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पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ताज़ा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस भीषण बाढ़ से 45,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, वहीं 257 से ज़्यादा गाँव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
Awaaz -e-Bharat
पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ताज़ा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस भीषण बाढ़ से 45,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, वहीं 257 से ज़्यादा गाँव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
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- पटना के बी॰आई॰ए॰ हॉल में अमर स्वतंत्रता सेनानी अब्दुल क़यूम अंसारी साहब और परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद साहब की जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर, मंत्री मोo जमा खान साहब ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और समारोह में सम्मिलित हुए।1
- विंध्य एक्सप्रेस वे परियोजना को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिला है। किसान संगठनों ने इस परियोजना के विरोध में एक पदयात्रा निकाली, जिसका नेतृत्व किसान अशोक सिंह ने किया।1
- कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र में पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नेक्सन कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान शराब तस्कर वाहन छोड़कर मौके से फरार होने में सफल रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहनियां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रजिस्ट्रेशन संख्या BR 01FP 5596 वाली एक नेक्सन कार से विदेशी शराब की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष के निर्देश पर पुलिस टीम ने पटना मोड़ के समीप नाकेबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की। इसी क्रम में संदिग्ध नेक्सन कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखते ही चालक घबरा गया और हाईवे पर कार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को अपने कब्जे में लिया और उसकी तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने जब्त कार और शराब को मोहनियां थाना लाया है, जहां बरामद शराब के ब्रांड और उसकी सटीक मात्रा का मिलान एवं गणना की जा रही है। थानाध्यक्ष मोहनियां ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार तस्कर की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उसके मालिक और तस्करी नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार तस्कर को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। कैमूर पुलिस बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार अभियान चला रही है।3
- बिहार के कैमूर जिले के फाखराबाद सराय स्थित उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पास का तालाब पूरे गाँव के गंदे पानी से भर गया है। इस तालाब के चारों ओर कोई बाउंड्री वॉल न होने के कारण छोटे स्कूली बच्चों की जान हर समय खतरे में रहती है, जो एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है। गंदा पानी विद्यालय के किचन तक भी पहुँच जाता है, जिससे मध्याह्न भोजन बनाने में भारी कठिनाई होती है। गंदगी और लगातार जलजमाव के कारण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप काफी बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्रशासन और सरकार से तत्काल तालाब का सौंदर्यीकरण करने, चारों ओर एक मजबूत बाउंड्री वॉल बनाने, और उचित जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, विद्यालय परिसर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की भी अपील की गई है। बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण के समर्थन में लोगों से इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करने, लाइक करने और चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- चन्दौली जिला के नरवन में भूमि बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित की जा रही अपनी भूमि बचाने के उद्देश्य से एक विशाल पदयात्रा निकाली। समिति के संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना, अशोक सिंह, और अध्यक्ष महेश्वर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने "बिध्य एक्सप्रेस-वे वापस लो वापस लो", "अपनी जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे", "किसान एकता जिंदाबाद जिंदाबाद", और "दम है किसान के दामन में तेरे देख लिया और देखेंगे" जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। यह पदयात्रा ओयरचक, अदसड़, बसंतपुर, दरौली, तेल्हारा, अरंगी समेत कई गांवों से होते हुए लक्ष्मणपुर तक पहुंची, जहाँ किसानों ने एक्सप्रेस-वे के लिए लगे सर्वे के निशानों के सामने "खेती खेत" बैनर तले अपना आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने स्पष्ट किया कि सरकार को बिंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना तुरंत वापस लेनी चाहिए, क्योंकि इसके निर्माण से उन्हें भारी क्षति होगी और अनगिनत किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके बजाय, पहले से बनी सैयदराजा-जमानिया सड़क को सिक्स लेन में परिवर्तित कर गाजीपुर से जोड़ा जा सकता है। किसानों ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे के कारण कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाके के गांव बाढ़ की चपेट में आकर डूबने लगेंगे, जिससे व्यापक नुकसान होगा और कई परिवार बेघर हो जाएंगे। किसानों का दृढ़ कहना है कि यह जमीन उनकी मां के समान उपजाऊ है, जिसे उन्होंने सींचकर रखा है, और वे इसे किसी भी कीमत पर छोड़ने को तैयार नहीं हैं; वे अपनी जान दे देंगे लेकिन अपनी एक इंच भी सींची हुई जमीन नहीं देंगे। पदयात्रा में सुमन सिंह अन्ना, अशोक सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, निखिल सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, जयशंकर सिंह, आलोक सिंह, समरेंद्र बहादुर सिंह, बसंत सिंह, किशन सिंह, अशोक यादव, रविंद्र नाथ सिंह सहित कई किसान शामिल रहे।4
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा सिविल अस्पताल से 19 महीने के एक मासूम बच्चे से जुड़ा एक विशेष मामला सामने आया है। बच्चे के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि इलाज के दौरान उसकी आंखों में गलत दवा डाल दी गई, जिसके परिणामस्वरूप बच्चे की दृष्टि चली गई। हालांकि, संबंधित डॉक्टर ने इन आरोपों से इनकार किया है। इस पूरे मामले को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने एक जांच समिति का गठन कर दिया है।1
- पूर्वोत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। ताज़ा आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस भीषण बाढ़ से 45,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, वहीं 257 से ज़्यादा गाँव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।1