सुपौल में चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली का कहर, किसानों की फसल तबाह सुपौल में चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली का कहर, किसानों की फसल तबाह, घर उजड़े, सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप बुधवार की रात आए चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली ने सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, वहीं आम लोगों के घरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश के कारण कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ मुख्य सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। नगर परिषद के लगभग सभी वार्ड इस तूफान की चपेट में आए हैं। कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। वार्ड नंबर 17 में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की छत की रेलिंग टूटकर दूसरे घर पर जा गिरी, जिससे उस मकान को काफी क्षति हुई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई, हालांकि सामान का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा वार्ड नंबर 22 और 23 में भी कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रभावित परिवार अब सरकार और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि विजय राम ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और उन्होंने जिला प्रशासन, नगर परिषद तथा अनुमंडल पदाधिकारी से जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित लोग फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें। इधर, कोसी रोड पर सड़क के बीचों-बीच पेड़ गिर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द रास्ता साफ कराने और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। फिलहाल, पूरे इलाके में लोग नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सुपौल में चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली का कहर, किसानों की फसल तबाह सुपौल में चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली का कहर, किसानों की फसल तबाह, घर उजड़े, सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप बुधवार की रात आए चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली ने सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, वहीं आम लोगों के घरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश के
कारण कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ मुख्य सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। नगर परिषद के लगभग सभी वार्ड इस तूफान की चपेट में आए हैं। कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। वार्ड नंबर 17 में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की छत की रेलिंग टूटकर दूसरे घर पर जा गिरी, जिससे उस मकान को काफी क्षति हुई। राहत की बात यह रही
कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई, हालांकि सामान का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा वार्ड नंबर 22 और 23 में भी कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रभावित परिवार अब सरकार और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि विजय राम ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और उन्होंने जिला प्रशासन, नगर परिषद तथा अनुमंडल पदाधिकारी से जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग
की है, ताकि प्रभावित लोग फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें। इधर, कोसी रोड पर सड़क के बीचों-बीच पेड़ गिर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द रास्ता साफ कराने और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। फिलहाल, पूरे इलाके में लोग नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
- Post by Sharvan Kumar1
- सुपौल में चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली का कहर, किसानों की फसल तबाह, घर उजड़े, सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन ठप बुधवार की रात आए चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली ने सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, वहीं आम लोगों के घरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश के कारण कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ मुख्य सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। नगर परिषद के लगभग सभी वार्ड इस तूफान की चपेट में आए हैं। कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए, जिससे लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। वार्ड नंबर 17 में आकाशीय बिजली गिरने से एक मकान की छत की रेलिंग टूटकर दूसरे घर पर जा गिरी, जिससे उस मकान को काफी क्षति हुई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई, हालांकि सामान का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा वार्ड नंबर 22 और 23 में भी कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रभावित परिवार अब सरकार और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि विजय राम ने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और उन्होंने जिला प्रशासन, नगर परिषद तथा अनुमंडल पदाधिकारी से जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित लोग फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें। इधर, कोसी रोड पर सड़क के बीचों-बीच पेड़ गिर जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द रास्ता साफ कराने और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। फिलहाल, पूरे इलाके में लोग नुकसान का आकलन कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।4
- सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद एक महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी अब सामने आया है।मामला नवहट्टा थाना क्षेत्र के खड़का तेलवा पंचायत के वार्ड नंबर 9, रामनगर का है। बताया जा रहा है कि 19 तारीख की रात करीब 9 बजे मामूली कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पड़ोस के लोगों ने मिलकर मुनचुन देवी के साथ बुरी तरह मारपीट की। घटना इतनी गंभीर थी कि घायल अवस्था में मुनचुन देवी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका इलाज जारी रहा। पीड़िता ने इस मामले में गांव के ही 18 लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता मुनचुन देवी का आरोप है कि पड़ोसी अक्सर गाली-गलौज करते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक महिला को चारों तरफ से घेरकर बेरहमी से पीट रहे हैं। महिला को तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई।1
- कोशी का कटाव और बाढ़ की त्रासदी झेलने वाले नवहट्टा प्रखंड के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। ग्राम पंचायत- हाटी के एराजी कठुआर गांव को अब कोशी की लहरों से डरने की जरूरत नहीं है।जिन्हें पूरा इलाका प्यार से "कोशी का कोहिनूर" कहता है, उन माननीय सांसद श्री दिनेश चंद्र यादव के अथक प्रयासों ने एक बार फिर रंग दिखाया है। जनता की पुकार को सुनते हुए, उन्होंने सरकार और विभाग के साथ निरंतर समन्वय किया, ताकि इस गांव को नक्शे से मिटने से बचाया जा सके।स्थानीय ग्रामीणों में इस कार्य को लेकर भारी उत्साह है। लोगों का कहना है कि सांसद महोदय के इस संवेदनशील निर्णय से न केवल उनके घर बचेंगे, बल्कि उनकी खेती और भविष्य भी सुरक्षित होगा।विकास की इस लहर और सुरक्षा के इस कवच के लिए पूरा हाटी पंचायत सांसद दिनेश चंद्र यादव जी का आभार प्रकट कर रहा है। कोशी के इस क्षेत्र में अब डर नहीं, बल्कि विकास की गूंज सुनाई देगी।1
- Post by Rahul kumar1
- हाइवे का ये हाल है तो ग्रामीण इलाका में क्या होगा2
- मधेपुरा मुख्यालय से सटे साहुगढ़ में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पुल धंस जाने से साहुगढ़, भेलवा, घैलाढ़ समेत दर्जनों गांवों का संपर्क मधेपुरा से टूट गया। बताया जाता है कि यह पुल करीब 60 वर्ष पुराना था और काफी दिनों से जर्जर स्थिति में था। घटना के संबंध में सहायक अभियंता पुनेश्वर यादव ने बताया कि पुल पर पूर्व से ही भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद शुक्रवार की रात एक भारी वाहन के गुजरने से पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम संतोष कुमार एवं ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा आवागमन बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इधर, अभियंत्रण विभाग के अनुसार पुल के समीप ही नए पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जहां फिलहाल पिलर निर्माण का कार्य किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि नए पुल के निर्माण पूर्ण होने के बाद क्षेत्र की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। पुल ध्वस्त होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर बैरिकेडिंग कर यातायात को पूरी तरह रोक दिया है। साथ ही, अस्थायी डायवर्जन निर्माण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि लोगों को आवागमन में कठिनाई न हो। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार विभाग को अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं होने के कारण यह घटना घटी। फिलहाल क्षेत्र में आवागमन बाधित है और लोग वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने को विवश हैं।4
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