गुना जिले के कुंभराज नगर की भामावद रोड वर्षों से अपनी जर्जर हालत के कारण नगर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन गई है। यह सड़क लंबे समय से खराब पड़ी है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इस सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जहाँ कीचड़, गहरे गड्ढे और जलभराव आम बात है। इससे आम नागरिकों, स्थानीय किसानों, व्यापारियों और प्रतिदिन यात्रा करने वाले राहगीरों को रोज़ाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के कुछ अधिकारियों द्वारा निजी सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के कार्य को देखते हुए, उनसे विनम्र निवेदन किया गया है कि वे कुंभराज नगर की इस गंभीर समस्या पर भी ध्यान दें। वहीं, इस सड़क के निर्माण को लेकर जब भी नगर परिषद अध्यक्ष से बात की जाती है, तो या तो बजट की कमी का बहाना बनाया जाता है, या फिर यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है कि यह सड़क नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आती है।
गुना जिले के कुंभराज नगर की भामावद रोड वर्षों से अपनी जर्जर हालत के कारण नगर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन गई है। यह सड़क लंबे समय से खराब पड़ी है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में इस सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जहाँ कीचड़, गहरे गड्ढे और जलभराव आम बात है। इससे आम नागरिकों, स्थानीय किसानों, व्यापारियों और प्रतिदिन यात्रा करने वाले राहगीरों को रोज़ाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के कुछ अधिकारियों द्वारा निजी सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के कार्य को देखते हुए, उनसे विनम्र निवेदन किया गया है कि वे कुंभराज नगर की इस गंभीर समस्या पर भी ध्यान दें। वहीं, इस सड़क के निर्माण को लेकर जब भी नगर परिषद अध्यक्ष से बात की जाती है, तो या तो बजट की कमी का बहाना बनाया जाता है, या फिर यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है कि यह सड़क नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आती है।
- स्कूलों के फिर से शुरू होने के साथ ही, सभी बच्चों और अभिभावकों से विशेष ध्यान देने की अपील की गई है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि जब बच्चे स्कूल से घर लौटें, तो वे स्वयं स्टॉप पर उपस्थित रहें। इस पर जोर दिया गया है कि नादान बच्चे अनजाने में कुछ भी कर सकते हैं, और ऐसी स्थिति में किसी घटना के लिए बाइक चलाने वाले की भी गलती नहीं मानी जा सकती।1
- विदिशा जिले के गोलबारी चक गांव में ग्रामीण कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि गांव के सरपंच जानबूझकर इन समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक के बाद एक नई दिक्कतें सामने आ रही हैं और कोई भी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। स्थिति से हताश ग्रामीणों ने अधिकारियों से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि उनकी समस्याओं पर जल्द से जल्द ध्यान दिया जाए और त्वरित सुनवाई की जाए।1
- जंतर मंतर पर रात 2 बजे 'कॉकरोच प्रोटेस्ट' अपने चरम पर पहुँच गया है। यह आरोप लगाया गया है कि इन प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य मोदी और योगी को रोकना है, ताकि देश में एक विशेष माहौल बन सके। पोस्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि यह विरोध प्रदर्शन रुकेगा नहीं, बल्कि इसी तरह चलेगा और बढ़ता रहेगा। इस पर सवाल उठाते हुए, लेखक व्यंग्यात्मक ढंग से पूछता है कि क्या शायद अब देश को यही चाहिए, और यह भी कि भगवान श्री राम, भगत सिंह तथा सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों का इनके लिए कोई महत्व क्यों नहीं है।1
- विदिशा में होमगार्ड और एसडीईआरएफ के जवानों को आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर यह प्रशिक्षण 29 जून से विदिशा में 40 होमगार्ड और एसडीईआरएफ जवानों के लिए चल रहा है। प्रशिक्षण के तीसरे दिन, बंगला घाट स्थित बेतवा नदी में एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जहाँ जवानों को जल आपदा के दौरान सुरक्षित और त्वरित रेस्क्यू के गुर सिखाए गए। इस मॉक ड्रिल में बोट पलटने, टापू पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और डीप डाइविंग का लाइव प्रदर्शन किया गया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे के नेतृत्व में आयोजित इस ड्रिल के दौरान एडीएम अनिल डामोर और एसडीएम क्षितिज शर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आपदा से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की जानकारी ली और जवानों के प्रशिक्षण की सराहना भी की।4
- गुरुवार को ग्राम पंचायत कस्बाथाना में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) का शुभारंभ किया गया, जिसे वीबीजी राम जी योजना के नाम से भी जाना जाता है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राम विकास अधिकारी रेखम जाटव ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान कर ग्रामीण श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे, जिनमें पात्र श्रमिकों को निर्धारित नियमानुसार रोजगार मिलेगा। योजना के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधि, पंचायत कार्मिक और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान श्रमिकों ने इस नई योजना का लाभ मिलने पर अपनी खुशी व्यक्त की।1
- मूल पाठ में कहा गया है कि ऐसे नीच पुत्रों को जिस समाज में इज्जत मिलती है, वह समाज कभी भी तरक्की नहीं कर सकता। इस पर जोर दिया गया है कि ऐसे लोगों का उनके आसपास बिल्कुल बहिष्कार होना चाहिए। इस बहिष्कार का उद्देश्य यह बताया गया है कि फिर कोई ऐसी नस्ल तैयार न हो और ऐसे काम करने से पहले लोगों के अंदर डर पैदा हो जाए।1
- विदिशा में सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट विद्यालय' अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान की जिला स्तरीय शुरुआत माधवगंज क्रमांक 2 में आयोजित एक कार्यशाला के माध्यम से की गई। इस पहल के तहत, चयनित विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को तकनीकी शिक्षा का ज्ञान दिया जाएगा। 'प्रोजेक्ट विद्यालय' का मुख्य लक्ष्य डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ 'आई ऑफिस' को भी बढ़ावा देना है। इस परियोजना के लिए जिले के कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के कुल 81 स्कूलों का चयन किया गया है।4
- बारां जिले के अटरू में एक बिजली का तार पोल से टूटकर नीचे लटक रहा है, जिससे गंभीर जनहानि का खतरा बना हुआ है। यह 11000 W का तार है और इसमें अभी भी बिजली प्रवाहित हो रही है, जिससे स्थिति अत्यंत खतरनाक बनी हुई है। इस संबंध में दोपहर 2:00 बजे शिकायत दर्ज करवा दी गई थी, लेकिन शाम 6:20 बजे तक भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन से जल्द से जल्द इस खतरनाक तार को ठीक करवाने का अनुरोध किया गया है।1