सहयोग से तालाब के जल स्तर और गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी। इस संयुक्त पहल से उमरेश्वर तालाब के पुनरुद्धार की दिशा में उम्मीद जगी है और गांव में साफ-सुथरे जल के हित में ऐसे अभियान आगे भी चलाए जाएंगे।2
- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सारंगपुर में दिनदहाड़े बड़े पैमाने पर अवैध खनन के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ग्रामीणों का दावा है कि खुलेआम मशीनों का उपयोग करके खनन किया जा रहा है। इस मामले में जिम्मेदार विभाग की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। खनन अधिकारी पर आरोप है कि वे टास्क फोर्स का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थिति में संबंधित अधिकारी कहां हैं, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि इस अवैध खनन से राजस्व को नुकसान, पर्यावरण को क्षति और कृषि भूमि को भी हानि हो सकती है। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में स्वास्थ्य महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कानपुर विजिलेंस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इटावा के ACMO श्री निवास यादव, जिन्हें डिप्टी सीएमओ भी बताया गया है, उन्हें पैथोलॉजी रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹55,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।1
- गोहद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत धमसा में भक्तिमय माहौल के बीच भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान सैकड़ों महिलाएं अपने सिर पर कलश धारण कर कलश यात्रा में शामिल हुईं, जिससे धार्मिक आयोजन की शोभा बढ़ गई। बुधवार को दोपहर लगभग 1 बजे से भागवत कथा का वाचन प्रारंभ हुआ, जिसमें धमसा गांव के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया।1
- जसवंतनगर के कैस्त गाँव में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ 70 वर्षीय जवाहरलाल, पुत्र सरमन लाल, की खेत में काम करते समय तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वह अपने खेत में मूंग की फसल से फलियां तोड़ रहे थे, तभी उन्हें अत्यधिक गर्मी और सीने में जलन महसूस हुई, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने जवाहरलाल को तुरंत घर ले जाकर प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसवंतनगर ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनका निधन हो गया था और अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉ. वीरेंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया अधिक गर्मी लगने के कारण हार्ट अटैक आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक के बड़े पुत्र निरंजन सिंह (45) ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी का काम करते थे। परिवार में उनकी पत्नी मुन्नी देवी और छोटे पुत्र हर प्रसाद (25) हैं, जो निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं, साथ ही जवाहरलाल की चार विवाहित बहनें भी हैं। इस घटना के बाद से मुन्नी देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस दुखद घटना को देखते हुए ग्रामीणों ने भीषण गर्मी में खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।1
- इटावा के प्रेस क्लब सभागार में इलेक्ट्रॉनिक एंड प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन (इंडिया) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों और जिले के वरिष्ठ पत्रकारों ने हिस्सा लिया, जहाँ पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों और संगठन की मजबूती जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुँचे संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों से अपनी कलम न बेचने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि ऐसी नौबत आने पर पत्रकारिता छोड़ दें, लेकिन इसे कलंकित न करें। सुघर सिंह ने पत्रकारिता को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक सशक्त माध्यम बताया, जिस हेतु पत्रकारों को निष्पक्षता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि संगठित रहने पर ही पत्रकारों की आवाज शासन और प्रशासन तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच पाती है। साथ ही, उन्होंने युवा पत्रकारों से पत्रकारिता के मूल्यों को आत्मसात करने और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। सुघर सिंह ने आज के समय की एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करते हुए कहा कि आजकल एक पत्रकार जब सच्ची खबर छापता है, तो दूसरा पत्रकार आरोपी से पैसे लेकर उसी खबर को दबाने और आरोपी के पक्ष में खबर चलाने का काम कर रहा है, जिससे पत्रकार ही पत्रकार का उत्पीड़न करवा रहे हैं। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार खादिम अब्बास ने समाज और प्रशासन के बीच पत्रकारों की महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने और निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करने पर जोर दिया, तथा सत्य और तथ्य आधारित पत्रकारिता को पत्रकारों की सबसे बड़ी ताकत बताया। वरिष्ठ पत्रकार गणेश ज्ञानार्थी ने पत्रकारिता के उद्देश्य को समाचार देने के साथ-साथ समाज को जागरूक और शिक्षित करना बताते हुए सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर गंभीरता से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल युग के अनुरूप पत्रकारों को तकनीकी बदलावों के साथ खुद को अपडेट रखने और प्रशिक्षण व क्षमता विकास पर बल दिया। वरिष्ठ पत्रकार अमित मिश्रा ने पत्रकारों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निष्ठा से पालन करने की बात कही, और समस्याओं के समाधान तथा हितों, सम्मान व सामाजिक सुरक्षा के लिए संगठनों की निरंतर भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। जिला प्रभारी सर्वेन्द्र कुशवाहा और सैफ तैमूरी ने भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पत्रकार लगातार समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का कार्य कर रहे हैं, ऐसे में पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। इस आवश्यक बैठक की अध्यक्षता मंडल उपाध्यक्ष राजीव यादव ने की, जिसमें प्रदेश महासचिव मसूद तैमूरी सहित मेघ सिंह वर्मा, ऋषि पाल सिंह, आमीन, मु० इदरीश, विनीता यादव, असित यादव, पंकज राठौर, करुणानिधि, दीपेश गौतम, संजय कुमार, इमरान, मनोज कुमार, आसिफ वारसी, शिवम, अनुज यादव, प्रदीप कुमार, रजनीश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, हर्ष राठौर, विशाल रावत, अनिल यादव आदि कई पत्रकार मौजूद रहे।1
- चंबल की माटी से जुड़ी एक ऐसी कलम ने, जिसमें गांव और प्रकृति बसते हैं, ‘उड़ चल अपने देश’ नामक एक प्रेरक दस्तावेज़ लिखा है। भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव रखने वाली यह कृति मातृभूमि, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन को केंद्र में रखती है। ‘उड़ चल अपने देश’ को राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों पर आधारित एक महत्वपूर्ण प्रेरक दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1