Shuru
Apke Nagar Ki App…
धार भोजशाला में अखंड पूजा और नमाज़ का शांतिपूर्ण इंतजाम करवाने के बाद पुलिसकर्मियों ने मनाया जश्न धार भोजशाला में अखंड पूजा और नमाज़ का शांतिपूर्ण इंतजाम करवाने के बाद पुलिसकर्मियों से मनाया जश्न, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
Dharmendra kher
धार भोजशाला में अखंड पूजा और नमाज़ का शांतिपूर्ण इंतजाम करवाने के बाद पुलिसकर्मियों ने मनाया जश्न धार भोजशाला में अखंड पूजा और नमाज़ का शांतिपूर्ण इंतजाम करवाने के बाद पुलिसकर्मियों से मनाया जश्न, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by कमलेश मौर्य5
- Post by Vishal Jadhav1
- Post by Pankaj Spd darwai1
- धार भोजशाला में अखंड पूजा और नमाज़ का शांतिपूर्ण इंतजाम करवाने के बाद पुलिसकर्मियों से मनाया जश्न, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल1
- इंदौर के परदेशीपुरा चौराहे स्थित सुगना देवी मैदान में एक महिला घायल अवस्था में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। महिला के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज की जांच कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है। 👉 ताज़ा ब्रेकिंग और स्थानीय खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें 👉 वीडियो को Like, Share और Comment ज़रूर करें1
- इंदौर के न्यायालय से अजन्मे शिशु को भी माना गया आश्रित पुलिस आरक्षक की मौत पर फैसल जिला न्यायालय ने दिया बड़ा फैसला 50 लाख 88 हजार रुपए का मुआवजा देने का आदेश 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के आधार पर यह राशि का भी आदेश शामिल आरक्षक सतीश, पिता कैलाश रुडेलें की मौत हुई थी मृतक की धर्मपत्नी हादसे के वक्त थी गर्भावस्था में न्यायालय के आदेश से परिवार को बड़ी राहत मिली है एंकर - इंदौर की जिला कोर्ट ने सीहोर जिले के जवरा थाना क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना मौत हो गई थी जिसको लेकर न्यायालय ने एक अहम और संवेदनशील फैसला सुनाया है। इस फैसले में गर्भ में पल रहे अजन्मे शिशु को भी मृतक के परिजनों की श्रेणी में शामिल करते हुए मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। वियो अधिवक्ता राजेश खंडेलवाल के मुताबिक यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि भविष्य के ऐसे मामलों के लिए भी एक मिसाल माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार आरक्षक सतीश, पिता कैलाश रुडेलें, जो झाबुआ में पदस्थ थे, एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह हादसा जवरा थाना सीहोर क्षेत्र में उस समय हुआ, जब उनकी कार को तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही एक ट्रक ने टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि इसमें आरक्षक सतीश सहित एक अन्य की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी रेखा उस समय सात महीने की गर्भवती थीं। हादसे के बाद परिवार की ओर से हर्जाने को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस तथ्य को गंभीरता से लिया कि मृतक की पत्नी गर्भवती थी और गर्भ में पल रहा शिशु भी मृतक पर आश्रित माना जाना चाहिए। कोर्ट ने मृतक के परिवार को कुल 50 लाख 88 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके साथ ही 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के आधार पर यह राशि बढ़कर लगभग 60 लाख रुपये तक पहुंच गई। इस मुआवजे में मृतक की पत्नी, दो बच्चे, मां, अजन्मा शिशु और उनके साथ रहने वाले छोटे भाई को आश्रित मानते हुए शामिल किया गया है। न्यायालय के इस फैसले को कानूनी विशेषज्ञों ने ऐतिहासिक बताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय समाज में गर्भस्थ शिशु के अधिकारों को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं पीड़ित परिवार ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह मुआवजा उनके भविष्य को कुछ हद तक सुरक्षित करने में सहायक होगा। यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है। बाइट - राजेश खंडेलवाल , वरिष्ठ एडवोकेट , इंदौर1
- इस बेवकूफ छपारी को अपनी बाइक पर पेट्रोल डालते हुए जरा भी अंदाजा नहीं है कि यह कितना खतरनाक है। पेट्रोल पंप के पास आग या विस्फोट का गंभीर खतरा होता है। यह जन सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है।1
- इन्दौर मै ग्याक के साथ हुई मारपीट आयोजन कर्ताओं ने मारपीट करने वाले युवकों को समझाने की कोशिश की तो गुन्डे वर्ग युवकों ने मंत्री समर्थन बताते हुए रोब जमाया और अपनी गाड़ी लेकर चले गए1