logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

देवरी श्री 1008 श्री अखंड रामधुन का आयोजन श्री 1008 श्री अखंड रामधुन का आयोजन किया जा रहा है स्थान शंकर भोलेनाथ के स्थान पर किया जा रहा है सभी रामधुनी प्रेमी को आमंत्रित किया जा रहा है। स्थान बीच गांव शंकर भोलेनाथ के स्थान पर हो रही है ग्राम देवरी। रामधुन की बैठकी 23/02/2026/दिन सोमवार ब्राम्हण भोजन भण्डारा24/02/2026/को दिन मंगलवार आयोजक समस्त सम्माननीय ग्राम वासी

13 hrs ago
user_Sitaram ray
Sitaram ray
Agricultural production सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

देवरी श्री 1008 श्री अखंड रामधुन का आयोजन श्री 1008 श्री अखंड रामधुन का आयोजन किया जा रहा है स्थान शंकर भोलेनाथ के स्थान पर किया जा रहा है सभी रामधुनी प्रेमी को आमंत्रित किया जा रहा है। स्थान बीच गांव शंकर भोलेनाथ के स्थान पर हो रही है ग्राम देवरी। रामधुन की बैठकी 23/02/2026/दिन सोमवार ब्राम्हण भोजन भण्डारा24/02/2026/को दिन मंगलवार आयोजक समस्त सम्माननीय ग्राम वासी

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *जीवों पर दया और सात्विक आहार ही मानवता की सच्ची सेवा: आनंद महाराज* *बंदरखोह अहिरगुंवा में आयोजित 18 पुराण श्री राम कथा के छठे दिन उमड़ा जनसैलाब* पन्ना जिले के बंदरखोह अहिरगुंवा गांव में आयोजित 18 पुराण श्री राम कथा के छठे दिन कथा व्यास श्री आनंद जी महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और मानवता का मार्ग दिखाया। कथा के दौरान महाराज श्री ने विशेष रूप से 'जीव दया' और 'सात्विक जीवन' पर जोर दिया। *जीवों पर दया और सात्विक भोजन का संदेश* श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथा व्यास ने कहा कि ईश्वर हर जीव में वास करता है, इसलिए जीवों पर दया करना और अहिंसा का पालन करना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने सात्विक भोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसा अन्न वैसा मन, इसलिए शुद्ध और सात्विक आहार ही मनुष्य को अध्यात्म की ओर ले जा सकता है। *राम-भरत मिलाप और शबरी की भक्ति* कथा के छठे दिन श्री राम और भरत जी के मार्मिक संवाद का वर्णन किया गया, जिसे सुनकर पांडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। महाराज जी ने बताया कि भरत जी का त्याग निस्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा है। इसके पश्चात माता शबरी की 'नवधा भक्ति' की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि ईश्वर केवल प्रेम और भक्ति के भूखे हैं, वे जाति-पाति का भेद नहीं करते। *संतों के लक्षणों की व्याख्या* नारद जी के प्रसंग के माध्यम से श्री आनंद जी महाराज ने संतों के गुणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जो परोपकारी हो, जिसमें क्रोध न हो और जो सदैव प्रभु सिमरन में लीन रहे, वही सच्चा संत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के समापन पर भव्य आरती का आयोजन किया गया और प्रसाद वितरण किया गया। 18 पुराण एवं श्री राम कथा मुख्य आयोजक चिरैया बाबा ने सभी धर्म प्रेमी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया है तथा समर्थ अनुसार सहयोग प्रदान करने की अपील की है ।
    1
    *जीवों पर दया और सात्विक आहार ही मानवता की सच्ची सेवा: आनंद महाराज*
*बंदरखोह अहिरगुंवा में आयोजित 18 पुराण श्री राम कथा के छठे दिन उमड़ा जनसैलाब*
पन्ना जिले के बंदरखोह अहिरगुंवा गांव में आयोजित  18 पुराण श्री राम कथा के छठे दिन कथा व्यास श्री आनंद जी महाराज ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और मानवता का मार्ग दिखाया। कथा के दौरान महाराज श्री ने विशेष रूप से 'जीव दया' और 'सात्विक जीवन' पर जोर दिया।
*जीवों पर दया और सात्विक भोजन का संदेश*
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कथा व्यास ने कहा कि ईश्वर हर जीव में वास करता है, इसलिए जीवों पर दया करना और अहिंसा का पालन करना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने सात्विक भोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसा अन्न वैसा मन, इसलिए शुद्ध और सात्विक आहार ही मनुष्य को अध्यात्म की ओर ले जा सकता है।
*राम-भरत मिलाप और शबरी की भक्ति*
कथा के छठे दिन श्री राम और भरत जी के मार्मिक संवाद का वर्णन किया गया, जिसे सुनकर पांडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। महाराज जी ने बताया कि भरत जी का त्याग निस्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा है। इसके पश्चात माता शबरी की 'नवधा भक्ति' की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि ईश्वर केवल प्रेम और भक्ति के भूखे हैं, वे जाति-पाति का भेद नहीं करते।
*संतों के लक्षणों की व्याख्या*
नारद जी के प्रसंग के माध्यम से श्री आनंद जी महाराज ने संतों के गुणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जो परोपकारी हो, जिसमें क्रोध न हो और जो सदैव प्रभु सिमरन में लीन रहे, वही सच्चा संत है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के समापन पर भव्य आरती का आयोजन किया गया और प्रसाद वितरण किया गया।
18 पुराण एवं श्री राम कथा मुख्य आयोजक चिरैया बाबा ने सभी धर्म प्रेमी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आग्रह किया है तथा समर्थ अनुसार सहयोग प्रदान करने की अपील की है ।
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सतना शहर की खस्ताहाल सड़क का निरीक्षण कर रहे थे सांसद तभी एक व्यापारी कीचड़ में फिसलकर गिर गए
    1
    सतना शहर की खस्ताहाल सड़क का निरीक्षण कर रहे थे सांसद तभी एक व्यापारी कीचड़ में फिसलकर गिर गए
    user_अतुल सेंगर
    अतुल सेंगर
    Raghurajnagar Nagareey, Satna•
    8 hrs ago
  • जो पटवारी और कंप्यूटर आपरेटर द्वारा बिना किसी आदेश के कंप्यूटर खसरे में 12 नंबर का कालम में जो लिखा है ऐसे पटवारी और कम्प्यूटर मै दरज करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए :- भारतीय जन मोर्चा पार्टी भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने सौपा एसडीएम को ज्ञापन सतना ऐपटवारी और कंप्यूटर में आपरेटर ने बिना किसी आदेश के दरज करना कानून अपराध है ।ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजने का काम किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ना मानते हुए खसरे के कालम नंबर 12 में कब्जीदार का नाम उल्लेखित होना। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मजाक उठाने जैसा है । जब तहसील सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाने लगे तो समझ जाइए की देश में न्यायपालिका का क्या हाल है ❓️ एक कंप्यूटर ऑपरेटर और पटवारी भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश कुछ नही मतलब रखता है तो आम जनता को कितने सुनते होगे। जिस तरह 12 नंबर कॉलम में लिखा गया है वह सुप्रीम कोर्ट की आदेश की धज्जियां उड़ाने के बराबर है आज तहसील मै सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाने लगी तो आप मान सकते हैं कि एक देश की सर्वोच्च न्यायालय में आम आदमी को कोई आदेश होने के बाद भी न्याय न मिल पाए तो ऐसे सुप्रीम कोर्ट का क्या मतलब है❓️ इसके लिए गहन चिंतन करने की जरूरत है सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर जो मर्जी हो वह कानून लागू करना है तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को कोई खास महत्व नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट फिर आदेश देना बंद कर दे ❓️ अपने इज्जत और सम्मान को बचाने के लिए आदेश ना करें या उसमें यह स्पष्ट कर दे जो नहीं मानेगा कर्मचारी अधिकारी उसके खिलाफ कोर्ट की अवेहलना के तहत उसको जेल भेजा जाएगा अं❗️ यदि यह नहीं कर सकता तो सुप्रीम कोर्ट का कोई मतलब नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी 2026 में रोक लगाकर यह आदेश किया कि 2012 का नियम लागू होगा लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद 2012 के नियम लगाने की कहने के बावजूद 2023 का नियम लगा दिया जो यह दिखाता है कि कहीं ना कहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश मजाक बन गया है ❓️ सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटते हुए एसटी के कानून बदल देने से यह प्रदर्शित होता कि सुप्रीम कोर्ट के आम आदमियों के लिए तो ताकतवर है लेकिन एक मजबूत और कार्यपालिकाओं के सामने कमजोर है ❓️ सुप्रीम कोर्ट के मांग करता हूँ की सुप्रीम कोर्ट के आदेश मजाक बनना बंद होना चाहिए। एक ही तरह के केस पर अलग अलग आदेश जो एक दूसरे को काटते है ऐसे आदेश भी सम्मान मै ठेस पहुंचा रहा है जिस पर चिंतन जरूरी है ।
    1
    जो पटवारी और कंप्यूटर आपरेटर द्वारा बिना किसी आदेश के कंप्यूटर खसरे में 12 नंबर का कालम में जो लिखा है ऐसे पटवारी और कम्प्यूटर मै दरज करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए  :- भारतीय जन  मोर्चा  पार्टी 
भारतीय जन  मोर्चा पार्टी ने सौपा एसडीएम को  ज्ञापन 
सतना
ऐपटवारी और कंप्यूटर में आपरेटर ने बिना किसी आदेश के दरज करना कानून अपराध है ।ऐसे  लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजने का काम किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों  को ना मानते हुए खसरे के कालम नंबर 12 में कब्जीदार का नाम उल्लेखित होना। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मजाक  उठाने जैसा है ।
जब तहसील सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाने लगे तो समझ जाइए की देश में न्यायपालिका का क्या हाल है ❓️
एक कंप्यूटर ऑपरेटर और पटवारी भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश  कुछ  नही मतलब रखता है तो आम जनता को कितने सुनते होगे।
जिस तरह 12 नंबर कॉलम में लिखा गया है वह सुप्रीम कोर्ट की आदेश की धज्जियां उड़ाने के बराबर है आज तहसील मै सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाने लगी तो आप मान सकते हैं कि एक देश की सर्वोच्च न्यायालय में आम आदमी को कोई आदेश होने के बाद भी न्याय न मिल पाए तो ऐसे सुप्रीम कोर्ट का क्या मतलब है❓️
इसके लिए गहन चिंतन करने की जरूरत है सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर जो मर्जी हो वह कानून लागू करना है तो सुप्रीम कोर्ट के  आदेशों को कोई खास महत्व नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट फिर आदेश देना बंद कर दे ❓️
अपने इज्जत और सम्मान को बचाने के लिए  आदेश ना  करें या  उसमें यह स्पष्ट कर दे  जो नहीं मानेगा कर्मचारी अधिकारी उसके खिलाफ कोर्ट की अवेहलना के तहत उसको जेल  भेजा जाएगा अं❗️
यदि यह नहीं कर सकता तो सुप्रीम कोर्ट का कोई मतलब नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी 2026 में रोक लगाकर यह आदेश किया कि 2012 का नियम लागू होगा लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद 2012 के नियम लगाने की कहने के बावजूद 2023 का नियम लगा दिया जो यह दिखाता है कि कहीं ना कहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश मजाक  बन गया है ❓️
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटते हुए एसटी के  कानून बदल देने से यह प्रदर्शित होता कि सुप्रीम कोर्ट के आम आदमियों के लिए तो ताकतवर है लेकिन एक मजबूत और कार्यपालिकाओं के सामने कमजोर है ❓️
सुप्रीम कोर्ट के मांग करता हूँ की सुप्रीम कोर्ट के आदेश मजाक बनना बंद  होना चाहिए।  एक ही तरह के केस पर अलग अलग आदेश  जो एक दूसरे को काटते है ऐसे आदेश भी सम्मान मै ठेस पहुंचा रहा है जिस पर चिंतन जरूरी है ।
    user_जितेंद्र राय
    जितेंद्र राय
    रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सतना पुलिस को नहीं पता है महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार और जानकारी चाबी निकालना अवैध: ट्रैफिक पुलिस को वाहन की चाबी निकालने का अधिकार नहीं है। सतना कोलगवा थाना की चेकिंग पर चाबी निकल लेती है पुलिस का *वीडियो वायरल*। हो रहा है तेजी से
    1
    सतना पुलिस को नहीं पता है 
महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार और जानकारी   चाबी निकालना अवैध: ट्रैफिक पुलिस को वाहन की चाबी निकालने का अधिकार नहीं है। सतना कोलगवा थाना की चेकिंग पर  चाबी निकल   लेती है पुलिस का *वीडियो वायरल*। हो रहा है  तेजी से
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Raghurajnagar Nagareey, Satna•
    20 hrs ago
  • 25 व्यापारियों के खिलाफ कथित रूप से फर्जी FIR दर्ज किए जाने से प्रदेश भर के व्यापारियों में आक्रोश है।
    1
    25 व्यापारियों के खिलाफ कथित रूप से फर्जी FIR दर्ज किए जाने से प्रदेश भर के व्यापारियों में आक्रोश है।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • #Apkiawajdigital लखनऊ, विशेष ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा कांग्रेस और राहुल गांधी पर किए गए एक पुराने तीखे हमले को इन दिनों सोशल मीडिया पर 'ताजा बयान' बताकर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर वायरल हो रहे इस संदेश में डिप्टी सीएम को राहुल गांधी के नाम की परिभाषा (र-राग, ह-हुड़दंग...) समझाते और चीन से फंडिंग के आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है। पड़ताल में सामने आया है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 11 जून 2024 की है, जिसे अब फरवरी 2026 में जानबूझकर नया बताकर साझा किया जा रहा है। ​साजिश का पर्दाफाश: क्यों फैलाया जा रहा है पुराना बयान? डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, अराजक तत्व अक्सर पुराने तीखे राजनीतिक बयानों को मौजूदा माहौल में तनाव पैदा करने के लिए दोबारा सक्रिय करते हैं। इस 20 महीने पुराने वीडियो को 'अभी-अभी' (Breaking News) के टैग के साथ पेश किया जा रहा है ताकि आम जनता को लगे कि यह हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा है। इस तरह की कोशिशें न केवल भ्रामक हैं, बल्कि जनता के बीच गलत धारणा बनाने की एक सोची-समझी साजिश है। ​क्या था असली संदर्भ? यह बयान जून 2024 में उस समय दिया गया था जब एआई (AI) समिट और विपक्षी नेताओं के विदेशी दौरों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज थी। ब्रजेश पाठक ने उस दौरान कांग्रेस की नीतियों और राहुल गांधी के बयानों की कड़ी आलोचना की थी। वर्तमान में डिप्टी सीएम की ऐसी कोई नई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है, जिसमें इन पुराने शब्दों का प्रयोग किया गया हो। ​प्रशासन की अपील: न हों गुमराह साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या प्रेस विज्ञप्ति को साझा करने से पहले उसकी तारीख और समय की पुष्टि आधिकारिक न्यूज़ पोर्टल्स या सरकारी हैंडल्स से अवश्य करें। पुराने बयानों को नया बताकर समाज में राजनीतिक विद्वेष फैलाना कानूनी रूप से दंडनीय है।
    1
    #Apkiawajdigital
लखनऊ, विशेष ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा कांग्रेस और राहुल गांधी पर किए गए एक पुराने तीखे हमले को इन दिनों सोशल मीडिया पर 'ताजा बयान' बताकर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर वायरल हो रहे इस संदेश में डिप्टी सीएम को राहुल गांधी के नाम की परिभाषा (र-राग, ह-हुड़दंग...) समझाते और चीन से फंडिंग के आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है। पड़ताल में सामने आया है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 11 जून 2024 की है, जिसे अब फरवरी 2026 में जानबूझकर नया बताकर साझा किया जा रहा है।
​साजिश का पर्दाफाश: क्यों फैलाया जा रहा है पुराना बयान?
डिजिटल विशेषज्ञों के अनुसार, अराजक तत्व अक्सर पुराने तीखे राजनीतिक बयानों को मौजूदा माहौल में तनाव पैदा करने के लिए दोबारा सक्रिय करते हैं। इस 20 महीने पुराने वीडियो को 'अभी-अभी' (Breaking News) के टैग के साथ पेश किया जा रहा है ताकि आम जनता को लगे कि यह हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा है। इस तरह की कोशिशें न केवल भ्रामक हैं, बल्कि जनता के बीच गलत धारणा बनाने की एक सोची-समझी साजिश है।
​क्या था असली संदर्भ?
यह बयान जून 2024 में उस समय दिया गया था जब एआई (AI) समिट और विपक्षी नेताओं के विदेशी दौरों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज थी। ब्रजेश पाठक ने उस दौरान कांग्रेस की नीतियों और राहुल गांधी के बयानों की कड़ी आलोचना की थी। वर्तमान में डिप्टी सीएम की ऐसी कोई नई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं हुई है, जिसमें इन पुराने शब्दों का प्रयोग किया गया हो।
​प्रशासन की अपील: न हों गुमराह
साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या प्रेस विज्ञप्ति को साझा करने से पहले उसकी तारीख और समय की पुष्टि आधिकारिक न्यूज़ पोर्टल्स या सरकारी हैंडल्स से अवश्य करें। पुराने बयानों को नया बताकर समाज में राजनीतिक विद्वेष फैलाना कानूनी रूप से दंडनीय है।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    34 min ago
  • #Apkiawajdigital बरेली/विशेष ब्यूरो। सोशल मीडिया पर इन दिनों बरेली के एक कथित नेता और अपराधी ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी का वीडियो और खबर तेजी से साझा की जा रही है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह 'अभी हाल ही की' घटना है और पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले अपराधी का 'इलाज' कर उसे लंगड़ाने पर मजबूर कर दिया। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि यह मामला पूरी तरह पुराना है और अराजक तत्व एक बार फिर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर सनसनी पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। ​क्या है वायरल दावे का सच? पड़ताल के अनुसार, यह घटना अक्टूबर 2023 की है। आरोपी ऋषभ ठाकुर, जिसे गुंडा एक्ट के तहत बरेली से 'जिला बदर' किया गया था, वह चोरी-छिपे शहर में रहकर एक स्पा सेंटर संचालिका से रंगदारी मांग रहा था। उस समय बरेली की प्रेमनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान लंगड़ाते हुए चलने का उसका वीडियो उस समय काफी चर्चित हुआ था। ​अराजक तत्वों का 'पुराना फॉर्मूला': साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि जानबूझकर 2 साल पुरानी पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो को नई तारीखों के साथ वायरल किया जाता है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था के नाम पर या तो डर पैदा करना होता है या फिर पुराने सांप्रदायिक/राजनीतिक विवादों को हवा देना। वर्तमान में बरेली पुलिस द्वारा ऐसी किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है, यह केवल 2023 की 'बासी' खबर है। ​हमारी अपील: ऐसी किसी भी पोस्ट को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी समय-सीमा (Date) की जांच अवश्य करें। पुरानी उपलब्धियों या अपराधों को 'ताज़ा' बताकर परोसना डिजिटल अपराध की श्रेणी में आता है। जागरूक नागरिक बनें और अफवाहों के इस 'वायरस' को रोकें।
    1
    #Apkiawajdigital
बरेली/विशेष ब्यूरो। सोशल मीडिया पर इन दिनों बरेली के एक कथित नेता और अपराधी ऋषभ ठाकुर की गिरफ्तारी का वीडियो और खबर तेजी से साझा की जा रही है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह 'अभी हाल ही की' घटना है और पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले अपराधी का 'इलाज' कर उसे लंगड़ाने पर मजबूर कर दिया। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि यह मामला पूरी तरह पुराना है और अराजक तत्व एक बार फिर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर सनसनी पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
​क्या है वायरल दावे का सच?
पड़ताल के अनुसार, यह घटना अक्टूबर 2023 की है। आरोपी ऋषभ ठाकुर, जिसे गुंडा एक्ट के तहत बरेली से 'जिला बदर' किया गया था, वह चोरी-छिपे शहर में रहकर एक स्पा सेंटर संचालिका से रंगदारी मांग रहा था। उस समय बरेली की प्रेमनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान लंगड़ाते हुए चलने का उसका वीडियो उस समय काफी चर्चित हुआ था।
​अराजक तत्वों का 'पुराना फॉर्मूला':
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि जानबूझकर 2 साल पुरानी पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो को नई तारीखों के साथ वायरल किया जाता है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था के नाम पर या तो डर पैदा करना होता है या फिर पुराने सांप्रदायिक/राजनीतिक विवादों को हवा देना। वर्तमान में बरेली पुलिस द्वारा ऐसी किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है, यह केवल 2023 की 'बासी' खबर है।
​हमारी अपील:
ऐसी किसी भी पोस्ट को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी समय-सीमा (Date) की जांच अवश्य करें। पुरानी उपलब्धियों या अपराधों को 'ताज़ा' बताकर परोसना डिजिटल अपराध की श्रेणी में आता है। जागरूक नागरिक बनें और अफवाहों के इस 'वायरस' को रोकें।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात सुश्री प्रतीज्ञा सिंह के पर्यवेक्षण में यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने तथा अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से आज यातायात पुलिस द्वारा जनपद में वाहनों में अवैध रूप से लगी *काली फिल्म के विरुद्ध एक सघन चेकिंग अभियान* चलाया गया । जिसमें चारपहिया वाहनों मे अवैध रुप से लगी लगी काली फिल्मों को हटवाया गया और वाहन चालकों को काली फिल्म के दुष्परिणामों व कानून प्रावधानों के बारे में जानकारी देकर जागरुक किया गया । साथ ही आम जनमानस से भी अपील की गई कि यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने वाहनों में किसी भी प्रकार की काली फिल्म ना लगाए तथा जनपद में यातायात व कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग प्रदान करें ।
    1
    बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी यातायात सुश्री प्रतीज्ञा सिंह के पर्यवेक्षण में यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने तथा अपराध नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से आज यातायात पुलिस द्वारा जनपद में वाहनों में अवैध रूप से लगी *काली फिल्म के विरुद्ध एक सघन चेकिंग अभियान* चलाया गया । जिसमें चारपहिया वाहनों मे अवैध रुप से लगी लगी काली फिल्मों को हटवाया गया और वाहन चालकों को काली फिल्म के दुष्परिणामों व कानून प्रावधानों के बारे में जानकारी देकर जागरुक किया गया । साथ ही आम जनमानस से भी अपील की गई कि यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने वाहनों में किसी भी प्रकार की काली फिल्म ना लगाए तथा जनपद में यातायात व कानून व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग प्रदान करें ।
    user_दुर्गेश कश्यप
    दुर्गेश कश्यप
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • सतना के घुरडांग में एक संदिग्ध महिला को मोहल्ले वालों ने पकड़ा, कोलगवां पुलिस को दी सूचना
    1
    सतना के घुरडांग में एक संदिग्ध महिला को मोहल्ले वालों ने पकड़ा, कोलगवां पुलिस को दी सूचना
    user_Neeraj Ravi
    Neeraj Ravi
    पत्रकार Unchahara, Satna•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.