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भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा UPI के नियमों में सुरक्षा, स्थिरता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए हाल ही में कई मुख्य बदलाव किए गए हैं:
जय हिन्द न्यूज़
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा UPI के नियमों में सुरक्षा, स्थिरता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए हाल ही में कई मुख्य बदलाव किए गए हैं:
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- डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन पर भारी संख्या में कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ कर किया रक्तदान। रक्तदान को जीवनदान कहा जाता है, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर गोरखपुर के डिप्लोमा इंजीनियर संघ भवन पर अभियंताओं सहित अन्य कर्मचारियों ने भारी संख्या में इकट्ठा होकर किया रक्तदान। आज उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में इस तरह के ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया है।1
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- हनुमान मंदिर पर भंडारे का आयोजन, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान गोरखपुर के पाली क्षेत्र में नगर पंचायत घघसरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं श्रद्धा के इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और आसपास के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। भंडारे के शुभ अवसर पर हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण शुरू किया गया। जैसे-जैसे भंडारे की जानकारी लोगों को हुई, वैसे-वैसे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। आयोजकों और सहयोगियों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक आयोजन की सराहना की। भंडारे में स्थानीय लोगों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सेवा कार्य किया और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डुमरी के अध्यापक सौरभ राज, अनिल राज, सौरभ राज, सतीश चौबे, प्रदीप वर्मा, राजेश, बड़कू अग्रहरि, ऋषभ राज, राकेश विश्वकर्मा, रमेश प्रधान तथा लाभजनक मौर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने भंडारे के आयोजन में अपना सहयोग दिया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण में सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और भंडारे का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण करना ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को एक साथ आने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। भंडारे में शामिल श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन-पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। देर तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।3
- मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान पर नेहा बोहरा के खिलाफ FIR की मांग, अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने एसएसपी को सौंपा शिकायत प्रार्थना-पत्र सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। सहजनवां/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, मानहानिकारक और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत त्रिपाठी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित संबंधित वीडियो और पोस्ट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कराने की भी मांग की है। शिकायत के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक सभा के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोहरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बयान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, जिससे सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका है। प्रशांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि बयान में मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ‘योगी’ और ‘भगवा वस्त्र’ जैसे धार्मिक प्रतीकों को भी कथित रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299 और 352 के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र में पुलिस से मांग की गई है कि मामले की तत्काल जांच कर एफआईआर दर्ज की जाए तथा सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को संरक्षित किया जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आने वाली अन्य संबंधित धाराओं में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह जांच में पुलिस को आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं और प्रकरण में की गई कार्रवाई की लिखित रूप से जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।1
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- लंबित विवेचनाओं और जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश, अपराधियों पर शिकंजा कसने को कहा अचानक थाने पहुंचे डीआईजी, महुली में पुलिसिंग का लिया जायजा संतकबीरनगर। पुलिस उप-महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र श्री संजीव त्यागी ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना की मौजूदगी में थाना महुली का आकस्मिक निरीक्षण किया। डीआईजी के अचानक थाने पहुंचने से पुलिसकर्मियों में हलचल रही। उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक, शस्त्रागार समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय में अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रार्थना पत्रों, अभियोगों और विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के साथ ही जनशिकायतों को प्राथमिकता पर लेकर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वांछित एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, नियमित रात्रि गश्त तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की लगातार चेकिंग करने को कहा। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख बाजारों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। त्योहारों को लेकर पुलिस को अलर्ट आगामी पर्वों, धार्मिक आयोजनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। डीआईजी ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित क्षेत्र भ्रमण, संदिग्धों की निगरानी और सोशल मीडिया पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए। साफ-सफाई की व्यवस्था पर जताई संतुष्टि थाना परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था मिलने पर डीआईजी ने पुलिसकर्मियों की सराहना की और परिसर को इसी तरह स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा पीड़ितों और फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने की हिदायत दी।इस दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभय नाथ मिश्र, थाना प्रभारी महुली श्री दुर्गेश पाण्डेय सहित थाना महुली का समस्त पुलिस बल मौजूद रहा।1
- विवेचना कर लौट रहे थे दोनों पुलिसकर्मी, अचानक सामने आई बकरी से अनियंत्रित हुई बाइक सहजनवा, गोरखपुर। थाना सहजनवा में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) भवानी फर और कांस्टेबल गुरु प्रसाद मंगलवार को एक मामले की विवेचना के सिलसिले में ग्राम सभा मडर गए थे। विवेचना पूरी करने के बाद दोनों पुलिसकर्मी बाइक से वापस सहजनवा थाने लौट रहे थे। इसी दौरान सहजनवा-बखिरा मार्ग पर अचानक एक बकरी बाइक के सामने आ गई। बकरी को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना तेज था कि बाइक से गिरने के कारण एसआई भवानी फर के पैर में गंभीर चोट लग गई और पैर में फ्रैक्चर हो गया। वहीं कांस्टेबल गुरु प्रसाद के हाथ और पैर में चोट आई है। बाइक की चपेट में आने से बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और घायलों की मदद में जुट गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं, हालांकि एसआई भवानी फर के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता बताई गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृत बकरी के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सहजनवा-बखिरा मार्ग पर कई स्थानों पर आवारा पशुओं का सड़क पर विचरण करना आम बात है। अचानक पशुओं के सड़क पर आ जाने से वाहन चालकों को उन्हें बचाने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क पर घूमने वाले आवारा पशुओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।4