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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि मध्य प्रदेश में 25,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। यह राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बुंदेली संवाद न्यूज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि मध्य प्रदेश में 25,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। यह राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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- बुंदेलखंड में सिंचाई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर कांग्रेस केवल विकास कार्यों में बाधा डालने का काम कर रही है- अजय सिंह यादव. बुंदेलखंड में सिंचाई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर कांग्रेस केवल विकास कार्यों में बाधा डालने का काम कर रही है- अजय सिंह यादव. २००३ से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तब बुंदेलखंड सूखा, बेरोजगारी और पलायन की पहचान बन चुका था। किसानों के खेत सूखे पड़े रहते थे, युवाओं को रोजगार के लिए गांव छोड़ना पड़ता था और सिंचाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। आज भारतीय जनता पार्टी सरकार ने बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है। सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ा है, जल संरचनाओं का विस्तार हुआ है, किसानों की आय बढ़ी है और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। जिन इलाकों में कभी पानी संकट था, वहां अब खेतों तक सिंचाई पहुंच रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और जीतू पटवारी का विरोध यह दर्शाता है कि उन्हें बुंदेलखंड का विकास रास नहीं आ रहा। भाजपा सरकार किसानों के हित, क्षेत्र के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- बुंदेलखंड में सिंचाई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर कांग्रेस केवल विकास कार्यों में बाधा डालने का काम कर रही है- अजय सिंह यादव. २००३ से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तब बुंदेलखंड सूखा, बेरोजगारी और पलायन की पहचान बन चुका था। किसानों के खेत सूखे पड़े रहते थे, युवाओं को रोजगार के लिए गांव छोड़ना पड़ता था और सिंचाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। आज भारतीय जनता पार्टी सरकार ने बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है। सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ा है, जल संरचनाओं का विस्तार हुआ है, किसानों की आय बढ़ी है और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। जिन इलाकों में कभी पानी संकट था, वहां अब खेतों तक सिंचाई पहुंच रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और जीतू पटवारी का विरोध यह दर्शाता है कि उन्हें बुंदेलखंड का विकास रास नहीं आ रहा। भाजपा सरकार किसानों के हित, क्षेत्र के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अजय सिंह यादव प्रदेश प्रवक्ता भाजपा बुंदेलखंड में सिंचाई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर कांग्रेस केवल विकास कार्यों में बाधा डालने का काम कर रही है- अजय सिंह यादव. २००३ से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तब बुंदेलखंड सूखा, बेरोजगारी और पलायन की पहचान बन चुका था। किसानों के खेत सूखे पड़े रहते थे, युवाओं को रोजगार के लिए गांव छोड़ना पड़ता था और सिंचाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। आज भारतीय जनता पार्टी सरकार ने बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदलने का काम किया है। सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ा है, जल संरचनाओं का विस्तार हुआ है, किसानों की आय बढ़ी है और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। जिन इलाकों में कभी पानी संकट था, वहां अब खेतों तक सिंचाई पहुंच रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और जीतू पटवारी का विरोध यह दर्शाता है कि उन्हें बुंदेलखंड का विकास रास नहीं आ रहा। भाजपा सरकार किसानों के हित, क्षेत्र के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अजय सिंह यादव प्रदेश प्रवक्ता भाजपा1
- टीकमगढ़ की लिधौरा तहसील में प्रशासन ने रेत का अवैध उत्खनन कर रही एक L&T मशीन को जब्त किया है। उपरारा खास गांव में सरपंच की शिकायत पर जतारा एसडीएम और तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने यह कार्रवाई की।2
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के सैपुरा गांव में जल जीवन मिशन के तहत सवा करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है। पानी न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर अपना आक्रोश व्यक्त किया है।1
- Post by Mahendra Kumar Dubey1
- *टीकमगढ़: दोपहर से लापता दो मासूमों की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम; परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप* *टीकमगढ़, - जिले की ग्राम पंचायत डूडा से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। रविवार दोपहर से लापता दो मासूम बच्चों के शव गांव के कवराटा तालाब में मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, 9 वर्षीय कृष्णा अपनी मां के साथ डूडा गांव स्थित अपने मामा के घर आया हुआ था। रविवार दोपहर वह अपने ममेरे भाई 10 वर्षीय देवा और अन्य बच्चों के साथ खेलने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने साथ गए बच्चों से पूछताछ की। बच्चों ने तालाब के पास कपड़े पड़े होने की बात बताई। आशंका होने पर परिजन तुरंत कवराटा तालाब पहुंचे और तलाश शुरू की। कुछ देर की खोजबीन के बाद दोनों मासूमों के शव तालाब से बरामद हुए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बड़ागांव धसान थाना प्रभारी जयेन्द्र गोयल ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई है। मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। *परिजनों का आरोप: 15 घंटे शव वाहन में रखे रहे शव* इस दुखद घटना के बीच परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजन अजय सिंह, वीरेंद्र वंशकार और अनिल वंशकार का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद लगभग 15 घंटे तक दोनों मासूमों के शव शव वाहन में ही रखे रहे, जिससे शव खराब हो गए। परिजनों ने कहा कि शवों को फ्रीजर में रखा जाना चाहिए था। यह अस्पताल प्रबंधन और बीएमओ की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। *गांव में पसरा मातम* एक साथ दो मासूमों की मौत से डूडा गांव में मातम पसरा हुआ है। दोनों बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब के आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वाईट जयेंद्र गोयल थाना प्रभारी बड़ागांव धसान परिजन *टीकमगढ़: दोपहर से लापता दो मासूमों की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम; परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप* *टीकमगढ़, - जिले की ग्राम पंचायत डूडा से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। रविवार दोपहर से लापता दो मासूम बच्चों के शव गांव के कवराटा तालाब में मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार, 9 वर्षीय कृष्णा अपनी मां के साथ डूडा गांव स्थित अपने मामा के घर आया हुआ था। रविवार दोपहर वह अपने ममेरे भाई 10 वर्षीय देवा और अन्य बच्चों के साथ खेलने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने साथ गए बच्चों से पूछताछ की। बच्चों ने तालाब के पास कपड़े पड़े होने की बात बताई। आशंका होने पर परिजन तुरंत कवराटा तालाब पहुंचे और तलाश शुरू की। कुछ देर की खोजबीन के बाद दोनों मासूमों के शव तालाब से बरामद हुए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बड़ागांव धसान थाना प्रभारी जयेन्द्र गोयल ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई है। मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। *परिजनों का आरोप: 15 घंटे शव वाहन में रखे रहे शव* इस दुखद घटना के बीच परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजन अजय सिंह, वीरेंद्र वंशकार और अनिल वंशकार का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद लगभग 15 घंटे तक दोनों मासूमों के शव शव वाहन में ही रखे रहे, जिससे शव खराब हो गए। परिजनों ने कहा कि शवों को फ्रीजर में रखा जाना चाहिए था। यह अस्पताल प्रबंधन और बीएमओ की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने प्रशासन से दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। *गांव में पसरा मातम* एक साथ दो मासूमों की मौत से डूडा गांव में मातम पसरा हुआ है। दोनों बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब के आसपास सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वाईट जयेंद्र गोयल थाना प्रभारी बड़ागांव धसान परिजन3
- टीकमगढ़ के बड़ागांव थाना क्षेत्र कबराटा तालाब में दो भाइयों की डूबने से मौत मृतकों की पहचान 14 वर्षीय कृष्णा वंशकार और 13 वर्षीय देवा वंशकार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे रविवार दोपहर खेलने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों की तलाश के दौरान दोनों बच्चों के तालाब में डूबने की जानकारी सामने आई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।” टीकमगढ़ के बड़ागांव थाना क्षेत्र कबराटा तालाब में दो भाइयों की डूबने से मौत मृतकों की पहचान 14 वर्षीय कृष्णा वंशकार और 13 वर्षीय देवा वंशकार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे रविवार दोपहर खेलने के लिए घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। परिजनों की तलाश के दौरान दोनों बच्चों के तालाब में डूबने की जानकारी सामने आई। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।”1
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