गोरखपुर में 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीद रहे थे युवा! STF की जांच में हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलास गोरखपुर। जिले के बांसगांव और खोराबार क्षेत्र में हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में STF की जांच के दौरान कई अहम जानकारी सामने आने की बात कही गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवाओं को करीब 40-40 हजार रुपये में पिस्टल उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। जांच में बांसगांव और खोराबार क्षेत्र के कुछ लोगों के नाम सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और हथियारों की खरीद-फरोख्त के पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास जारी है। बरामद हथियारों और वाहनों के संबंध में भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाने की कोशिश है कि हथियार कहां से लाए जाते थे और किन लोगों तक उनकी सप्लाई की जाती थी। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और पूछताछ के बाद और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। कैमरामैन के साथ, आलोक कुमार पांडेय, संवाददाता — आज कल NEWS 24, गोरखपुर।
गोरखपुर में 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीद रहे थे युवा! STF की जांच में हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलास गोरखपुर। जिले के बांसगांव और खोराबार क्षेत्र में हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में STF की जांच के दौरान कई अहम जानकारी सामने आने की बात कही गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवाओं को करीब 40-40 हजार रुपये में पिस्टल उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। जांच में बांसगांव और खोराबार क्षेत्र के कुछ लोगों के नाम सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और हथियारों की खरीद-फरोख्त के पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास जारी है। बरामद हथियारों और वाहनों के संबंध में भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को यह भी पता लगाने की कोशिश है कि हथियार कहां से लाए जाते थे और किन लोगों तक उनकी सप्लाई की जाती थी। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और पूछताछ के बाद और भी नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। कैमरामैन के साथ, आलोक कुमार पांडेय, संवाददाता — आज कल NEWS 24, गोरखपुर।
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- हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं श्रद्धा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। भंडारे के शुभ अवसर पर हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया गया। जैसे-जैसे भंडारे की जानकारी लोगों को हुई, वैसे-वैसे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन की सराहना की। भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सेवा कार्य किया और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डुमरी के अध्यापक सौरभ राज, अनिल राज, सौरभ राज, सतीश चौबे, प्रदीप वर्मा, राजेश, बड़कू अग्रहरि, ऋषभ राज, राकेश विश्वकर्मा, रमेश प्रधान तथा लाभजनक मौर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग दिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण में सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भंडारे का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण करना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। देर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।3
- मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।1
- प्रेमी को छुड़ाने थाने पहुंची शादीशुदा महिला, साथ जाने की जिद पर अड़ी संभल, उत्तर प्रदेश: रजपुरा थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा एक मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक शादीशुदा महिला ने रात के समय अपने प्रेमी को घर बुलाया। इसी दौरान परिजनों को दोनों के बारे में जानकारी हो गई और उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। परिजनों द्वारा दोनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इसके बाद प्रेमी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामला सामने आने के अगले दिन महिला अपने प्रेमी को छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गई। बताया जा रहा है कि महिला थाने में अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। इस दौरान काफी देर तक मामला चर्चा का विषय बना रहा। आरोप है कि बाद में महिला के परिजन उसे थाने के बाहर से अपने साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक महिला का पति दिल्ली में मजदूरी करता है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। महिला और उसके प्रेमी के संबंध में सामने आए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- Gorakhpur Flood Update: राप्ती-सरयू का जलस्तर घटा, 26 गांवों में राहत कार्य जारी | Flood News1
- लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश, अपराधियों पर शिकंजा कसने को कहा अचानक थाने पहुंचे डीआईजी, महुली में पुलिसिंग का लिया जायजा संतकबीरनगर। पुलिस उप-महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र श्री संजीव त्यागी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना की मौजूदगी में थाना महुली का आकस्मिक निरीक्षण किया। डीआईजी के अचानक थाने पहुंचने से पुलिसकर्मियों में हलचल रही। उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों और विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के साथ ही जनशिकायतों को प्राथमिकता पर लेकर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वांछित एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की लगातार चेकिंग करने को कहा। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख बाजारों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। त्योहारों को लेकर पुलिस को अलर्ट आगामी पर्वों, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित क्षेत्र भ्रमण, संदिग्धों की निगरानी और सोशल मीडिया पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। साफ-सफाई की व्यवस्था पर जताई संतुष्टि थाना परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था मिलने पर डीआईजी ने पुलिसकर्मियों की सराहना की और परिसर को इसी तरह स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा पीड़ितों और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने की हिदायत दी।इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी महुली श्री दुर्गेश पाण्डेय सहित थाना महुली का समस्त पुलिस बल मौजूद रहा।1
- बयान पर विवाद, पत्रकार संगठन ने जताई आपत्ति गोरखपुर में आयोजित Gen-Z महाजुटान कार्यक्रम के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में विभिन्न संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए बयान की आलोचना की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में नेहा बोरा ने शिक्षा, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और सरकार की नीतियों को लेकर तीखी टिप्पणी की। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित रूप से इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह कहा कि लोकतंत्र में सरकार और मुख्यमंत्री की नीतियों की आलोचना करने का सभी को अधिकार है। जंतर-मंतर जैसे सार्वजनिक मंचों पर किसी भी व्यक्ति के विचारों और आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ अपशब्दों और व्यक्तिगत टिप्पणियों का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदू-मुस्लिम सहित समाज के सभी वर्गों के लोग अपना नेता मानते हैं, इसलिए राजनीतिक मतभेदों को मर्यादित भाषा में ही व्यक्त किया जाना चाहिए। रत्नाकर सिंह ने कहा कि किसी भी नेता या कार्यकर्ता या छात्रा को खुद को हाईलाइट करने के लिए ऐसी भाषा का सहारा नहीं लेना चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। उन्होंने प्रशासन से पूरे वीडियो और बयान की निष्पक्ष जांचकरने की मांग की। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे स्वस्थ बहस, तथ्यात्मक आलोचना और संवैधानिक भाषा की परंपरा को मजबूत करें।1
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