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निर्माणाधीन वीरबिंदिया पुल से गिरकर मजदूर गंभीर घायल, दोनों पैर टूटे; सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल । जामताड़ा। जिले के मेंझीया पंचायत अंतर्गत बिरगांव में निर्माणाधीन वीरबिंदिया पुल पर कार्य के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूर के दोनों पैर टूट गए। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल का इलाज जामताड़ा के पारस अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर दहशत में आकर काम छोड़कर अपने घर लौट गए। बताया जाता है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के हाथों बढ़ाकर नदी पर वीरबिंदिया पुल का शिलान्यास किया गया था। लगभग 263 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्षों में बिरबंदिया क्षेत्र में नाव हादसे में 14 लोगों की मौत के बाद इस पुल निर्माण की मांग तेज हुई थी, जिसके बाद सरकार ने पुल निर्माण की घोषणा की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान मजदूर बिना सेफ्टी किट के ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इसी दौरान प्लेट घसकने से मोहम्मद तारिकूल नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ काम कर रहे दिलकश, जिनकी उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए कहा कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं कराया जा रहा था। बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के ही कार्य कराया जा रहा था, जिसका परिणाम यह दुर्घटना है। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल बिहार के कटिहार जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि मामले में आवेदन प्राप्त होता है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुल निर्माण कार्य के प्रोजेक्ट मैनेजर जयदेव सिंह ने बताया कि मजदूरों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी मजदूर ने उसे नहीं पहना था तो इसकी जानकारी प्रबंधन को नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा निर्माण कार्य है, ऐसे में छोटी-मोटी घटनाएं हो जाती हैं। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पहले भी बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कराने का विरोध किया गया था, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ताजा घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

5 hrs ago
user_Yogesh Kumar
Yogesh Kumar
Local News Reporter जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
5 hrs ago

निर्माणाधीन वीरबिंदिया पुल से गिरकर मजदूर गंभीर घायल, दोनों पैर टूटे; सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल । जामताड़ा। जिले के मेंझीया पंचायत अंतर्गत बिरगांव में निर्माणाधीन वीरबिंदिया पुल पर कार्य के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूर के दोनों पैर टूट गए। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल का इलाज जामताड़ा के पारस अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर दहशत में आकर काम छोड़कर अपने घर लौट गए। बताया जाता है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के हाथों बढ़ाकर नदी पर वीरबिंदिया पुल का शिलान्यास किया गया था। लगभग 263 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्षों में बिरबंदिया क्षेत्र में नाव हादसे में 14 लोगों की मौत के बाद इस पुल निर्माण की मांग तेज हुई थी, जिसके बाद सरकार ने पुल निर्माण की घोषणा की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान मजदूर बिना सेफ्टी किट के ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इसी दौरान प्लेट घसकने से मोहम्मद तारिकूल नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ काम कर रहे दिलकश, जिनकी उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए कहा कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं कराया जा रहा था। बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के ही कार्य कराया जा रहा था, जिसका परिणाम यह दुर्घटना है। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल बिहार के कटिहार जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि मामले में आवेदन प्राप्त होता है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुल निर्माण कार्य के प्रोजेक्ट मैनेजर जयदेव सिंह ने बताया कि मजदूरों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी मजदूर ने उसे नहीं पहना था तो इसकी जानकारी प्रबंधन को नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा निर्माण कार्य है, ऐसे में छोटी-मोटी घटनाएं हो जाती हैं। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पहले भी बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कराने का विरोध किया गया था, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ताजा घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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  • जामताड़ा, 17 फरवरी। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा रवि आनंद ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी-अपनी शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं। इस दौरान जमीन विवाद, अवैध अतिक्रमण, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में त्रुटि, महिला कॉलेज की छात्राओं को यूजी सेमेस्टर टू की परीक्षा में शामिल नहीं किए जाने सहित कई प्रकार के मामले सामने आए। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एक महिला ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज में पिता के नाम की त्रुटि सुधारने की गुहार लगाई। उपायुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं एक अन्य महिला ने जमीन संबंधी विवाद का मामला रखते हुए थाना और अंचल स्तर पर समाधान नहीं होने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में प्राप्त अन्य मामलों को भी संबंधित कार्यालयों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने की बात कही गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में अपनी समस्याएं निसंकोच प्रस्तुत करें, ताकि जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार उनका समाधान किया जा सके।
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    जामताड़ा, 17 फरवरी। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा रवि आनंद  ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार का आयोजन कर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी-अपनी शिकायतें उपायुक्त के समक्ष रखीं।
इस दौरान जमीन विवाद, अवैध अतिक्रमण, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में त्रुटि, महिला कॉलेज की छात्राओं को यूजी सेमेस्टर टू की परीक्षा में शामिल नहीं किए जाने सहित कई प्रकार के मामले सामने आए। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
एक महिला ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज में पिता के नाम की त्रुटि सुधारने की गुहार लगाई। उपायुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं एक अन्य महिला ने जमीन संबंधी विवाद का मामला रखते हुए थाना और अंचल स्तर पर समाधान नहीं होने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में प्राप्त अन्य मामलों को भी संबंधित कार्यालयों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने की बात कही गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में अपनी समस्याएं निसंकोच प्रस्तुत करें, ताकि जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार उनका समाधान किया जा सके।
    user_Yogesh Kumar
    Yogesh Kumar
    Local News Reporter जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • Post by रियल मोशन न्यूज़
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    Post by रियल मोशन न्यूज़
    user_रियल मोशन न्यूज़
    रियल मोशन न्यूज़
    जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    20 hrs ago
  • Post by PRESS R K PRESS R K
    1
    Post by PRESS R K PRESS R K
    user_PRESS R K PRESS R K
    PRESS R K PRESS R K
    पत्रकार Karma Tanr Vidyasagar*, Jamtara•
    6 hrs ago
  • रांची से नयन मोदक रांची डोरंडा में मर्सिडीज कार सवार ने युवक को बोनेट पर दौड़ाया, आरोपी वकील गिरफ्तार रांची के डोरंडा इलाके में एक मर्सिडीज कार सवार ने एक युवक को पहले धक्का मारा और फिर कार के बोनट पर कई किलोमीटर तक दौड़ाया। इस दौरान होमगार्ड जवानों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कार चालक ने उन्हें भी कुचलने का प्रयास किया। इसके बाद कार सवार ने युवक को अपने घर ले जाकर मारपीट की। पुलिस ने युवक को मुक्त कराया और थोड़ी देर पहले कार चालक को गिरफ्तार कर लिया। कार भी जब्त की गई है। आरोपी पेशे से वकील है।
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    रांची से नयन मोदक  
रांची डोरंडा में मर्सिडीज कार सवार ने युवक को बोनेट पर दौड़ाया, आरोपी वकील गिरफ्तार
रांची के डोरंडा इलाके में एक मर्सिडीज कार सवार ने एक युवक को पहले धक्का मारा और फिर कार के बोनट पर कई किलोमीटर तक दौड़ाया। इस दौरान होमगार्ड जवानों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कार चालक ने उन्हें भी कुचलने का प्रयास किया।
इसके बाद कार सवार ने युवक को अपने घर ले जाकर मारपीट की। पुलिस ने युवक को मुक्त कराया और थोड़ी देर पहले कार चालक को गिरफ्तार कर लिया। कार भी जब्त की गई है। आरोपी पेशे से वकील है।
    user_Nayan modak
    Nayan modak
    Media company Jharia-Cum-Jorapokhar-Cum-Sindri, Dhanbad•
    7 hrs ago
  • *एम पी एल के तनाशाही के खिलाफ स्थानीय एंव विस्थापित हाइवा मालिकों का कार्यकारी समिति के बैनर तले एक प्रेस वार्ता का किया गया आयोजन* निरसा एम पी एल स्थानीय एवं विस्थापित हाईवा मालिकों की कार्यकारी समिति के बैनर तले एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन मंगलवार की सुबह सिंदरी मोड स्थित समिति के कार्यालय में की गई जिसमें मुख्य रूप से निरसा विधायक अरुप चटर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहे और पत्रकारों को संबोधित किया l प्रेस वार्ता में स्थानीय विधायक अरुप चटर्जी ने कहा कि एम पी एल में चलने वाले हाईवा मालिकों की स्थिति दिन-ब-दिन काफी खराब होती जा रही है सही समय पर हाईवा मालिकों का भाड़ा भुगतान नहीं होना और सुचारू ढंग से हाईवा का परिचालन नहीं होने के कारण यह विषम परिस्थिति हाईवा मालिकों के सामने उपस्थित हो गई है जिसको लेकर स्थानीय विधायक अरुप चटर्जी ने हाईवा मालिकों के समर्थन में प्रेस वार्ता किया l अपनी बातों को रखते हुए विधायक ने कहा कि विगत 6 अप्रैल 2022 को हाईवा संगठन और एम पी एल प्रबंधन के बीच द्वीपक्षीय वार्ता हुई थी जिसमें एक तय मानक के अनुसार रेल और हाईवा दोनों से कोयला परिचालन करना था पर उस वार्ता में लिए गए निर्णय का पालन फिलहाल नहीं किया जा रहा है और अधिकतम कोयले का परिचालन रेल रेक से ही किया जा रहा है जिससे हाईवा मालिकों के समक्ष रोजी रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गई है l काफी सोच विचार के बाद समिति के सभी सदस्यों ने निर्णय लिया है कि अगर एम पी एल प्रबंधन तत्काल विगत में हुए इस समझौते पर अमल नहीं करती है तो आगामी 21 फरवरी 2026 की सुबह एम पी एल के खुशीरी मोड रेलवे ब्रिज संख्या 10 स्थित रेल लाइन पर धरना देने एवं रेल रोकने के लिए बाध्य हो जाएंगे और पूरी तरह से रेल के द्वारा कोयला परिचालन को ठप कर दिया जाएगा l इसके बाद भी अगर एम पी एल प्रबंध नहीं मानती है तो आगे यह लड़ाई जारी रहेगी l
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    *एम पी एल के तनाशाही के खिलाफ स्थानीय एंव विस्थापित हाइवा मालिकों का कार्यकारी समिति के बैनर तले एक प्रेस वार्ता का किया गया आयोजन*
निरसा एम पी एल स्थानीय एवं विस्थापित हाईवा मालिकों की कार्यकारी समिति के बैनर तले एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन मंगलवार की सुबह सिंदरी मोड स्थित समिति के कार्यालय में की गई जिसमें मुख्य रूप से निरसा विधायक अरुप चटर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहे और पत्रकारों को संबोधित किया l प्रेस वार्ता में स्थानीय विधायक अरुप चटर्जी ने कहा कि एम पी एल में चलने वाले हाईवा मालिकों की स्थिति दिन-ब-दिन काफी खराब होती जा रही है सही समय पर हाईवा मालिकों का भाड़ा भुगतान नहीं होना और सुचारू ढंग से हाईवा का परिचालन नहीं होने के कारण यह विषम परिस्थिति हाईवा मालिकों के सामने उपस्थित हो गई है जिसको लेकर स्थानीय विधायक अरुप चटर्जी ने हाईवा मालिकों के समर्थन में प्रेस वार्ता किया l अपनी बातों को रखते हुए विधायक ने कहा कि विगत 6 अप्रैल 2022 को हाईवा संगठन और एम पी एल प्रबंधन के बीच द्वीपक्षीय वार्ता हुई थी जिसमें एक तय मानक के अनुसार रेल और हाईवा दोनों से कोयला परिचालन करना था पर उस वार्ता में लिए गए निर्णय का पालन फिलहाल नहीं किया जा रहा है और अधिकतम कोयले का परिचालन रेल रेक से ही किया जा रहा है जिससे हाईवा मालिकों के समक्ष रोजी रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गई है l काफी सोच विचार के बाद समिति के सभी सदस्यों ने निर्णय लिया है कि अगर एम पी एल प्रबंधन तत्काल विगत में हुए इस समझौते पर अमल नहीं करती है तो आगामी 21 फरवरी 2026 की सुबह एम पी एल के खुशीरी मोड रेलवे ब्रिज संख्या 10 स्थित रेल लाइन पर धरना देने एवं रेल रोकने के लिए बाध्य हो जाएंगे और पूरी तरह से रेल के द्वारा कोयला परिचालन को ठप कर दिया जाएगा l इसके बाद भी अगर एम पी एल प्रबंध नहीं मानती है तो आगे यह लड़ाई जारी रहेगी l
    user_Moloy Gope
    Moloy Gope
    Reporter निरसा-कम-चिरकुंडा, धनबाद, झारखंड•
    12 hrs ago
  • झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, बुजुर्गों की संपत्ति पर बेटा-बहू का जबरन अधिकार नहीं। झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि बुजुर्ग माता-पिता की स्व अर्जित संपत्ति पर बेटा-बहू जबरन अधिकार नहीं जता सकते. मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना की स्थिति में उन्हें घर खाली करना होगा. कोर्ट ने रामगढ़ उपायुक्त के आदेश को रद्द करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की. नीचे पूरी खबर पढ़ें.
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    झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, बुजुर्गों की संपत्ति पर बेटा-बहू का जबरन अधिकार नहीं। झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि बुजुर्ग माता-पिता की स्व अर्जित संपत्ति पर बेटा-बहू जबरन अधिकार नहीं जता सकते. मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना की स्थिति में उन्हें घर खाली करना होगा. कोर्ट ने रामगढ़ उपायुक्त के आदेश को रद्द करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की. नीचे पूरी खबर पढ़ें.
    user_Kanchan
    Kanchan
    Karon, Deoghar•
    17 hrs ago
  • Post by BINOD KUMAR
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    Post by BINOD KUMAR
    user_BINOD KUMAR
    BINOD KUMAR
    गोविंदपुर, धनबाद, झारखंड•
    6 hrs ago
  • जामताड़ा। जिले के मेंझीया पंचायत अंतर्गत बिरगांव में निर्माणाधीन वीरबिंदिया पुल पर कार्य के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूर के दोनों पैर टूट गए। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल का इलाज जामताड़ा के पारस अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर दहशत में आकर काम छोड़कर अपने घर लौट गए। बताया जाता है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के हाथों बढ़ाकर नदी पर वीरबिंदिया पुल का शिलान्यास किया गया था। लगभग 263 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्षों में बिरबंदिया क्षेत्र में नाव हादसे में 14 लोगों की मौत के बाद इस पुल निर्माण की मांग तेज हुई थी, जिसके बाद सरकार ने पुल निर्माण की घोषणा की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान मजदूर बिना सेफ्टी किट के ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इसी दौरान प्लेट घसकने से मोहम्मद तारिकूल नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ काम कर रहे दिलकश, जिनकी उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए कहा कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं कराया जा रहा था। बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के ही कार्य कराया जा रहा था, जिसका परिणाम यह दुर्घटना है। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल बिहार के कटिहार जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि मामले में आवेदन प्राप्त होता है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुल निर्माण कार्य के प्रोजेक्ट मैनेजर जयदेव सिंह ने बताया कि मजदूरों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी मजदूर ने उसे नहीं पहना था तो इसकी जानकारी प्रबंधन को नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा निर्माण कार्य है, ऐसे में छोटी-मोटी घटनाएं हो जाती हैं। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पहले भी बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कराने का विरोध किया गया था, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ताजा घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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    जामताड़ा। जिले के मेंझीया पंचायत अंतर्गत बिरगांव में निर्माणाधीन वीरबिंदिया पुल पर कार्य के दौरान एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूर के दोनों पैर टूट गए। घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल का इलाज जामताड़ा के पारस अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर दहशत में आकर काम छोड़कर अपने घर लौट गए।
बताया जाता है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के हाथों बढ़ाकर नदी पर वीरबिंदिया पुल का शिलान्यास किया गया था। लगभग 263 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि बीते वर्षों में बिरबंदिया क्षेत्र में नाव हादसे में 14 लोगों की मौत के बाद इस पुल निर्माण की मांग तेज हुई थी, जिसके बाद सरकार ने पुल निर्माण की घोषणा की थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान मजदूर बिना सेफ्टी किट के ऊंचाई पर काम कर रहे थे। इसी दौरान प्लेट घसकने से मोहम्मद तारिकूल नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ काम कर रहे दिलकश, जिनकी उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए कहा कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण का उपयोग नहीं कराया जा रहा था। बिना हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट के ही कार्य कराया जा रहा था, जिसका परिणाम यह दुर्घटना है।
घायल मजदूर मोहम्मद तारिकूल बिहार के कटिहार जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि मामले में आवेदन प्राप्त होता है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पुल निर्माण कार्य के प्रोजेक्ट मैनेजर जयदेव सिंह ने बताया कि मजदूरों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी मजदूर ने उसे नहीं पहना था तो इसकी जानकारी प्रबंधन को नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा निर्माण कार्य है, ऐसे में छोटी-मोटी घटनाएं हो जाती हैं।
हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इससे पहले भी बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कराने का विरोध किया गया था, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। ताजा घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
    user_Yogesh Kumar
    Yogesh Kumar
    Local News Reporter जामताड़ा, जामताड़ा, झारखंड•
    5 hrs ago
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