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सोनभद्र जिला दुध्दी ब्लाक के गुरुभाई-बहनों ने ग्राम सभा पोलवा में जाकर फटाफट सेसन में बातचीत करते हुए क्रम में जुड़ाव कि स्थिति, सोनभद्र जिला के दुध्दी ब्लाक के ग्राम सभा पोलवा में गुरुभाई-बहनों ने बड़े हर्ष उत्साह के साथ निकले घर घर फटाफट सेसन में शिव गुरु कार्य करते हुए क्रम में पोलवा के भाई-बहनें लोगों ने शिव गुरु से जुड़ाव कि स्थिति बनी।वहां के लोगों ने कहा कि यहां पर 2021 से पहले शिव गुरु चर्चा में तेज गति रहा है गांव में जनसैलाब बनता रहा।जब कोरौना काल महामारी आई तो उसी समय से शिव गुरु कार्य करने से जहां तहा बंचित रह गए। उसके बाद लोगों ने शिव गुरु कार्य में आने जाने से आवागमन बंद हुई।इसके बीच एक बुजुर्ग बहन शीला के यहां पहुंचे शिवकुमार गुरुभाई जी वहां पर शिव गुरु कार्य के बारे में जानकारी ली। तो हम लोगों ने घर-घर जाकर लोगों को बुलाये।शिला गुरुबहन के निवास स्थान पर बैठक की।संचालन कर्ता देवी गुरुबहन ने कि।लोगों से तीन सुत्र पर पुछताछ कि गई।चर्चा के दौरान अगिले आने वाले दिन को हर मंगलवार को साप्ताहिक शिव गुरु चर्चा केन्द्र स्थापित करने कि तैयारी बनी।हम सब मिलकर साहब दिदी के बताए हुए मार्ग पर चलने के लिए अग्रसर होंगे। आगे महादेव कि दया और साहब दिदी कि आशीर्वाद कि कामना करते हैं।इस आयोजन के दौरान शामिल रहे संजू गुरुबहना रीता,उदया,आरती एवं सहयोगी विकास गुरुभाई जी साथ रहे।

1 hr ago
user_विकास पटेल शिव शिष्य
विकास पटेल शिव शिष्य
News Anchor दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सोनभद्र जिला दुध्दी ब्लाक के गुरुभाई-बहनों ने ग्राम सभा पोलवा में जाकर फटाफट सेसन में बातचीत करते हुए क्रम में जुड़ाव कि स्थिति, सोनभद्र जिला के दुध्दी ब्लाक के ग्राम सभा पोलवा में गुरुभाई-बहनों ने बड़े हर्ष उत्साह के साथ निकले घर घर फटाफट सेसन में शिव गुरु कार्य करते हुए क्रम में पोलवा के भाई-बहनें लोगों ने शिव गुरु से जुड़ाव कि स्थिति बनी।वहां के लोगों ने कहा कि यहां पर 2021 से पहले शिव गुरु चर्चा में तेज गति रहा है गांव में जनसैलाब बनता रहा।जब कोरौना काल महामारी आई तो उसी समय से शिव गुरु कार्य करने से जहां तहा बंचित रह गए। उसके बाद लोगों ने शिव गुरु कार्य में आने जाने

से आवागमन बंद हुई।इसके बीच एक बुजुर्ग बहन शीला के यहां पहुंचे शिवकुमार गुरुभाई जी वहां पर शिव गुरु कार्य के बारे में जानकारी ली। तो हम लोगों ने घर-घर जाकर लोगों को बुलाये।शिला गुरुबहन के निवास स्थान पर बैठक की।संचालन कर्ता देवी गुरुबहन ने कि।लोगों से तीन सुत्र पर पुछताछ कि गई।चर्चा के दौरान अगिले आने वाले दिन को हर मंगलवार को साप्ताहिक शिव गुरु चर्चा केन्द्र स्थापित करने कि तैयारी बनी।हम सब मिलकर साहब दिदी के बताए हुए मार्ग पर चलने के लिए अग्रसर होंगे। आगे महादेव कि दया और साहब दिदी कि आशीर्वाद कि कामना करते हैं।इस आयोजन के दौरान शामिल रहे संजू गुरुबहना रीता,उदया,आरती एवं सहयोगी विकास गुरुभाई जी साथ रहे।

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  • पप्पू यादव (राजेश रंजन) का समाज और राजनीति के बीच का इतिहास एक विवादास्पद और जन-समर्थक छवि का मिश्रण रहा है। उन्होंने 1990 में एक निर्दलीय विधायक के रूप में शुरुआत की और छह बार लोकसभा सांसद रहे, जहाँ उन्हें एक ओर गरीबों के मसीहा और संकटमोचक के रूप में देखा गया, वहीं दूसरी ओर उनके शुरुआती करियर पर आपराधिक मुकदमों के आरोप भी रहे। [1, 2, 3, 4, 5] राजनीतिक और सामाजिक सफर शुरुआत (1990 का दशक): 1990 में सिंगेश्वर से निर्दलीय विधायक बने और 1991 में पहली बार पूर्णिया से सांसद चुने गए। [1, 2] विवाद और कानूनी मामले: उनके शुरुआती राजनीतिक सफर में कई आपराधिक और हत्या के आरोप जुड़े, जिसमें 1998 में सीपीआई (एम) नेता अजीत सरकार की हत्या का चर्चित मामला भी शामिल था, हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया। [1, 2] जनता के बीच छवि: बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र में आपदा, बाढ़, या कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जमीन पर उतरकर लोगों की मदद की, जिससे उन्हें "गरीबों का मसीहा" या "रॉबिनहुड" की छवि मिली। [1, 2, 3] दल-बदल और हालिया स्थिति: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़ने और निकाले जाने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई और बाद में 2024 के आम चुनाव में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद के रूप में बड़ी जीत हासिल की। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर बिहार में संगठित अपराध के दर्जनों आरोप लगे. अभी भी उनके ऊपर 2024 के हलफनामे के मुताबिक 41 मामले पेंडिंग हैं. आज वो संसद भवन के अंदर भगवा कपड़े पहनकर अयोध्या में चढ़ावा चोरी की एक्टिंग कर रहे थे. जब उनके आपराधिक इतिहास के बारे में उनसे सवाल पूछा गया तो पप्पू यादव भड़क गए. इसे कहते हैं "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे"...
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    पप्पू यादव (राजेश रंजन) का समाज और राजनीति के बीच का इतिहास एक विवादास्पद और जन-समर्थक छवि का मिश्रण रहा है। उन्होंने 1990 में एक निर्दलीय विधायक के रूप में शुरुआत की और छह बार लोकसभा सांसद रहे, जहाँ उन्हें एक ओर गरीबों के मसीहा और संकटमोचक के रूप में देखा गया, वहीं दूसरी ओर उनके शुरुआती करियर पर आपराधिक मुकदमों के आरोप भी रहे। [1, 2, 3, 4, 5]

राजनीतिक और सामाजिक सफर

शुरुआत (1990 का दशक): 1990 में सिंगेश्वर से निर्दलीय विधायक बने और 1991 में पहली बार पूर्णिया से सांसद चुने गए। [1, 2]

विवाद और कानूनी मामले: उनके शुरुआती राजनीतिक सफर में कई आपराधिक और हत्या के आरोप जुड़े, जिसमें 1998 में सीपीआई (एम) नेता अजीत सरकार की हत्या का चर्चित मामला भी शामिल था, हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया। [1, 2]

जनता के बीच छवि: बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र में आपदा, बाढ़, या कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जमीन पर उतरकर लोगों की मदद की, जिससे उन्हें "गरीबों का मसीहा" या "रॉबिनहुड" की छवि मिली। [1, 2, 3]

दल-बदल और हालिया स्थिति: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़ने और निकाले जाने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई और बाद में 2024 के आम चुनाव में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद के रूप में बड़ी जीत हासिल की।


निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर बिहार में संगठित अपराध के दर्जनों आरोप लगे. अभी भी उनके ऊपर 2024 के हलफनामे के मुताबिक 41 मामले पेंडिंग हैं. 
आज वो संसद भवन के अंदर भगवा कपड़े पहनकर अयोध्या में चढ़ावा चोरी की एक्टिंग कर रहे थे. जब उनके आपराधिक इतिहास के बारे में उनसे सवाल पूछा गया तो पप्पू यादव भड़क गए. इसे कहते हैं "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे"...
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गढ़वा के विधायक जी चुनाव जीत कर भाग जाते है? अब होगा खेला? गढ़वा की राजनीति में विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज है। चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। आखिर जनता क्या सोचती है, और क्या आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे? इसी मुद्दे पर होगी विस्तृत चर्चा।
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    गढ़वा के विधायक जी चुनाव जीत कर भाग जाते है? अब होगा खेला?
गढ़वा की राजनीति में विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज है। चुनाव जीतने के बाद जनता के बीच उनकी सक्रियता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। आखिर जनता क्या सोचती है, और क्या आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे? इसी मुद्दे पर होगी विस्तृत चर्चा।
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • सिंगरौली: चितरंगी के भड़होर में अंधी हत्या का 24 घंटे में खुलासा पति-पत्नी गिरफ्तार। छेड़छाड़ की रंजिश में टांगी से की हत्या एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा सिंगरौली: चितरंगी के भड़होर में अंधी हत्या का 24 घंटे में खुलासा पति-पत्नी गिरफ्तार। छेड़छाड़ की रंजिश में टांगी से की हत्या एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा सिंगरौली:  चितरंगी थाना क्षेत्र के भड़होर गांव में 24 वर्षीय बल्लू यादव की अंधी हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में रामायण कोल (25) एवं उसकी पत्नी प्रियंका कोल (23), निवासी भड़होर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मृतक बल्लू यादव 30 जुलाई को दूध देने घर से निकला देर रात उसका शव गेहूंआरी टोला के पास सड़क किनारे खून से लथपथ मिला। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की सहायता से जांच शुरू की गई। एसपी शियाज के.एम. द्वारा ₹10 हजार का इनाम घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने मुखबिर सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रियंका कोल ने अपने पति रामायण कोल को बताया था कि मृतक बल्लू यादव उसके साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करता था। इसी रंजिश में दोनों ने योजना बनाकर टांगी से गले पर वार कर बल्लू यादव की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी सुधेश तिवारी के नेतृत्व में चितरंगी पुलिस, एफएसएल यूनिट रीवा एवं डॉग स्क्वॉड की महत्वपूर्ण भूमिका रही
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    सिंगरौली: चितरंगी के भड़होर में अंधी हत्या का 24 घंटे में खुलासा पति-पत्नी गिरफ्तार।

छेड़छाड़ की रंजिश में टांगी से की हत्या एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा
सिंगरौली: चितरंगी के भड़होर में अंधी हत्या का 24 घंटे में खुलासा पति-पत्नी गिरफ्तार।
छेड़छाड़ की रंजिश में टांगी से की हत्या एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा
सिंगरौली:  चितरंगी थाना क्षेत्र के भड़होर गांव में 24 वर्षीय बल्लू यादव की अंधी हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में रामायण कोल (25) एवं उसकी पत्नी प्रियंका कोल (23), निवासी भड़होर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मृतक बल्लू यादव 30 जुलाई को दूध देने घर से निकला देर रात उसका शव गेहूंआरी टोला के पास सड़क किनारे खून से लथपथ मिला। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की सहायता से जांच शुरू की गई। एसपी शियाज के.एम. द्वारा ₹10 हजार का इनाम घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने मुखबिर सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रियंका कोल ने अपने पति रामायण कोल को बताया था कि मृतक बल्लू यादव उसके साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करता था। इसी रंजिश में दोनों ने योजना बनाकर टांगी से गले पर वार कर बल्लू यादव की हत्या कर दी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी सुधेश तिवारी के नेतृत्व में चितरंगी पुलिस, एफएसएल यूनिट रीवा एवं डॉग स्क्वॉड की महत्वपूर्ण भूमिका रही
    user_Amrendra Shukla पत्रकार
    Amrendra Shukla पत्रकार
    Local News Reporter सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कंधे पर मगरमच्छ रख पहुंचे थाना बिहार के सुपौल जिला का मामला कंधे पर मगरमच्छ रख पहुंचे थाना बिहार के बेख़ौफ़ युवाओं ने कर दिया कुछ ऐसा हो रही है सब ओर चर्चा आपको बता दें कि बिहार के सुपौल जिला में धान रोपते समय खेत में मगरमच्छ दिखा। गौरतलब है कि सुपौल जिला कोसी नदी के किनारे स्थित है , ऐसे में बरसात में जलस्तर बढ़ने से कोसी नदी से बहता हुआ मगरमच्छ धान के खेत में आ गया होगा। मगरमच्छ को देखते ही आसपास के लोग अलर्ट हो गए और समझदारी और हिम्मत से काम लेते हुए कुछ युवाओं ने मिलकर मगरमच्छ को पकड़ लिया, उसके मुंह पर मोटा रस्सी बांध दिया और कंधे पर लाद कर जश्न मनाते हुए थाने में पहुंचकर मगरमच्छ को जमा कर दिया।
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    कंधे पर मगरमच्छ रख पहुंचे थाना
बिहार के सुपौल जिला का मामला
कंधे पर मगरमच्छ रख पहुंचे थाना
बिहार के बेख़ौफ़ युवाओं ने कर दिया 
कुछ ऐसा हो रही है सब ओर चर्चा 
आपको बता दें कि बिहार के सुपौल जिला में 
धान रोपते समय खेत में मगरमच्छ दिखा। गौरतलब है कि सुपौल जिला कोसी नदी के किनारे स्थित है , ऐसे में बरसात में जलस्तर बढ़ने से कोसी नदी से बहता हुआ मगरमच्छ धान के खेत में आ गया होगा।
मगरमच्छ को देखते ही आसपास के लोग अलर्ट हो गए और समझदारी और हिम्मत से काम लेते हुए कुछ युवाओं ने मिलकर मगरमच्छ को पकड़ लिया, उसके मुंह पर मोटा रस्सी बांध दिया और कंधे पर लाद कर जश्न मनाते हुए थाने में पहुंचकर मगरमच्छ को जमा कर दिया।
    user_Shital vishwakarma
    Shital vishwakarma
    पत्रकार बिश्नुनपुर, गढवा•
    14 hrs ago
  • अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी होने के कारण पप्पू यादव शिकायत पत्र लेखन बैठे हुएहैं एक बार सुबह पप्पू यादव बिहार
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    अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी होने के कारण पप्पू यादव शिकायत पत्र लेखन बैठे हुएहैं
एक बार सुबह पप्पू यादव बिहार
    user_Yaduvanshi karan
    Yaduvanshi karan
    Lawyer दंदई, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
  • झारखंड में नोकरी चाहिए तो, पैशा लाओ नोकरी पांव , सभी नोकरी का अलग-अलग भाव l मोलाई का गुंजाईश नहीं है, सरकार घाटे में चल रही है l झारखंड में सरकारी नौकरियों और नीतियों को लेकर यह एक बड़ा और गंभीर सवाल है। इसका मुख्य कारण संवैधानिक प्रावधान (कानून), अदालती फैसले, और खुली भर्ती नीतियां हैं, जिनके तहत किसी भी राज्य का कानून देश के अन्य नागरिकों को पूरी तरह बाहर नहीं कर सकता। [1] संवैधानिक और कानूनी कारण समानता का अधिकार: भारत के संविधान का अनुच्छेद 16 देश के सभी नागरिकों को सरकारी नौकरियों में समान अवसर देता है। इसके अनुसार, केवल निवास स्थान (Domicile) के आधार पर देश के नागरिकों को सभी सरकारी नौकरियों से पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता। अदालती फैसले (कोर्ट के आदेश): झारखंड सरकार ने पहले स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों में 100% या भारी मात्रा में आरक्षण (जैसे स्थानीय नीति या 75% निजी क्षेत्र का कानून) लागू करने की कोशिश की थी, लेकिन झारखंड उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें संविधान के खिलाफ और भेदभावपूर्ण बताकर रद्द कर दिया। [1, 2, 3] खुली श्रेणी (Open Category): सरकार की मौजूदा भर्ती नियमावली (जैसे 60:40 का अनुपात या सामान्य श्रेणियां) के तहत एक निश्चित प्रतिशत सीटें अन्य राज्यों या गैर-स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए खुली रखनी पड़ती हैं, ताकि कानूनी बाधाओं से बचा जा सके। [1, 2] तकनीकी और योग्यता आधारित पहलू योग्यता और चयन: खुली प्रतिस्पर्धा वाली परीक्षाओं में जो अभ्यर्थी निर्धारित योग्यता, कट-ऑफ और चयन प्रक्रिया को पार करते हैं, उन्हें मेरिट के आधार पर नौकरी मिलती है, चाहे वे राज्य के भीतर के हों या बाहर के। विशेष और तकनीकी पद: उच्च शिक्षा (जैसे आईआईटी, आईआईएम, मेडिकल संस्थान) या विशेष तकनीकी क्षेत्रों में कई बार राज्य के भीतर योग्य स्थानीय उम्मीदवारों की कमी के कारण खुले बाजार से चयन किया जाता है।
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    झारखंड में नोकरी चाहिए तो, पैशा लाओ नोकरी पांव , सभी नोकरी का अलग-अलग भाव l मोलाई का गुंजाईश नहीं है, सरकार घाटे में चल रही है l
झारखंड में सरकारी नौकरियों और नीतियों को लेकर यह एक बड़ा और गंभीर सवाल है। इसका मुख्य कारण संवैधानिक प्रावधान (कानून), अदालती फैसले, और खुली भर्ती नीतियां हैं, जिनके तहत किसी भी राज्य का कानून देश के अन्य नागरिकों को पूरी तरह बाहर नहीं कर सकता। [1]
संवैधानिक और कानूनी कारण
समानता का अधिकार: भारत के संविधान का अनुच्छेद 16 देश के सभी नागरिकों को सरकारी नौकरियों में समान अवसर देता है। इसके अनुसार, केवल निवास स्थान (Domicile) के आधार पर देश के नागरिकों को सभी सरकारी नौकरियों से पूरी तरह वंचित नहीं किया जा सकता।
अदालती फैसले (कोर्ट के आदेश): झारखंड सरकार ने पहले स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों में 100% या भारी मात्रा में आरक्षण (जैसे स्थानीय नीति या 75% निजी क्षेत्र का कानून) लागू करने की कोशिश की थी, लेकिन झारखंड उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें संविधान के खिलाफ और भेदभावपूर्ण बताकर रद्द कर दिया। [1, 2, 3]
खुली श्रेणी (Open Category): सरकार की मौजूदा भर्ती नियमावली (जैसे 60:40 का अनुपात या सामान्य श्रेणियां) के तहत एक निश्चित प्रतिशत सीटें अन्य राज्यों या गैर-स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए खुली रखनी पड़ती हैं, ताकि कानूनी बाधाओं से बचा जा सके। [1, 2]
तकनीकी और योग्यता आधारित पहलू
योग्यता और चयन: खुली प्रतिस्पर्धा वाली परीक्षाओं में जो अभ्यर्थी निर्धारित योग्यता, कट-ऑफ और चयन प्रक्रिया को पार करते हैं, उन्हें मेरिट के आधार पर नौकरी मिलती है, चाहे वे राज्य के भीतर के हों या बाहर के।
विशेष और तकनीकी पद: उच्च शिक्षा (जैसे आईआईटी, आईआईएम, मेडिकल संस्थान) या विशेष तकनीकी क्षेत्रों में कई बार राज्य के भीतर योग्य स्थानीय उम्मीदवारों की कमी के कारण खुले बाजार से चयन किया जाता है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Communications central गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • 🇮🇳🥉 थाईलैंड में सोनभद्र के रवि सिंह ने बढ़ाया भारत का मान! पटाया में आयोजित 9वीं हीरोज ताइक्वांडो इंटरनेशनल चैम्पियनशिप-2026 में 32 देशों के खिलाड़ियों के बीच अंडर-58 किग्रा पुरुष वर्ग में कांस्य पदक जीतकर रवि सिंह ने देश का गौरव बढ़ाया। 🇮🇳 रेणुकूट निवासी एवं हिण्डालको में कार्यरत रवि सिंह की इस शानदार उपलब्धि पर सोनभद्र को गर्व है। 👏🇮🇳 #RaviSingh #Taekwondo #Sonbhadra #Renukoot #IndiaPride #BronzeMedal
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    🇮🇳🥉 थाईलैंड में सोनभद्र के रवि सिंह ने बढ़ाया भारत का मान!
पटाया में आयोजित 9वीं हीरोज ताइक्वांडो इंटरनेशनल चैम्पियनशिप-2026 में 32 देशों के खिलाड़ियों के बीच अंडर-58 किग्रा पुरुष वर्ग में कांस्य पदक जीतकर रवि सिंह ने देश का गौरव बढ़ाया। 🇮🇳
रेणुकूट निवासी एवं हिण्डालको में कार्यरत रवि सिंह की इस शानदार उपलब्धि पर सोनभद्र को गर्व है। 👏🇮🇳
#RaviSingh #Taekwondo #Sonbhadra #Renukoot #IndiaPride #BronzeMedal
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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