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Gorakhpur Flood Update: राप्ती-सरयू का जलस्तर घटा, 26 गांवों में राहत कार्य जारी | Flood News
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Gorakhpur Flood Update: राप्ती-सरयू का जलस्तर घटा, 26 गांवों में राहत कार्य जारी | Flood News
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- भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा UPI के नियमों में सुरक्षा, स्थिरता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए हाल ही में कई मुख्य बदलाव किए गए हैं:1
- Gorakhpur Flood Update: राप्ती-सरयू का जलस्तर घटा, 26 गांवों में राहत कार्य जारी | Flood News1
- बयान पर विवाद, पत्रकार संगठन ने जताई आपत्ति गोरखपुर में आयोजित Gen-Z महाजुटान कार्यक्रम के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में विभिन्न संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए बयान की आलोचना की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में नेहा बोरा ने शिक्षा, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और सरकार की नीतियों को लेकर तीखी टिप्पणी की। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित रूप से इस्तेमाल किए गए शब्दों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह कहा कि लोकतंत्र में सरकार और मुख्यमंत्री की नीतियों की आलोचना करने का सभी को अधिकार है। जंतर-मंतर जैसे सार्वजनिक मंचों पर किसी भी व्यक्ति के विचारों और आंदोलनों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि के खिलाफ अपशब्दों और व्यक्तिगत टिप्पणियों का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदू-मुस्लिम सहित समाज के सभी वर्गों के लोग अपना नेता मानते हैं, इसलिए राजनीतिक मतभेदों को मर्यादित भाषा में ही व्यक्त किया जाना चाहिए। रत्नाकर सिंह ने कहा कि किसी भी नेता या कार्यकर्ता या छात्रा को खुद को हाईलाइट करने के लिए ऐसी भाषा का सहारा नहीं लेना चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। उन्होंने प्रशासन से पूरे वीडियो और बयान की निष्पक्ष जांचकरने की मांग की। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे स्वस्थ बहस, तथ्यात्मक आलोचना और संवैधानिक भाषा की परंपरा को मजबूत करें।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ,नेहा बोरा के गोरखपुर में कथित बयान के बाद बढ़ सकती है मुश्किलें..। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ,नेहा बोरा के गोरखपुर में कथित बयान के बाद बढ़ सकती है मुश्किलें..।1
- गोरखपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन मिशन 2027 पर हुई गंभीर चर्चा। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। पूर्व सांसद कमांडो कमल किशोर के आवास पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह नजर आया। कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरान गोरखपुर की विधानसभा सीटों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने राजनीतिक लक्ष्य और संकल्प भी व्यक्त किए।1
- श्मशान घाट बना मौत का रास्ता: अंतिम संस्कार में पहुंचे तीन लोग करंट की चपेट में, बिजली विभाग की लापरवाही पर फूटा गुस्सा* सिकरीगंज/गोरखपुर। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के हरपुर गांव में सोमवार को एक अंतिम यात्रा उस समय दहशत में बदल गई, जब श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर गिरे बिजली के पोल और करंट दौड़ रहे तार की चपेट में तीन लोग आ गए। ग्रामीणों की तत्परता से तीनों की जान बच गई, लेकिन घटना ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। हरपुर निवासी अवधेश गुप्ता पुत्र शकल गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में विदेश यात्रा के दौरान मौत हो गई थी। उनका शव गांव पहुंचने के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सिकरीगंज के श्मशान घाट पहुंचे। आरोप है कि श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता झाड़-झंखाड़ से पटा था और बीच रास्ते में बिजली का पोल व तार जमीन पर गिरा पड़ा था। रास्ता साफ करने के प्रयास में शिवकुमार (55) पुत्र रामदास, महेंद्र गुप्ता (30) पुत्र शिवनाथ और हरिनंदन गुप्ता (35) पुत्र शिवकुमार गुप्ता करंट की चपेट में आ गए। तीनों को तड़पता देख अंतिम यात्रा में शामिल लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने लकड़ी और डंडों की मदद से उन्हें तार से अलग कर सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग को जानकारी दी गई, जिसके बाद तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके बाद कर्मचारियों को गिरे हुए पोल और तार को ठीक करने के लिए भेजा गया। *अधिशासी अभियंता बोले* अधिशासी अभियंता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही लाइन कटवा दी गई थी और गिरे हुए पोल व बिजली के तार को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। *ग्रामीणों का आरोप* ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोगों ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो अंतिम यात्रा में बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने श्मशान घाट तक सुरक्षित रास्ता और बिजली विभाग की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की मांग की।1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल लाइव प्रसारण1
- महर्षि कश्यप जयंती पर गोरखपुर में भव्य शोभायात्रा | हजारों की भीड़, डांडिया और आकर्षक झांकियां1